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GK24

राजस्थान 2020 पिछले वर्ष के GK प्रश्न

राजस्थान 2020 में पूछे गए GK प्रश्न, उत्तर और व्याख्या सहित।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q1.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: राजस्थान · 29 Nov 2020, JE Electricalमध्यम

तरुण भारत संघ संगठन निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में कार्य कर रहा है?

  1. A.महिला सशक्तीकरण
  2. B.भ्रष्टाचार विरोध
  3. C.जल संरक्षण
  4. D.जनजातीय युवा विकास
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जल संरक्षण

व्याख्या

सही उत्तर है C, जल संरक्षण। तरुण भारत संघ जल संरक्षण के क्षेत्र में काम करता है और इसका केंद्र राजस्थान के अलवर जिले के भीकमपुरा में है। जल पुरुष कहे जाने वाले राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में इस क्षेत्र के ग्रामीणों ने हजारों जोहड़ बनाए और सुधारे, जो वर्षा जल रोककर उसे जमीन में उतारने वाले परंपरागत मिट्टी के बाँध हैं। कुएँ फिर भर गए, खेत दोबारा फसल देने लगे और वर्षों से सूखी अरवरी जैसी नदियाँ बहने लगीं, इसी कारण इस संस्था को समुदाय आधारित जल संग्रहण के नमूने के रूप में पढ़ा जाता है। राजेंद्र सिंह को 2001 में रैमन मैग्सेसे पुरस्कार और 2015 में स्टॉकहोम जल पुरस्कार मिला। A गलत है क्योंकि महिला समूह इस कार्य का हिस्सा हैं, पर यह इसका क्षेत्र नहीं है। B गलत है क्योंकि भ्रष्टाचार से लड़ना इसका विषय नहीं है। D गलत है क्योंकि यह जनजातीय युवा संगठन नहीं है और अलवर जनजातीय क्षेत्र नहीं है। परीक्षा टिप: तरुण भारत संघ, राजेंद्र सिंह, अलवर के जोहड़ और पुनर्जीवित अरवरी नदी।

Q2.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: राजस्थान · 29 Nov 2020मध्यम

राजस्थान में निम्नलिखित में से कौन से जिले 'सेम' की पारिस्थितिक समस्या से बुरी तरह प्रभावित हैं?

  1. A.भरतपुर - धौलपुर
  2. B.बाँसवाड़ा - डूंगरपुर
  3. C.जालोर - सिरोही
  4. D.श्रीगंगानगर - हनुमानगढ़
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. श्रीगंगानगर - हनुमानगढ़

व्याख्या

सही उत्तर है D, श्रीगंगानगर - हनुमानगढ़। सेम लवणता के साथ जलभराव का स्थानीय नाम है, और यह श्रीगंगानगर तथा हनुमानगढ़ को सबसे अधिक प्रभावित करती है क्योंकि ये जिले गंग नहर और इंदिरा गांधी नहर के कमान क्षेत्र में आते हैं। वर्षों तक नहरी पानी से बिना जल निकासी के बाढ़ विधि से सिंचाई होने और मिट्टी के नीचे कठोर परत होने के कारण भूजल स्तर ऊपर उठकर जड़ क्षेत्र तक आ गया है। पानी ठहरने और वाष्पित होने पर नमक पीछे रह जाता है, सतह पर सफेद परत दिखती है और उत्पादन गिर जाता है। इसके उपाय में पक्की नहरें, सतही तथा भूमिगत जल निकासी, फव्वारा सिंचाई और यूकेलिप्टस का रोपण शामिल हैं। A गलत है क्योंकि भरतपुर और धौलपुर पूर्वी मैदान में दूसरी तरह की बाढ़ की समस्या झेलते हैं। B गलत है क्योंकि बाँसवाड़ा और डूंगरपुर पहाड़ी, अधिक वर्षा वाले जनजातीय जिले हैं। C गलत है क्योंकि जालोर और सिरोही में भूजल की लवणता तथा सूखे की समस्या है। परीक्षा टिप: सेम यानी नहरी पानी से जलभराव, इंदिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र याद रखें।

Q3.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: राजस्थान · RPSC Lecturer Tech Edu Previous Year Papकठिन

परंपरागत भाप संयंत्र की तुलना में भूतापीय संयंत्र में तापमान और दाब कैसे होते हैं?

  1. A.लगभग समान
  2. B.बहुत अधिक
  3. C.अधिक
  4. D.कम
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. कम

व्याख्या

सही उत्तर D, कम है। भूतापीय संयंत्र भाप या गर्म जल भूमिगत प्राकृतिक भंडार से लेता है, जिसका तापमान चट्टान तय करती है और जो भट्टी से मिलने वाले तापमान तक प्रायः पहुंचता ही नहीं, इसलिए टरबाइन पर तापमान और दाब दोनों कोयला आधारित भाप संयंत्र से काफी कम रहते हैं और तापीय दक्षता भी उसी अनुपात में कम रहती है। विकल्प B और C इसी कारण गलत हैं: जानबूझकर जलाई गई भट्टी से अधिक गर्म कोई प्राकृतिक भंडार नहीं होता, और अधिक बताना स्रोत की गहराई को उसके तापमान से जोड़ बैठना है। विकल्प A गलत है क्योंकि दोनों लगभग समान भी नहीं हैं; अंतर इतना बड़ा है कि भूतापीय टरबाइन अलग ढंग से बनाए जाते हैं और प्रायः कम ताप पर उबलने वाले किसी अन्य द्रव पर चलते हैं। दक्षता में जो घटता है वह ईंधन लागत और उत्सर्जन में बचत से पूरा हो जाता है।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RPSC Lecturer Tech Edu Previous Year Papमध्यम

हाई-स्पीड स्टील (18-4-1) में होता है -

  1. A.1% क्रोमियम
  2. B.18% निकेल
  3. C.18% टंगस्टन
  4. D.4% वैनेडियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 18% टंगस्टन

व्याख्या

सही उत्तर है C, 18% टंगस्टन। हाई-स्पीड स्टील को '18-4-1' इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें उसी क्रम में तीन धातुएँ मिलाई जाती हैं – 18 प्रतिशत टंगस्टन, 4 प्रतिशत क्रोमियम और 1 प्रतिशत वैनेडियम; शेष भाग लोहा तथा थोड़ा कार्बन होता है। टंगस्टन इस मिश्रधातु की जान है, क्योंकि यह स्टील को तब भी कठोर बनाए रखता है जब काटने वाली धार गर्म होकर लाल चमकने लगे। इसी गुण के कारण इससे बने ड्रिल, मिलिंग कटर और लेथ के औजार तेज गति से कटाई करने पर भी अपनी धार नहीं खोते। क्रोमियम कठोरता और जंग-रोधकता बढ़ाता है, जबकि वैनेडियम कणों को सूक्ष्म बनाकर घिसावट सहने की क्षमता देता है। A गलत है क्योंकि इस ग्रेड में क्रोमियम 4 प्रतिशत है, 1 प्रतिशत नहीं। B गलत है क्योंकि 18-4-1 में निकेल नहीं होता; निकेल स्टेनलेस स्टील और इन्वार में मिलाया जाता है। D गलत है क्योंकि वैनेडियम नाम का '1' वाला हिस्सा है। परीक्षा टिप: 18-4-1 का अर्थ – टंगस्टन 18, क्रोमियम 4, वैनेडियम 1।

Q5.कला और संस्कृतिपूछा गया: राजस्थान · 26 Dec 2020कठिन

निम्नलिखित में से कौन-सी चित्रशैली 'पंचतंत्र चित्रांकन' के लिए भी जानी जाती है?

  1. A.बूंदी
  2. B.कोटा
  3. C.मारवाड़
  4. D.ढूंढाड़
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. मारवाड़

व्याख्या

सही उत्तर है C, मारवाड़। जोधपुर क्षेत्र की मारवाड़ शैली को पंचतंत्र के सचित्र संस्करण के लिए जाना जाता है; अठारहवीं सदी के आरंभ में पाली में बना पंचतंत्र चित्र-समूह इसका प्रसिद्ध उदाहरण है, जिसमें पशु-पक्षियों की कहानियाँ चित्र दर चित्र दिखाई गई हैं। मारवाड़ शैली में दरबारी चिकनाई की जगह लोक-शक्ति दिखती है – गहरे सपाट रंग, बड़ी-बड़ी आँखें, गठीले चेहरे और घोड़े-ऊँटों की भरमार। पंचतंत्र के साथ इस शैली में 'ढोला-मारू' और रागमाला के चित्र भी बने। A गलत है क्योंकि बूंदी शैली हरे-भरे वन, वर्षा ऋतु के आकाश, कमल-सरोवर और हाथियों के चित्रण के लिए प्रसिद्ध है। B गलत है क्योंकि कोटा शैली, जो बूंदी से निकली, घने जंगल में शिकार दृश्यों के लिए जानी जाती है। D गलत है क्योंकि ढूंढाड़ (जयपुर-आमेर) शैली बड़े आकार के व्यक्तिचित्रों और दरबारी दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है। परीक्षा टिप: पंचतंत्र व ढोला-मारू – मारवाड़, वर्षा व हरियाली – बूंदी, शिकार – कोटा।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 26 Dec 2020मध्यम

स्थायी चुंबक प्रकार के यंत्र का उपयोग किया जा सकता है -

  1. A.केवल A.C. के लिए
  2. B.केवल D.C. के लिए
  3. C.आवेग राशियों के लिए
  4. D.A.C. और D.C. दोनों के लिए
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केवल D.C. के लिए

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल D.C. के लिए। स्थायी चुंबक चल कुंडली यंत्र में कुंडली स्थायी चुंबक के क्षेत्र में धुरी पर टिकी रहती है, इसलिए विक्षेपण बल आघूर्ण धारा के वर्ग के नहीं, बल्कि धारा के समानुपाती होता है। प्रत्यावर्ती धारा देने पर यह बल आघूर्ण हर अर्ध चक्र में दिशा बदल लेता है; सूचक एक सेकंड में पचास बार दिशा नहीं बदल सकता और शून्य पर ही ठहरा रहता है, क्योंकि पूरे चक्र में साइन तरंग का औसत मान शून्य होता है। इसी कारण ऐसा अमीटर या वोल्टमीटर केवल दिष्ट धारा मापता है, और प्रत्यावर्ती धारा मापनी हो तो उसके आगे दिष्टकारी लगाया जाता है। इसका स्केल समान विभाजन वाला होता है और यह बहुत कम शक्ति लेता है, इसलिए प्रयोगशाला का चल कुंडली धारामापी इसी प्रकार का होता है। विकल्प A और D इसी कारण गलत हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि आवेग कुछ माइक्रोसेकंड ही रहता है, जो कुंडली और सूचक के जड़त्व के लिए बहुत कम समय है। परीक्षा टिप: चल कुंडली केवल D.C. मापती है, चल लोह यंत्र A.C. और D.C. दोनों।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RSMSSB JE Civil Degree Dec 2020 Officialआसान

दाब के परम शून्य से ऊपर मापा गया दाब क्या कहलाता है?

  1. A.गेज दाब
  2. B.परम दाब
  3. C.निर्वात दाब
  4. D.वायुमंडलीय दाब
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. परम दाब

व्याख्या

सही उत्तर है B, परम दाब। परम दाब की गिनती दाब के परम शून्य से होती है, जो पूर्ण निर्वात है, इसलिए यह कभी ऋणात्मक नहीं हो सकता। इसका सरल संबंध यह है: परम दाब बराबर गेज दाब जोड़ वायुमंडलीय दाब। यदि किसी टायर का गेज 30 मात्रक दिखा रहा है, तो उसका वास्तविक दाब 30 और स्थानीय वायुमंडलीय दाब का योग है। विकल्प A गलत है, क्योंकि गेज दाब स्थान के वायुमंडलीय दाब से ऊपर मापा जाता है, इसी कारण खुली हवा में साधारण दाबमापी शून्य पढ़ता है, जबकि हवा उस पर दाब डालती रहती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि निर्वात दाब, जिसे ऋणात्मक गेज दाब भी कहते हैं, वह मात्रा है जितना दाब वायुमंडलीय दाब से नीचे रहता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि वायुमंडलीय दाब किसी स्थान के ऊपर की वायु स्तंभ का भार है और समुद्र तल पर लगभग 101.325 किलोपास्कल, अर्थात 760 मिलीमीटर पारा या 1.01325 बार होता है। परीक्षा टिप: परम दाब बराबर गेज जोड़ वायुमंडलीय, और परम शून्य से केवल परम दाब गिना जाता है।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 29 Nov 2020आसान

विभवांतर क्या है?

  1. A.दो बिंदुओं के बीच धारिता का अंतर।
  2. B.यह किसी विद्युत परिपथ के दो बिंदुओं के बीच विभव का अंतर है।
  3. C.दो बिंदुओं के बीच धारा का अंतर।
  4. D.दो बिंदुओं के बीच प्रतिरोध का अंतर।
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. यह किसी विद्युत परिपथ के दो बिंदुओं के बीच विभव का अंतर है।

व्याख्या

सही उत्तर है B। किसी परिपथ के दो बिंदुओं के बीच विभवांतर उनके विद्युत विभव का अंतर है, और यह एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक एकांक धन आवेश ले जाने में किए गए कार्य के बराबर होता है। सूत्र रूप में V = W/Q, इसलिए इसका मात्रक वोल्ट है और एक वोल्ट का अर्थ है प्रति कूलॉम आवेश पर एक जूल कार्य। विभवांतर ही वह धक्का है जो धारा चलाता है, इसे दो बिंदुओं के समांतर क्रम में जोड़े गए वोल्टमीटर से मापा जाता है, और ओम के नियम के अनुसार V = IR। विकल्प A गलत है, क्योंकि धारिता वह आवेश है जो संधारित्र प्रति वोल्ट संचित करता है और इसका मात्रक फैरड है; यह उपकरण का गुण है, दो बिंदुओं का अंतर नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि धारा आवेश प्रवाह की दर है, इसे श्रेणीक्रम में लगे अमीटर से एम्पियर में मापा जाता है और श्रेणी परिपथ में यह हर जगह समान रहती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि प्रतिरोध धारा का विरोध करता है और ओम में मापा जाता है। परीक्षा टिप: V = W/Q, वोल्टमीटर समांतर, अमीटर श्रेणी में।

Q9.कला और संस्कृतिपूछा गया: राजस्थान · 29 Nov 2020मध्यम

किस चित्रशैली में पशु-पक्षियों को महत्वपूर्ण स्थान मिला है?

  1. A.बूंदी शैली
  2. B.नाथद्वारा शैली
  3. C.किशनगढ़ शैली
  4. D.बीकानेर शैली
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बूंदी शैली

व्याख्या

सही उत्तर है A, बूंदी शैली। हाड़ौती क्षेत्र की बूंदी शैली ही अपने चित्रों को पशु-पक्षियों और घने हरे जंगल से भर देती है। इसके चित्रकारों को प्रकृति प्रिय थी: आम और केले के कुंज, कमल से भरे तालाब, बिजली सहित वर्षा के बादल, हाथी, बाघ, गिलहरी, तोते और मोर पृष्ठभूमि में भरे रहते हैं, और उनके सामने गोल चेहरे तथा छोटी नाक वाली मानव आकृतियाँ दिखाई जाती हैं। बूंदी चित्रकला राव सुर्जन सिंह के समय चुनार के कलाकारों की सहायता से आगे बढ़ी, और इसकी शाखा कोटा शैली ने घने जंगल के शिकार दृश्यों को अपनी विशेषता बना लिया। विकल्प B गलत है, क्योंकि नाथद्वारा शैली में श्रीनाथजी के चित्र बनते हैं, अधिकतर कपड़े पर पिछवाई के रूप में। विकल्प C गलत है, क्योंकि किशनगढ़ शैली निहालचंद के बणी-ठणी मुखड़े और राधा-कृष्ण विषयों के लिए जानी जाती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि बीकानेर शैली पर मुगल तथा दक्कनी प्रभाव है और उसके चित्रकार अपने नाम लिखते थे। परीक्षा टिप: बूंदी-कोटा का अर्थ प्रकृति और शिकार; किशनगढ़ का अर्थ बणी-ठणी।

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