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GK24

राज्य परीक्षाएं पिछले वर्ष के GK प्रश्न

राज्य परीक्षाएं की परीक्षाओं, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली, के आधिकारिक पेपरों में पूछे गए सामान्य ज्ञान के प्रश्न, एक जगह। हर प्रश्न के साथ सही उत्तर, व्याख्या और यह जानकारी है कि वह किस परीक्षा में, किस वर्ष और किस शिफ्ट में पूछा गया था।

साल के अनुसार प्रश्न देखने के लिए नीचे वर्ष चुनें, या किसी एक परीक्षा के प्रश्नों के लिए उसका पेज खोलें। एक परीक्षा के पुराने प्रश्न दूसरी परीक्षा में भी दोहराए जाते हैं, इसलिए पूरे राज्य परीक्षाएं परिवार के प्रश्न साथ में दोहराना तैयारी का तेज तरीका है।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q321.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 20 Jul 2024, S1मध्यम

1801 में जब अवध के नवाब को अपना आधा क्षेत्र ईस्ट इंडिया कंपनी को सौंपने के लिए मजबूर किया गया, तब भारत का गवर्नर जनरल कौन था?

  1. A.रिचर्ड वेलेज़ली
  2. B.वारेन हेस्टिंग्स
  3. C.चार्ल्स कॉर्नवॉलिस
  4. D.रॉबर्ट क्लाइव
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. रिचर्ड वेलेज़ली

व्याख्या

सही उत्तर है A, रिचर्ड वेलेज़ली। लॉर्ड रिचर्ड वेलेज़ली 1798 से 1805 तक गवर्नर जनरल रहे, और 1801 में उन्होंने अवध के नवाब सआदत अली खान को अपने राज्य का लगभग आधा हिस्सा कंपनी को सौंपने पर मजबूर किया। नवाब अपने राज्य में रखी गई ब्रिटिश सेना का बढ़ता खर्च नहीं चुका पाया था, और वेलेज़ली ने बदले में रुहेलखंड और निचले दोआब जैसे उपजाऊ इलाके ले लिए। यह वेलेज़ली की सहायक संधि का एक साफ़ उदाहरण था, जिसके तहत भारतीय शासक ब्रिटिश सेना का खर्च उठाता, एक ब्रिटिश रेज़िडेंट रखता और कंपनी की अनुमति के बिना कोई संधि नहीं कर सकता था। इसे सबसे पहले 1798 में हैदराबाद ने स्वीकार किया। विकल्प B गलत है, क्योंकि बंगाल के पहले गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स 1785 में भारत छोड़ चुके थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1793 के स्थायी बंदोबस्त के लिए प्रसिद्ध कॉर्नवॉलिस तब तक जा चुके थे; वे केवल 1805 में थोड़े समय के लिए लौटे। विकल्प D गलत है, क्योंकि प्लासी के विजेता रॉबर्ट क्लाइव की मृत्यु 1774 में हो चुकी थी। परीक्षा टिप: सहायक संधि यानी वेलेज़ली; अवध ने 1801 में अपना आधा क्षेत्र खोया और 1856 में डलहौज़ी ने उसका विलय कर लिया।

Q322.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 14 Jul 2024, S3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा राजवंश "त्रिपक्षीय संघर्ष" का हिस्सा नहीं था?

  1. A.पाल
  2. B.राष्ट्रकूट
  3. C.चेर
  4. D.गुर्जर प्रतिहार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चेर

व्याख्या

सही उत्तर है C, चेर। चेर केरल में राज करते थे और कन्नौज की लड़ाई में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। त्रिपक्षीय संघर्ष 8वीं से 10वीं शताब्दी के बीच तीन शक्तियों की लंबी होड़ थी, जिसका लक्ष्य गंगा घाटी में हर्षवर्धन की पुरानी राजधानी कन्नौज पर कब्ज़ा करना था। जिसके पास कन्नौज होता, उसे उत्तर भारत का स्वामी माना जाता था, इसलिए तीनों लगभग दो सदियों तक इस पर हमला करते रहे। अंत में गुर्जर-प्रतिहारों ने कन्नौज को सबसे लंबे समय तक अपने पास रखा, और इस लड़ाई ने तीनों को कमज़ोर कर दिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि गोपाल द्वारा स्थापित बंगाल के पाल इस संघर्ष का एक पक्ष थे; धर्मपाल ने तो कन्नौज की गद्दी पर अपना समर्थक भी बैठाया। विकल्प B गलत है, क्योंकि दक्कन के राष्ट्रकूट, ध्रुव और गोविंद तृतीय जैसे राजाओं के नेतृत्व में, उत्तर पर हमले करके इस संघर्ष में शामिल हुए। विकल्प D गलत है, क्योंकि पश्चिम भारत के गुर्जर-प्रतिहार, नागभट्ट द्वितीय और मिहिर भोज जैसे शासकों के साथ, तीसरा पक्ष थे। परीक्षा टिप: पाल (पूर्व), प्रतिहार (पश्चिम) और राष्ट्रकूट (दक्षिण) कन्नौज के लिए लड़े।

Q323.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 20 Jul 2024, S1मध्यम

______ में विजयनगर के मुख्यमंत्री रामराय ने राक्षसी-तंगड़ी (जिसे तालीकोटा भी कहा जाता है) में सेना का नेतृत्व किया, जहाँ बीजापुर, अहमदनगर और गोलकुंडा की संयुक्त सेनाओं ने उसकी सेना को करारी हार दी।

  1. A.1585
  2. B.1565
  3. C.1545
  4. D.1525
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1565

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1565। तालीकोटा का युद्ध, जिसे राक्षसी-तंगड़ी का युद्ध भी कहते हैं, जनवरी 1565 में हुआ और इसने विजयनगर की शक्ति तोड़ दी। रामराय सदाशिव राय के समय सिंहासन के पीछे असली शासक था। वह दक्कन की सल्तनतों को आपस में लड़ाता रहा, इसलिए अंत में बीजापुर, अहमदनगर और गोलकुंडा उसके खिलाफ एकजुट हो गए। रामराय पकड़ा गया और मारा गया, और विजयी सेनाओं ने राजधानी विजयनगर (हम्पी) को महीनों तक लूटा। हम्पी के खंडहर, जो आज यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं, इसी लूट की याद दिलाते हैं। साम्राज्य अराविडु वंश के अधीन चलता रहा, पर पुराना गौरव कभी नहीं लौटा। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1585 युद्ध के बीस साल बाद का वर्ष है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1545 में साम्राज्य पर रामराय का लंबा नियंत्रण अभी शुरू ही हुआ था; निर्णायक युद्ध बीस साल बाद हुआ। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1525 में कृष्णदेव राय का शासन था, जो साम्राज्य का स्वर्ण काल था। परीक्षा टिप: विजयनगर की स्थापना 1336, कृष्णदेव राय (1509–1529) के समय चरम, तालीकोटा 1565 में पतन।

Q324.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · Delhi Police Const., 01 Dec 2023, S1मध्यम

दक्षिण भारत में बहमनी राज्य की स्थापना के समय दिल्ली सल्तनत का सुल्तान कौन था?

  1. A.शमसुद्दीन इल्तुतमिश
  2. B.मुहम्मद बिन तुगलक
  3. C.इब्राहिम लोदी
  4. D.अलाउद्दीन खिलजी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मुहम्मद बिन तुगलक

व्याख्या

सही उत्तर है B, मुहम्मद बिन तुगलक। बहमनी राज्य 1347 में दक्कन में उसके शासन के खिलाफ हुए विद्रोह से बना था। मुहम्मद बिन तुगलक ने 1325 से 1351 तक शासन किया और दिल्ली से सुदूर दक्षिण को काबू में रखने की कोशिश की, यहाँ तक कि कुछ समय के लिए राजधानी दौलताबाद ले गया। दक्कन के अमीरों ने बगावत कर दी और उनमें से एक, अलाउद्दीन हसन बहमन शाह (हसन गंगू), ने बहमनी राज्य की नींव रखी, जिसकी पहली राजधानी गुलबर्गा थी। इसी शासनकाल में 1336 में हरिहर और बुक्का ने विजयनगर की स्थापना की थी, यानी दक्षिण के दोनों बड़े राज्य इसी एक सुल्तान के समय उभरे। विकल्प A गलत है, क्योंकि इल्तुतमिश ने 1211 से 1236 तक शासन किया, जो इससे बहुत पहले की बात है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इब्राहिम लोदी दिल्ली का अंतिम सुल्तान था, जो 1526 में पानीपत में हारा। विकल्प D गलत है, क्योंकि अलाउद्दीन खिलजी की मृत्यु 1316 में हो गई थी; उसके सेनापति मलिक काफूर ने दक्षिण पर हमले किए, पर तब बहमनी राज्य नहीं था। परीक्षा टिप: विजयनगर 1336 और बहमनी 1347, दोनों मुहम्मद बिन तुगलक के समय।

Q325.कला और संस्कृतिपूछा गया: राजस्थान · RSMSSB CET Graduate, 8 Jan 2023, Shift 2आसान

राजस्थान मूल के प्रसिद्ध शास्त्रीय वादक राम नारायण और सुल्तान खान किस वाद्य यंत्र से संबंधित हैं?

  1. A.सारंगी
  2. B.कमायचा
  3. C.तबला
  4. D.सितार
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सारंगी

व्याख्या

सही उत्तर है A, सारंगी। 1927 में उदयपुर में जन्मे पंडित राम नारायण ने सारंगी को केवल गायकों की संगत करने वाले वाद्य से उठाकर एकल मंच का वाद्य बना दिया, और उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। सीकर जिले में जन्मे उस्ताद सुल्तान खान सारंगी के उस्ताद और गायक थे, जो दूसरे संगीतकारों के साथ अपने काम के लिए दुनिया भर में जाने गए, और उन्हें पद्म भूषण मिला। सारंगी लकड़ी के एक ही टुकड़े को तराशकर बनाया गया गज से बजने वाला तार वाद्य है, जिसमें गज से बजने वाले तीन मुख्य ताँत के तार और साथ में गूँजने वाले कई सहायक तार होते हैं; कहा जाता है कि इसकी आवाज़ मनुष्य के स्वर के सबसे करीब है। विकल्प B गलत है, क्योंकि कमायचा जैसलमेर और बाड़मेर के मांगणियार कलाकारों का गज से बजने वाला लोक वाद्य है, इन दोनों शास्त्रीय उस्तादों का वाद्य नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि तबला तार वाद्य नहीं, बल्कि ड्रमों की जोड़ी है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सितार मिज़राब से छेड़कर बजाया जाने वाला वाद्य है, जिसे पंडित रविशंकर ने दुनिया भर में प्रसिद्ध किया। परीक्षा टिप: राजस्थान के सारंगी उस्ताद हैं राम नारायण (उदयपुर) और सुल्तान खान (सीकर)।

Q326.कला और संस्कृतिपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025कठिन

सूची-I व सूची-II को सुमेलित करते हुए राजस्थान की प्रसिद्ध चित्रकला शैलियों एवं उनके चित्रकारों के संबंध में सही विकल्प चुनिये:

सूची-I

A. किशनगढ़

B. बीकानेर

C. मेवाड़

D. मारवाड़

सूची-II

(i) साहिबदीन

(ii) निहालचंद

(iii) अली रज़ा

(iv) शिवदास

  1. A.A-ii, B-iv, C-i, D-iii
  2. B.A-ii, B-iii, C-i, D-iv
  3. C.A-ii, B-iii, C-iv, D-i
  4. D.A-ii, B-i, C-iii, D-iv
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. A-ii, B-iii, C-i, D-iv

व्याख्या

सही उत्तर है B, A-ii, B-iii, C-i, D-iv। निहालचंद 18वीं शताब्दी में राजा सावंत सिंह, यानी कवि नागरीदास, के समय किशनगढ़ के प्रमुख चित्रकार थे; लंबी नाक, धनुषाकार भौंहों और कमल जैसी आँखों वाली उनकी 'बणी-ठणी' को भारत की मोनालिसा कहा जाता है। दिल्ली से आए उस्ताद अली रज़ा ने 17वीं शताब्दी में महाराजा कर्णसिंह के समय बीकानेर में काम किया, इसीलिए बीकानेर शैली में मुगल प्रभाव साफ दिखता है। साहिबदीन महाराणा जगत सिंह प्रथम के समय मेवाड़ के प्रमुख चित्रकार थे; 1628 की उनकी रागमाला और रामायण चित्रों ने उदयपुर शैली को आकार दिया। शिवदास की गिनती मारवाड़ यानी जोधपुर शैली के चित्रकारों में होती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें शिवदास को बीकानेर और अली रज़ा को मारवाड़ से जोड़ा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें शिवदास को मेवाड़ और साहिबदीन को मारवाड़ से जोड़ा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें साहिबदीन को बीकानेर और अली रज़ा को मेवाड़ से जोड़ा गया है। परीक्षा टिप: बणी-ठणी–निहालचंद–किशनगढ़; रागमाला–साहिबदीन–मेवाड़; अली रज़ा–बीकानेर; शिवदास–मारवाड़।

Q327.कला और संस्कृतिपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 1 Oct 2023आसान

राजस्थान में किस संप्रदाय के पुरुषों द्वारा अग्नि नृत्य किया जाता है?

  1. A.बिश्नोई संप्रदाय
  2. B.रामस्नेही संप्रदाय
  3. C.जसनाथी सिद्ध
  4. D.दादू पंथ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जसनाथी सिद्ध

व्याख्या

सही उत्तर है C, जसनाथी सिद्ध। राजस्थान का अग्नि नृत्य जसनाथी सिद्ध संप्रदाय के पुरुष करते हैं, जो ढोल-नगाड़ों की ताल पर 'फतै, फतै' का उद्घोष करते हुए धधकते अंगारों के ढेर पर नंगे पाँव नाचते हैं। यह मुख्य रूप से रात में उनके धार्मिक आयोजनों में किया जाता है, और इसका मुख्य केंद्र बीकानेर जिले का कतरियासर है, जो संप्रदाय के संस्थापक की पीठ है। इस संप्रदाय की स्थापना जसनाथ जी ने 15वीं शताब्दी के अंत में की थी, और उनके अनुयायी 36 नियमों का पालन करते हैं। नर्तक अंगारों पर उछलते हैं और उन्हें हाथ में भी उठा लेते हैं, फिर भी इसे तमाशा नहीं, आस्था का कर्म माना जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि जाम्भोजी द्वारा स्थापित बिश्नोई संप्रदाय पेड़ों और काले हिरण की रक्षा के लिए प्रसिद्ध है, अग्नि नृत्य के लिए नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि रामस्नेही संप्रदाय राम भक्ति का संप्रदाय है, जिसके शाहपुरा जैसे केंद्र हैं, और इसमें अग्नि नृत्य नहीं होता। विकल्प D गलत है, क्योंकि दादू दयाल द्वारा स्थापित और नरायना केंद्रित दादू पंथ भी इस नृत्य से नहीं जुड़ा। परीक्षा टिप: अग्नि नृत्य – जसनाथी सिद्ध – कतरियासर (बीकानेर)।

Q328.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 1 Oct 2023आसान

एन. टी. यू. (NTU) मापने की इकाई है

  1. A.पानी का दाब
  2. B.जल का तापमान
  3. C.जल की अम्लता
  4. D.जल की आविलता (टर्बिडिटी)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. जल की आविलता (टर्बिडिटी)

व्याख्या

सही उत्तर है D, जल की आविलता (टर्बिडिटी)। NTU का पूरा नाम नेफेलोमेट्रिक टर्बिडिटी यूनिट है। नेफेलोमीटर पानी के नमूने में प्रकाश की किरण डालकर मापता है कि उसमें घुले न होकर तैरते कण, जैसे मिट्टी, गाद, शैवाल और सूक्ष्मजीव, कितना प्रकाश किनारे की ओर बिखेरते हैं; जितना अधिक बिखराव, पानी उतना ही अधिक गंदला या आविल। पीने के पानी के लिए आविलता की जाँच बहुत ज़रूरी है, क्योंकि ये कण कीटाणुओं को क्लोरीन और दूसरे कीटाणुनाशकों से बचा लेते हैं, इसलिए जल आपूर्ति विभाग घरों तक पहुँचने से पहले इसे बहुत कम रखने की कोशिश करते हैं। नदी या झील में अधिक आविलता जलीय पौधों तक पहुँचने वाली धूप भी रोक देती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि पानी का दाब पास्कल या बार जैसी इकाइयों में मापा जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि तापमान डिग्री सेल्सियस या केल्विन में मापा जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अम्लता pH पैमाने पर दिखाई जाती है, जिसमें 7 उदासीन है और 7 से कम मान अम्लीय हैं। परीक्षा टिप: NTU = आविलता (गंदलापन); pH = अम्लता; BOD = जैविक प्रदूषण, मिलीग्राम प्रति लीटर में।

Q329.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025आसान

‘विशिष्ट रोगवाहक - जनित रोग - रोगाणु के प्रकार’ के गलत समुच्चय का चयन कीजिए।

  1. A.एडीस - चिकुनगुनिया - जीवाणु
  2. B.क्यूलेक्स - लिम्फेटिक फाइलेरिएसिस - परजीवी
  3. C.एनोफ़िलीज़ - मलेरिया - परजीवी
  4. D.एडीस - डेंगू - विषाणु
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. एडीस - चिकुनगुनिया - जीवाणु

व्याख्या

सही उत्तर है A, एडीस - चिकुनगुनिया - जीवाणु। यह समुच्चय गलत है, क्योंकि चिकुनगुनिया जीवाणु से नहीं, बल्कि विषाणु, यानी चिकुनगुनिया वायरस से होता है। यह एडीस मच्छरों से फैलता है, यानी वही दिन में काटने वाले मच्छर जो डेंगू और ज़ीका भी फैलाते हैं, और इसमें तेज़ बुखार के साथ जोड़ों में भयंकर दर्द होता है। यह नाम पूर्वी अफ्रीका की मकोंडे भाषा के एक शब्द से आया है, जिसका अर्थ है 'जो झुका दे', क्योंकि दर्द से मरीज़ झुककर चलने लगता है। एडीस कूलर, टायर, गमलों और टंकियों में जमा साफ पानी में पनपता है, इसीलिए मानसून के बाद डेंगू और चिकुनगुनिया के मामले बढ़ते हैं। विकल्प B सही समुच्चय है, क्योंकि क्यूलेक्स मच्छर लिम्फेटिक फाइलेरिएसिस यानी हाथीपाँव फैलाता है, जो वुचेरेरिया बैनक्रॉफ्टी जैसे परजीवी कृमियों से होता है। विकल्प C सही है, क्योंकि मादा एनोफिलीज़ मलेरिया फैलाती है, जो प्रोटोज़ोआ परजीवी प्लास्मोडियम से होता है। विकल्प D सही है, क्योंकि एडीस डेंगू भी फैलाता है, जो डेंगू वायरस से होता है। परीक्षा टिप: एडीस से डेंगू, चिकुनगुनिया और ज़ीका, तीनों विषाणु; एनोफिलीज़ से मलेरिया; क्यूलेक्स से फाइलेरिया और जापानी इंसेफेलाइटिस।

Q330.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025आसान

निम्नलिखित में से किसमें परिवर्तन के कारण मोतियाबिन्द में आँखों का प्राकृतिक लेंस धुँधला हो जाता है?

  1. A.प्रोटीन
  2. B.कार्बोहाइड्रेट
  3. C.वसा
  4. D.अश्रु ग्रन्थि
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. प्रोटीन

व्याख्या

सही उत्तर है A, प्रोटीन। आँख का लेंस मुख्य रूप से पानी और क्रिस्टलिन नाम के विशेष प्रोटीनों से बना होता है, जो इतने व्यवस्थित क्रम में जमे रहते हैं कि लेंस पारदर्शी रहता है और प्रकाश सीधे रेटिना तक पहुँचता है। उम्र बढ़ने के साथ, और मधुमेह, पराबैंगनी प्रकाश, धूम्रपान या चोट से और जल्दी, ये प्रोटीन टूटकर आपस में गुच्छे बना लेते हैं। ये गुच्छे प्रकाश को बिखेर देते हैं, जिससे लेंस धुँधला हो जाता है और दिखना धुँधला, मंद और चौंधयुक्त हो जाता है। लेंस का यही धुँधलापन मोतियाबिन्द है, और यह भारत में अंधेपन के प्रमुख कारणों में से एक है। इसका इलाज एक छोटे ऑपरेशन से होता है, जिसमें धुँधला लेंस हटाकर कृत्रिम इंट्राऑक्युलर लेंस लगाया जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि लेंस कार्बोहाइड्रेट में बदलाव से धुँधला नहीं होता, हालाँकि मधुमेह में रक्त शर्करा अधिक होने से प्रोटीन की क्षति तेज़ होती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि वसा लेंस की पारदर्शी संरचना नहीं बनाती। विकल्प D गलत है, क्योंकि अश्रु ग्रन्थि आँख को नम रखती है और उसका लेंस से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: मोतियाबिन्द = प्रोटीन के गुच्छों से धुँधला लेंस; ग्लूकोमा = आँख के भीतर बढ़ा दबाव।

Q331.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 1 Oct 2023आसान

प्लास्मोडियम की प्रजाति जो घातक मलेरिया का कारण बनती है:

  1. A.विवैक्स
  2. B.फाल्सीपेरम
  3. C.ओवेल
  4. D.मलेरिये
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. फाल्सीपेरम

व्याख्या

सही उत्तर है B, फाल्सीपेरम। प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम घातक या सेरेब्रल मलेरिया पैदा करता है, जो इस रोग का सबसे खतरनाक रूप है। इससे संक्रमित लाल रक्त कोशिकाएँ चिपचिपी होकर मस्तिष्क और दूसरे अंगों की छोटी रक्त वाहिकाओं को रोक देती हैं, जिससे इलाज में देर होने पर बेहोशी और मृत्यु तक हो सकती है। मलेरिया मादा एनोफिलीज़ मच्छर के काटने से फैलता है; परजीवी पहले यकृत में और फिर लाल रक्त कोशिकाओं में बढ़ता है, और इन कोशिकाओं के फटने से ठंड लगकर तेज़ बुखार के दौर आते हैं। रोनाल्ड रॉस ने भारत में काम करते हुए 1897 में मच्छर से संबंध सिद्ध किया और 1902 में नोबेल पुरस्कार पाया। विकल्प A गलत है, क्योंकि पी. विवैक्स सौम्य तृतीयक मलेरिया करता है, जो यकृत में छिपी अवस्थाओं से दोबारा लौट सकता है, पर कम ही जानलेवा होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पी. ओवेल मुख्यतः अफ्रीका में मिलने वाला हल्का तृतीयक मलेरिया करता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि पी. मलेरिये चतुर्थक मलेरिया करता है, जिसमें हर चौथे दिन बुखार आता है। परीक्षा टिप: फाल्सीपेरम = घातक; विवैक्स = सौम्य पर लौटने वाला; मादा एनोफिलीज़ = वाहक।

Q332.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025मध्यम

भारत में 1991 के बाद शुरू हुए वित्तीय क्षेत्र के सुधारों से निम्न में से कौन सा सम्बन्धित नहीं है?

  1. A.पूँजी पर्याप्तता
  2. B.गैर-निष्पादित परिसम्पत्तियाँ
  3. C.एफ. आर. बी. एम. अधिनियम (फिस्कल रिस्पांसिबिलिटी एंड बजट मैनेजमेंट)
  4. D.सरफेसी अधिनियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एफ. आर. बी. एम. अधिनियम (फिस्कल रिस्पांसिबिलिटी एंड बजट मैनेजमेंट)

व्याख्या

सही उत्तर है C, एफ. आर. बी. एम. अधिनियम। राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम, 2003 एक राजकोषीय सुधार है: यह केंद्र सरकार को राजकोषीय और राजस्व घाटा घटाने तथा अपने उधार की जानकारी देने के लिए बाध्य करता है। इसका संबंध सरकार के बजट से है, बैंकों और वित्तीय बाज़ारों से नहीं। 1991 के बाद वित्तीय क्षेत्र के सुधार वित्तीय प्रणाली पर नरसिंहम समिति से शुरू हुए, जिसने बैंकिंग के ठोस नियम माँगे। बैंकों को अपनी जोखिम वाली परिसम्पत्तियों के अनुपात में पूँजी रखनी पड़ी, यानी बेसल मानकों पर आधारित पूँजी पर्याप्तता अनुपात, और डूबते कर्ज़ों को छिपाने के बजाय ईमानदारी से गैर-निष्पादित परिसम्पत्ति (NPA) के रूप में दिखाना पड़ा। विकल्प A गलत है, क्योंकि पूँजी पर्याप्तता मानक बैंकिंग सुधार का मुख्य हिस्सा थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि NPA के स्पष्ट नियम भी इसी सुधार का भाग थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरफेसी अधिनियम, 2002 बैंकों को अदालत गए बिना चूककर्ता की गिरवी संपत्ति ज़ब्त कर बेचने देता है, जो डूबे कर्ज़ वसूलने का बड़ा कदम था। परीक्षा टिप: बैंकिंग सुधार = पूँजी पर्याप्तता, NPA मानक, सरफेसी; FRBM = सरकार का राजकोषीय अनुशासन।

Q333.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 1 Oct 2023आसान

मुद्रास्फीति के सन्दर्भ में निम्न कथनों पर ध्यान दीजिये:

कथन (A): हैडलाइन मुद्रास्फीति उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में परिवर्तन की दर को संदर्भित करती है, जो एक विशिष्ट परिवार द्वारा उपभोग की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की एक मानक टोकरी की औसत कीमत का माप है।

कथन (B): कोर मुद्रास्फीति उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से अस्थिर मूल्य वाली कुछ वस्तुओं जैसे खाद्य और ईंधन को बाहर करने के बाद औसत उपभोक्ता कीमतों में बदलाव को मापती है।

इन कथनों में से

  1. A.न तो (A) और न ही (B) सही है।
  2. B.(A) और (B) दोनों सही हैं।
  3. C.केवल (B) सही है।
  4. D.केवल (A) सही है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. (A) और (B) दोनों सही हैं।

व्याख्या

सही उत्तर है B, (A) और (B) दोनों सही हैं। हैडलाइन मुद्रास्फीति पूरे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में बदलाव है, जो एक सामान्य परिवार द्वारा खरीदी जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की तय टोकरी, जैसे भोजन, ईंधन, कपड़े, आवास और सेवाओं, की औसत कीमत पर नज़र रखता है। कोर मुद्रास्फीति उन वस्तुओं को हटा देती है जिनकी कीमतें सबसे अधिक ऊपर-नीचे होती हैं, मुख्य रूप से खाद्य और ईंधन, ताकि कीमतों का असली रुझान दिखे। नीति के लिए यह अंतर अहम है: खराब मानसून के बाद सब्ज़ियों के दाम का उछाल कुछ महीनों में उतर सकता है, पर कोर मुद्रास्फीति का लगातार बढ़ना केंद्रीय बैंक को बताता है कि महँगाई का दबाव पूरी अर्थव्यवस्था में फैल गया है। इसीलिए रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति दोनों आँकड़ों पर नज़र रखती है। भारत में अखिल भारतीय CPI हर महीने राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय तैयार करता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि दोनों कथन सही परिभाषाएँ हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि कथन A भी सही है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कथन B भी सही है। परीक्षा टिप: हैडलाइन = पूरी टोकरी; कोर = टोकरी में से खाद्य और ईंधन हटाकर।

Q334.भूगोलपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025आसान

राजस्थान के किस जिले में ‘खड़ीन’ जल संरक्षण की प्रचलित विधि है?

  1. A.नागौर
  2. B.बीकानेर
  3. C.जैसलमेर
  4. D.पाली
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जैसलमेर

व्याख्या

सही उत्तर है C, जैसलमेर। खड़ीन ढलान वाले खेत के निचले सिरे पर बनाया गया मिट्टी का लंबा बाँध है, ताकि ऊपर की पथरीली ज़मीन से बहकर आने वाला वर्षा जल उसके पीछे इकट्ठा हो जाए। मानसून में यह पानी मिट्टी में रिस जाता है, और सर्दियों में उसी नम ज़मीन पर बिना अलग सिंचाई के गेहूँ और चना जैसी फसलें उगाई जाती हैं, साथ ही बाँध के नीचे के कुओं का जल स्तर भी बढ़ता है। इस पद्धति का श्रेय जैसलमेर के पालीवाल ब्राह्मणों को दिया जाता है, जिन्होंने लगभग 15वीं शताब्दी में इसे विकसित किया, और यह जिले की पथरीली, ढलान वाली ज़मीन और बहुत कम वर्षा के अनुकूल है। यह थार में बहते वर्षा जल से खेती का सबसे अच्छा उदाहरण है। विकल्प A गलत है, क्योंकि नागौर खड़ीन पद्धति का मूल क्षेत्र नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि बीकानेर कुंड और कुई जैसी अन्य जल संरचनाओं के लिए जाना जाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि लूनी बेसिन के पूर्वी भाग का पाली वह क्षेत्र नहीं है जहाँ खड़ीन विकसित हुई। परीक्षा टिप: खड़ीन, पालीवाल ब्राह्मण, जैसलमेर; कुंड और टाँका वर्षा जल जमा करते हैं; कुई रिसाव का पानी देती है।

Q335.भूगोलपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025कठिन

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिये तथा नीचे दिये गये कूटों की सहायता से सही उत्तर चुनिये:

सूची-I (सहायक नदी)

A. राप्ती

B. तिस्ता

C. हिरण

D. पूर्णा

सूची-II (नदी)

(i) ब्रह्मपुत्र

(ii) नर्मदा

(iii) गोदावरी

(iv) घाघरा

  1. A.A-iv, B-ii, C-iii, D-i
  2. B.A-i, B-ii, C-iii, D-iv
  3. C.A-iii, B-i, C-iv, D-ii
  4. D.A-iv, B-i, C-ii, D-iii
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. A-iv, B-i, C-ii, D-iii

व्याख्या

सही उत्तर है D, A-iv, B-i, C-ii, D-iii। राप्ती नेपाल से निकलती है, उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के पास से बहती है और घाघरा में मिलती है, जो आगे गंगा से मिलती है। तिस्ता सिक्किम के हिमनदों से निकलती है, दार्जिलिंग की पहाड़ियों को काटती है और बांग्लादेश में ब्रह्मपुत्र से मिलती है, जिसे वहाँ जमुना कहते हैं। हिरण नर्मदा की एक छोटी सहायक नदी है, जो मध्य प्रदेश में उत्तर की ओर से उसमें मिलती है। पूर्णा महाराष्ट्र की अजंता पहाड़ियों से निकलकर गोदावरी में मिलती है; इसे ताप्ती में मिलने वाली दूसरी पूर्णा नदी से न मिलाएँ। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें तिस्ता को नर्मदा और पूर्णा को ब्रह्मपुत्र से जोड़ा गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें राप्ती को ब्रह्मपुत्र और हिरण को गोदावरी से जोड़ा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें राप्ती को गोदावरी की सहायक नदी बताया गया है। परीक्षा टिप: राप्ती–घाघरा, तिस्ता–ब्रह्मपुत्र, हिरण–नर्मदा, पूर्णा–गोदावरी, और दूसरी पूर्णा ताप्ती में मिलती है।

Q336.भूगोलपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025मध्यम

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिये तथा नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:

सूची-I (मरुस्थल)

A. गोबी

B. पैटागोनिया

C. विक्टोरिया

D. कालाहारी

सूची-II (अवस्थिति)

(i) दक्षिणी अफ्रीका

(ii) एशिया

(iii) दक्षिण अमेरिका

(iv) ऑस्ट्रेलिया

  1. A.A-ii, B-iii, C-iv, D-i
  2. B.A-iv, B-ii, C-iii, D-i
  3. C.A-ii, B-i, C-iii, D-iv
  4. D.A-iii, B-iv, C-i, D-ii
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. A-ii, B-iii, C-iv, D-i

व्याख्या

सही उत्तर है A, A-ii, B-iii, C-iv, D-i। गोबी एशिया का ठंडा मरुस्थल है, जो मंगोलिया और उत्तरी चीन में फैला है और डायनासोर के जीवाश्मों के लिए प्रसिद्ध है। पैटागोनिया दक्षिण अमेरिका में दक्षिणी अर्जेंटीना में है; यह वृष्टि छाया मरुस्थल है, जो इसलिए सूखा है क्योंकि एंडीज़ पर्वत प्रशांत महासागर से आने वाली नम पछुआ हवाओं को रोक लेते हैं। ग्रेट विक्टोरिया ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा मरुस्थल है, जो पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में फैला है। कालाहारी दक्षिणी अफ्रीका में बोत्सवाना के अधिकांश भाग और नामीबिया तथा दक्षिण अफ्रीका के कुछ भागों में फैला है। पेपर बनाने वाले पैटागोनिया को इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि यह महाद्वीप के पूर्वी भाग में है, जबकि अधिकांश गर्म मरुस्थल ठंडी समुद्री धाराओं के पास पश्चिमी किनारों पर मिलते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें गोबी को ऑस्ट्रेलिया और पैटागोनिया को एशिया में रखा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें पैटागोनिया दक्षिणी अफ्रीका में और विक्टोरिया दक्षिण अमेरिका में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें हर मरुस्थल का महाद्वीप गलत है। परीक्षा टिप: गोबी–एशिया, पैटागोनिया–दक्षिण अमेरिका, ग्रेट विक्टोरिया–ऑस्ट्रेलिया, कालाहारी–दक्षिणी अफ्रीका।

Q337.भूगोलपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 1 Oct 2023आसान

पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर जोड़ता है _________।

  1. A.इम्फाल को अहमदाबाद से
  2. B.दीमापुर को वडोदरा से
  3. C.सिलचर को पोरबन्दर से
  4. D.गुवाहाटी को काण्डला बन्दरगाह से
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सिलचर को पोरबन्दर से

व्याख्या

सही उत्तर है C, सिलचर को पोरबन्दर से। पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना की एक भुजा है, जिसे श्रीनगर से कन्याकुमारी तक के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर के साथ बनाया गया। यह गुजरात के सौराष्ट्र तट पर पोरबन्दर से शुरू होकर लगभग 3,300 किमी चलता है, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल से होकर संकरे सिलीगुड़ी गलियारे से असम में पहुँचता है और बराक घाटी के सिलचर पर समाप्त होता है। दोनों कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के झाँसी में एक-दूसरे को काटते हैं, और यह तथ्य परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाता है। राजस्थान में यह मार्ग उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और कोटा से गुजरता है, इसलिए राजस्थान की परीक्षाओं के लिए भी यह अहम है। विकल्प A गलत है, क्योंकि इम्फाल और अहमदाबाद में से कोई भी इस कॉरिडोर का छोर नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि दीमापुर और वडोदरा इसके अंतिम शहर नहीं हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि कॉरिडोर कच्छ की खाड़ी के बंदरगाह काण्डला पर खत्म नहीं होता; इसका पश्चिमी छोर पोरबन्दर है। परीक्षा टिप: उत्तर-दक्षिण = श्रीनगर से कन्याकुमारी; पूर्व-पश्चिम = सिलचर से पोरबन्दर; दोनों झाँसी में मिलते हैं।

Q338.भूगोलपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 1 Oct 2023आसान

एल्ब नदी और राइन नदी किस सागर में अपना जल गिराती हैं?

  1. A.उत्तरी सागर
  2. B.भूमध्य सागर
  3. C.एड्रियाटिक सागर
  4. D.काला सागर (ब्लैक सी)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. उत्तरी सागर

व्याख्या

सही उत्तर है A, उत्तरी सागर। दोनों नदियाँ यूरोप के मैदानों में उत्तर-पश्चिम की ओर बहकर उत्तरी सागर में गिरती हैं। राइन स्विट्ज़रलैंड के आल्प्स से निकलती है, स्विट्ज़रलैंड, जर्मनी और फ्रांस की सीमाओं का कुछ भाग बनाती है, जर्मनी से होकर बहती है और नीदरलैंड्स में समुद्र से मिलती है, जहाँ इसके मुहाने पर यूरोप का सबसे व्यस्त बंदरगाह रॉटरडैम है। एल्ब चेक गणराज्य से निकलती है, जर्मनी में ड्रेसडेन से होकर बहती है और एक अन्य बड़े बंदरगाह हैम्बर्ग के आगे उत्तरी सागर में मिलती है। इन्हीं नदी बंदरगाहों के कारण उत्तरी सागर का तट दुनिया के सबसे व्यस्त जहाज़रानी क्षेत्रों में है। विकल्प B गलत है, क्योंकि भूमध्य सागर में रोन, एब्रो और नील जैसी नदियाँ गिरती हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि इटली और बाल्कन के बीच भूमध्य सागर की शाखा एड्रियाटिक सागर में पो नदी गिरती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि काला सागर में डेन्यूब, नीपर और नीस्टर गिरती हैं। परीक्षा टिप: राइन और एल्ब उत्तरी सागर में; डेन्यूब काला सागर में; रोन भूमध्य सागर में; पो एड्रियाटिक में।

Q339.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 1 Oct 2023मध्यम

निम्नलिखित सूची-P (CAG) को सूची-R (अनुच्छेद) के साथ सुमेलित कीजिए:

सूची-P

A. CAG की नियुक्ति

B. CAG के कर्तव्य और शक्तियाँ

C. संघ के खातों का प्रपत्र

D. ऑडिट रिपोर्ट

सूची-R

I. अनुच्छेद 148

II. अनुच्छेद 151

III. अनुच्छेद 149

IV. अनुच्छेद 150

सही विकल्प चुनें।

  1. A.A-I, B-III, C-IV, D-II
  2. B.A-II, B-III, C-I, D-IV
  3. C.A-III, B-I, C-IV, D-II
  4. D.A-II, B-III, C-IV, D-I
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. A-I, B-III, C-IV, D-II

व्याख्या

सही उत्तर है A, A-I, B-III, C-IV, D-II। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से जुड़े प्रावधान संविधान के भाग V में लगातार चार अनुच्छेदों में हैं। अनुच्छेद 148 पद बनाता है: राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर और मुद्रा सहित अधिपत्र द्वारा CAG की नियुक्ति करता है, और CAG को केवल उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की तरह ही हटाया जा सकता है। अनुच्छेद 149 कर्तव्यों और शक्तियों से संबंधित है, जिन्हें संसद ने 1971 के CAG (कर्तव्य, शक्तियाँ और सेवा शर्तें) अधिनियम में तय किया है। अनुच्छेद 150 कहता है कि संघ और राज्यों के खाते उस प्रपत्र में रखे जाएँगे जो राष्ट्रपति CAG की सलाह पर तय करे। अनुच्छेद 151 के तहत संघ के खातों की ऑडिट रिपोर्ट राष्ट्रपति को जाती है, जो उसे संसद के सामने रखवाते हैं, जबकि राज्य की रिपोर्ट राज्यपाल को जाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें नियुक्ति को अनुच्छेद 151 में रखा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें नियुक्ति अनुच्छेद 149 में और कर्तव्य अनुच्छेद 148 में रखे गए हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें नियुक्ति और ऑडिट रिपोर्ट आपस में बदल दिए गए हैं। परीक्षा टिप: 148 नियुक्ति, 149 शक्तियाँ, 150 खातों का प्रपत्र, 151 रिपोर्ट।

Q340.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025आसान

केन्द्रीय सतर्कता आयोग की स्थापना निम्नलिखित में से किस समिति की सिफ़ारिशों के आधार पर हुई थी?

  1. A.संथानम समिति
  2. B.केलकर समिति
  3. C.स्वर्ण सिंह समिति
  4. D.बक्शी टेकचंद समिति
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. संथानम समिति

व्याख्या

सही उत्तर है A, संथानम समिति। के. संथानम की अध्यक्षता वाली भ्रष्टाचार निवारण समिति (1962-64) ने सरकार में ईमानदारी पर नज़र रखने के लिए एक केंद्रीय संस्था की सिफारिश की, और फरवरी 1964 में केंद्र सरकार के एक कार्यकारी संकल्प से केन्द्रीय सतर्कता आयोग बना। लगभग चार दशक तक इसका अपना कोई कानून नहीं था; केन्द्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003 ने इसे वैधानिक, बहु-सदस्यीय निकाय बनाया, जिसमें एक केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त और अधिकतम दो सतर्कता आयुक्त होते हैं। यह संवैधानिक निकाय नहीं है, और परीक्षा में यही आम जाल होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि विजय केलकर की अध्यक्षता वाली समितियाँ कर सुधार और सार्वजनिक वित्त से जुड़ी थीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1976 की स्वर्ण सिंह समिति ने संविधान में मौलिक कर्तव्य जोड़ने की सिफारिश की थी। विकल्प D गलत है, क्योंकि बक्शी टेकचंद समिति ने आज़ादी के कुछ समय बाद 1947 के भ्रष्टाचार निरोधक कानून के कामकाज की समीक्षा की थी; उससे सतर्कता आयोग नहीं बना। परीक्षा टिप: संथानम समिति से 1964 में सतर्कता आयोग बना; वैधानिक दर्जा 2003 में मिला।