1801 में जब अवध के नवाब को अपना आधा क्षेत्र ईस्ट इंडिया कंपनी को सौंपने के लिए मजबूर किया गया, तब भारत का गवर्नर जनरल कौन था?
- A.रिचर्ड वेलेज़ली
- B.वारेन हेस्टिंग्स
- C.चार्ल्स कॉर्नवॉलिस
- D.रॉबर्ट क्लाइव
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. रिचर्ड वेलेज़ली
व्याख्या
सही उत्तर है A, रिचर्ड वेलेज़ली। लॉर्ड रिचर्ड वेलेज़ली 1798 से 1805 तक गवर्नर जनरल रहे, और 1801 में उन्होंने अवध के नवाब सआदत अली खान को अपने राज्य का लगभग आधा हिस्सा कंपनी को सौंपने पर मजबूर किया। नवाब अपने राज्य में रखी गई ब्रिटिश सेना का बढ़ता खर्च नहीं चुका पाया था, और वेलेज़ली ने बदले में रुहेलखंड और निचले दोआब जैसे उपजाऊ इलाके ले लिए। यह वेलेज़ली की सहायक संधि का एक साफ़ उदाहरण था, जिसके तहत भारतीय शासक ब्रिटिश सेना का खर्च उठाता, एक ब्रिटिश रेज़िडेंट रखता और कंपनी की अनुमति के बिना कोई संधि नहीं कर सकता था। इसे सबसे पहले 1798 में हैदराबाद ने स्वीकार किया। विकल्प B गलत है, क्योंकि बंगाल के पहले गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स 1785 में भारत छोड़ चुके थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1793 के स्थायी बंदोबस्त के लिए प्रसिद्ध कॉर्नवॉलिस तब तक जा चुके थे; वे केवल 1805 में थोड़े समय के लिए लौटे। विकल्प D गलत है, क्योंकि प्लासी के विजेता रॉबर्ट क्लाइव की मृत्यु 1774 में हो चुकी थी। परीक्षा टिप: सहायक संधि यानी वेलेज़ली; अवध ने 1801 में अपना आधा क्षेत्र खोया और 1856 में डलहौज़ी ने उसका विलय कर लिया।