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GK क्विजभारतीय राजव्यवस्था

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 32

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इस क्विज के बारे में

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 32) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 16 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति, केंद्र-राज्य संबंध, राज्यपाल और राज्य कार्यपालिका और अन्य। इनमें से 17 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 08 May 2023, Shift 1मध्यम

भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद राष्ट्रपति द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान से संबंधित है?

  1. A.अनुच्छेद 45
  2. B.अनुच्छेद 72
  3. C.अनुच्छेद 56
  4. D.अनुच्छेद 60
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. अनुच्छेद 60

व्याख्या

सही उत्तर है D, अनुच्छेद 60। अनुच्छेद 60 में वह प्रारूप दिया गया है जिसके अनुसार भारत का राष्ट्रपति पद ग्रहण करने से पहले शपथ या प्रतिज्ञान लेता है। यह शपथ भारत के मुख्य न्यायाधीश दिलाते हैं, और उनकी अनुपस्थिति में सर्वोच्च न्यायालय के उपलब्ध वरिष्ठतम न्यायाधीश। इस शपथ में राष्ट्रपति कहता है कि वह पद के कर्तव्यों का श्रद्धापूर्वक पालन करेगा, संविधान और विधि का परिरक्षण, संरक्षण और प्रतिरक्षण करेगा तथा भारत के लोगों की सेवा और भलाई में लगा रहेगा। संविधान में यह अकेली शपथ है जिसमें संविधान की रक्षा का वचन इस रूप में दिया गया है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 45 छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की देखभाल और शिक्षा से जुड़ा नीति-निदेशक तत्व है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति को क्षमादान की शक्ति देता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 56 राष्ट्रपति के पाँच वर्ष के कार्यकाल की बात करता है। परीक्षा टिप: 52 पद, 53 कार्यपालिका शक्ति, 56 कार्यकाल, 60 शपथ, 61 महाभियोग, 72 क्षमादान।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 15 Feb 2019, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन राज्य सूची का विषय है?

  1. A.बैंकिंग
  2. B.रक्षा
  3. C.पुलिस
  4. D.वन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पुलिस

व्याख्या

सही उत्तर है C, पुलिस। संविधान की सातवीं अनुसूची विषयों को तीन सूचियों में बाँटती है, और लोक व्यवस्था तथा पुलिस राज्य सूची की पहली दो प्रविष्टियाँ हैं। इसलिए प्रत्येक राज्य इन पर अपने कानून बनाता है और अपना पुलिस बल चलाता है। इसी कारण पुलिस व्यवस्था को राज्य का विषय कहा जाता है, और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल किसी राज्य में मुख्यतः उसके अनुरोध पर या किसी केंद्रशासित प्रदेश में भेजे जाते हैं। A गलत है क्योंकि बैंकिंग संघ सूची में है, इसीलिए भारतीय रिजर्व बैंक और बैंकों का नियमन केंद्र के पास है। B गलत है क्योंकि रक्षा संघ सूची की पहली प्रविष्टि है। D गलत है क्योंकि वन पहले राज्य सूची का विषय था, पर 1976 के 42वें संविधान संशोधन से इसे शिक्षा, नाप-तौल तथा वन्य जीव-जंतुओं और पक्षियों के संरक्षण के साथ समवर्ती सूची में डाल दिया गया। परीक्षा टिप: पुलिस और लोक व्यवस्था राज्य सूची में; वन और शिक्षा 1976 से समवर्ती सूची में।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 07 Aug, 2025, Shift 1आसान

राज्य का सर्वोच्च विधि अधिकारी कौन होता है?

  1. A.विधिक सलाहकार
  2. B.महान्यायवादी
  3. C.विधि सचिव
  4. D.महाधिवक्ता
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. महाधिवक्ता

व्याख्या

सही उत्तर है D, महाधिवक्ता। संविधान का अनुच्छेद 165 कहता है कि राज्यपाल उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनने की योग्यता रखने वाले व्यक्ति को राज्य का महाधिवक्ता नियुक्त करेगा, और वही राज्य का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है, ठीक वैसे ही जैसे केंद्र में महान्यायवादी। वह राज्य सरकार को विधिक विषयों पर सलाह देता है, उच्च न्यायालय तथा उच्चतम न्यायालय में राज्य की ओर से उपस्थित होता है, और राज्य विधानमंडल की कार्यवाही में बोलने तथा भाग लेने का अधिकार रखता है, परंतु मत नहीं दे सकता। वह राज्यपाल के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है और संविधान ने उसका कार्यकाल तथा वेतन निर्धारित नहीं किया है। विकल्प A गलत है क्योंकि विधिक सलाहकार कोई संवैधानिक पद नहीं, सामान्य शब्द है। विकल्प B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 76 के अंतर्गत महान्यायवादी संघ का सर्वोच्च विधि अधिकारी है। विकल्प C गलत है क्योंकि विधि सचिव एक विभाग का प्रमुख लोक सेवक होता है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 76 महान्यायवादी संघ के लिए, अनुच्छेद 165 महाधिवक्ता राज्य के लिए।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 24 Aug 2014आसान

भारत के संविधान की निम्नलिखित में से कौन-सी अनुसूची में दल-बदल विरोधी प्रावधान हैं?

  1. A.दूसरी अनुसूची
  2. B.पाँचवीं अनुसूची
  3. C.आठवीं अनुसूची
  4. D.दसवीं अनुसूची
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. दसवीं अनुसूची

व्याख्या

सही उत्तर है D, दसवीं अनुसूची। दल-बदल विरोधी प्रावधान दसवीं अनुसूची में रखे गए हैं, इसलिए जो विधायक या सांसद उस दल को छोड़ देता है जिसके टिकट पर वह चुना गया था, उसे इसी अनुसूची के अंतर्गत अयोग्य ठहराया जा सकता है। यह अनुसूची 1985 के 52वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ी गई थी और यह संसद तथा राज्य विधानमंडलों के सदस्यों पर समान रूप से लागू होती है। सदस्य की सदस्यता स्वेच्छा से दल छोड़ने पर या दल के व्हिप के विरुद्ध मत देने पर जाती है, और ऐसे मामले का निर्णय सदन का पीठासीन अधिकारी करता है। विलय की स्थिति में छूट तभी मिलती है जब उस विधायक दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्य विलय पर सहमत हों। A गलत है क्योंकि दूसरी अनुसूची राष्ट्रपति, राज्यपालों, न्यायाधीशों तथा अन्य उच्च पदों के वेतन-भत्ते तय करती है। B गलत है क्योंकि पाँचवीं अनुसूची अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन से जुड़ी है। C गलत है क्योंकि आठवीं अनुसूची में भारत की मान्यता प्राप्त भाषाएँ दी गई हैं। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें - दसवीं अनुसूची और 1985 का 52वाँ संशोधन।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

साधारण विधेयक पर गतिरोध दूर करने के लिए दोनों सदनों की संयुक्त बैठक के बारे में सही कथन कौन सा है?

  1. A.राज्य विधानमंडल में उपलब्ध है और राज्यपाल उसकी अध्यक्षता करता है
  2. B.राज्य विधानमंडल में अनुच्छेद 108 के अधीन उपलब्ध है
  3. C.राज्य विधानमंडल में इसका कोई उपबंध ही नहीं है
  4. D.राज्य विधानमंडल में अध्यक्ष के अनुरोध पर बुलाई जाती है
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. राज्य विधानमंडल में इसका कोई उपबंध ही नहीं है

व्याख्या

सही उत्तर C है। संविधान दोनों सदनों की संयुक्त बैठक का उपबंध केवल संघ स्तर पर, अनुच्छेद 108 के अधीन, करता है, जहाँ राष्ट्रपति लोकसभा और राज्यसभा को साथ बैठने के लिए बुला सकते हैं और लोकसभा अध्यक्ष उसकी अध्यक्षता करता है। राज्य विधानमंडल के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, क्योंकि विधान परिषद विशुद्ध रूप से विलंब करने वाला सदन है: कुल चार मास तक साधारण विधेयक रोक लेने के बाद विधेयक पारित मान लिया जाता है और बिना किसी संयुक्त बैठक के विधान सभा की इच्छा ही चलती है। विकल्प A इसलिए गलत है कि राज्यपाल किसी भी सदन की बैठक की अध्यक्षता कभी नहीं करता। विकल्प B अनुच्छेद 108 का गलत प्रयोग करता है, जो केवल संसद तक सीमित है। विकल्प D अध्यक्ष को ऐसी शक्ति दे देता है जो उसके पास नहीं है; सदनों को आहूत करना अनुच्छेद 174 के अधीन राज्यपाल का कार्य है।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: हरियाणा · 28 Feb 2020, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन भारत का केंद्रशासित प्रदेश नहीं है?

  1. A.लद्दाख और पुडुचेरी
  2. B.दमन और दीव तथा दादरा और नगर हवेली
  3. C.लक्षद्वीप
  4. D.मिज़ोरम
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मिज़ोरम

व्याख्या

सही उत्तर है D, मिज़ोरम। मिज़ोरम पूर्ण राज्य है, केंद्रशासित प्रदेश नहीं। इसे 1972 में असम से अलग कर केंद्रशासित प्रदेश बनाया गया था और 1986 के मिज़ो समझौते के बाद 53वें संविधान संशोधन से यह 20 फरवरी 1987 को राज्य बना, उसी दिन जब अरुणाचल प्रदेश भी राज्य बना। यह अंतर महत्वपूर्ण है: केंद्रशासित प्रदेश का प्रशासन अनुच्छेद 239 के अंतर्गत राष्ट्रपति प्रशासक या उपराज्यपाल के माध्यम से करते हैं, जबकि राज्य का अपना राज्यपाल और अपनी सरकार संविधान के भाग VI के अनुसार होती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि लद्दाख 31 अक्टूबर 2019 से और पुडुचेरी 1962 से केंद्रशासित प्रदेश है, तथा दोनों पहली अनुसूची में केंद्रशासित प्रदेश के रूप में दर्ज हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव को 26 जनवरी 2020 को मिलाकर एक केंद्रशासित प्रदेश बना दिया गया। विकल्प C गलत है, क्योंकि लक्षद्वीप अरब सागर में प्रवाल द्वीपों का केंद्रशासित प्रदेश है, जिसकी राजधानी कवरत्ती है। परीक्षा टिप: मिज़ोरम और अरुणाचल प्रदेश 20 फरवरी 1987 को राज्य बने, गोवा 30 मई 1987 को।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

भारत में पंचायती राज की त्रिस्तरीय संरचना की सिफारिश सबसे पहले किस समिति ने की थी?

  1. A.अशोक मेहता समिति
  2. B.बलवंत राय मेहता समिति
  3. C.एल. एम. सिंघवी समिति
  4. D.जी. वी. के. राव समिति
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बलवंत राय मेहता समिति

व्याख्या

सही उत्तर B, बलवंत राय मेहता समिति है। सामुदायिक विकास कार्यक्रम की कार्यप्रणाली जांचने के लिए 1957 में बनी इस समिति ने लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण के लिए तीन स्तरों की सिफारिश की, अर्थात ग्राम स्तर पर ग्राम पंचायत, खंड स्तर पर पंचायत समिति और जिला स्तर पर जिला परिषद। राजस्थान ने इस पर सबसे पहले अमल किया और जवाहरलाल नेहरू ने 2 अक्टूबर 1959 को नागौर में पंचायती राज का उद्घाटन किया।

विकल्प A गलत है क्योंकि 1977 की अशोक मेहता समिति ने इसके विपरीत जिला परिषद और मंडल पंचायत की द्विस्तरीय व्यवस्था सुझाई थी। विकल्प C गलत है क्योंकि 1986 की एल. एम. सिंघवी समिति पंचायतों को संवैधानिक दर्जा देने और ग्राम सभा को मान्यता देने की मांग के लिए जानी जाती है। विकल्प D गलत है क्योंकि 1985 की जी. वी. के. राव समिति ग्रामीण विकास और गरीबी उन्मूलन की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी थी।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 17 Jan 2023, Shift 4मध्यम

राज्य के राज्यपाल को क्षमादान की शक्ति भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत प्राप्त है?

  1. A.अनुच्छेद 163
  2. B.अनुच्छेद 161
  3. C.अनुच्छेद 55
  4. D.अनुच्छेद 145
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुच्छेद 161

व्याख्या

सही उत्तर है B, अनुच्छेद 161। अनुच्छेद 161 राज्यपाल को यह शक्ति देता है कि वे उस अपराध के लिए दंडित किसी व्यक्ति को क्षमा, प्रविलंबन, विराम और परिहार दे सकें तथा दंड को निलंबित, कम या परिवर्तित कर सकें, जिस विषय पर राज्य की कार्यपालिका शक्ति फैली हुई है। उनकी यह शक्ति अनुच्छेद 72 के अंतर्गत राष्ट्रपति की शक्ति से दो बातों में कम है — राज्यपाल मृत्युदंड को क्षमा नहीं कर सकते और सेना न्यायालय द्वारा दिए गए दंड में उनका कोई अधिकार नहीं होता, जबकि राष्ट्रपति दोनों कर सकते हैं। राष्ट्रपति की तरह राज्यपाल भी इस शक्ति का प्रयोग राज्य मंत्रिपरिषद की सलाह पर करते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 163 राज्यपाल को सहायता और सलाह देने वाली मंत्रिपरिषद से संबंधित है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 55 राष्ट्रपति के निर्वाचन की रीति बताता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 145 उच्चतम न्यायालय को प्रक्रिया के नियम बनाने की शक्ति देता है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति, अनुच्छेद 161 राज्यपाल की; मृत्युदंड और सेना न्यायालय के दंड में केवल राष्ट्रपति क्षमा दे सकते हैं।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारत के संविधान में संशोधन की प्रक्रिया किस अनुच्छेद में दी गई है?

  1. A.अनुच्छेद 356
  2. B.अनुच्छेद 360
  3. C.अनुच्छेद 368
  4. D.अनुच्छेद 370
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनुच्छेद 368

व्याख्या

सही उत्तर है C, अनुच्छेद 368। इसका शीर्षक है संसद की संविधान संशोधन की शक्ति और उसकी प्रक्रिया, और यही अनुच्छेद बताता है कि प्रत्येक सदन में कौन सा विशेष बहुमत चाहिए तथा किन विषयों में राज्यों के विधानमंडलों का अनुसमर्थन भी आवश्यक है।

विकल्प A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 356 राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता पर राष्ट्रपति शासन का उपबंध करता है। विकल्प B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 360 वित्तीय आपात से संबंधित है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 370 में जम्मू और कश्मीर राज्य के संबंध में अस्थायी उपबंध थे। ये चारों संख्याएँ इतनी निकट हैं कि जल्दबाज़ी में गलत विकल्प भर दिया जाता है, इसलिए परीक्षा से पहले 368 को संशोधन, 352 को राष्ट्रीय आपात, 356 को राष्ट्रपति शासन और 360 को वित्तीय आपात से जोड़ लें।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 18 April 2022, Shift 3कठिन

1976 का 40वाँ संविधान संशोधन अधिनियम भारत के संविधान के किस अनुच्छेद पर लागू हुआ था?

  1. A.297
  2. B.248
  3. C.245
  4. D.226
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 297

व्याख्या

सही उत्तर है A, 297। संविधान (चालीसवाँ संशोधन) अधिनियम, 1976 ने अनुच्छेद 297 को नए रूप में लिखा, जिससे भारत के राज्यक्षेत्रीय सागर-खंड, महाद्वीपीय मग्नतट तथा अनन्य आर्थिक क्षेत्र में स्थित सभी भूमि, खनिज और मूल्यवान वस्तुएँ संघ में निहित हो गईं और संघ के प्रयोजनों के लिए रखी जाने लगीं। इसी संशोधन ने संसद को यह शक्ति दी कि वह समय-समय पर इन समुद्री क्षेत्रों की सीमाएँ तय करे, और इसने राज्यों के भूमि-सीमा (सीलिंग) से जुड़े बहुत से कानूनों को नौवीं अनुसूची में डाल दिया, ताकि उन्हें अदालत में चुनौती न दी जा सके। B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 248 अवशिष्ट विधायी शक्तियों से संबंधित है, जो संसद के पास रहती हैं। C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 245 संसद तथा राज्य विधानमंडलों द्वारा बनाए गए कानूनों के विस्तार की बात करता है। D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 226 प्रत्येक उच्च न्यायालय को रिट जारी करने की शक्ति देता है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 297 – राज्यक्षेत्रीय सागर-खंड तथा अनन्य आर्थिक क्षेत्र की मूल्यवान वस्तुएँ संघ में निहित; 40वें संशोधन, 1976 से विस्तार।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · 12 Aug 2018मध्यम

भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय व्यवस्थाएँ निम्नलिखित सभी बातों में भिन्न हैं, सिवाय

  1. A.उपरि सदन में राज्यों का समान प्रतिनिधित्व
  2. B.दोहरी नागरिकता
  3. C.एक-दूसरे से अलग न्यायालयों की दोहरी व्यवस्था
  4. D.दोहरी सरकार
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. दोहरी सरकार

व्याख्या

सही उत्तर है D, दोहरी सरकार। केंद्र में एक और इकाइयों में दूसरी सरकार, यानी दोहरी सरकार, हर संघीय व्यवस्था की साझा विशेषता है, इसलिए इस बिंदु पर भारत और अमेरिका में अंतर नहीं है। दोनों देशों में लिखित संविधान के जरिए शक्तियाँ राष्ट्रीय सरकार और राज्य सरकारों के बीच बँटी हैं और इस बँटवारे पर विवाद अदालतें तय करती हैं। बाकी तीन बातों में दोनों व्यवस्थाएँ अलग हैं, क्योंकि भारत का संघ मजबूत केंद्र वाला है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अमेरिका में हर राज्य आकार चाहे जो हो, सीनेट में दो सदस्य भेजता है, जबकि राज्यसभा की सीटें राज्य की जनसंख्या के अनुसार मिलती हैं, इसलिए प्रतिनिधित्व असमान है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अमेरिकी नागरिक संघ और राज्य दोनों का नागरिक होता है, जबकि भारत में केवल एकल नागरिकता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अमेरिका में संघीय और राज्य न्यायालय अलग-अलग हैं, जबकि भारत में सर्वोच्च न्यायालय के नेतृत्व में एकीकृत न्यायपालिका है। परीक्षा टिप: भारत — एकल नागरिकता, एकीकृत न्यायपालिका, असमान राज्यसभा सीटें।

Q12.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 14 March, 2023, Shift 2मध्यम

सातवीं अनुसूची की समवर्ती सूची में ______ से संबंधित प्रावधान नहीं है।

  1. A.औद्योगिक और श्रम विवाद
  2. B.वन
  3. C.भूमि और भवनों पर कर
  4. D.आर्थिक और सामाजिक नियोजन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. भूमि और भवनों पर कर

व्याख्या

सही उत्तर है C, भूमि और भवनों पर कर। भूमि और भवनों पर कर राज्य सूची की प्रविष्टि 49 है, इसलिए यह समवर्ती सूची में नहीं है। सातवीं अनुसूची कानून बनाने की शक्ति को तीन सूचियों में बाँटती है: संघ सूची केवल संसद के लिए, राज्य सूची राज्य विधानमंडलों के लिए और समवर्ती सूची, जिस पर दोनों कानून बना सकते हैं; टकराव होने पर अनुच्छेद 254 के अनुसार संघ का कानून प्रभावी रहता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि वन समवर्ती सूची में है — इसे 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा राज्य सूची से यहाँ लाया गया था, इसके साथ शिक्षा, नाप-तौल, न्याय प्रशासन तथा वन्य जीव और पक्षियों का संरक्षण भी आए। विकल्प A गलत है, क्योंकि औद्योगिक और श्रम विवाद समवर्ती सूची की प्रविष्टि 22 है। विकल्प D गलत है, क्योंकि आर्थिक और सामाजिक नियोजन उसी सूची की प्रविष्टि 20 है। परीक्षा टिप: कर से जुड़ी प्रविष्टियाँ लगभग पूरी तरह संघ या राज्य सूची में हैं; समवर्ती सूची में स्टांप शुल्क ही उल्लेखनीय कर प्रविष्टि है।

Q13.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · 12 July 2015मध्यम

भारत के संविधान में नौवीं अनुसूची किस अधिनियम द्वारा जोड़ी गई थी?

  1. A.तीसरा संशोधन अधिनियम
  2. B.चौथा संशोधन अधिनियम
  3. C.पहला संशोधन अधिनियम
  4. D.छठा संशोधन अधिनियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पहला संशोधन अधिनियम

व्याख्या

सही उत्तर है C, पहला संशोधन अधिनियम। नौवीं अनुसूची को संविधान (पहला संशोधन) अधिनियम, 1951 के द्वारा जोड़ा गया था, ताकि भूमि सुधार कानूनों को अदालत में रद्द होने से बचाया जा सके। इसी संशोधन ने अनुच्छेद 31B भी जोड़ा, जो कहता है कि नौवीं अनुसूची में रखे गए कानून को मूल अधिकारों के उल्लंघन के आधार पर चुनौती नहीं दी जा सकती। शुरुआत में इसमें 13 प्रविष्टियाँ थीं, जो मुख्य रूप से राज्यों के जमींदारी उन्मूलन कानून थे; बाद में यह संख्या बहुत बढ़ गई। यह सुरक्षा कवच पूरी तरह अभेद्य नहीं है: आई.आर. कोएल्हो बनाम तमिलनाडु राज्य (2007) में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि 24 अप्रैल 1973 के बाद जोड़े गए कानूनों की भी आधारभूत ढाँचे की कसौटी पर जाँच हो सकती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1954 के तीसरे संशोधन ने समवर्ती सूची की आवश्यक वस्तुओं वाली प्रविष्टि बदली थी। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1955 के चौथे संशोधन ने पहले से मौजूद अनुसूची में कुछ और कानून जोड़े थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1956 का छठा संशोधन अंतर-राज्यीय बिक्री पर कर से जुड़ा था। परीक्षा टिप: पहला संशोधन 1951 — नौवीं अनुसूची और अनुच्छेद 31B।

Q14.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: बिहार · BPSC 64th CCE Pre, 16 Dec 2018आसान

पिछड़ा वर्ग आयोग के पहले अध्यक्ष कौन थे?

  1. A.जगजीवन राम
  2. B.काका साहेब कालेलकर
  3. C.बी. डी. शर्मा
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. काका साहेब कालेलकर

व्याख्या

सही उत्तर है B, काका साहेब कालेलकर। जनवरी 1953 में राष्ट्रपति ने अनुच्छेद 340 के तहत पहला पिछड़ा वर्ग आयोग बनाया, जिसके अध्यक्ष गांधीवादी लेखक काका कालेलकर थे। आयोग ने 1955 में अपनी रिपोर्ट दी, लेकिन केंद्र ने उसकी मुख्य सिफारिशें नहीं मानीं। दूसरा पिछड़ा वर्ग आयोग 1979 में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री बी. पी. मंडल की अध्यक्षता में बना, और केंद्रीय नौकरियों में ओबीसी के लिए उसका 27 प्रतिशत आरक्षण 1990 में लागू हुआ। बाद में 2018 के 102वें संशोधन ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को अनुच्छेद 338B के तहत संवैधानिक दर्जा दिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि बिहार के ही जगजीवन राम दलित नेता और उप-प्रधानमंत्री थे, इस आयोग के अध्यक्ष नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि बी. डी. शर्मा आदिवासी अधिकारों पर काम के लिए जाने जाने वाले आईएएस अधिकारी थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि पहले आयोग के अध्यक्ष केवल एक थे, कालेलकर। परीक्षा टिप: पहला आयोग कालेलकर 1953, दूसरा मंडल 1979, और एनसीबीसी को संवैधानिक दर्जा 2018 में।

Q15.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · 8 Nov 2020मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा आयोग अनुच्छेद 338A से संबंधित है?

  1. A.राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग
  2. B.राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग
  3. C.राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग
  4. D.राष्ट्रीय महिला आयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग

व्याख्या

सही उत्तर है B, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग। अनुच्छेद 338A को 89वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 ने जोड़ा था, जिसने पहले के संयुक्त आयोग को दो अलग निकायों में बाँट दिया और 2004 से अनुसूचित जनजातियों को अपना आयोग दे दिया। इसमें राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और तीन अन्य सदस्य होते हैं, और यह जनजातीय संरक्षणों से जुड़ी शिकायतों की जाँच करता है, जनजातीय विकास की योजना पर सलाह देता है तथा राष्ट्रपति को रिपोर्ट सौंपता है, जो उसे संसद के समक्ष रखवाते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग अनुच्छेद 338 पर आधारित है, जो विभाजन से पहले का अनुच्छेद था। विकल्प C गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग 102वें संशोधन के जरिए अनुच्छेद 338B के अंतर्गत 2018 में ही संवैधानिक निकाय बना। विकल्प D गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय महिला आयोग 1990 के संसदीय अधिनियम से बना सांविधिक निकाय है और उसका कोई अलग अनुच्छेद नहीं है। परीक्षा टिप: 338 अनुसूचित जातियों के लिए, 338A अनुसूचित जनजातियों के लिए, 338B पिछड़े वर्गों के लिए।

Q16.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 12 April 2021, Shift 3मध्यम

राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष का कार्यकाल कितना होता है?

  1. A.5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो
  2. B.6 वर्ष या 60 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो
  3. C.6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो
  4. D.5 वर्ष या 60 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो

व्याख्या

सही उत्तर है C, 6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो। संविधान का अनुच्छेद 316 राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के लिए यही कार्यकाल तय करता है। यही अनुच्छेद संघ लोक सेवा आयोग के सदस्यों को छह वर्ष या 65 वर्ष की आयु देता है, यानी छह वर्ष दोनों में समान है और अंतर केवल सेवानिवृत्ति की आयु में है। राज्य आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल करते हैं, पर उन्हें हटा केवल राष्ट्रपति सकते हैं, वह भी सर्वोच्च न्यायालय की रिपोर्ट पर, जिससे उनकी स्वतंत्रता सुरक्षित रहती है। आयोग के कम से कम आधे सदस्य ऐसे होने चाहिए जिन्होंने सरकार के अधीन दस वर्ष या अधिक पद संभाला हो। विकल्प A गलत है, क्योंकि यह राज्य के कार्यकाल के साथ संघ की 65 वर्ष की आयु मिला देता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि राज्य आयोग के लिए आयु 62 वर्ष है, 60 नहीं। विकल्प D दोनों तरह से गलत है, क्योंकि कार्यकाल छह वर्ष और आयु 62 वर्ष है। परीक्षा टिप: संघ लोक सेवा आयोग 6 वर्ष या 65, राज्य लोक सेवा आयोग 6 वर्ष या 62।

Q17.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · 8 Nov 2020आसान

भारतीय न्याय व्यवस्था में रिट किसके द्वारा जारी की जाती हैं?

  1. A.केवल उच्चतम न्यायालय
  2. B.केवल उच्च न्यायालय
  3. C.केवल उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय
  4. D.उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केवल उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय, क्योंकि संविधान रिट अधिकारिता केवल इन दो न्यायालयों को देता है। उच्चतम न्यायालय अनुच्छेद 32 के अंतर्गत रिट जारी करता है, जो स्वयं एक मूल अधिकार है और जिसका प्रयोग केवल मूल अधिकारों को लागू कराने के लिए हो सकता है। उच्च न्यायालय अनुच्छेद 226 के अंतर्गत रिट जारी करता है, और उसकी शक्ति अधिक व्यापक है: उसमें मूल अधिकारों के साथ-साथ किसी भी अन्य विधिक अधिकार का मामला भी आता है। पाँच रिट हैं - बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, उत्प्रेषण और अधिकार-पृच्छा। विकल्प A गलत है, क्योंकि यह शक्ति उच्च न्यायालयों को भी है, और उससे व्यापक अनुच्छेद के तहत। विकल्प B गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 32 नागरिक को सीधे उच्चतम न्यायालय जाने देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि जिला और अधीनस्थ न्यायालयों को रिट अधिकारिता नहीं है; वे अन्य उपाय दे सकते हैं, रिट नहीं। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 32 उच्चतम न्यायालय के लिए, अनुच्छेद 226 उच्च न्यायालय के लिए और अधिक व्यापक।

Q18.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · 12 July 2015मध्यम

भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) को पद से केवल किसके द्वारा हटाया जा सकता है?

  1. A.केंद्रीय मंत्रिमंडल की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा।
  2. B.सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा।
  3. C.संसद के दोनों सदनों में समावेदन पारित होने के बाद भारत के राष्ट्रपति द्वारा।
  4. D.भारत के मुख्य न्यायाधीश की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा।
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. संसद के दोनों सदनों में समावेदन पारित होने के बाद भारत के राष्ट्रपति द्वारा।

व्याख्या

सही उत्तर है C, संसद के दोनों सदनों में समावेदन पारित होने के बाद भारत के राष्ट्रपति द्वारा। अनुच्छेद 148 के अनुसार नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक की नियुक्ति राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर और मुद्रा सहित अधिपत्र द्वारा करता है, पर उसे हटाया उसी रीति और उन्हीं आधारों पर जा सकता है जिन पर सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश हटाया जाता है। इसका अर्थ है कि सिद्ध कदाचार या असमर्थता के आधार पर दोनों सदनों को विशेष बहुमत से समावेदन पारित करना होता है और तभी राष्ट्रपति उसे हटाता है। यही कठिन प्रक्रिया, छह वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक का निश्चित कार्यकाल, भारत की संचित निधि पर भारित वेतन और बाद में कोई लाभ का पद न लेने की शर्त CAG को स्वतंत्र बनाती है, जिससे वह संघ और राज्यों के लेखों की निष्पक्ष लेखापरीक्षा कर सके। विकल्प A गलत है, क्योंकि मंत्रिपरिषद उसे हटाने की सलाह नहीं दे सकती। विकल्प B गलत है, क्योंकि मुख्य न्यायाधीश को हटाने का अधिकार नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि मुख्य न्यायाधीश की सलाह भी इसका रास्ता नहीं है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 148 — CAG की पदमुक्ति सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की तरह।

Q19.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC Civil Services GS Official Paper Iमध्यम

निम्नलिखित में से किस अधिकारी को हटाने में संसद की कोई भूमिका नहीं होती है?

1. उच्च न्यायालय के न्यायाधीश
2. उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश
3. संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष
4. भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 3 और 4
  3. C.केवल 1, 2 और 3
  4. D.केवल 3
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. केवल 3

व्याख्या

सही उत्तर D, केवल 3 है। संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष को अनुच्छेद 317 के अंतर्गत राष्ट्रपति हटाते हैं, और कदाचार के आधार पर तभी जब राष्ट्रपति के निर्देश पर उच्चतम न्यायालय जांच करके उसे हटाने की सिफारिश करे। इस पूरी प्रक्रिया में किसी सदन के संकल्प की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए संसद की कोई भूमिका नहीं है। विकल्प 1 और 2 में दिए उच्च न्यायालय तथा उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश दोनों सदनों के विशेष बहुमत से पारित समावेदन के बाद ही राष्ट्रपति द्वारा हटाए जाते हैं, इसलिए वहां संसद केंद्रीय है। विकल्प 4 में दिए नियंत्रक महालेखापरीक्षक को भी उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की ही रीति से हटाया जाता है, जिसमें दोनों सदनों का समावेदन आवश्यक है। इसलिए A, B और C गलत हैं क्योंकि उनमें से प्रत्येक या तो आयोग अध्यक्ष को छोड़ देता है या न्यायाधीशों तथा महालेखापरीक्षक को गलत ढंग से जोड़ देता है।

Q20.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 19 Jun, 2026, Shift 2मध्यम

किस संवैधानिक अनुच्छेद द्वारा भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए विशेष अधिकारी का पद स्थापित किया गया?

  1. A.अनुच्छेद 350-B
  2. B.अनुच्छेद 315-B
  3. C.अनुच्छेद 338-A
  4. D.अनुच्छेद 348-A
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अनुच्छेद 350-B

व्याख्या

सही उत्तर है A, अनुच्छेद 350-B। सातवें संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 ने राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिश पर यह अनुच्छेद जोड़ा और भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए विशेष अधिकारी का पद बनाया, जिसे व्यवहार में भाषाई अल्पसंख्यक आयुक्त कहा जाता है। इस आयुक्त की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं, और उसका कर्तव्य है कि संविधान द्वारा भाषाई अल्पसंख्यकों को दिए गए संरक्षणों से जुड़े सभी विषयों की जाँच करे और राष्ट्रपति को रिपोर्ट दे; राष्ट्रपति उस रिपोर्ट को संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखवाते हैं और संबंधित राज्य सरकारों को भेजते हैं। यह कार्यालय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के अधीन काम करता है। इसी संशोधन से जुड़ा अनुच्छेद 350-A राज्यों से कहता है कि प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा दी जाए। विकल्प B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 315-B नाम का कोई अनुच्छेद नहीं है; अनुच्छेद 315 लोक सेवा आयोगों से संबंधित है। विकल्प C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 338-A ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग बनाया। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 348 न्यायालयों की भाषा से संबंधित है। परीक्षा टिप: 350-A मातृभाषा में शिक्षा, 350-B भाषाई अल्पसंख्यक आयुक्त, दोनों सातवें संशोधन 1956 से।

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