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GK24
भारतीय राजव्यवस्थामध्यमपूछा गया: SSC MTS · 08 May 2023, Shift 1

भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद राष्ट्रपति द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान से संबंधित है?

  1. A.अनुच्छेद 45
  2. B.अनुच्छेद 72
  3. C.अनुच्छेद 56
  4. D.अनुच्छेद 60

सही उत्तर

D. अनुच्छेद 60

व्याख्या

सही उत्तर है D, अनुच्छेद 60। अनुच्छेद 60 में वह प्रारूप दिया गया है जिसके अनुसार भारत का राष्ट्रपति पद ग्रहण करने से पहले शपथ या प्रतिज्ञान लेता है। यह शपथ भारत के मुख्य न्यायाधीश दिलाते हैं, और उनकी अनुपस्थिति में सर्वोच्च न्यायालय के उपलब्ध वरिष्ठतम न्यायाधीश। इस शपथ में राष्ट्रपति कहता है कि वह पद के कर्तव्यों का श्रद्धापूर्वक पालन करेगा, संविधान और विधि का परिरक्षण, संरक्षण और प्रतिरक्षण करेगा तथा भारत के लोगों की सेवा और भलाई में लगा रहेगा। संविधान में यह अकेली शपथ है जिसमें संविधान की रक्षा का वचन इस रूप में दिया गया है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 45 छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की देखभाल और शिक्षा से जुड़ा नीति-निदेशक तत्व है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति को क्षमादान की शक्ति देता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 56 राष्ट्रपति के पाँच वर्ष के कार्यकाल की बात करता है। परीक्षा टिप: 52 पद, 53 कार्यपालिका शक्ति, 56 कार्यकाल, 60 शपथ, 61 महाभियोग, 72 क्षमादान।

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Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 24 Aug 2021, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन भारतीय जन संघ के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं?

  1. A.के एम मुंशी
  2. B.बलदेव सिंह
  3. C.मीनू मसानी
  4. D.श्यामा प्रसाद मुखर्जी
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

व्याख्या

सही उत्तर है D, श्यामा प्रसाद मुखर्जी। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारतीय जन संघ की स्थापना की और वे ही इसके संस्थापक सदस्य तथा प्रथम अध्यक्ष माने जाते हैं। इस दल की शुरुआत अक्टूबर 1951 में दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रवादी विकल्प के रूप में हुई थी। मुखर्जी ने नेहरू-लियाकत समझौते के विरोध में 1950 में नेहरू मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दिया था, और इससे पहले वे हिंदू महासभा का नेतृत्व कर चुके थे तथा कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति भी रहे थे। जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे के विरुद्ध आंदोलन करते हुए 1953 में नजरबंदी के दौरान उनका निधन हो गया, जिसके बाद दीनदयाल उपाध्याय ने दल का संगठन खड़ा किया; 1980 में इसी धारा का पुनर्गठन भारतीय जनता पार्टी के रूप में हुआ। A गलत है क्योंकि के एम मुंशी संविधान सभा के सदस्य और कांग्रेस नेता थे, जो बाद में स्वतंत्र पार्टी में गए। B गलत है क्योंकि बलदेव सिंह स्वतंत्र भारत के पहले रक्षा मंत्री थे। C गलत है क्योंकि मीनू मसानी स्वतंत्र पार्टी के संस्थापकों में थे। परीक्षा टिप: भारतीय जन संघ 1951 - श्यामा प्रसाद मुखर्जी, स्वतंत्र पार्टी 1959 - सी राजगोपालाचारी और मीनू मसानी।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: बिहार · 45th BPSC Prelims Official Paper, 2002आसान

राज्य सरकार को विधिक मामलों पर सलाह कौन देता है?

  1. A.महान्यायवादी
  2. B.महाधिवक्ता
  3. C.सॉलिसिटर जनरल
  4. D.उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. महाधिवक्ता

व्याख्या

सही उत्तर है B, महाधिवक्ता। महाधिवक्ता राज्य का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है और राज्य सरकार को विधिक मामलों पर सलाह देता है। अनुच्छेद 165 में इस पद की व्यवस्था है, जिसके अनुसार राज्यपाल ऐसे व्यक्ति को नियुक्त करता है जो उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनने की योग्यता रखता हो, महाधिवक्ता राज्यपाल के प्रसादपर्यंत पद पर रहता है और उसका वेतन भी राज्यपाल ही तय करता है। उसके कर्तव्य हैं - राज्य सरकार द्वारा भेजे गए विधिक प्रश्नों पर सलाह देना, राज्यपाल द्वारा सौंपे गए विधिक कार्य करना और उच्च न्यायालय में राज्य की ओर से पक्ष रखना। A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 76 के अंतर्गत महान्यायवादी संघ का प्रथम विधि अधिकारी है, किसी राज्य का नहीं। C गलत है क्योंकि सॉलिसिटर जनरल संघ स्तर पर महान्यायवादी की सहायता करता है और यह संवैधानिक पद नहीं है। D गलत है क्योंकि उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मुकदमों का निर्णय करते हैं, सरकार को सलाह नहीं देते। परीक्षा टिप: भारत के महान्यायवादी के लिए अनुच्छेद 76 और राज्य के महाधिवक्ता के लिए अनुच्छेद 165 याद रखें।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: NDA · 10 Sept 2017मध्यम

निम्नलिखित में से कौन संसद के किसी भी सदन का सदस्य न होते हुए भी दोनों सदनों की बैठकों में भाग ले सकता है?

  1. A.भारत का सॉलिसिटर जनरल
  2. B.भारत का उपराष्ट्रपति
  3. C.भारत का नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक
  4. D.भारत का महान्यायवादी
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. भारत का महान्यायवादी

व्याख्या

सही उत्तर है D, भारत का महान्यायवादी। अनुच्छेद 88 महान्यायवादी को यह अधिकार देता है कि वह संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही, उनकी संयुक्त बैठक और जिस समिति का वह सदस्य नामित हो, उसमें बोल सके और भाग ले सके; पर उसे मत देने का अधिकार नहीं होता। महान्यायवादी की नियुक्ति राष्ट्रपति अनुच्छेद 76 के अंतर्गत करते हैं, उसकी योग्यता सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश बनने जैसी होनी चाहिए, वह भारत सरकार का मुख्य विधिक सलाहकार होता है और किसी सदन का सदस्य नहीं होता। यही अधिकार अनुच्छेद 88 के तहत मंत्रियों को भी मिलता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि सॉलिसिटर जनरल केवल एक विधिक अधिकारी है, जो महान्यायवादी की सहायता करता है और उसे ऐसा संवैधानिक अधिकार नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि उपराष्ट्रपति पदेन सभापति के रूप में केवल राज्य सभा की अध्यक्षता करते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक की रिपोर्टें राष्ट्रपति के माध्यम से संसद तक पहुँचती हैं। परीक्षा टिप: नियुक्ति अनुच्छेद 76, दोनों सदनों में बोलने का अधिकार अनुच्छेद 88, मत देने का अधिकार नहीं।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 22 Oct 2021, Shift 1कठिन

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग एक अलग आयोग के रूप में किस वर्ष अस्तित्व में आया?

  1. A.2000
  2. B.2006
  3. C.2004
  4. D.2002
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2004

व्याख्या

सही उत्तर है C, 2004। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने एक अलग निकाय के रूप में 2004 में काम शुरू किया। संविधान के 89वें संशोधन अधिनियम, 2003 ने पहले के संयुक्त राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग को दो भागों में बाँट दिया; अनुच्छेद 338 अनुसूचित जातियों के लिए रह गया और अनुसूचित जनजातियों के लिए नया अनुच्छेद 338A जोड़ा गया। इस आयोग में राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और तीन अन्य सदस्य होते हैं। यह जनजातियों को मिले संरक्षणों से जुड़ी शिकायतों की जाँच करता है, उनके विकास पर सलाह देता है और अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेजता है, जो उसे संसद के समक्ष रखते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि 2000 में संयुक्त आयोग ही काम कर रहा था। विकल्प B गलत है, क्योंकि 2006 तक यह आयोग दो वर्ष काम कर चुका था। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसे बनाने वाला संशोधन 2003 में ही पारित हुआ। परीक्षा टिप: 2003 का 89वाँ संशोधन लाया अनुच्छेद 338A और आयोग 2004 से शुरू हुआ।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 8 Oct 2021, Shift 2मध्यम

भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का पद किस वर्ष बनाया गया था?

  1. A.2000
  2. B.1998
  3. C.2003
  4. D.1999
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1998

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1998। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का पद नवंबर 1998 में बना, जब वाजपेयी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का गठन किया। ब्रजेश मिश्र पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बने और उन्होंने यह पद प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव के पद के साथ संभाला। सलाहकार राष्ट्रीय सुरक्षा और सामरिक मामलों में प्रधानमंत्री का मुख्य परामर्शदाता होता है, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय का प्रमुख होता है और खुफिया एजेंसियों के आकलन उसी के पास आते हैं। परिषद तीन अंगों से काम करती है — सामरिक नीति समूह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड और सचिवालय। विकल्प A गलत है, क्योंकि 2000 तक यह पद दो वर्ष पुराना हो चुका था। विकल्प C गलत है, क्योंकि 2003 पहले सलाहकार के लंबे कार्यकाल के अंतिम वर्षों में आता है, आरंभ में नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि कारगिल संघर्ष वाले वर्ष 1999 को लोग इससे जोड़ लेते हैं, पर परिषद और सलाहकार की घोषणा कुछ महीने पहले ही हो चुकी थी। परीक्षा टिप: राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार — नवंबर 1998, पहले सलाहकार ब्रजेश मिश्र।