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GK24

भारतीय इतिहास पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) उत्तर सहित – पेज 5

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SSC, बैंकिंग, रेलवे और अन्य परीक्षाओं के पिछले वर्षों के पेपरों में पूछे गए भारतीय इतिहास के प्रश्न, परीक्षा और वर्ष, उत्तर और व्याख्या सहित।

166 पिछले वर्षों के प्रश्न

Q81.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 13 April 2022, Shift 1कठिन

ऋग्वेद में एक सूक्त ऋषि विश्वामित्र और देवी रूप में पूजित दो नदियों के संवाद के रूप में है। ये नदियाँ कौन हैं?

  1. A.गंगा और यमुना
  2. B.अलकनंदा और भागीरथी
  3. C.रावी और चिनाब
  4. D.ब्यास और सतलुज
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. ब्यास और सतलुज

व्याख्या

सही उत्तर है D, ब्यास और सतलुज। ऋग्वेद के तीसरे मंडल में एक सूक्त है जिसमें ऋषि विश्वामित्र दो नदियों — विपाशा और शुतुद्री — से संवाद करते हैं और उनसे जल कम करने की प्रार्थना करते हैं, ताकि उनका दल गाड़ियों के साथ पार उतर सके। विपाशा ही ब्यास है और शुतुद्री सतलुज। सूक्त में दोनों नदियाँ देवी के रूप में हैं और अपनी ही वाणी में ऋषि को उत्तर देती हैं। ऋग्वेद में कई नदियों का इसी भाव से उल्लेख है; नदीस्तुति सूक्त उन्हें पूर्व से पश्चिम की ओर गिनाता है और सिंधु तथा सरस्वती की स्तुति सबसे अधिक है। विकल्प A गलत है, क्योंकि ऋग्वेद में गंगा का उल्लेख केवल एक बार और यमुना का तीन बार है, और वे इस संवाद में नहीं हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि अलकनंदा और भागीरथी गंगा की धाराओं के बाद के नाम हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि रावी यानी परुष्णी दाशराज्ञ युद्ध के सूक्त से जुड़ी है और चिनाब का वैदिक नाम असिक्नी है। परीक्षा टिप: वैदिक नाम याद रखें — विपाशा (ब्यास), शुतुद्री (सतलुज), परुष्णी (रावी), असिक्नी (चिनाब), वितस्ता (झेलम)।

Q82.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 12 April 2022, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा हड़प्पाई स्थल हरियाणा में है?

  1. A.राखीगढ़ी
  2. B.धौलावीरा
  3. C.लोथल
  4. D.कालीबंगा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. राखीगढ़ी

व्याख्या

सही उत्तर है A, राखीगढ़ी। राखीगढ़ी हरियाणा के हिसार जिले में घग्घर नदी के सूखे तल पर बसा है। यह भारत में मिला सबसे बड़ा हड़प्पाई स्थल है, जो कई टीलों पर फैला हुआ है। खुदाई में यहाँ नियोजित गलियाँ, पक्की ईंटों की नालियाँ, अन्न भंडार का क्षेत्र, मुहरें और मिट्टी के खिलौने मिले हैं। यहाँ की कब्रगाह के कंकालों पर हुए डीएनए अध्ययन ने इस स्थल को पुरातत्व से बाहर भी चर्चित कर दिया। विकल्प B गलत है, क्योंकि धौलावीरा गुजरात के कच्छ के रण में है और अपने जल कुंडों तथा साइनबोर्ड के लिए जाना जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि लोथल भी गुजरात में है और खंभात की खाड़ी के पास बंदरगाह वाला स्थल है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कालीबंगा राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में है, जहाँ जुते हुए खेत और अग्निकुंड मिले। परीक्षा टिप: राज्य याद रखें — राखीगढ़ी और बनावली (हरियाणा), कालीबंगा (राजस्थान), धौलावीरा, लोथल तथा सुरकोटदा (गुजरात), रोपड़ (पंजाब)।

Q83.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Patwari, 17 Sep 2022, Shift 2कठिन

1951 में दिल्ली मंत्रिपरिषद और विधानमंडल के साथ एक _________ बन गई।

  1. A.भाग B राज्य
  2. B.भाग-C राज्य
  3. C.भाग-D राज्य
  4. D.भाग A राज्य
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भाग-C राज्य

व्याख्या

सही उत्तर है B, भाग-C राज्य। भाग C राज्य शासन अधिनियम, 1951 के तहत दिल्ली को अपनी विधानसभा और मंत्रिपरिषद मिली। पहला चुनाव 1952 में हुआ और चौधरी ब्रह्म प्रकाश दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री बने। 1950 के संविधान ने भारत की इकाइयों को भाग A, B, C और D में बाँटा था, और भाग C में वे छोटे क्षेत्र थे जिन्हें पहले चीफ़ कमिश्नर चलाते थे, जैसे दिल्ली, अजमेर और कुर्ग। यह व्यवस्था तब खत्म हुई जब राज्य पुनर्गठन अधिनियम ने 1 नवंबर 1956 से दिल्ली को केंद्रशासित प्रदेश बना दिया और उसकी विधानसभा समाप्त कर दी गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि भाग B राज्य पुरानी रियासतें या उनके संघ थे, जिनका प्रमुख राजप्रमुख होता था। विकल्प C गलत है, क्योंकि भाग D में केवल एक इकाई थी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह। विकल्प D गलत है, क्योंकि भाग A राज्य बंबई और मद्रास जैसे पुराने ब्रिटिश प्रांत थे, जिनके प्रमुख राज्यपाल होते थे। परीक्षा टिप: दिल्ली 1951 में भाग C राज्य, 1956 में केंद्रशासित प्रदेश और 1991 के 69वें संशोधन से विधानसभा वाला NCT बनी।

Q84.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 19 Jun 2022मध्यम

डलहौजी के “व्यपगत सिद्धान्त” के अन्तर्गत विलय किया गया प्रथम राज्य कौन-सा था?

  1. A.जैतपुर
  2. B.संभलपुर
  3. C.झांसी
  4. D.सतारा
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सतारा

व्याख्या

सही उत्तर है D, सतारा। लॉर्ड डलहौजी की व्यपगत नीति, जिसे हड़प नीति भी कहते हैं, के तहत सबसे पहले 1848 में सतारा को कंपनी राज्य में मिलाया गया। इस नीति के अनुसार अगर किसी आश्रित रियासत का शासक बिना सगे पुत्र के मर जाता, तो रियासत ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकार में चली जाती और गोद लिया पुत्र गद्दी का वारिस नहीं माना जाता। 1848 से 1856 तक गवर्नर-जनरल रहे डलहौजी ने इसी नीति से सतारा (1848), जैतपुर और संबलपुर (1849), बघाट (1850), छत्तीसगढ़ का उदयपुर (1852), झाँसी (1853) और नागपुर (1854) को हड़प लिया। रानी लक्ष्मीबाई जैसे शासकों में इस नीति से जो गुस्सा पैदा हुआ, वह 1857 के विद्रोह का एक बड़ा कारण बना। विकल्प A गलत है, क्योंकि जैतपुर 1849 में, यानी सतारा के एक साल बाद मिलाया गया। विकल्प B गलत है, क्योंकि संबलपुर भी 1849 में लिया गया। विकल्प C गलत है, क्योंकि झाँसी 1853 में हड़पी गई, जब कंपनी ने राजा गंगाधर राव के दत्तक पुत्र को मान्यता नहीं दी। परीक्षा टिप: हड़प का क्रम सतारा 1848, जैतपुर-संबलपुर 1849, झाँसी 1853, नागपुर 1854।

Q85.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 5 Nov 2022, Shift 1मध्यम

कॉलम I में दिए गए हरियाणा के जिलों के प्राचीन नाम कॉलम II में दिए गए उनके वर्तमान नामों से सुमेलित कीजिए:

कॉलम I: I. साइरशैक, II. कानौड, III. कपिस्थल, IV. पांडुप्रस्थ

कॉलम II: a. सिरसा, b. कैथल, c. पानीपत, d. महेंद्रगढ़

  1. A.I-b, II-c, III-d, IV-a
  2. B.I-a, II-d, III-b, IV-c
  3. C.I-d, II-a, III-b, IV-c
  4. D.I-c, II-b, III-a, IV-d
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. I-a, II-d, III-b, IV-c

व्याख्या

सही उत्तर है B, I-a, II-d, III-b, IV-c। साइरशैक सिरसा का पुराना नाम है, जिसका उल्लेख महाभारत में मिलता है। कानौड, जिसे कनोड भी लिखा जाता है, महेंद्रगढ़ का पहले का नाम था; 1860 के दशक में पटियाला के महाराजा नरेंद्र सिंह ने यहाँ के किले का नाम अपने पुत्र महेंद्र सिंह के नाम पर रखा, जिससे कस्बे को मौजूदा नाम मिला। कपिस्थल, यानी कपि या हनुमान का स्थान, कैथल का प्राचीन नाम है। पांडुप्रस्थ, यानी पांडवों का नगर, पानीपत का पुराना नाम है; परंपरा के अनुसार यह उन पाँच गाँवों में से था, जो पांडवों ने युद्ध टालने के लिए माँगे थे, और सोनीपत तब स्वर्णप्रस्थ था। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें साइरशैक को कैथल और पांडुप्रस्थ को सिरसा से जोड़ा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें साइरशैक को महेंद्रगढ़ और कानौड को सिरसा से जोड़ा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें साइरशैक को पानीपत और कपिस्थल को सिरसा से जोड़ा गया है। परीक्षा टिप: सिरसा = साइरशैक, महेंद्रगढ़ = कानौड, कैथल = कपिस्थल, पानीपत = पांडुप्रस्थ, सोनीपत = स्वर्णप्रस्थ।

Q86.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 6 Nov 2022, Shift 2आसान

पानीपत की तीसरी लड़ाई मराठा शासकों एवं _____ के बीच लड़ी गई।

  1. A.हेमू
  2. B.मोहम्मद गौरी
  3. C.अहमद शाह अब्दाली
  4. D.बाबर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अहमद शाह अब्दाली

व्याख्या

सही उत्तर है C, अहमद शाह अब्दाली। 14 जनवरी 1761 को अफ़ग़ान शासक अहमद शाह अब्दाली, जिसे अहमद शाह दुर्रानी भी कहते हैं, ने आज के हरियाणा में स्थित पानीपत में मराठा सेना को बुरी तरह हराया। मराठों का नेतृत्व सदाशिवराव भाऊ कर रहे थे, और पेशवा बालाजी बाजीराव के युवा पुत्र विश्वासराव इस युद्ध में मारे गए। अब्दाली को रुहेला सरदार नजीबुद्दौला और अवध के नवाब शुजाउद्दौला का साथ मिला। इस हार ने लगभग दस साल तक उत्तर भारत में मराठों का विस्तार रोक दिया और अंग्रेजों के उभरने का रास्ता आसान कर दिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि हेमू 1556 में पानीपत की दूसरी लड़ाई में अकबर की सेना से हारा था। विकल्प B गलत है, क्योंकि मोहम्मद गौरी ने 1191 और 1192 में तराइन के युद्ध लड़े थे, पानीपत के नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि बाबर ने 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई में इब्राहिम लोदी को हराकर मुगल साम्राज्य की नींव रखी थी। परीक्षा टिप: पानीपत I 1526 बाबर बनाम इब्राहिम लोदी; पानीपत II 1556 अकबर बनाम हेमू; पानीपत III 1761 अब्दाली बनाम मराठे।

Q87.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 24 Jul 2022मध्यम

उत्तर-वैदिक काल में, ‘बलि’ शब्द का अर्थ है

  1. A.बलिदान
  2. B.कर
  3. C.शक्तिशाली जमींदार
  4. D.आमदनी/आय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कर

व्याख्या

सही उत्तर है B, कर। उत्तर-वैदिक काल तक बलि राजा द्वारा वसूला जाने वाला नियमित कर बन चुकी थी। ऋग्वैदिक काल में बलि एक स्वैच्छिक भेंट थी, जो प्रजा या हारे हुए कबीले अपने मुखिया को देते थे, अक्सर पशु या अनाज के रूप में। लगभग 1000 ई.पू. के बाद जब राज्य बड़े होने लगे और गंगा के मैदान में स्थायी खेती फैली, तो यह भेंट एक अनिवार्य भुगतान में बदल गई। इस काल के ग्रंथों में इससे जुड़े राजकीय अधिकारियों के नाम मिलते हैं, जैसे भागदुघ, जो राजा का हिस्सा वसूलता था, और संग्रहीतृ, जो कोषाध्यक्ष था। इसी आय से राजा अपना दरबार और स्थायी सेना चला पाता था। विकल्प A गलत है, क्योंकि बलिदान या यज्ञ के लिए अलग शब्द था, और यहाँ बलि का अर्थ राजा को दिया जाने वाला भुगतान है। विकल्प C गलत है, क्योंकि बलि किसी व्यक्ति का नाम नहीं, बल्कि दी जाने वाली राशि या वस्तु है। विकल्प D गलत है, क्योंकि आय बहुत सामान्य शब्द है, जबकि बलि खास तौर पर राजा का हिस्सा थी। परीक्षा टिप: ऋग्वैदिक बलि स्वैच्छिक भेंट थी; उत्तर-वैदिक काल में यह अनिवार्य कर बनी और भागदुघ इसे वसूलता था।

Q88.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 5 Nov 2022, Shift 1मध्यम

औपनिवेशिक भारत में अंग्रेजों द्वारा तैयार की गई एक व्यवस्था, सहायक संधि, की मुख्य विशेषता(एँ) निम्नलिखित में से कौन-सी थी/थीं?

(a) इसे लॉर्ड वेलेज़्ली द्वारा बनाया गया था।

(b) सहयोगी पक्ष के भू-क्षेत्र में एक ब्रिटिश सैनिक टुकड़ी तैनात रहेगी।

(c) सहयोगी पक्ष किसी अन्य शासक के साथ कोई संधि नहीं कर सकेगा।

(d) ब्रिटिश सहयोगी पक्ष की केवल आंतरिक चुनौतियों से रक्षा करेंगे।

नीचे दिए गए कूट से सही विकल्प का चयन कीजिए:

  1. A.केवल (b)
  2. B.(a) और (b)
  3. C.(a), (b) और (c)
  4. D.(a) और (d)
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. (a), (b) और (c)

व्याख्या

सही उत्तर है C, (a), (b) और (c)। कथन (a), (b) और (c) सहायक संधि का सही वर्णन करते हैं, जबकि (d) गलत है। लॉर्ड वेलेज़्ली (गवर्नर-जनरल 1798 से 1805) ने सहायक संधि को अंग्रेजी विस्तार का सबसे बड़ा हथियार बना दिया। इस संधि को मानने वाले भारतीय शासक को अपने राज्य में अंग्रेजी सेना रखनी पड़ती थी और उसका खर्च नकद या अपना इलाका देकर चुकाना पड़ता था। उसे अपने दरबार में एक ब्रिटिश रेज़िडेंट रखना होता था, और वह अंग्रेजों की अनुमति के बिना न किसी दूसरी शक्ति से संबंध रख सकता था, न किसी अन्य यूरोपीय को नौकरी दे सकता था। सबसे पहले 1798 में हैदराबाद के निज़ाम ने यह संधि की, और खर्च चुकाने के लिए अवध को 1801 में अपना लगभग आधा इलाका देना पड़ा। कथन (d) गलत है, क्योंकि अंग्रेज बाहरी दुश्मनों और अंदरूनी विद्रोह, दोनों से रक्षा का वादा करते थे। इसलिए विकल्प A में (a) और (c) छूट गए, B में (c) छूट गया और D में गलत कथन (d) जुड़ा है। परीक्षा टिप: सहायक संधि यानी वेलेज़्ली, 1798, पहला राज्य हैदराबाद; व्यपगत का सिद्धांत यानी डलहौज़ी।

Q89.भारतीय इतिहासपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 12 Jun 2022आसान

जलियांवाला बाग हत्याकाण्ड के विरोध में किसने ब्रिटिश सरकार की ‘नाइटहुड’ की उपाधि को लौटा दिया था?

  1. A.मु. अली जिन्ना
  2. B.रवीन्द्रनाथ टैगोर
  3. C.रामेश्वर सिंह
  4. D.शंकरन नायर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रवीन्द्रनाथ टैगोर

व्याख्या

सही उत्तर है B, रवीन्द्रनाथ टैगोर। 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में जनरल डायर के सैनिकों ने निहत्थी भीड़ पर गोलियाँ चलाईं, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए। मई 1919 के अंत में टैगोर ने वायसराय लॉर्ड चेम्सफोर्ड को पत्र लिखकर 1915 में मिली ‘नाइट’ की उपाधि लौटा दी और लिखा कि ऐसे सम्मान अब अपमान का प्रतीक बन गए हैं। 1913 में ‘गीतांजलि’ के लिए साहित्य का नोबेल पा चुके कवि के इस विरोध की गूँज पूरी दुनिया में सुनाई दी। विकल्प A गलत है, क्योंकि मुहम्मद अली जिन्ना ने मार्च 1919 में रौलट एक्ट के विरोध में इंपीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल से इस्तीफ़ा दिया था; उन्होंने कोई नाइटहुड नहीं लौटाई। विकल्प C गलत है, क्योंकि दरभंगा के महाराजा रामेश्वर सिंह सरकार के समर्थक थे और उन्होंने कोई उपाधि नहीं छोड़ी। विकल्प D गलत है, क्योंकि सर सी. शंकरन नायर ने नाइटहुड नहीं लौटाई, बल्कि वायसराय की कार्यकारी परिषद से इस्तीफ़ा दिया था। परीक्षा टिप: टैगोर ने 1919 में नाइटहुड लौटाई, गांधीजी ने 1920 में कैसर-ए-हिन्द पदक लौटाया।

Q90.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 5 Jun 2022कठिन

भारतीय इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. डचों ने पूर्वी तट पर अपने कारखाने/गोदाम गजपति शासकों द्वारा दी गई भूमि पर स्थापित किए।

2. अल्फांसो डी अल्बुकर्क ने गोवा को बीजापुर सल्तनत से छीना।

3. अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी ने मद्रास में कारखाना विजयनगर साम्राज्य के एक प्रतिनिधि से पट्टे पर ली गई भूमि पर स्थापित किया।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केवल 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 2 और 3। गोवा बीजापुर से छीना गया और मद्रास की जमीन विजयनगर के एक नायक से मिली, लेकिन डचों को पूर्वी तट की जमीन गजपतियों से नहीं मिली थी। अल्बुकर्क ने 1510 में गोवा बीजापुर की आदिलशाही सल्तनत से जीता, और यह पूर्व में पुर्तगाली शक्ति का केंद्र बना। 1639 में फ्रांसिस डे ने विजयनगर शासक के अधीन स्थानीय सरदार दामरला वेंकटाद्रि नायक से मद्रास की जगह ली, जहाँ फोर्ट सेंट जॉर्ज बना। कथन 1 गलत है, क्योंकि डचों ने मसूलीपट्टनम (1605) और पुलिकट (1610) जैसे कारखाने गोलकुंडा सल्तनत तथा विजयनगर और उसके नायकों से मिले अनुदान पर बनाए, जब ओडिशा में गजपति सत्ता बहुत पहले खत्म हो चुकी थी। इसलिए कथन 1 वाले विकल्प A, C और D गलत हैं। परीक्षा टिप: गोवा 1510 बीजापुर से, मद्रास 1639 विजयनगर के नायक से, डच मसूलीपट्टनम और पुलिकट में।

Q91.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CPO · 10 Nov 2022, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा युद्ध सालबाई की संधि के साथ समाप्त हुआ?

  1. A.पानीपत का तीसरा युद्ध
  2. B.बक्सर का युद्ध
  3. C.प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध
  4. D.द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध

व्याख्या

सही उत्तर है C, प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध। मई 1782 में हुई सालबाई की संधि ने अंग्रेज़ी ईस्ट इंडिया कंपनी और मराठों के बीच यह युद्ध समाप्त किया। युद्ध 1775 में तब शुरू हुआ जब कंपनी ने सूरत की संधि के ज़रिए रघुनाथ राव को पेशवा बनाने का समर्थन किया। 1779 में वडगाँव में अंग्रेज़ों की हार के बाद लड़ाई चलती रही, अंत में महादजी सिंधिया की मध्यस्थता से सालबाई में शांति हुई। संधि से अंग्रेज़ों को सालसेट मिला, माधव राव नारायण को पेशवा माना गया और दोनों शक्तियों के बीच लगभग बीस साल शांति रही। A गलत है क्योंकि पानीपत का तीसरा युद्ध, 1761, मराठों और अहमद शाह अब्दाली के बीच एक ही दिन में निपट गया था, किसी संधि से नहीं। B गलत है क्योंकि बक्सर के युद्ध, 1764, के बाद 1765 में इलाहाबाद की संधि हुई थी। D गलत है क्योंकि द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध 1803 में देवगाँव और सुर्जी-अर्जनगाँव की संधियों से समाप्त हुआ। परीक्षा टिप: मराठा संधियों का क्रम याद रखें, सूरत 1775, पुरंदर 1776, वडगाँव 1779, सालबाई 1782।

Q92.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS (I) 2022, 10 Apr 2022आसान

निम्नलिखित में से कौन कर्नाटक में वीरशैव आंदोलन के संस्थापक थे?

  1. A.बसवन्ना
  2. B.अप्पार
  3. C.संबंदर
  4. D.सुंदरर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बसवन्ना

व्याख्या

सही उत्तर है A, बसवन्ना। बारहवीं सदी में कर्नाटक में वीरशैव या लिंगायत आंदोलन का नेतृत्व बसवन्ना ने किया। वे कल्याण में राजा बिज्जल के दरबार में मंत्री थे। उनके अनुयायी शिव की लिंग रूप में पूजा करते हैं और आमतौर पर एक छोटा लिंग शरीर पर धारण करते हैं; उन्होंने जाति, कर्मकांड और पुनर्जन्म के सिद्धांत पर सवाल उठाए और विधवा पुनर्विवाह का समर्थन किया। बसवन्ना और अल्लम प्रभु, अक्का महादेवी जैसे संतों ने सरल कन्नड़ में छोटे-छोटे 'वचन' कहकर उपदेश दिया और अनुभव मंडप में आध्यात्मिक चर्चा की। बाकी तीनों नाम तमिल क्षेत्र के संतों के हैं। B गलत है, अप्पार शिव के भक्त तमिल नयनार संत थे, कर्नाटक के आंदोलन के नेता नहीं। C गलत है, संबंदर भी तमिल नयनार थे, जिनके भजन तेवारम में संकलित हैं। D गलत है, सुंदरर भी एक तमिल नयनार संत थे। परीक्षा टिप: वीरशैव, बसवन्ना, कन्नड़ वचन; नयनार अप्पार, संबंदर और सुंदरर, तमिल तेवारम।

Q93.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS (I) 2022, 10 Apr 2022मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी कृति कृष्णदेवराय ने राज्य-शासन (राजनीति) पर तेलुगु में रची थी?

  1. A.आमुक्तमाल्यद
  2. B.जाम्बवती कल्याणम्
  3. C.रायवाचकमु
  4. D.सत्यवधु परिणय
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आमुक्तमाल्यद

व्याख्या

सही उत्तर है A, आमुक्तमाल्यद। कृष्णदेवराय ने यह तेलुगु काव्य लिखा और इसके एक भाग में बताया कि राजा को कैसे शासन करना चाहिए। तुलुव वंश के कृष्णदेवराय ने 1509 से 1529 तक विजयनगर पर शासन किया; वे स्वयं कवि थे, इसलिए उन्हें 'आंध्र भोज' कहा गया। आमुक्तमाल्यद में तमिल संत कवयित्री आंडाल और भगवान विष्णु के विवाह की कथा है, पर इतिहास की किताबें इसे राजनीति संबंधी सलाह के लिए उद्धृत करती हैं: राजा धर्म को ध्यान में रखकर शासन करे, बंदरगाह सुधारे, व्यापार बढ़ाए और प्रजा का ध्यान रखे। उनके दरबार में आठ तेलुगु कवि थे, जिन्हें 'अष्टदिग्गज' कहा जाता है। B गलत है, जाम्बवती कल्याणम् उनका संस्कृत नाटक है, राजनीति पर तेलुगु ग्रंथ नहीं। C गलत है, रायवाचकमु उनके शासन का बाद में लिखा गया तेलुगु गद्य विवरण है, जिसे दूसरों ने लिखा। D गलत है, सत्यवधु परिणय भी उनकी संस्कृत कृति मानी जाती है, तेलुगु राजनीति ग्रंथ नहीं। परीक्षा टिप: कृष्णदेवराय की तेलुगु कृति आमुक्तमाल्यद; संस्कृत कृति जाम्बवती कल्याणम्।

Q94.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 12 Apr 2022, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से किस वर्ष सविनय अवज्ञा आंदोलन पूरी तरह समाप्त कर दिया गया?

  1. A.1917
  2. B.1934
  3. C.1923
  4. D.1943
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1934

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1934। गांधीजी ने अप्रैल 1934 में सविनय अवज्ञा आंदोलन औपचारिक रूप से वापस ले लिया, क्योंकि कड़े दमन के बीच आंदोलन की गति खत्म हो चुकी थी। आंदोलन 12 मार्च 1930 को दांडी मार्च से शुरू हुआ था और 6 अप्रैल 1930 को नमक कानून तोड़ा गया। 5 मार्च 1931 के गांधी–इरविन समझौते के बाद इसे स्थगित किया गया, जब गांधीजी लंदन में दूसरे गोलमेज सम्मेलन में जाने को तैयार हुए। सम्मेलन असफल रहा, लौटने पर गांधीजी गिरफ्तार हुए और जनवरी 1932 में आंदोलन फिर शुरू हुआ, लेकिन 1934 तक ज़्यादातर नेता जेल में थे और इसे समाप्त कर दिया गया। इसलिए इस आंदोलन की तीन तारीखें अलग-अलग याद रखनी हैं: 1930 शुरुआत, 1931 विराम, 1934 समाप्ति। A, 1917, चंपारण सत्याग्रह का साल है, जो भारत में गांधीजी का पहला आंदोलन था। C, 1923, में सी. आर. दास और मोतीलाल नेहरू ने स्वराज पार्टी बनाई। D, 1943, में सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में आज़ाद हिंद सरकार बनाई। परीक्षा टिप: सविनय अवज्ञा 1930 से 1934, बीच में 1931 का समझौता।

Q95.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 12 Apr 2022, Shift 3मध्यम

राजा ललितादित्य मुक्तापीड ने __________ पर शासन किया।

  1. A.गुजरात
  2. B.सिक्किम
  3. C.केरल
  4. D.कश्मीर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. कश्मीर

व्याख्या

सही उत्तर है D, कश्मीर। ललितादित्य मुक्तापीड आठवीं सदी में कश्मीर के कार्कोट वंश का सबसे शक्तिशाली राजा था, जिसने लगभग 724 से 760 ईस्वी तक शासन किया। उसे अनंतनाग के पास मार्तंड सूर्य मंदिर बनवाने के लिए याद किया जाता है, जिसके खंडहर आज भी खड़े हैं, और उसने परिहासपुर नगर बसाकर उसे अपनी राजधानी बनाया। उसके बारे में लगभग सारी जानकारी कल्हण की राजतरंगिणी से मिलती है, जो बारहवीं सदी में संस्कृत में लिखा कश्मीर के राजाओं का इतिहास है और जिसमें कन्नौज के यशोवर्मन के विरुद्ध उसके अभियान और दूर-दूर तक की विजयें दर्ज हैं। कार्कोट, मार्तंड और राजतरंगिणी, ये तीनों शब्द कश्मीर की ओर इशारा करते हैं, इसलिए इनमें से कोई एक भी याद हो तो प्रश्न हल हो जाता है। A, गुजरात, पर उस समय वल्लभी के मैत्रक और बाद में चालुक्य शासन कर रहे थे। B, सिक्किम, में ऐसा कोई राजा नहीं हुआ; वहाँ नामग्याल राजवंश 1642 में ही शुरू हुआ। C, केरल, चेरों के अधीन था और वहाँ कभी कार्कोट शासक नहीं रहा। परीक्षा टिप: ललितादित्य, कार्कोट, मार्तंड मंदिर, राजतरंगिणी, सबका मतलब कश्मीर।

Q96.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 02 Dec 2022, Shift 1मध्यम

दिल्ली सल्तनत के संबंध में 'शासक – पूर्ववर्ती' का निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजन सही है?

  1. A.अलाउद्दीन खिलजी – जलालुद्दीन खिलजी
  2. B.इल्तुतमिश – बलबन
  3. C.मुहम्मद तुगलक – फिरोज शाह तुगलक
  4. D.गयासुद्दीन तुगलक – मुहम्मद तुगलक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अलाउद्दीन खिलजी – जलालुद्दीन खिलजी

व्याख्या

सही उत्तर है A, अलाउद्दीन खिलजी – जलालुद्दीन खिलजी। जलालुद्दीन खिलजी ने 1290 में खिलजी वंश की स्थापना की और 1296 में उसके भतीजे और दामाद अलाउद्दीन ने कड़ा में उसकी हत्या करवाकर गद्दी ले ली। इसके बाद अलाउद्दीन ने 1316 तक शासन किया, बाज़ार के दाम तय किए, बड़ी स्थायी सेना रखी और मलिक काफूर को दक्कन भेजा। इस जोड़ी में पहला नाम शासक का है और दूसरा उस व्यक्ति का जिसने उससे ठीक पहले शासन किया, इसलिए बस यह देखना है कि पहले कौन आया। B गलत है क्योंकि बलबन इल्तुतमिश के बाद आया: इल्तुतमिश ने 1211 से 1236 तक और बलबन ने 1266 से 1287 तक शासन किया। C गलत है क्योंकि फिरोज शाह तुगलक 1351 में मुहम्मद तुगलक के बाद गद्दी पर बैठा, यानी वह उत्तराधिकारी है, पूर्ववर्ती नहीं। D उल्टे कारण से गलत है: गयासुद्दीन तुगलक ने 1320 में वंश की स्थापना की और 1324 में मुहम्मद तुगलक उसके बाद आया। परीक्षा टिप: जलालुद्दीन से अलाउद्दीन 1296, गयासुद्दीन से मुहम्मद 1324, मुहम्मद से फिरोज 1351।

Q97.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 03 Dec 2022, Shift 1कठिन

दिल्ली के राजवंशों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा क्रम सही है?

  1. A.खिलजी वंश, लोदी वंश, सैयद वंश
  2. B.तुगलक वंश, खिलजी वंश, सैयद वंश
  3. C.प्रारंभिक तुर्क शासक, राजपूत वंश, खिलजी वंश
  4. D.राजपूत वंश, खिलजी वंश, तुगलक वंश
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. राजपूत वंश, खिलजी वंश, तुगलक वंश

व्याख्या

सही उत्तर है D, राजपूत वंश, खिलजी वंश, तुगलक वंश। यही एकमात्र विकल्प है जिसमें हर वंश अपने से पहले वाले के बाद आता है। दिल्ली के शासकों का पूरा क्रम, जैसा NCERT की तालिका में है, यह है: बारहवीं सदी की शुरुआत में राजपूत वंश यानी तोमर और चौहान; 1206 से 1290 तक प्रारंभिक तुर्क शासक, जिनकी शुरुआत कुतुबुद्दीन ऐबक से हुई; 1290 से 1320 तक खिलजी वंश; 1320 से 1414 तक तुगलक वंश; 1414 से 1451 तक सैयद वंश; और 1451 से 1526 तक लोदी वंश, जो पानीपत में इब्राहिम लोदी के साथ खत्म हुआ। A गलत है क्योंकि सैयद लोदियों से पहले आए, बाद में नहीं। B गलत है क्योंकि खिलजी तुगलकों से पहले आए। C गलत है क्योंकि दिल्ली के राजपूत शासक तुर्क शासकों से पहले थे, बाद में नहीं। परीक्षा टिप: श्रृंखला याद रखें राजपूत, तुर्क (गुलाम), खिलजी, तुगलक, सैयद, लोदी और साल 1206, 1290, 1320, 1414, 1451, 1526।

Q98.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 12 Jun 2022, Shift 1 (CBT 2, Level 5)मध्यम

राजकुमारी रत्नावली की प्रेमकथा पर आधारित संस्कृत नाटक 'रत्नावली' किसने लिखा माना जाता है?

  1. A.कालिदास
  2. B.हर्ष
  3. C.भवभूति
  4. D.विशाखदत्त
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. हर्ष

व्याख्या

सही उत्तर है B, हर्ष। रत्नावली उन तीन संस्कृत नाटकों में से एक है जो कन्नौज के सम्राट हर्षवर्धन (शासन 606–647 ईस्वी) के लिखे माने जाते हैं; बाकी दो हैं प्रियदर्शिका और नागानंद। रत्नावली में सिंहल की राजकुमारी रत्नावली सागरिका के वेश में रहकर वत्स के राजा उदयन का प्रेम पाती है। हर्ष लेखक होने के साथ विद्या के बड़े संरक्षक थे: बाणभट्ट उनके दरबार में रहे और हर्षचरित तथा कादंबरी लिखी, चीनी यात्री ह्वेनसांग उनसे मिलने आया, और उन्होंने कन्नौज व प्रयाग में सभाएँ कराईं। A गलत है क्योंकि गुप्त युग के कालिदास ने अभिज्ञानशाकुंतलम्, मेघदूत और रघुवंश लिखे। C गलत है क्योंकि यशोवर्मन के दरबारी भवभूति ने उत्तररामचरित और मालतीमाधव लिखे। D गलत है क्योंकि विशाखदत्त ने चाणक्य और चंद्रगुप्त मौर्य पर मुद्राराक्षस लिखा। परीक्षा टिप: हर्ष के तीन नाटक रत्नावली, प्रियदर्शिका और नागानंद; उनके जीवनीकार बाणभट्ट।

Q99.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 13 Jun 2022, Shift 1 (CBT 2, Level 2)आसान

निम्नलिखित में से किसने जाति व्यवस्था के अन्याय की निंदा की और सत्यशोधक समाज (सत्य खोजने वालों का समाज) की स्थापना की?

  1. A.सावित्रीबाई फुले
  2. B.ई. वी. रामासामी नायकर
  3. C.अय्यंकाली
  4. D.ज्योतिराव गोविंदराव फुले
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. ज्योतिराव गोविंदराव फुले

व्याख्या

सही उत्तर है D, ज्योतिराव गोविंदराव फुले। ज्योतिबा फुले ने जातिगत भेदभाव और समाज पर पुरोहितों की पकड़ के विरुद्ध 24 सितंबर 1873 को पुणे में सत्यशोधक समाज की स्थापना की। उसी वर्ष उन्होंने 'गुलामगिरी' पुस्तक छापी, जिसमें ब्राह्मणवादी वर्चस्व पर प्रहार था, और इससे पहले 1848 में उन्होंने अपनी पत्नी सावित्रीबाई के साथ पुणे में लड़कियों के पहले स्कूलों में से एक खोला था। समाज ने शूद्रों, दलितों और स्त्रियों की शिक्षा, बिना पुरोहित के विवाह और समानता को बढ़ावा दिया; 1888 में फुले को 'महात्मा' की उपाधि मिली और डॉ. आंबेडकर उन्हें अपने तीन गुरुओं में गिनते थे। A गलत है क्योंकि सावित्रीबाई फुले स्त्री शिक्षा की अग्रदूत और समाज की सदस्य थीं, पर संस्थापक नहीं। B गलत है क्योंकि ई. वी. रामासामी पेरियार ने 1925 से तमिलनाडु में आत्मसम्मान आंदोलन चलाया। C गलत है क्योंकि अय्यंकाली केरल के दलित सुधारक थे जिन्होंने 1907 में साधु जन परिपालन संघम बनाया। परीक्षा टिप: सत्यशोधक समाज, पुणे, 1873, ज्योतिबा फुले, पुस्तक गुलामगिरी।

Q100.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 9 May 2022, Shift 2 (CBT 2, Level 6)आसान

कल्हण की संस्कृत रचना राजतरंगिणी किस क्षेत्र पर शासन करने वाले राजाओं का इतिहास बताती है?

  1. A.बंगाल
  2. B.बिहार
  3. C.कश्मीर
  4. D.दिल्ली
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कश्मीर

व्याख्या

सही उत्तर है C, कश्मीर। राजतरंगिणी, यानी राजाओं की नदी, कश्मीर के शासकों का संस्कृत पद्य में लिखा इतिहास है जिसे कल्हण ने लगभग 1148–1150 ईस्वी में रचा। इसमें लगभग 8,000 श्लोक हैं जो आठ तरंगों (अध्यायों) में बँटे हैं, और यह कश्मीर के राजाओं की कथा पौराणिक काल से लेकर कल्हण के अपने समय, राजा जयसिंह के शासन तक ले जाती है। कल्हण ने अभिलेखों, सिक्कों, पुराने ग्रंथों और अपने विवेक का प्रयोग किया, इसलिए इसे भारत में लिखा पहला सच्चा इतिहास-ग्रंथ कहा जाता है। बाद में जोनराज, श्रीवर और प्राज्यभट्ट ने इस कथा को मुगल काल तक आगे बढ़ाया। A गलत है क्योंकि बंगाल के शासकों का वर्णन संध्याकर नंदी के रामचरित जैसे ग्रंथों में है, राजतरंगिणी में नहीं। B गलत है क्योंकि बिहार मगध और पालों का केंद्र था, जो इस ग्रंथ का विषय नहीं हैं। D गलत है क्योंकि दिल्ली के सुल्तानों का इतिहास तबकात-ए-नासिरी जैसे फ़ारसी इतिहासों में मिलता है। परीक्षा टिप: कल्हण, राजतरंगिणी, कश्मीर, 12वीं सदी, आठ तरंगें।