ऋग्वेद में एक सूक्त ऋषि विश्वामित्र और देवी रूप में पूजित दो नदियों के संवाद के रूप में है। ये नदियाँ कौन हैं?
- A.गंगा और यमुना
- B.अलकनंदा और भागीरथी
- C.रावी और चिनाब
- D.ब्यास और सतलुज
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. ब्यास और सतलुज
व्याख्या
सही उत्तर है D, ब्यास और सतलुज। ऋग्वेद के तीसरे मंडल में एक सूक्त है जिसमें ऋषि विश्वामित्र दो नदियों — विपाशा और शुतुद्री — से संवाद करते हैं और उनसे जल कम करने की प्रार्थना करते हैं, ताकि उनका दल गाड़ियों के साथ पार उतर सके। विपाशा ही ब्यास है और शुतुद्री सतलुज। सूक्त में दोनों नदियाँ देवी के रूप में हैं और अपनी ही वाणी में ऋषि को उत्तर देती हैं। ऋग्वेद में कई नदियों का इसी भाव से उल्लेख है; नदीस्तुति सूक्त उन्हें पूर्व से पश्चिम की ओर गिनाता है और सिंधु तथा सरस्वती की स्तुति सबसे अधिक है। विकल्प A गलत है, क्योंकि ऋग्वेद में गंगा का उल्लेख केवल एक बार और यमुना का तीन बार है, और वे इस संवाद में नहीं हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि अलकनंदा और भागीरथी गंगा की धाराओं के बाद के नाम हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि रावी यानी परुष्णी दाशराज्ञ युद्ध के सूक्त से जुड़ी है और चिनाब का वैदिक नाम असिक्नी है। परीक्षा टिप: वैदिक नाम याद रखें — विपाशा (ब्यास), शुतुद्री (सतलुज), परुष्णी (रावी), असिक्नी (चिनाब), वितस्ता (झेलम)।