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GK24

भारतीय इतिहास पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) उत्तर सहित – पेज 7

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SSC, बैंकिंग, रेलवे और अन्य परीक्षाओं के पिछले वर्षों के पेपरों में पूछे गए भारतीय इतिहास के प्रश्न, परीक्षा और वर्ष, उत्तर और व्याख्या सहित।

166 पिछले वर्षों के प्रश्न

Q121.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 17 March 2020, Shift 2आसान

भारत ने पंचशील समझौते पर किस देश के साथ हस्ताक्षर किए थे?

  1. A.पाकिस्तान
  2. B.बांग्लादेश
  3. C.चीन
  4. D.नेपाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चीन

व्याख्या

सही उत्तर है C, चीन। पंचशील समझौते पर 29 अप्रैल 1954 को भारत और चीन ने हस्ताक्षर किए थे, जो भारत तथा चीन के तिब्बत क्षेत्र के बीच व्यापार संबंधी संधि का भाग था। जवाहरलाल नेहरू और चाउ एन-लाई ने इसे पंचशील नाम दिया। इसके पांच सिद्धांत हैं - एक-दूसरे की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान, अनाक्रमण, एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना, समानता और पारस्परिक लाभ, तथा शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व। 'हिंदी-चीनी भाई-भाई' का नारा इन्हीं वर्षों का है और आगे चलकर इन्हीं सिद्धांतों ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन को दिशा दी। 1962 के युद्ध ने दिखा दिया कि यह समझौता कितना कमजोर सिद्ध हुआ। विकल्प A गलत है, क्योंकि पाकिस्तान के साथ मुख्य समझौते 1960 की सिंधु जल संधि और 1972 का शिमला समझौता हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि बांग्लादेश 1971 में बना। विकल्प D गलत है, क्योंकि भारत-नेपाल शांति एवं मैत्री संधि 1950 में हुई थी। परीक्षा टिप: पंचशील - भारत और चीन, 29 अप्रैल 1954, पांच सिद्धांत।

Q122.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 12 Oct 2020, Shift 3आसान

मेवाड़ के किस राजपूत शासक ने 1576 में हल्दीघाटी का युद्ध लड़ा था?

  1. A.महाराणा प्रताप
  2. B.राणा अमर सिंह
  3. C.महाराजा उदय सिंह
  4. D.राजा मान सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. महाराणा प्रताप

व्याख्या

सही उत्तर है A, महाराणा प्रताप। हल्दीघाटी का युद्ध 18 जून 1576 को राजस्थान में गोगुंदा के पास मेवाड़ के महाराणा प्रताप और अकबर द्वारा भेजी गई मुगल सेना के बीच लड़ा गया। प्रताप अपने घोड़े चेतक पर सवार थे और उनके साथ राजपूत सैनिकों के अलावा पहाड़ों के भील धनुर्धर भी लड़े; मुगल सेना का नेतृत्व आमेर के राजा मान सिंह और आसफ खान ने किया। युद्धभूमि मुगलों के हाथ रही, पर प्रताप बच निकले और लंबे समय तक छापामार युद्ध चलाकर 1582 में दिवेर में मेवाड़ का बड़ा भाग वापस जीत लिया। विकल्प B गलत है, क्योंकि अमर सिंह प्रताप के पुत्र थे और उनके बाद राणा बने। विकल्प C गलत है, क्योंकि प्रताप के पिता उदय सिंह द्वितीय ने उदयपुर बसाया और 1572 में उनका देहांत हो गया था। विकल्प D गलत है, क्योंकि मान सिंह मुगल पक्ष के सेनापति थे। परीक्षा टिप: हल्दीघाटी 1576 - महाराणा प्रताप बनाम मान सिंह; प्रताप का घोड़ा चेतक।

Q123.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 19 Oct 2020, Shift 2आसान

हड़प्पा सभ्यता की खोज सबसे पहले किस वर्ष हुई थी?

  1. A.1905
  2. B.1921
  3. C.1926
  4. D.1932
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1921

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1921। पंजाब में स्थित हड़प्पा का उत्खनन 1921 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के दयाराम साहनी ने किया और इसी खुदाई से यह सभ्यता सामने आई। एक वर्ष बाद 1922 में आर.डी. बनर्जी ने सिंध में सिंधु नदी के किनारे मोहनजोदड़ो को खोजा। तत्कालीन महानिदेशक सर जॉन मार्शल ने दोनों खोजों को जोड़कर 1924 में एक नई कांस्ययुगीन सभ्यता की घोषणा की, जो उस समय भारत में ज्ञात हर सभ्यता से पुरानी थी। सबसे पहले खोदे गए स्थल के नाम पर इसे हड़प्पा सभ्यता और नदी के नाम पर सिंधु घाटी सभ्यता कहा जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1905 में ऐसा कोई उत्खनन नहीं हुआ। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1926 तक इन स्थलों पर काम पहले से चल रहा था। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1932 खोज के पूरे दस वर्ष बाद आता है। परीक्षा टिप: हड़प्पा 1921 - दयाराम साहनी; मोहनजोदड़ो 1922 - आर.डी. बनर्जी।

Q124.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 13 Oct 2020, Shift 3आसान

मुगल दरबार के इतिहास ग्रंथ किस भाषा में लिखे गए थे?

  1. A.संस्कृत
  2. B.हिंदी
  3. C.उर्दू
  4. D.फारसी
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. फारसी

व्याख्या

सही उत्तर है D, फारसी। फारसी मुगल दरबार और उसके अभिलेखों की भाषा थी, और अकबर ने 1582 में इसे प्रशासन की राजभाषा बनाया। इसलिए सम्राटों के लिए लिखे गए इतिहास ग्रंथ फारसी में ही हैं - अबुल फज़ल का अकबरनामा, जिसका तीसरा भाग आईन-ए-अकबरी है, गुलबदन बेगम का हुमायूँनामा, जहाँगीर का अपना तुज़ुक-ए-जहाँगीरी और शाहजहाँ के लिए अब्दुल हमीद लाहौरी का पादशाहनामा। बाबर ने अपने संस्मरण तुज़ुक-ए-बाबरी चग़ताई तुर्की में लिखे थे, जिनका अकबर ने फारसी में बाबरनामा नाम से अनुवाद कराया। फारसी ने दिल्ली की स्थानीय बोली से भी बहुत कुछ लिया और इसी मेल से आगे चलकर उर्दू भाषा बनी। विकल्प A गलत है, क्योंकि अकबर के मकतबखाना में संस्कृत ग्रंथों का फारसी में अनुवाद होता था, उल्टा नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि हिंदी कविता और क्षेत्रों में चलती थी, दरबारी अभिलेखों में नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि उर्दू बाद में बनी और कभी मुगल कार्यालयी भाषा नहीं रही। परीक्षा टिप: अकबरनामा, पादशाहनामा और आईन-ए-अकबरी फारसी में; बाबरनामा मूलतः तुर्की में।

Q125.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 16 Oct 2020, Shift 1मध्यम

पुष्यमित्र शुंग द्वारा मारा गया अंतिम मौर्य शासक कौन था?

  1. A.देववर्मन
  2. B.बिंदुसार
  3. C.बृहद्रथ
  4. D.दशरथ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बृहद्रथ

व्याख्या

सही उत्तर है C, बृहद्रथ। बृहद्रथ अंतिम मौर्य सम्राट था और लगभग 185 ईसा पूर्व उसके अपने सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने सेना के निरीक्षण के समय उसकी हत्या कर दी। इसी के साथ वह वंश समाप्त हुआ, जिसे चंद्रगुप्त मौर्य ने लगभग 322 ईसा पूर्व में स्थापित किया था। पुष्यमित्र ने इसके बाद पाटलिपुत्र को राजधानी बनाकर शुंग वंश की नींव रखी। यह वृत्तांत बाणभट्ट के हर्षचरित से मिलता है, और पुराणों में मौर्यों का शासन लगभग 137 वर्ष बताया गया है। पुष्यमित्र दो अश्वमेध यज्ञ कराने तथा ब्राह्मण परंपरा के पुनरुत्थान के लिए जाना जाता है; भरहुत का स्तूप और साँची की वेदिका शुंग काल की हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि देववर्मन पहले का अल्पकालिक मौर्य राजा था। विकल्प B गलत है, क्योंकि बिंदुसार दूसरा मौर्य सम्राट, चंद्रगुप्त का पुत्र और अशोक का पिता था। विकल्प D गलत है, क्योंकि अशोक का पौत्र दशरथ पहले शासन कर चुका था और उसने आजीवकों को नागार्जुनी गुफाएँ दी थीं। परीक्षा टिप: चंद्रगुप्त ने मौर्य वंश शुरू किया, बृहद्रथ पर समाप्त हुआ, पुष्यमित्र से शुंग वंश चला।

Q126.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 26 Oct 2020, Shift 1मध्यम

उस पवित्र नगर का नाम बताइए जिसे प्रथम और चतुर्थ जैन तीर्थंकरों का जन्मस्थान माना जाता है।

  1. A.गया
  2. B.वाराणसी
  3. C.अयोध्या
  4. D.द्वारका
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अयोध्या

व्याख्या

सही उत्तर है C, अयोध्या। जैन परंपरा में पहले तीर्थंकर ऋषभनाथ और चौथे तीर्थंकर अभिनंदननाथ का जन्म आज के उत्तर प्रदेश की अयोध्या में माना जाता है। वस्तुतः चौबीस तीर्थंकरों में से पाँच का जन्म यहीं बताया जाता है, इसीलिए जैन अयोध्या को अपने सबसे प्राचीन तीर्थों में गिनते हैं। ऋषभनाथ को आदिनाथ भी कहते हैं, उनका प्रतीक बैल है और उनका उल्लेख ऋग्वेद तथा भागवत पुराण में भी मिलता है। अंतिम दो तीर्थंकर पार्श्वनाथ और महावीर ऐतिहासिक रूप से सबसे प्रमाणित माने जाते हैं; महावीर का जन्म बिहार में वैशाली के पास कुंडग्राम में हुआ था। विकल्प A गलत है, क्योंकि गया बुद्ध के ज्ञानप्राप्ति स्थल बोधगया से जुड़ा है। विकल्प B गलत है, क्योंकि वाराणसी तेईसवें तीर्थंकर पार्श्वनाथ और सातवें तीर्थंकर सुपार्श्वनाथ का जन्मस्थान है। विकल्प D गलत है, क्योंकि द्वारका कृष्ण तथा बाईसवें तीर्थंकर नेमिनाथ से जुड़ी है। परीक्षा टिप: अयोध्या - ऋषभनाथ; वाराणसी - पार्श्वनाथ; कुंडग्राम - महावीर।

Q127.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 20 Oct 2020, Shift 1मध्यम

सिंधु घाटी सभ्यता का निम्नलिखित में से कौन सा स्थल सिंधु नदी के किनारे नहीं है?

  1. A.चन्हूदड़ो
  2. B.मोहनजोदड़ो
  3. C.रोपड़
  4. D.कोट दीजी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रोपड़

व्याख्या

सही उत्तर है C, रोपड़। रोपड़, जो अब पंजाब का रूपनगर है, सतलुज नदी के किनारे बसा है, सिंधु के नहीं। इसकी खुदाई 1953 में वाई.डी. शर्मा ने की थी और स्वतंत्र भारत में खोदा गया यह पहला हड़प्पाई स्थल था। यहाँ मनुष्य के साथ कुत्ते को दफनाने का साक्ष्य मिला, जो इसकी सबसे चर्चित खोज है। बाकी तीनों स्थल आज के पाकिस्तान के सिंध प्रांत में सिंधु नदी के किनारे हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि चन्हूदड़ो सिंधु के किनारे है और मनके तथा शंख के कारखानों के लिए जाना जाता है; यही अकेला हड़प्पाई नगर है जिसमें दुर्ग नहीं मिला। विकल्प B गलत है, क्योंकि मोहनजोदड़ो, जहाँ विशाल स्नानागार और विशाल अन्नागार मिले, सिंधु के दाहिने किनारे पर है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कोट दीजी सिंधु के बाएँ किनारे पर मोहनजोदड़ो के सामने है और इसी के नाम पर पूर्व-हड़प्पा संस्कृति का नाम पड़ा। परीक्षा टिप: स्थल और नदी साथ याद रखें - रोपड़ सतलुज, कालीबंगा घग्गर, लोथल भोगावा, हड़प्पा रावी।

Q128.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 12 Jan 2020आसान

ब्रिटिश भारत में साम्प्रदायिक प्रतिनिधित्व की व्यवस्था निम्नलिखित में से किस अधिनियम द्वारा की गई थी?

  1. A.भारतीय कौंसिल अधिनियम, 1892
  2. B.मिंटो-मार्ले सुधार, 1909
  3. C.मांटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार, 1919
  4. D.भारत सरकार अधिनियम, 1935
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मिंटो-मार्ले सुधार, 1909

व्याख्या

सही उत्तर है B, मिंटो-मार्ले सुधार, 1909। 1909 के भारतीय परिषद अधिनियम, यानी मार्ले-मिंटो सुधार, ने पहली बार मुसलमानों को पृथक निर्वाचन दिया, जिसमें मुस्लिम सदस्यों को केवल मुस्लिम मतदाता ही चुन सकते थे। इससे पहले 1906 में आगा ख़ाँ के नेतृत्व में शिमला प्रतिनिधिमंडल ने लॉर्ड मिंटो से अलग प्रतिनिधित्व की माँग की थी और उसी वर्ष मुस्लिम लीग बनी थी। इसी कारण लॉर्ड मिंटो को ‘सांप्रदायिक निर्वाचन का जनक’ कहा जाता है। इस अधिनियम ने विधान परिषदों का आकार भी बढ़ाया और सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा वायसराय की कार्यकारी परिषद में पहुँचने वाले पहले भारतीय बने। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1892 के अधिनियम ने केवल अप्रत्यक्ष चुनाव और बजट पर चर्चा का अधिकार दिया। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1919 के अधिनियम ने सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व को सिखों, भारतीय ईसाइयों, आंग्ल-भारतीयों और यूरोपीयों तक बढ़ाया, उसकी शुरुआत नहीं की। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1935 के अधिनियम ने इसे दलित वर्गों, महिलाओं और श्रमिकों तक और फैलाया। परीक्षा टिप: पृथक निर्वाचन 1909 में मिंटो से शुरू हुआ, 1919 और 1935 में इसका विस्तार हुआ।

Q129.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS (I) 2020, 2 Feb 2020आसान

31 दिसंबर, 1929 को निम्नलिखित में से किस कांग्रेस अधिवेशन में पूर्ण स्वराज की घोषणा की गई थी?

  1. A.अहमदाबाद
  2. B.कलकत्ता
  3. C.लाहौर
  4. D.लखनऊ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लाहौर

व्याख्या

सही उत्तर है C, लाहौर। जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन ने पूर्ण स्वराज यानी पूर्ण स्वतंत्रता का प्रस्ताव पारित किया। 31 दिसंबर 1929 की आधी रात को नेहरू ने रावी नदी के तट पर तिरंगा फहराया। इसके बाद कांग्रेस ने 26 जनवरी 1930 को पूरे देश में पूर्ण स्वराज दिवस मनाना तय किया, और इसी अधिवेशन ने कार्यसमिति को सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू करने का अधिकार दिया, जो मार्च 1930 में दांडी मार्च से शुरू हुआ। इसी कारण संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। A गलत है, 1921 का अहमदाबाद अधिवेशन असहयोग आंदोलन के दौरान हुआ, जिसमें हकीम अजमल खान कार्यवाहक अध्यक्ष थे। B गलत है, 1928 के कलकत्ता अधिवेशन में मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में अंग्रेजों को डोमिनियन स्टेटस मानने के लिए केवल एक साल दिया गया था। D गलत है, 1916 का लखनऊ अधिवेशन कांग्रेस-लीग समझौते और नरम-गरम दल के फिर से मिलने के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: लाहौर 1929, नेहरू, पूर्ण स्वराज; 26 जनवरी 1930, पहला स्वतंत्रता दिवस।

Q130.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 28 Dec 2020, Shift 2 (CBT 1)मध्यम

जलियाँवाला बाग हत्याकांड किस वायसराय के कार्यकाल में हुआ था?

  1. A.लॉर्ड इरविन
  2. B.लॉर्ड डलहौज़ी
  3. C.लॉर्ड चेम्सफ़ोर्ड
  4. D.लॉर्ड रिपन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लॉर्ड चेम्सफ़ोर्ड

व्याख्या

सही उत्तर है C, लॉर्ड चेम्सफ़ोर्ड। चेम्सफ़ोर्ड 1916 से 1921 तक वायसराय रहे और जलियाँवाला बाग हत्याकांड 13 अप्रैल 1919 को, बैसाखी के दिन, अमृतसर में हुआ। रॉलेट एक्ट और डॉ. सैफुद्दीन किचलू व डॉ. सत्यपाल की गिरफ्तारी के विरोध में जुटी शांत भीड़ पर जनरल डायर के आदेश से गोलियाँ चलाई गईं; उस समय पंजाब के लेफ्टिनेंट-गवर्नर माइकल ओ'डायर थे। विरोध में रवींद्रनाथ टैगोर ने अपनी 'सर' की उपाधि लौटा दी और जाँच के लिए हंटर आयोग बना। उसी वर्ष के मोंटेग्यू–चेम्सफ़ोर्ड सुधार और भारत सरकार अधिनियम 1919 भी इन्हीं के कार्यकाल के हैं। A गलत है क्योंकि लॉर्ड इरविन (1926–31) साइमन कमीशन के बहिष्कार, दांडी मार्च और गांधी–इरविन समझौते से जुड़े हैं। B गलत है क्योंकि डलहौज़ी (1848–56) गवर्नर-जनरल थे, जो व्यपगत सिद्धांत के लिए जाने जाते हैं। D गलत है क्योंकि रिपन (1880–84) स्थानीय स्वशासन और इल्बर्ट बिल के लिए याद किए जाते हैं। परीक्षा टिप: 1919 = रॉलेट एक्ट, जलियाँवाला बाग और मोंटेग्यू–चेम्सफ़ोर्ड सुधार, सब चेम्सफ़ोर्ड के समय।

Q131.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 18 Feb 2019, Shift 1मध्यम

शेरशाह सूरी द्वारा चलाया गया चाँदी का सिक्का कहलाता था:

  1. A.टंका
  2. B.रुपया
  3. C.मोहर
  4. D.दीनार
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रुपया

व्याख्या

सही उत्तर है B, रुपया। चौसा और कन्नौज में हुमायूँ को हराकर 1540 से 1545 तक शासन करने वाले शेरशाह सूरी ने लगभग 178 ग्रेन चाँदी का सिक्का चलाया, जिसे रुपया कहा गया, और ताँबे का सिक्का दाम भी चलाया। मुगलों ने इसी सिक्का प्रणाली को बनाए रखा और रुपया शब्द से ही आज का रुपया आया है। शेरशाह अपने सुदृढ़ प्रशासन के लिए याद किया जाता है: उसने सरायों और छायादार वृक्षों के साथ ग्रैंड ट्रंक रोड का पुनर्निर्माण कराया, घुड़सवारों की डाक व्यवस्था चलाई, भूमि की पैमाइश कराकर उपज का एक तिहाई लगान तय किया और प्रत्येक किसान को जोत बताने वाला पट्टा तथा देय बताने वाला कबूलियत दिया। उसने रोहतास किला और दिल्ली में पुराना किला भी बनवाया। विकल्प A गलत है, क्योंकि टंका दिल्ली सल्तनत का चाँदी का सिक्का था, जिसे इल्तुतमिश ने चलाया। विकल्प C गलत है, क्योंकि मोहर मुगलों का स्वर्ण सिक्का था। विकल्प D गलत है, क्योंकि दीनार पश्चिम एशिया का स्वर्ण सिक्का था। परीक्षा टिप: इल्तुतमिश ने टंका और जीतल, शेरशाह ने रुपया और दाम चलाया।

Q132.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 14 Feb 2019, Shift 1मध्यम

अशोक ने धार्मिक अधिकारियों की नियुक्ति की, जिन्हें कहा जाता था:

  1. A.धम्म-महामात्त
  2. B.धम्माधिराज
  3. C.धम्माधिकारी
  4. D.धम्माध्यक्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. धम्म-महामात्त

व्याख्या

सही उत्तर है A, धम्म-महामात्त। अशोक ने अपने शासन के लगभग तेरहवें वर्ष में धम्म महामात्त नाम के अधिकारियों का नया वर्ग बनाया, जिनका उल्लेख उसके पाँचवें शिलालेख में मिलता है। इनका काम था उसके धम्म का प्रचार करना, स्त्रियों, बंदियों, वृद्धों और सीमावर्ती जनों के कल्याण का ध्यान रखना तथा यह देखना कि विभिन्न संप्रदायों के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार हो। 261 ईसा पूर्व के कलिंग युद्ध के बाद अशोक धम्म की ओर मुड़ा, जिसका वर्णन तेरहवें शिलालेख में है, और उसने अपना संदेश ब्राह्मी लिपि में प्राकृत भाषा में चट्टानों तथा स्तंभों पर खुदवाया। उसके अभिलेखों को सबसे पहले 1837 में जेम्स प्रिंसेप ने पढ़ा। विकल्प B, C और D गलत हैं, क्योंकि धम्माधिराज, धम्माधिकारी और धम्माध्यक्ष अशोक के अभिलेखों में प्रयुक्त उपाधियाँ नहीं हैं; अशोक स्वयं को देवानामपिय यानी देवताओं का प्रिय और पियदस्सी कहता है। परीक्षा टिप: धम्म प्रचार के लिए धम्म महामात्त, जिलों में न्याय के लिए राजुक और राजस्व अधिकारी के रूप में युक्त।

Q133.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 11 March 2019, Shift 3आसान

1965 में पाकिस्तान के साथ युद्ध के समय भारत का नेतृत्व करने वाले प्रधानमंत्री कौन थे?

  1. A.मोरारजी देसाई
  2. B.इंदिरा गांधी
  3. C.लाल बहादुर शास्त्री
  4. D.जवाहरलाल नेहरू
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लाल बहादुर शास्त्री

व्याख्या

सही उत्तर है C, लाल बहादुर शास्त्री। लाल बहादुर शास्त्री 1964 से 1966 तक प्रधानमंत्री रहे और 1965 के भारत-पाक युद्ध में उन्होंने देश का नेतृत्व किया। उन्होंने जय जवान जय किसान का नारा दिया, जिसने सीमा पर खड़े सैनिक को खेत में काम करने वाले किसान से जोड़ा, और उनके कार्यकाल में हरित क्रांति की शुरुआत हुई तथा भारतीय खाद्य निगम की स्थापना हुई। युद्ध ताशकंद समझौते से समाप्त हुआ, जिस पर 10 जनवरी 1966 को अयूब खान के साथ हस्ताक्षर हुए; उसी रात ताशकंद में शास्त्री जी का निधन हो गया। उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न दिया गया, और 2 अक्टूबर उनकी जयंती तथा गांधी जयंती दोनों के रूप में याद किया जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि मोरारजी देसाई 1977 में प्रधानमंत्री बने। विकल्प B गलत है, क्योंकि इंदिरा गांधी 1966 में पद पर आईं और उन्होंने 1971 के युद्ध में नेतृत्व किया। विकल्प D गलत है, क्योंकि जवाहरलाल नेहरू का निधन मई 1964 में, इस युद्ध से पहले हो गया था। परीक्षा टिप: 1962 चीन के साथ नेहरू, 1965 पाकिस्तान के साथ शास्त्री, 1971 बांग्लादेश युद्ध इंदिरा गांधी के समय।

Q134.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 11 Feb 2019, Shift 1आसान

तीसरे वर्ग द्वारा बैस्तील जेल पर किए गए हमले से _______ की चिंगारी भड़की।

  1. A.रूसी क्रांति
  2. B.फ्रांसीसी क्रांति
  3. C.सोवियत संघ का विघटन
  4. D.ज़ार का पतन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. फ्रांसीसी क्रांति

व्याख्या

सही उत्तर है B, फ्रांसीसी क्रांति। 14 जुलाई 1789 को पेरिस में बैस्तील जेल पर हुए हमले से फ्रांसीसी क्रांति की शुरुआत मानी जाती है। उस समय फ्रांसीसी समाज तीन वर्गों में बँटा था, पहला पादरी वर्ग, दूसरा कुलीन वर्ग और तीसरा वह वर्ग जिसमें किसानों से लेकर व्यापारी तक सब आते थे; कर वही चुकाता था, पर उसे कोई विशेषाधिकार नहीं था। बैस्तील राजा का किलेनुमा कारागार और लुई सोलहवें की निरंकुश सत्ता का प्रतीक था, इसलिए भीड़ ने हथियार और बारूद के लिए उस पर हमला किया। इस क्रांति ने दुनिया को स्वतंत्रता, समता और बंधुता का नारा तथा मानव अधिकारों की घोषणा दी, और 14 जुलाई आज भी फ्रांस का राष्ट्रीय दिवस है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1917 की रूसी क्रांति पेत्रोग्राद की हड़तालों से शुरू हुई। विकल्प C गलत है, क्योंकि सोवियत संघ का विघटन 1991 में हुआ। विकल्प D गलत है, क्योंकि ज़ार निकोलस द्वितीय ने 1917 की फरवरी क्रांति में गद्दी छोड़ी। परीक्षा टिप: 14 जुलाई 1789 बैस्तील, 1917 रूसी क्रांति, 1991 सोवियत संघ का अंत।

Q135.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 13 Feb 2019, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन हड़प्पाई नगर नहीं था?

  1. A.लोथल
  2. B.धोलावीरा
  3. C.मेहरगढ़
  4. D.सोत्काकोह
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. मेहरगढ़

व्याख्या

सही उत्तर है C, मेहरगढ़। मेहरगढ़ एक नवपाषाण कालीन कृषि बस्ती थी, हड़प्पा सभ्यता का नगर नहीं। यह बलूचिस्तान के काची मैदान में स्थित है और लगभग 7000 ईसा पूर्व का है, यानी 2600 से 1900 ईसा पूर्व के परिपक्व हड़प्पा काल से हजारों वर्ष पहले का। मेहरगढ़ से उपमहाद्वीप में स्थायी खेती, गेहूँ और जौ की उपज तथा भेड़, बकरी और मवेशी पालने के सबसे पुराने प्रमाण मिलते हैं, इसलिए इसे पूर्व-हड़प्पाई स्थल कहा जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि गुजरात का लोथल हड़प्पाई बंदरगाह था, जहाँ पक्की ईंटों की गोदीबाड़ा और मनका बनाने की कार्यशाला मिली। विकल्प B गलत है, क्योंकि कच्छ के रण में स्थित धोलावीरा अपने जल भंडारों और साइनबोर्ड के लिए प्रसिद्ध हड़प्पाई नगर है और अब यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सोत्काकोह मकरान तट पर पासनी के पास बसी हड़प्पाई तटीय बस्ती थी। परीक्षा टिप: मेहरगढ़ का अर्थ नवपाषाण शुरुआत, और लोथल, धोलावीरा, कालीबंगा तथा राखीगढ़ी हड़प्पाई नगर।

Q136.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 24 May 2019, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से किस आंदोलन से 'करो या मरो' का नारा जुड़ा है?

  1. A.स्वदेशी आंदोलन
  2. B.भारत छोड़ो आंदोलन
  3. C.सविनय अवज्ञा आंदोलन
  4. D.असहयोग आंदोलन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारत छोड़ो आंदोलन

व्याख्या

सही उत्तर है B, भारत छोड़ो आंदोलन। अगस्त 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन शुरू करते समय महात्मा गांधी ने 'करो या मरो' का नारा दिया था। 8 अगस्त 1942 को कांग्रेस के बंबई अधिवेशन में भारत छोड़ो प्रस्ताव पारित हुआ, और ग्वालिया टैंक मैदान (आज का अगस्त क्रांति मैदान) में अपने भाषण में गांधीजी ने कहा कि या तो आज़ादी लेंगे या इसके लिए जान दे देंगे। अगली सुबह अंग्रेज़ों ने गांधी, नेहरू और दूसरे नेताओं को गिरफ़्तार कर लिया, और अरुणा आसफ़ अली ने उसी मैदान में कांग्रेस का झंडा फहराया। नेताओं के जेल में होने पर आंदोलन को छात्रों, मज़दूरों और जयप्रकाश नारायण व राम मनोहर लोहिया जैसे भूमिगत नेताओं ने आगे बढ़ाया। A गलत है क्योंकि स्वदेशी आंदोलन 1905 में बंगाल विभाजन के विरोध में शुरू हुआ था। C गलत है क्योंकि सविनय अवज्ञा आंदोलन 1930 में दांडी यात्रा से शुरू हुआ था। D गलत है क्योंकि असहयोग आंदोलन 1920 से 1922 तक चला। परीक्षा टिप: 1942 = भारत छोड़ो = 'करो या मरो'; 9 अगस्त को अगस्त क्रांति दिवस मनाया जाता है।

Q137.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए :

1. रामकृष्ण मिशन की स्थापना

2. आर्य समाज की स्थापना

3. ब्रह्म समाज की स्थापना

4. परमहंस मंडली की स्थापना

उपर्युक्त का सही कालानुक्रमिक क्रम निम्नलिखित में से कौन सा है?

  1. A.1, 2, 3, 4
  2. B.2, 3, 4, 1
  3. C.3, 4, 1, 2
  4. D.3, 4, 2, 1
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 3, 4, 2, 1

व्याख्या

सही उत्तर है D, 3, 4, 2, 1। इन चारों की तिथियाँ क्रम से 1828, 1849, 1875 और 1897 हैं। राजा राममोहन राय ने 1828 में कलकत्ता में ब्रह्म सभा बनाई, जो आगे चलकर ब्रह्म समाज कहलाई। परमहंस मंडली 1849 में बंबई में बनी, जो जाति-बंधन और मूर्तिपूजा का विरोध करने वाली एक गुप्त संस्था थी। स्वामी दयानंद सरस्वती ने 1875 में बंबई में आर्य समाज की स्थापना की और "वेदों की ओर लौटो" का नारा दिया। स्वामी विवेकानंद ने 1893 की शिकागो धर्म संसद से लौटने के बाद 1897 में रामकृष्ण मिशन बनाया। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें चारों में सबसे बाद वाला रामकृष्ण मिशन सबसे पहले रखा गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें 1875 का आर्य समाज 1828 के ब्रह्म समाज से पहले रखा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें 1897 का रामकृष्ण मिशन 1875 के आर्य समाज से पहले आ गया है। परीक्षा टिप: ब्रह्म समाज 1828, परमहंस मंडली 1849, आर्य समाज 1875, रामकृष्ण मिशन 1897।

Q138.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019आसान

निम्नलिखित में से कौन, काकोरी षडयंत्र केस (मुकदमा) से संबंधित नहीं था?

  1. A.रामप्रसाद बिस्मिल
  2. B.राजेंद्र लाहिड़ी
  3. C.अशफाक उल्लाह खाँ
  4. D.सूर्य सेन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सूर्य सेन

व्याख्या

सही उत्तर है D, सूर्य सेन। सूर्य सेन ने 1930 में बंगाल में चटगाँव शस्त्रागार छापे का नेतृत्व किया था, काकोरी केस से उनका कोई संबंध नहीं था। काकोरी ट्रेन एक्शन 9 अगस्त 1925 को हुआ, जब हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) के सदस्यों ने लखनऊ के पास काकोरी में एक ट्रेन रोककर उसमें ले जाया जा रहा सरकारी खज़ाना संघर्ष के लिए ले लिया। इसके बाद चले मुकदमे में चार क्रांतिकारियों को फाँसी की सज़ा हुई और चारों को दिसंबर 1927 में फाँसी दी गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि रामप्रसाद बिस्मिल ने यह योजना बनाई थी और उन्हें गोरखपुर में फाँसी दी गई। विकल्प B गलत है, क्योंकि राजेंद्र लाहिड़ी इसमें शामिल थे और उन्हें बाकी साथियों से दो दिन पहले गोंडा में फाँसी दी गई। विकल्प C गलत है, क्योंकि बिस्मिल के घनिष्ठ मित्र अशफाक उल्लाह खाँ को फ़ैज़ाबाद में फाँसी हुई; चौथे शहीद रोशन सिंह थे। चंद्रशेखर आज़ाद भी इसमें शामिल थे, पर पकड़े नहीं गए। परीक्षा टिप: काकोरी 1925 और HRA; चटगाँव 1930 और सूर्य सेन।

Q139.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

सूफ़ी कृति कश्फ़-अल-महजूब का लेखक कौन था?

  1. A.अबुल हसन अल हुजविरी
  2. B.मोइनुद्दीन चिश्ती
  3. C.शेख निज़ामुद्दीन औलिया
  4. D.अमीर खुसरो
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अबुल हसन अल हुजविरी

व्याख्या

सही उत्तर है A, अबुल हसन अल हुजविरी। उन्होंने 11वीं सदी में लाहौर में कश्फ़-अल-महजूब लिखी, जो सूफ़ीवाद पर फ़ारसी का सबसे पुराना ग्रंथ है। अल हुजविरी अफ़गानिस्तान के गज़नी से आकर लाहौर में बस गए थे। पुस्तक के नाम का अर्थ है "पर्दे में छिपे का अनावरण", और इसमें सूफ़ी विचार, साधना और पहले के संतों का जीवन आम पाठकों के लिए समझाया गया है। लाहौर में उनकी दरगाह दाता दरबार आज भी दक्षिण एशिया की सबसे व्यस्त दरगाहों में है और लोग उन्हें दाता गंज बख्श यानी "खज़ाने बाँटने वाला" कहते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि मोइनुद्दीन चिश्ती ने 12वीं सदी के अंत में अजमेर में भारत में चिश्ती सिलसिला स्थापित किया, यह ग्रंथ उनका नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि निज़ामुद्दीन औलिया की बातें अमीर हसन सिज़्ज़ी ने फ़वाइद-उल-फ़ुआद में दर्ज कीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि अमीर खुसरो कवि और संगीतज्ञ थे, जिनकी रचनाएँ ख़ज़ाइन-उल-फ़ुतूह और तुगलकनामा हैं। परीक्षा टिप: कश्फ़-अल-महजूब लाहौर के हुजविरी की; फ़वाइद-उल-फ़ुआद में निज़ामुद्दीन औलिया की बातें।

Q140.भारतीय इतिहासपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 15 Dec 2019आसान

मुस्लिम लीग एवं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच राजनीतिक गतिरोध को दूर करने के लिए “सी.आर. फॉर्मूला” किसने बनाया था?

  1. A.जवाहरलाल नेहरू
  2. B.राजगोपालाचारी
  3. C.चित्तरंजन दास
  4. D.वी. पी. मेनन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राजगोपालाचारी

व्याख्या

सही उत्तर है B, राजगोपालाचारी। सी. राजगोपालाचारी (राजाजी) ने 1944 में पाकिस्तान के सवाल पर कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच बने गतिरोध को तोड़ने के लिए यह फॉर्मूला दिया था। इसके अनुसार लीग स्वतंत्रता की माँग का समर्थन करेगी और अंतरिम सरकार बनाने में कांग्रेस का साथ देगी। युद्ध के बाद एक आयोग उत्तर-पश्चिम और पूर्व के मुस्लिम-बहुल ज़िलों की सीमा तय करेगा और वहाँ के सभी वयस्कों का जनमत संग्रह तय करेगा कि वे अलग होंगे या नहीं। सितंबर 1944 में बंबई में हुई गांधी-जिन्ना वार्ता इसी फॉर्मूले पर हुई, पर जिन्ना ने इसे ठुकरा दिया, क्योंकि वे पूरा पंजाब और बंगाल तथा केवल मुसलमानों का मतदान चाहते थे। विकल्प A गलत है, क्योंकि जवाहरलाल नेहरू ने यह योजना नहीं बनाई थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि चित्तरंजन दास ने 1923 में स्वराज पार्टी बनाई थी और 1925 में ही उनका निधन हो गया था। विकल्प D गलत है, क्योंकि वी. पी. मेनन ने जून 1947 की विभाजन योजना का मसौदा बनाया और बाद में रियासतों के विलय में मदद की। परीक्षा टिप: सी.आर. फॉर्मूला 1944, गांधी-जिन्ना वार्ता सितंबर 1944, वेवेल योजना 1945।