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GK24

भारतीय इतिहास पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) उत्तर सहित – पेज 6

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SSC, बैंकिंग, रेलवे और अन्य परीक्षाओं के पिछले वर्षों के पेपरों में पूछे गए भारतीय इतिहास के प्रश्न, परीक्षा और वर्ष, उत्तर और व्याख्या सहित।

166 पिछले वर्षों के प्रश्न

Q101.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · 21st Dec 2021आसान

पद, वेतन और सैनिक ज़िम्मेदारियाँ तय करने के लिए मुग़लों द्वारा प्रयुक्त श्रेणी-व्यवस्था किस नाम से जानी जाती थी?

  1. A.मनसबदारी व्यवस्था
  2. B.इक्तादारी व्यवस्था
  3. C.ज़ब्त व्यवस्था
  4. D.जागीरदारी व्यवस्था
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मनसबदारी व्यवस्था

व्याख्या

सही उत्तर है A, मनसबदारी व्यवस्था। 'मनसब' का अर्थ पद या श्रेणी है, और अकबर ने इसके द्वारा साम्राज्य के प्रत्येक अधिकारी को एक श्रेणीबद्ध सीढ़ी पर रखा। मनसबदार के पद में दो संख्याएँ होती थीं: 'ज़ात', जो उसका व्यक्तिगत स्थान और वेतन तय करती थी, और 'सवार', जो यह तय करती थी कि उसे सेवा के लिए कितने घुड़सवार तैयार रखने हैं। अधिकांश मनसबदारों को नकद वेतन नहीं, बल्कि सौंपी गई भूमि के राजस्व से भुगतान मिलता था, और उनका स्थानांतरण होता रहता था जिससे कोई परिवार किसी क्षेत्र में जड़ें न जमा सके। B गलत है क्योंकि 'इक्ता' दिल्ली सल्तनत की राजस्व-व्यवस्था थी, जिसे मुक्ती रखते थे, और वह अधिकारियों की इस प्रकार श्रेणी नहीं बनाती थी। C गलत है क्योंकि ज़ब्त या टोडरमल के समय बनी दहसाला व्यवस्था नपी हुई भूमि और औसत उपज से लगान आँकने की पद्धति थी, अमीरों की श्रेणी तय करने की नहीं। D गलत है क्योंकि जागीर केवल वह भूमि थी जिसके राजस्व से मनसबदार का वेतन चुकता था। परीक्षा टिप: मनसब = ज़ात + सवार; ज़ब्त या दहसाला = लगान निर्धारण।

Q102.भारतीय इतिहासपूछा गया: राजस्थान · 24th Sept 2021कठिन

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?

  1. A.कनिष्क के काल में कुषाण साम्राज्य पूर्व में गंगा की घाटी से दक्षिण में मालवा क्षेत्र तक फैला था।
  2. B.कनिष्क से संबंधित रबातक अभिलेख पश्चिमी उत्तर प्रदेश से प्राप्त हुआ है।
  3. C.वसुमित्र और अश्वघोष जैसे बौद्ध विद्वानों को कनिष्क का संरक्षण मिला।
  4. D.कनिष्क के सिक्कों पर भारतीय, यूनानी और पश्चिम एशियाई धार्मिक परंपराओं के प्रतीक मिलते हैं।
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कनिष्क से संबंधित रबातक अभिलेख पश्चिमी उत्तर प्रदेश से प्राप्त हुआ है।

व्याख्या

सही उत्तर है B, क्योंकि रबातक अभिलेख पश्चिमी उत्तर प्रदेश से नहीं मिला। यह 1993 में उत्तरी अफ़गानिस्तान के बघलान प्रांत के रबातक स्थान पर मिला था और बैक्ट्रियाई भाषा में यूनानी लिपि का प्रयोग करते हुए लिखा गया है। इसका महत्व यह है कि इसमें कनिष्क के पूर्वजों कुजुल कडफिसेस, विम तक्तू और विम कडफिसेस के नाम क्रम से दिए हैं, जिससे आरंभिक कुषाण शासकों का क्रम तय हो गया। कथन A सत्य है, क्योंकि कनिष्क के अधीन साम्राज्य मध्य एशिया से उत्तर-पश्चिम होकर गंगा घाटी और दक्षिण में मालवा तक फैला था और राजधानी पुरुषपुर यानी आज का पेशावर थी। कथन C सत्य है, क्योंकि कनिष्क के दरबार में बुद्धचरित के रचनाकार अश्वघोष थे और कश्मीर में हुई चतुर्थ बौद्ध संगीति की अध्यक्षता वसुमित्र ने की। कथन D सत्य है, क्योंकि उसके सिक्कों पर बुद्ध, ओएशो अर्थात शिव, मिथ्र और नाना जैसे यूनानी, ईरानी तथा भारतीय देवता साथ मिलते हैं। परीक्षा टिप: रबातक का अर्थ अफ़गानिस्तान और कुषाण वंशावली।

Q103.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 13 Oct 2021, Shift 2मध्यम

भगवान महावीर ने कहाँ निर्वाण प्राप्त किया?

  1. A.सोनागिरि
  2. B.पावापुरी
  3. C.श्रवणबेलगोला
  4. D.माउंट आबू
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पावापुरी

व्याख्या

सही उत्तर है B, पावापुरी। महावीर ने 72 वर्ष की आयु में बिहार के नालंदा ज़िले में स्थित पावापुरी में निर्वाण प्राप्त किया। वे जैन धर्म के चौबीसवें और अंतिम तीर्थंकर थे, जिनका जन्म वैशाली के निकट कुंडग्राम में सिद्धार्थ और त्रिशला के घर हुआ। तीस वर्ष की आयु में उन्होंने गृह त्याग किया, बारह वर्ष की तपस्या के बाद ऋजुपालिका नदी के तट पर जृम्भिकग्राम में ज्ञान पाया, और तीन दशक तक प्राकृत में उपदेश दिया। पावापुरी में आज जल मंदिर है, जो उनके अंतिम संस्कार स्थल पर सरोवर के बीच बना संगमरमर का मंदिर है, और जैन समाज दीपावली को उनके निर्वाण दिवस के रूप में मनाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि मध्य प्रदेश का सोनागिरि जैन तीर्थ है, पर निर्वाण स्थल नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि कर्नाटक का श्रवणबेलगोला बाहुबली की प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प D गलत है, क्योंकि माउंट आबू में दिलवाड़ा मंदिर हैं, जो बहुत बाद में बने। परीक्षा टिप: महावीर के स्थान याद रखें, जन्म कुंडग्राम, ज्ञान जृम्भिकग्राम, निर्वाण पावापुरी और क्षेत्र वैशाली।

Q104.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 14 Oct 2021, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन शासक मौर्य वंश का नहीं था?

  1. A.अशोक
  2. B.बिंदुसार
  3. C.बिंबिसार
  4. D.चंद्रगुप्त
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बिंबिसार

व्याख्या

सही उत्तर है C, बिंबिसार। बिंबिसार मगध के हर्यंक वंश का शासक था, मौर्य वंश का नहीं। उसने छठी शताब्दी ईसा पूर्व में राजगृह से शासन किया, वह बुद्ध और महावीर का समकालीन था, और उसने वैवाहिक संबंधों तथा अंग को जीतकर मगध का विस्तार किया। मौर्य वंश बहुत बाद में आया। चंद्रगुप्त मौर्य ने लगभग 321 ईसा पूर्व में चाणक्य की सहायता से नंदों को हटाकर इसकी नींव रखी, उसके बाद उसका पुत्र बिंदुसार आया, और वंश का सबसे बड़ा शासक अशोक लगभग 268 ईसा पूर्व से राज करते हुए अपने शिलालेखों तथा स्तंभ लेखों के ज़रिये बौद्ध धर्म फैलाता रहा। विकल्प A गलत है, क्योंकि अशोक वही मौर्य शासक था जिसने कलिंग युद्ध लड़ा और फिर धम्म की ओर मुड़ा। विकल्प B गलत है, क्योंकि बिंदुसार चंद्रगुप्त का पुत्र और अशोक का पिता था। विकल्प D गलत है, क्योंकि चंद्रगुप्त ने ही यह वंश स्थापित किया। परीक्षा टिप: मगध के वंशों का क्रम है हर्यंक, शिशुनाग, नंद और फिर मौर्य, इसलिए बिंबिसार तथा अजातशत्रु चंद्रगुप्त से बहुत पहले आते हैं।

Q105.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 13 Oct 2021, Shift 2मध्यम

प्रथम बौद्ध संगीति किसके संरक्षण में हुई कही जाती है?

  1. A.पोरस
  2. B.अशोक
  3. C.अजातशत्रु
  4. D.चंद्रगुप्त मौर्य
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अजातशत्रु

व्याख्या

सही उत्तर है C, अजातशत्रु। प्रथम बौद्ध संगीति मगध के हर्यंक शासक अजातशत्रु के संरक्षण में हुई थी। यह बुद्ध के महापरिनिर्वाण के कुछ समय बाद राजगीर की सत्तपन्नी गुफा में हुई और इसकी अध्यक्षता महाकस्सप ने की। इसका काम बुद्ध के उपदेशों को निश्चित रूप देना था। इसमें आनंद ने सुत्त पिटक और उपालि ने विनय पिटक सुनाया। अजातशत्रु बिंबिसार का पुत्र था और बुद्ध तथा महावीर दोनों का समकालीन था; उसने राजगृह का किला भी बनवाया। विकल्प A गलत है, क्योंकि पोरस ने 326 ईसा पूर्व में झेलम के किनारे सिकंदर से युद्ध किया था, जो समय और स्थान दोनों में इस संगीति से दूर है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अशोक ने पाटलिपुत्र में हुई तीसरी संगीति को संरक्षण दिया, जिसकी अध्यक्षता मोग्गलिपुत्त तिस्स ने की। विकल्प D गलत है, क्योंकि मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य का झुकाव जैन धर्म की ओर था और उन्होंने कोई बौद्ध संगीति नहीं बुलाई। परीक्षा टिप: चार संगीतियाँ राजगीर में अजातशत्रु, वैशाली में कालाशोक, पाटलिपुत्र में अशोक और कश्मीर में कनिष्क।

Q106.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 23 Aug 2021, Shift 1मध्यम

अशोक के अभिलेखों के अनुसार, राजा बनने के कितने वर्ष बाद अशोक ने कलिंग पर युद्ध किया?

  1. A.पाँच
  2. B.आठ
  3. C.छह
  4. D.सात
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आठ

व्याख्या

सही उत्तर है B, आठ। शिलालेख XIII में अशोक कहता है कि उसके राज्याभिषेक के आठ वर्ष बाद कलिंग देश जीता गया। उसका राज्याभिषेक लगभग 268 ईसा पूर्व मानें तो यह युद्ध करीब 261 ईसा पूर्व का ठहरता है। इसी अभिलेख में दर्ज है कि एक लाख पचास हजार लोग बंदी बनाकर ले जाए गए, एक लाख मारे गए और उससे कई गुना अधिक लोग मरे; राजा को गहरा पश्चाताप हुआ और वह धम्म की ओर मुड़ा। यही एकमात्र युद्ध है जिसका वर्णन अशोक ने अपने अभिलेखों में किया। कलिंग आज के ओडिशा का तटीय भाग है और वहीं धौली तथा जौगड़ के अभिलेख खड़े हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि कलिंग अभियान के लिए किसी अभिलेख में पाँच वर्ष नहीं मिलते। विकल्प C गलत है, क्योंकि छह वर्ष का उल्लेख किसी शिलालेख में नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सात एक आम भ्रम है, जबकि मूल पाठ स्पष्ट रूप से आठ कहता है। परीक्षा टिप: राज्याभिषेक लगभग 268 ईसा पूर्व, कलिंग युद्ध आठवें राज्यवर्ष यानी करीब 261 ईसा पूर्व, शिलालेख XIII में वर्णित।

Q107.भारतीय इतिहासपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 27 Oct 2021मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-कौन से सिद्धांत जैन धर्म से संबंधित हैं?

(i) अनेकान्तवाद

(ii) सर्वास्तिवाद

(iii) शून्यवाद

(iv) स्यादवाद

नीचे दिये गये कूट का उपयोग कर सही उत्तर चुनिए:

  1. A.(i) एवं (iv)
  2. B.(ii) एवं (iii)
  3. C.(ii) एवं (iv)
  4. D.(i), (ii) एवं (iii)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. (i) एवं (iv)

व्याख्या

सही उत्तर है A, (i) एवं (iv)। अनेकान्तवाद और स्यादवाद ज्ञान और सत्य से जुड़े जैन दर्शन के दो मुख्य सिद्धांत हैं। अनेकान्तवाद का अर्थ है 'अनेक पक्ष': सत्य के कई पहलू होते हैं और कोई एक दृष्टि पूरे सत्य को नहीं पकड़ सकती। स्यादवाद इसी विचार को भाषा में उतारता है; हर कथन के साथ 'स्यात्' यानी 'किसी अपेक्षा से' जोड़ना चाहिए, और इसी से किसी बात को सात प्रकार से कहने की पद्धति सप्तभंगी बनी। इसे समझाने के लिए अंधों और हाथी की कहानी सुनाई जाती है, जिसमें हर व्यक्ति हाथी का एक अंग छूकर उसे अलग जानवर बताता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि सर्वास्तिवाद ('सब कुछ विद्यमान है') प्रारंभिक बौद्ध संप्रदाय था और शून्यवाद नागार्जुन द्वारा स्थापित महायान बौद्ध धर्म का माध्यमिक संप्रदाय है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें एक बौद्ध संप्रदाय को जैन सिद्धांत के साथ जोड़ा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें दो बौद्ध संप्रदाय जुड़े हैं और स्यादवाद छूट गया है। परीक्षा टिप: अनेकान्त और स्यात् जैन हैं; सर्वास्ति और शून्य बौद्ध हैं।

Q108.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 25 Jul 2021मध्यम

भीमबेटका को किसने खोजा था?

  1. A.डॉ. एच. डी. सांखलिया
  2. B.डॉ. श्याम सुंदर निगम
  3. C.डॉ. विष्णुधर वाकणकर
  4. D.डॉ. राजबली पाण्डेय
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. डॉ. विष्णुधर वाकणकर

व्याख्या

सही उत्तर है C, डॉ. विष्णुधर वाकणकर। उज्जैन के पुरातत्वविद् डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर ने 1957–58 में भोपाल के पास रेल यात्रा करते हुए भीमबेटका की चट्टानें देखीं और फिर इन शैलाश्रयों की विस्तार से खोज की। भीमबेटका रायसेन ज़िले में, भोपाल से लगभग 45 किमी दक्षिण में, विंध्य पहाड़ियों के दक्षिणी छोर पर स्थित है। यहाँ के 700 से अधिक शैलाश्रयों में पाषाण काल से मध्यकाल तक के चित्र हैं, जिनमें शिकार, नृत्य और पशुओं के दृश्य हैं; इसलिए यह भारत में मानव जीवन के सबसे पुराने प्रमाणों में गिना जाता है। यूनेस्को ने 2003 में भीमबेटका के शैलाश्रयों को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया। विकल्प A गलत है, क्योंकि एच. डी. सांखलिया नावदाटोली और नेवासा जैसे स्थलों की खुदाई के लिए जाने जाते हैं, भीमबेटका की खोज के लिए नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि इतिहासकार श्याम सुंदर निगम ने यह स्थल नहीं खोजा। विकल्प D गलत है, क्योंकि राजबली पाण्डेय प्राचीन भारत के इतिहासकार थे, इसके खोजकर्ता नहीं। परीक्षा टिप: भीमबेटका, रायसेन ज़िला, वाकणकर द्वारा 1957–58 में खोज, 2003 में विश्व धरोहर।

Q109.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 12 Sep 2021मध्यम

महात्मा गांधी केवल एक बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए थे। यह निम्नलिखित में से किस अधिवेशन में हुआ?

  1. A.अमृतसर अधिवेशन 1919
  2. B.बेलगाम अधिवेशन 1924
  3. C.लाहौर अधिवेशन 1929
  4. D.लखनऊ अधिवेशन 1936
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बेलगाम अधिवेशन 1924

व्याख्या

सही उत्तर है B, बेलगाम अधिवेशन 1924। गांधीजी ने केवल एक बार, दिसंबर 1924 में बेलगाम (अब कर्नाटक का बेलगावी) अधिवेशन में कांग्रेस की अध्यक्षता की। उस समय पार्टी दो धड़ों में बँटी थी: अपरिवर्तनवादी, जो गांधीजी के रचनात्मक कार्यक्रम पर टिके रहना चाहते थे, और सी. आर. दास तथा मोतीलाल नेहरू के नेतृत्व वाले स्वराजवादी, जो चुनाव लड़कर विधान परिषदों में जाना चाहते थे। गांधीजी की अध्यक्षता में बेलगाम अधिवेशन ने दोनों धड़ों को साथ-साथ काम करने की छूट दी और चरखे व खादी पर खास ज़ोर दिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि जलियाँवाला बाग हत्याकांड के बाद हुए 1919 के अमृतसर अधिवेशन की अध्यक्षता मोतीलाल नेहरू ने की थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1929 के लाहौर अधिवेशन की अध्यक्षता जवाहरलाल नेहरू ने की थी, जहाँ पूर्ण स्वराज का लक्ष्य अपनाया गया। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1936 के लखनऊ अधिवेशन की अध्यक्षता भी जवाहरलाल नेहरू ने की थी। परीक्षा टिप: गांधीजी केवल बेलगाम 1924 में अध्यक्ष; जवाहरलाल नेहरू लाहौर 1929 और लखनऊ 1936 में; सुभाष बोस हरिपुरा 1938 में।

Q110.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 12 Sep 2021आसान

मुगल प्रशासन के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प मनसबदारी व्यवस्था की विशेषताओं से जुड़ा है?

  1. A.ज़ात, सवार
  2. B.बरकत, फ़ना
  3. C.नामूस, दीन
  4. D.पेशकश, नज़्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ज़ात, सवार

व्याख्या

सही उत्तर है A, ज़ात, सवार। मुगल काल में हर मनसब दो संख्याओं से बताया जाता था, ज़ात और सवार। अकबर ने 1570 के दशक में मनसबदारी व्यवस्था को व्यवस्थित किया, ताकि हर अमीर और अधिकारी, चाहे वह सैनिक हो या नागरिक, एक ही श्रेणीबद्ध सीढ़ी पर अपनी जगह पाए। ज़ात से मनसबदार का दर्जा और उसका निजी वेतन तय होता था, जबकि सवार से यह तय होता था कि उसे बादशाह के लिए कितने घुड़सवार तैयार रखने हैं। मनसबदारों को आमतौर पर जागीर के रूप में वेतन मिलता था, यानी किसी इलाके से लगान वसूलने का अधिकार, ज़मीन का मालिकाना हक नहीं, और बादशाह उनका तबादला कभी भी कर सकता था। यह पद वंशानुगत नहीं था। विकल्प B गलत है, क्योंकि बरकत (आशीर्वाद) और फ़ना (ईश्वर में स्वयं का विलय) सूफ़ी विचार के शब्द हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि नामूस और दीन इज़्ज़त और धर्म के लिए प्रयुक्त शब्द हैं, कोई पद नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि पेशकश और नज़्र शासक या बड़े अधिकारी को दिए जाने वाले नज़राने और भेंट थे। परीक्षा टिप: ज़ात यानी निजी पद और वेतन; सवार यानी घुड़सवारों की संख्या; दोनों मिलकर एक मनसब बनाते हैं।

Q111.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021मध्यम

दक्कन सल्तनत और उनके संबंधित क्षेत्र के निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही रूप से सुमेलित नहीं है?

  1. A.निजाम शाही : बीजापुर
  2. B.बरीद शाही : बीदर
  3. C.कुतुब शाही : गोलकुंडा
  4. D.इमाद शाही : बरार
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. निजाम शाही : बीजापुर

व्याख्या

सही उत्तर है A, निजाम शाही : बीजापुर। निजाम शाही वंश अहमदनगर से शासन करता था; बीजापुर आदिल शाही वंश का था। 1347 में अलाउद्दीन हसन बहमन शाह द्वारा स्थापित बहमनी सल्तनत 15वीं सदी के अंत और 16वीं सदी की शुरुआत में पाँच दक्कन सल्तनतों में टूट गई: अहमदनगर, बीजापुर, गोलकुंडा, बीदर और बरार। इनमें से चार ने मिलकर 1565 के तालीकोटा युद्ध में विजयनगर को हराया, जबकि बरार इसमें शामिल नहीं था। हर वंश का नाम उसके संस्थापक की उपाधि पर है, इसलिए जोड़ियाँ याद रखना आसान है। विकल्प B सही सुमेलित है, क्योंकि बरीद शाही वंश ने बहमनी की अंतिम राजधानी बीदर पर राज किया। विकल्प C सही सुमेलित है, क्योंकि कुतुब शाही वंश गोलकुंडा का था, जो अपने किले और हीरों के व्यापार के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प D सही सुमेलित है, क्योंकि इमाद शाही वंश बरार का था, जिसे 1574 में अहमदनगर ने अपने में मिला लिया। परीक्षा टिप: निजाम शाही अहमदनगर, आदिल शाही बीजापुर, कुतुब शाही गोलकुंडा, बरीद शाही बीदर, इमाद शाही बरार।

Q112.भारतीय इतिहासपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 24 Oct 2021आसान

‘एशियाटिक सोसायटी ऑफ बंगाल’ का संस्थापक कौन था?

  1. A.जोनाथन डंकन
  2. B.सर विलियम जोन्स
  3. C.वारेन हेस्टिंग्स
  4. D.विलियम बेंटिंक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सर विलियम जोन्स

व्याख्या

सही उत्तर है B, सर विलियम जोन्स। कलकत्ता के सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश और कई भाषाओं के विद्वान विलियम जोन्स ने 15 जनवरी 1784 को एशिया के इतिहास, भाषाओं और संस्कृति के अध्ययन के लिए एशियाटिक सोसायटी की स्थापना की। उन्होंने 1789 में कालिदास के ‘अभिज्ञानशाकुन्तलम्’ का अंग्रेज़ी अनुवाद किया, जिससे संस्कृत साहित्य यूरोप में प्रसिद्ध हुआ, और 1786 में संस्कृत, ग्रीक और लैटिन के आपसी रिश्ते की ओर ध्यान दिलाया। गवर्नर-जनरल वारेन हेस्टिंग्स इसके संरक्षक थे, पर उन्होंने अध्यक्ष पद जोन्स के लिए छोड़ दिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि जोनाथन डंकन ने 1791 में बनारस संस्कृत कॉलेज की स्थापना की थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि वारेन हेस्टिंग्स केवल संरक्षक थे; उनकी अपनी स्थापना 1781 का कलकत्ता मदरसा है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1828 से 1835 तक गवर्नर-जनरल रहे विलियम बेंटिंक 1829 में सती प्रथा समाप्त करने के लिए जाने जाते हैं, इस संस्था के लिए नहीं। परीक्षा टिप: कलकत्ता मदरसा 1781 (हेस्टिंग्स), एशियाटिक सोसायटी 1784 (जोन्स), बनारस संस्कृत कॉलेज 1791 (डंकन)।

Q113.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021आसान

निम्नलिखित प्राचीन नगरों में से कौन-सा बाँधों की श्रृंखला बनाकर और पानी को आपस में जुड़े जलाशयों में ले जाकर जल संचयन और प्रबंधन की विस्तृत प्रणाली के लिए प्रसिद्ध है?

  1. A.धोलावीरा
  2. B.कालीबंगा
  3. C.राखीगढ़ी
  4. D.रोपड़
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. धोलावीरा

व्याख्या

सही उत्तर है A, धोलावीरा। गुजरात के कच्छ के रण में स्थित यह हड़प्पाई नगर अपने बाँधों, नालियों और पत्थर के जलाशयों की श्रृंखला के लिए प्रसिद्ध है। धोलावीरा खदीर बेट द्वीप पर दो मौसमी नालों, मनहर और मनसर, के बीच बसा है। यहाँ के लोगों ने नालों पर छोटे बाँध बनाए, पानी को नालियों से मोड़ा और नगर के चारों ओर चट्टान काटकर बने बड़े जलाशयों में जमा किया, जो सूखे मौसम का समझदार हल था। आर.एस. बिष्ट द्वारा खोदे गए इस स्थल पर दस बड़े हड़प्पाई अक्षरों वाला एक सूचना-पट्ट भी मिला, और यह 2021 में यूनेस्को विश्व धरोहर बना। विकल्प B गलत है, क्योंकि राजस्थान का कालीबंगा जुते हुए खेत और अग्नि वेदिकाओं के लिए जाना जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि हरियाणा का राखीगढ़ी सबसे बड़े हड़प्पाई स्थलों में गिना जाता है, जल प्रबंधन के लिए नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि पंजाब का रोपड़ मालिक के साथ दफनाए गए कुत्ते के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: धोलावीरा यानी जलाशय और सूचना-पट्ट; लोथल यानी गोदीवाड़ा।

Q114.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 06 Dec 2021, Shift 3कठिन

बंगाल धीरे-धीरे __________ के अधीन मुगल नियंत्रण से अलग हो गया।

  1. A.मुकर्रम खान
  2. B.अली कादिर
  3. C.अलीवर्दी खान
  4. D.मुर्शिद कुली खान
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मुर्शिद कुली खान

व्याख्या

सही उत्तर है D, मुर्शिद कुली खान। औरंगजेब ने उसे बंगाल का दीवान, यानी राजस्व का प्रमुख अधिकारी, बनाकर भेजा था और बाद में वह वहां का सूबेदार बना। 1707 में औरंगजेब की मृत्यु के बाद उसने धीरे-धीरे दिल्ली के आदेश मानना बंद कर दिया, हालांकि नजराना भेजता रहा। वह बंगाल का पहला नवाब (1717–1727) बना और राजधानी ढाका से मुर्शिदाबाद ले गया, जो शहर उसी के नाम पर है। उसने मुगल जागीरदारों को बंगाल से बाहर भेजा और जमींदारों से भू-राजस्व सख्ती से नकद में वसूला। A गलत है क्योंकि मुकर्रम खान 1620 के दशक में बंगाल का मुगल सूबेदार था, जब यह प्रांत पूरी तरह बादशाह के अधीन था। B गलत है क्योंकि अली कादिर का नाम बंगाल के स्वतंत्र नवाबों के उदय से नहीं जुड़ता। C गलत है क्योंकि अलीवर्दी खान बाद में, 1740 में सत्ता में आया; वह सिराजुद्दौला का नाना था। परीक्षा टिप: बंगाल मुर्शिद कुली खान के समय अलग हुआ, राजधानी मुर्शिदाबाद; क्रम है मुर्शिद कुली खान, फिर अलीवर्दी खान, फिर सिराजुद्दौला।

Q115.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS (II) 2021, 14 Nov 2021आसान

निम्नलिखित में से किस प्राचीन भारतीय राजा की प्रयाग प्रशस्ति में भूरि-भूरि प्रशंसा की गई है?

  1. A.अशोक
  2. B.हर्षवर्धन
  3. C.समुद्रगुप्त
  4. D.बिंदुसार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. समुद्रगुप्त

व्याख्या

सही उत्तर है C, समुद्रगुप्त। प्रयाग प्रशस्ति, जिसे इलाहाबाद स्तंभ लेख भी कहते हैं, उन्हीं की प्रशंसा में लिखी गई लंबी संस्कृत कविता है। इसे उनके दरबारी कवि और मंत्री हरिषेण ने रचा और यह अशोक के एक पुराने स्तंभ पर खुदी है, जो अब इलाहाबाद (प्रयागराज) किले में है। इसमें समुद्रगुप्त द्वारा उत्तर और दक्षिण में हराए गए राजाओं, कर देने वाले सीमावर्ती राज्यों और आटविक राज्यों की सूची है, और उन्हें कवि तथा वीणा वादक बताया गया है, जैसा उनके सिक्कों पर भी दिखता है। उनकी व्यापक विजयों के कारण इतिहासकार वी. ए. स्मिथ ने उन्हें 'भारत का नेपोलियन' कहा। A गलत है, उसी स्तंभ पर अशोक के अपने अभिलेख हैं, उनकी प्रशंसा वाली प्रशस्ति नहीं। B गलत है, हर्षवर्धन की प्रशंसा बाणभट्ट के हर्षचरित में है, इस अभिलेख में नहीं। D गलत है, प्रयाग में अशोक के पिता, मौर्य राजा बिंदुसार की कोई प्रशस्ति नहीं है। परीक्षा टिप: प्रयाग प्रशस्ति, हरिषेण, समुद्रगुप्त; ऐहोल अभिलेख, रविकीर्ति, पुलकेशिन द्वितीय।

Q116.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · NDA (I) 2021, 18 Apr 2021आसान

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 'पूर्ण स्वराज' यानी पूर्ण स्वतंत्रता की माँग कब और कहाँ की?

  1. A.बंबई, 1885
  2. B.लाहौर, 1929
  3. C.खेड़ा, 1917
  4. D.बंबई, 1942
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लाहौर, 1929

व्याख्या

सही उत्तर है B, लाहौर, 1929। दिसंबर 1929 के लाहौर अधिवेशन में, जिसकी अध्यक्षता जवाहरलाल नेहरू ने की, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित कर औपनिवेशिक स्वराज नहीं, पूर्ण स्वतंत्रता को अपना लक्ष्य घोषित किया। 31 दिसंबर 1929 की आधी रात रावी के तट पर तिरंगा फहराया गया और 26 जनवरी 1930 को पहला स्वतंत्रता दिवस मनाया गया; बाद में यही तिथि 1950 में संविधान लागू करने के लिए चुनी गई, इसीलिए 26 जनवरी गणतंत्र दिवस है। इसी अधिवेशन ने गांधीजी को सविनय अवज्ञा शुरू करने का अधिकार दिया, जो मार्च 1930 में दांडी मार्च से शुरू हुई। A, बंबई, 1885, कांग्रेस का पहला अधिवेशन था, अध्यक्ष व्योमेश चंद्र बनर्जी, जिसमें केवल सीमित सुधार माँगे गए। C, खेड़ा, 1917, गलत है: खेड़ा किसान सत्याग्रह 1918 का है और चंपारण 1917 का। D, बंबई, 1942, वह अधिवेशन था जिसमें 8 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो प्रस्ताव पारित हुआ। परीक्षा टिप: लाहौर 1929, अध्यक्ष नेहरू, पूर्ण स्वराज, पहला स्वतंत्रता दिवस 26 जनवरी 1930।

Q117.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 22 Oct 2021, Shift 2मध्यम

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष चुनी जाने वाली पहली महिला कौन थीं?

  1. A.इंदिरा गांधी
  2. B.सुचेता कृपलानी
  3. C.नेली सेनगुप्ता
  4. D.एनी बेसेंट
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. एनी बेसेंट

व्याख्या

सही उत्तर है D, एनी बेसेंट। आयरलैंड में जन्मी थियोसोफिस्ट एनी बेसेंट भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्षता करने वाली पहली महिला थीं; वे 1917 के कलकत्ता अधिवेशन में अध्यक्ष बनीं। उन्होंने 1916 में होम रूल लीग शुरू की, 'न्यू इंडिया' अखबार निकाला और बनारस में सेंट्रल हिंदू कॉलेज की स्थापना की, जो आगे चलकर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय बना। कांग्रेस की अध्यक्ष बनने वाली पहली भारतीय महिला सरोजिनी नायडू थीं, 1925 के कानपुर अधिवेशन में। A गलत है क्योंकि इंदिरा गांधी बहुत बाद में, 1959 में कांग्रेस अध्यक्ष बनीं। B गलत है क्योंकि सुचेता कृपलानी भारत की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं, 1963 में उत्तर प्रदेश की, और कभी कांग्रेस अध्यक्ष नहीं रहीं। C गलत है क्योंकि नेली सेनगुप्ता ने 1933 के कलकत्ता अधिवेशन की अध्यक्षता की, यानी वे तीसरी महिला अध्यक्ष थीं, पहली नहीं। परीक्षा टिप: पहली महिला कांग्रेस अध्यक्ष एनी बेसेंट, कलकत्ता 1917; पहली भारतीय महिला सरोजिनी नायडू, कानपुर 1925।

Q118.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 18 Oct 2021, Shift 1आसान

पहला मुगल बादशाह कौन था?

  1. A.बाबर
  2. B.जहांगीर
  3. C.शेरशाह सूरी
  4. D.हुमायूं
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बाबर

व्याख्या

सही उत्तर है A, बाबर। जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर ने 21 अप्रैल 1526 को पानीपत के पहले युद्ध में इब्राहिम लोदी को हराकर भारत में मुगल साम्राज्य की नींव रखी और 1530 में अपनी मृत्यु तक शासन किया। वह मध्य एशिया के फरगना से आया था और पिता की ओर से तैमूर तथा माता की ओर से चंगेज खान का वंशज था। पानीपत के बाद उसने 1527 में खानवा में मेवाड़ के राणा सांगा को और 1529 में घाघरा में अफगानों को हराया। उसने अपनी आत्मकथा 'बाबरनामा' तुर्की भाषा में लिखी और उसे काबुल में दफनाया गया। B गलत है क्योंकि जहांगीर चौथा मुगल बादशाह था, जिसने 1605 से 1627 तक शासन किया। C गलत है क्योंकि शेरशाह सूरी मुगल था ही नहीं; वह अफगान था जिसने हुमायूं को भगाकर 1540 में सूर वंश की स्थापना की। D गलत है क्योंकि हुमायूं बाबर का पुत्र और दूसरा मुगल बादशाह था। परीक्षा टिप: महान मुगलों का क्रम बाबर, हुमायूं, अकबर, जहांगीर, शाहजहां, औरंगजेब।

Q119.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 10 Aug 2021, Shift 2आसान

1793 में जब बंगाल में स्थायी बंदोबस्त लागू किया गया, तब बंगाल का गवर्नर-जनरल कौन था?

  1. A.वारेन हेस्टिंग्स
  2. B.लॉर्ड कॉर्नवालिस
  3. C.सर जॉन मैकफर्सन
  4. D.सर जॉन शोर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लॉर्ड कॉर्नवालिस

व्याख्या

सही उत्तर है B, लॉर्ड कॉर्नवालिस। 1786 से 1793 तक गवर्नर-जनरल रहे लॉर्ड कॉर्नवालिस ने 22 मार्च 1793 को बंगाल, बिहार और उड़ीसा में स्थायी बंदोबस्त लागू किया। इसने ज़मींदारों को ज़मीन का मालिक बना दिया और लगान हमेशा के लिए तय कर दिया: ज़मींदार ग्यारहवाँ हिस्सा रखता और दस हिस्से कंपनी को देता था, और 'सूर्यास्त कानून' के तहत तय तारीख के सूर्यास्त तक रकम न देने पर उसकी ज़मींदारी नीलाम हो जाती थी। कॉर्नवालिस ने 1793 की कॉर्नवालिस संहिता बनाई, राजस्व और न्याय के काम अलग किए, दारोगा के अधीन पुलिस का पुनर्गठन किया, और उन्हें भारतीय सिविल सेवा का जनक कहा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि वारेन हेस्टिंग्स (1774 से 1785) बंगाल के पहले गवर्नर-जनरल थे और उन्होंने वार्षिक व पंचवर्षीय इजारेदारी प्रणाली चलाई। विकल्प C गलत है क्योंकि सर जॉन मैकफर्सन 1785 से 1786 में केवल कार्यवाहक गवर्नर-जनरल थे। विकल्प D गलत है क्योंकि सर जॉन शोर ने योजना बनाने में मदद की, पर गवर्नर-जनरल कॉर्नवालिस के बाद 1793 से 1798 तक बने। परीक्षा टिप: स्थायी बंदोबस्त 1793 = कॉर्नवालिस, रैयतवाड़ी = मुनरो (मद्रास), महालवाड़ी = होल्ट मैकेंजी (उत्तर-पश्चिम प्रांत)।

Q120.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 7 Jan 2021, Shift 1 (CBT 1)आसान

1922 में गांधीजी द्वारा असहयोग आंदोलन वापस लेने का मुख्य कारण क्या था?

  1. A.उत्तर प्रदेश के चौरी चौरा में एक भीड़ ने थाने में आग लगा दी
  2. B.गांधीजी गंभीर रूप से बीमार थे
  3. C.आंदोलन ने अपना लक्ष्य पा लिया था
  4. D.गांधीजी गिरफ्तार कर लिए गए और आंदोलन रोकने को मजबूर हुए
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. उत्तर प्रदेश के चौरी चौरा में एक भीड़ ने थाने में आग लगा दी

व्याख्या

सही उत्तर है A, उत्तर प्रदेश के चौरी चौरा में एक भीड़ ने थाने में आग लगा दी। गांधीजी ने आंदोलन इसलिए वापस लिया क्योंकि वह हिंसक हो गया था, जो उनके अहिंसा के सिद्धांत के विरुद्ध था। 5 फरवरी 1922 को गोरखपुर जिले के चौरी चौरा में पुलिस की गोलीबारी के बाद प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने थाने में आग लगा दी और 22 पुलिसकर्मी मारे गए। गांधीजी ने इसे ईश्वर की चेतावनी कहा, पाँच दिन का उपवास किया, और 12 फरवरी 1922 को बारडोली में कांग्रेस कार्यसमिति ने वह आंदोलन स्थगित कर दिया जो 1920 में खिलाफत और पंजाब के अन्याय पर शुरू हुआ था। मोतीलाल नेहरू और सी. आर. दास जैसे नेता इससे असहमत थे और बाद में स्वराज पार्टी बनाई। B गलत है क्योंकि गांधीजी बीमार नहीं थे; यह नैतिक फैसला था। C गलत है क्योंकि आंदोलन रुकने तक स्वराज नहीं मिला था। D गलत है क्योंकि गांधीजी की गिरफ्तारी मार्च 1922 में हुई, आंदोलन वापस लेने के बाद। परीक्षा टिप: चौरी चौरा 5 फरवरी 1922, बारडोली प्रस्ताव 12 फरवरी 1922, असहयोग आंदोलन समाप्त।