स्थायी बंदोबस्त के समय बंगाल के ग्रामीण क्षेत्र के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ज़मींदारों की सेनाएँ भंग कर दी गईं। 2. गाँवों के भीतर जोतदारों की शक्ति ज़मींदारों की तुलना में अधिक प्रभावी थी। 3. ईस्ट इंडिया कंपनी ने यह नियम बनाया कि महिलाओं की संपत्ति अधिग्रहीत नहीं की जाएगी। 4. अधियार, बरगादारों के स्वामित्व वाली भूमि पर काम करने वाले बटाईदार थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A.1, 2 और 4
- B.1, 2 और 3
- C.2, 3 और 4
- D.केवल 1 और 3
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, 1, 2 और 3, और यही UPSC की आधिकारिक उत्तर-कुंजी भी है। कथन 4 गलत है, क्योंकि अधियार और बरगादार दोनों ही बटाईदार थे जो जोतदारों की ज़मीन पर खेती करते थे।
1793 में लॉर्ड कॉर्नवालिस के स्थायी बंदोबस्त के बाद कंपनी ने ज़मींदारों की ताकत घटाई: उनकी सेनाएँ भंग की गईं, सीमा शुल्क समाप्त किए गए और उनकी कचहरियाँ कंपनी के कलेक्टर के अधीन कर दी गईं। कई गाँवों में धनी किसान, जिन्हें जोतदार कहा जाता था, बड़ी ज़मीन, साहूकारी और स्थानीय व्यापार पर नियंत्रण रखते थे, इसलिए गाँव में उनकी शक्ति दूर बैठे ज़मींदार से अधिक प्रभावी थी। कंपनी ने यह भी घोषित किया था कि महिलाओं की संपत्ति नहीं ली जाएगी, जिसका लाभ उठाकर ज़मींदार अपनी जागीर महिला संबंधियों के नाम कर नीलामी से बचते थे।
A और C में कथन 4 शामिल है, जो बरगादारों को गलत ढंग से भूस्वामी बताता है। D में कथन 2 छूट गया है, जबकि वह सही है।
परीक्षा टिप: स्थायी बंदोबस्त 1793; जोतदार धनी किसान थे, अधियार या बरगादार उनकी ज़मीन पर बटाईदार।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंघोड़ों के लिए प्राचीन भारतीय चिकित्सा ग्रंथ अश्वशास्त्र का श्रेय निम्नलिखित में से किस व्यक्ति को दिया जाता है?
- A.सातवीं शताब्दी के वाग्भट
- B.ऋषि शालिहोत्र
- C.सातवीं शताब्दी के भर्तृहरि
- D.छठी शताब्दी के वराहमिहिर
उत्तर देखें
भारतीय परंपरा अश्व-विज्ञान का श्रेय शालिहोत्र को देती है, और उन्हीं के नाम पर घोड़ों की चिकित्सा को शालिहोत्र शास्त्र कहा जाने लगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जैन धर्म के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्धमान महावीर को जृम्भिकग्राम नगर के बाहर, ऋजुपालिका नदी के किनारे, सामग नामक गृहस्थ के खेत में कैवल्य ज्ञान प्राप्त हुआ। 2. वह अवस्था जब कर्म-कण जीव को बाँधने के लिए वास्तव में उसकी ओर बहने लगते हैं, आस्रव कहलाती है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
दोनों कथन जैन परंपरा से मेल खाते हैं: महावीर के ज्ञान-प्राप्ति का स्थान भी और आस्रव का अर्थ भी। महावीर ने लगभग तीस वर्ष की आयु में घर छोड़ा और करीब बारह वर्ष कठोर तप किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत आए निम्नलिखित विदेशी यात्रियों को सबसे पहले वाले से आरंभ करते हुए कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए : 1. पीटर मुंडी 2. एंटोनियो मोन्सेरात 3. अफ़ानासी निकितिच निकितिन 4. इब्न बतूता नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:
- A.2-1-4-3
- B.2-3-4-1
- C.4-3-2-1
- D.3-4-1-2
उत्तर देखें
इब्न बतूता 14वीं सदी में, निकितिन 15वीं में, मोन्सेरात 16वीं में और पीटर मुंडी 17वीं सदी में भारत आए। मोरक्को के इब्न बतूता 1333 में भारत पहुँचे और मुहम्मद बिन तुगलक के अधीन दिल्ली के काज़ी रहे; उनका यात्रा-वृत्तांत रिहला है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →औद्योगिक क्रांति के दौरान, निम्नलिखित में से किसने 'फ्लाइंग शटल करघे' का डिज़ाइन बनाया था?
- A.सैमुअल क्रॉम्पटन
- B.एडमंड कार्टराइट
- C.जॉन के
- D.रिचर्ड आर्कराइट
उत्तर देखें
अंग्रेज़ आविष्कारक जॉन के ने 1733 में फ्लाइंग शटल का पेटेंट कराया, जो औद्योगिक क्रांति की शुरुआती मशीनों में से एक था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हड़प्पा सभ्यता में नहरों के अवशेष कहाँ पाए गए हैं?
- A.बनावली
- B.लोथल
- C.शोर्तुगई
- D.धोलावीरा
उत्तर देखें
उत्तर-पूर्वी अफ़गानिस्तान में स्थित हड़प्पा की व्यापारिक बस्ती शोर्तुगई वह स्थल है जहाँ सिंचाई नहरों के अवशेष मिले हैं। अधिकतर हड़प्पाई किसान नदी की बाढ़ और कुओं पर निर्भर थे, और सिंधु क्षेत्र के मुख्य भाग में कोई नहर नहीं मिली है।
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