निम्नलिखित में से किसने 'आत्मसम्मान आंदोलन' (सेल्फ-रिस्पेक्ट मूवमेंट) की स्थापना की थी?
- A.ज्योतिबा फुले
- B.स्वामी विवेकानंद
- C.ई. वी. रामास्वामी नायकर
- D.डॉ. बी. आर. आंबेडकर
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, ई. वी. रामास्वामी नायकर। पेरियार के नाम से प्रसिद्ध ई. वी. रामासामी ने 1925 में तमिलनाडु में आत्मसम्मान आंदोलन शुरू किया था।
जाति के प्रश्न पर कांग्रेस के रवैये से असंतुष्ट होकर पेरियार ने 1925 में कांग्रेस छोड़ी और गैर-ब्राह्मणों तथा दलित जातियों में आत्मगौरव जगाने के लिए यह आंदोलन चलाया। इसने जातिगत ऊंच-नीच, ब्राह्मणवादी पुरोहितवाद और अंधविश्वास का विरोध किया, अंतरजातीय विवाह और बिना पुरोहित के होने वाले "आत्मसम्मान विवाह" को बढ़ावा दिया और महिलाओं के अधिकारों की बात की। उनकी पत्रिका कुडी अरासु ने इसके विचार फैलाए। 1944 में उनकी जस्टिस पार्टी का नाम द्रविड़ कषगम हुआ, जो बाद के द्रविड़ दलों की जड़ बना।
A गलत है, क्योंकि ज्योतिबा फुले ने 1873 में महाराष्ट्र में सत्यशोधक समाज की स्थापना की थी।
B गलत है, क्योंकि स्वामी विवेकानंद ने 1897 में रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी।
D गलत है, क्योंकि डॉ. बी. आर. आंबेडकर ने बहिष्कृत हितकारिणी सभा (1924) बनाई और महाड़ सत्याग्रह का नेतृत्व किया, आत्मसम्मान आंदोलन की स्थापना नहीं की।
Exam tip: आत्मसम्मान आंदोलन – पेरियार, 1925, तमिलनाडु; सत्यशोधक समाज – फुले, 1873।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकथन I: अंग्रेज़ों ने भारत पर भारतीय सिविल सेवा के नेतृत्व वाली एक आधुनिक नौकरशाही के माध्यम से शासन किया, जिसके सदस्यों की भर्ती खुली प्रतियोगिता पर आधारित योग्यता से होती थी कथन II: भारतीय सिविल सेवा भारतीयों की पूरे मन से भागीदारी पर आधारित थी
- A.दोनों कथन अलग-अलग सत्य हैं और कथन II, कथन I की सही व्याख्या है
- B.दोनों कथन अलग-अलग सत्य हैं, परंतु कथन II, कथन I की सही व्याख्या नहीं है
- C.कथन I सत्य है, परंतु कथन II असत्य है
- D.कथन I असत्य है, परंतु कथन II सत्य है
उत्तर देखें
भारतीय सिविल सेवा एक आधुनिक, योग्यता-आधारित नौकरशाही थी, जिसमें 1853 से खुली प्रतियोगी परीक्षाओं से भर्ती होती थी, पर व्यवहार में भारतीय दशकों तक इससे बाहर रखे गए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सोलहवीं शताब्दी के ग्रंथ चंडीमंगल की रचना किसने की थी?
- A.हेम सरस्वती
- B.माधव कंदली
- C.तुकाराम
- D.मुकुंदराम चक्रवर्ती
उत्तर देखें
'कविकंकण' उपाधि से सम्मानित बांग्ला कवि मुकुंदराम चक्रवर्ती ने सोलहवीं शताब्दी में चंडीमंगल की रचना की। मंगलकाव्य किसी देवता की स्तुति में लिखी गई लंबी बांग्ला कथा-कविताएँ हैं, और चंडीमंगल देवी चंडी का गुणगान करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →महात्मा गांधी के दांडी मार्च से प्रेरित होकर तमिलनाडु में सी. राजगोपालाचारी ने नमक यात्रा कहाँ से कहाँ तक निकाली?
- A.तिरुनेलवेली से नागरकोइल
- B.कांचीपुरम से महाबलीपुरम
- C.त्रिचिनापल्ली से तंजौर तट पर वेदारण्यम
- D.चेन्नई से वेल्लोर
उत्तर देखें
अप्रैल 1930 में सी. राजगोपालाचारी स्वयंसेवकों के एक दल को तिरुचिरापल्ली, जिसे तब त्रिचिनापल्ली कहा जाता था, से तंजौर तट पर वेदारण्यम ले गए, जहाँ उन्होंने नमक कानून तोड़ा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस विदेशी यात्री ने भारत के हीरों और हीरे की खानों के बारे में विस्तार से चर्चा की है?
- A.फ्रांस्वा बर्नियर
- B.जीन-बैप्टिस्ट टैवर्नियर
- C.जीन डी थेवेनो
- D.अब्बे बार्थेलेमी कैरे
उत्तर देखें
वे फ्रांसीसी रत्न व्यापारी थे और उनके यात्रा वृत्तांत में भारत के हीरों और खानों का विस्तृत वर्णन है। टैवर्नियर ने लगभग 1630 से 1668 के बीच पूर्व की छह यात्राएँ कीं और शाहजहाँ व औरंगज़ेब के शासनकाल में कई बार भारत आए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए : (शब्द : विवरण) 1. एरिपत्ति : वह भूमि, जिसका राजस्व गाँव के तालाब के रखरखाव के लिए अलग रखा जाता था 2. तनियूर : किसी एक ब्राह्मण या ब्राह्मणों के समूह को दान किए गए गाँव 3. घटिका : सामान्यतः मंदिरों से जुड़े विद्यालय उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
- A.1 और 2
- B.केवल 3
- C.2 और 3
- D.1 और 3
उत्तर देखें
एरिपत्ति और घटिका का विवरण सही है, पर तनियूर ब्राह्मणों को दान किए गए गाँव नहीं थे। ये शब्द आरंभिक मध्यकालीन दक्षिण भारत, विशेषकर पल्लव और चोल काल के अभिलेखों में मिलते हैं।
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