निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.अल्फा कण में इलेक्ट्रॉनों की संख्या 2 होती है।
- B.EDTA की उपसहसंयोजन संख्या 6 है।
- C.बीटा (β) कण का आवेश +2 होता है।
- D.कार्बन और सिलिकॉन दोनों आयनिक यौगिक बनाते हैं।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B। EDTA एक षट्दंतुक (हेक्साडेंटेट) लिगैंड है: एक EDTA आयन छह दाता परमाणुओं से धातु आयन से जुड़ता है, इसलिए इसके संकुलों की उपसहसंयोजन संख्या 6 होती है।
EDTA यानी एथिलीनडाइएमीनटेट्राएसीटेट में दो नाइट्रोजन परमाणु और चार कार्बोक्सिलेट ऑक्सीजन परमाणु होते हैं, और ये छहों एक ही धातु आयन से जुड़कर उसे पंजे की तरह घेर लेते हैं। ऐसे वलय बनाने वाले लिगैंड को कीलेटिंग एजेंट कहते हैं। इसके संकुल बहुत स्थायी होते हैं, इसलिए EDTA का उपयोग कैल्शियम और मैग्नीशियम आयनों के अनुमापन से जल की कठोरता मापने, सीसा विषाक्तता के इलाज और भोजन तथा सौंदर्य प्रसाधनों को सुरक्षित रखने में होता है।
A गलत है क्योंकि अल्फा कण हीलियम नाभिक है, जिसमें दो प्रोटॉन और दो न्यूट्रॉन होते हैं, इलेक्ट्रॉन कोई नहीं, इसलिए इसका आवेश +2 है। C गलत है क्योंकि बीटा कण तेज़ गति वाला इलेक्ट्रॉन है, जिसका आवेश -1 है। D गलत है क्योंकि चार संयोजी इलेक्ट्रॉन वाले कार्बन और सिलिकॉन इलेक्ट्रॉन साझा करके मुख्यतः सहसंयोजी यौगिक बनाते हैं, आयनिक नहीं।
Exam tip: अल्फा = He नाभिक, +2, इलेक्ट्रॉन नहीं; बीटा = इलेक्ट्रॉन, -1; गामा = आवेश नहीं; EDTA = षट्दंतुक (6)।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें6 मीटर लंबे एक तार को इस प्रकार खींचा जाता है कि उसकी त्रिज्या 20% कम हो जाती है। उसकी लंबाई में वृद्धि का मान निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.50%
- B.56.25%
- C.62.25%
- D.75%
उत्तर देखें
तार को खींचने पर उसका आयतन वही रहता है, इसलिए लंबाई उसी अनुपात में बढ़ती है जिस अनुपात में अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल घटता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →तीन प्रतिरोधकों R1, R2 और R3 के किस संयोजन का कुल प्रतिरोध न्यूनतम होगा? (मान लीजिए R1 = 1 Ω, R2 = 2 Ω और R3 = 3 Ω)
- A.जब सभी समांतर क्रम में जुड़े हों
- B.जब सभी श्रेणी क्रम में जुड़े हों
- C.जब R1 और R2 समांतर क्रम में जुड़े हों और R3 उनके साथ श्रेणी क्रम में हो
- D.जब R1 और R3 समांतर क्रम में जुड़े हों और R2 उनके साथ श्रेणी क्रम में हो
उत्तर देखें
समांतर क्रम में तुल्य प्रतिरोध हमेशा सबसे छोटे प्रतिरोधक से भी कम होता है, इसलिए यहाँ यह 1 Ω से नीचे आ जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पानी के भीतर की वस्तुओं का पता लगाने के लिए सोनार (साउंड नेविगेशन एंड रेंजिंग) का प्रयोग होता है। इसके लिए इसका प्रेषित्र (ट्रांसमीटर) उत्पन्न करता है
- A.सूक्ष्म तरंगें (माइक्रोवेव)
- B.दृश्य प्रकाश
- C.पराश्रव्य तरंगें
- D.अवरक्त विकिरण
उत्तर देखें
सोनार 20 kHz से अधिक आवृत्ति की ध्वनि के स्पंद भेजता है, जो पानी में अच्छी तरह चलते हैं और वस्तुओं से टकराकर लौट आते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी एक प्रक्रिया हाइड्रोजन गैस के उत्पादन में प्रयुक्त नहीं होती?
- A.विद्युत-अपघटनी प्रक्रिया
- B.वाटर गैस-भाप प्रक्रिया
- C.कोल गैस का द्रवण
- D.कैल्सियम कार्बाइड का जल-अपघटन
उत्तर देखें
कैल्सियम कार्बाइड पानी से क्रिया करके एसिटिलीन (एथाइन) गैस और कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड बनाता है, हाइड्रोजन नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →धनावेशित कणों का एक पुंज, मान लीजिए A, उत्तर से दक्षिण की ओर जा रहा है। दूसरी ओर, ऋणावेशित कणों का एक पुंज, मान लीजिए B, दक्षिण से उत्तर की ओर जा रहा है। इस संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?
- A.B, A की ओर विक्षेपित होता है।
- B.B, A से दूर विक्षेपित होता है।
- C.B ऊपर की ओर विक्षेपित होता है।
- D.B नीचे की ओर विक्षेपित होता है।
उत्तर देखें
दोनों पुंजों में परंपरागत धारा एक ही दिशा, उत्तर से दक्षिण, में बहती है, और एक ही दिशा में बहने वाली समांतर धाराएँ एक-दूसरे को आकर्षित करती हैं।
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