निम्नलिखित में से किसे सभी जीवन रूपों का मूल संरचनात्मक तत्व माना जाता है?
- A.फॉस्फोरस
- B.कार्बन
- C.ऑक्सीजन
- D.नाइट्रोजन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, कार्बन। शर्करा और वसा से लेकर प्रोटीन और DNA तक हर जैविक अणु कार्बन परमाणुओं के ढाँचे पर बना है, इसलिए कार्बन को जीवन की मूल इकाई कहा जाता है।
कार्बन की संयोजकता चार है, इसलिए एक परमाणु चार मजबूत सहसंयोजी बंध बना सकता है। कार्बन परमाणु आपस में जुड़कर लंबी शृंखलाएँ, शाखाएँ और वलय भी बनाते हैं, जिसे शृंखलन (catenation) कहते हैं। इसी गुण से कार्बन हर आकार के लाखों स्थायी यौगिक बनाता है, और कार्बनिक रसायन असल में कार्बन यौगिकों का ही रसायन है।
A गलत है क्योंकि फॉस्फोरस DNA, ATP और हड्डियों के लिए जरूरी है, पर सभी जैव अणुओं का ढाँचा नहीं बनाता। C गलत है क्योंकि ऑक्सीजन शरीर में द्रव्यमान के हिसाब से सबसे अधिक है, ज्यादातर पानी के रूप में, पर यह संरचनात्मक आधार नहीं है। D गलत है क्योंकि नाइट्रोजन प्रोटीन और न्यूक्लिक अम्लों में कार्बन-आधारित अणुओं के हिस्से के रूप में ही मिलता है।
Exam tip: कार्बन = जीवन का ढाँचा (संयोजकता 4, शृंखलन); ऑक्सीजन = मानव शरीर में द्रव्यमान से सबसे अधिक तत्व।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकार्बोरंडम का उपयोग अपघर्षक (एब्रेसिव) के रूप में किया जाता है, क्योंकि यह
- A.उच्च ऊष्मीय चालकता रखता है
- B.निम्न प्रसार गुणांक रखता है
- C.उच्च रासायनिक स्थायित्व रखता है
- D.अत्यंत कठोर है
उत्तर देखें
कार्बोरंडम, यानी सिलिकॉन कार्बाइड (SiC), सबसे कठोर ज्ञात पदार्थों में से एक है, इसलिए यह दूसरे पदार्थों को घिस सकता है, काट सकता है और चमका सकता है, और अपघर्षक का यही काम है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बहुत कम (0.5 ppm से कम) या बिना फ्लोराइड वाला पेयजल लंबे समय तक पीने का निम्नलिखित में से कौन-सा प्रमुख प्रभाव है?
- A.दाँतों में कैविटी (छेद)
- B.नाखूनों का क्षरण
- C.हड्डियों की विकृति
- D.दाँतों पर धब्बे (मॉटलिंग)
उत्तर देखें
पेयजल में फ्लोराइड बहुत कम होने से दाँतों का इनेमल कमजोर रहता है, इसलिए दाँत जल्दी सड़ते हैं और उनमें छेद हो जाते हैं, जिसे दंत क्षय (डेंटल कैरीज़) कहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. पोटैशियम कार्बोनेट एक दुर्बल अम्ल और एक दुर्बल क्षारक का लवण है। 2. अमोनियम नाइट्रेट एक प्रबल अम्ल और एक दुर्बल क्षारक का लवण है। 3. अमोनियम एसीटेट एक दुर्बल अम्ल और एक दुर्बल क्षारक का लवण है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
- A.केवल 1 और 3
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 2
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
पोटैशियम कार्बोनेट एक प्रबल क्षारक और दुर्बल अम्ल से बनता है, इसलिए कथन 1 गलत है, जबकि कथन 2 और 3 सही हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा पादप हार्मोन सूखे के तनाव के समय रंध्रों (स्टोमेटा) को बंद करने को बढ़ावा देता है?
- A.ऑक्सिन
- B.साइटोकाइनिन
- C.जिबरेलिन
- D.एब्सिसिक अम्ल
उत्तर देखें
पानी की कमी होने पर पत्तियाँ अधिक एब्सिसिक अम्ल (ABA) बनाती हैं, जिससे द्वार कोशिकाएँ पानी खोकर रंध्र बंद कर देती हैं और वाष्पोत्सर्जन से पानी की हानि कम हो जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हाइड्रोजन बम और यूरेनियम बम क्रमशः किस पर आधारित हैं?
- A.नाभिकीय संलयन और विखंडन
- B.विखंडन और तापनाभिकीय संलयन
- C.भूतापीय विखंडन और संलयन
- D.भूतापीय संलयन और विखंडन
उत्तर देखें
हाइड्रोजन बम हल्के हाइड्रोजन नाभिकों को जोड़ता है, जबकि यूरेनियम बम भारी यूरेनियम-235 नाभिकों को तोड़ता है। नाभिकीय विखंडन में यूरेनियम-235 जैसा भारी नाभिक एक न्यूट्रॉन सोखकर दो हल्के नाभिकों में टूटता है और ऊर्जा तथा दो-तीन नए न्यूट्रॉन छोड़ता है।
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