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GK24

CDS 2025 पिछले वर्ष के GK प्रश्न

CDS 2025 में पूछे गए GK प्रश्न, उत्तर और व्याख्या सहित।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q1.भूगोलपूछा गया: CDS · CDS-I 2025, GKमध्यम

निम्नलिखित विशेषताओं के आधार पर खनिज की पहचान कीजिए: I. यह प्रायः हरे रंग का क्रिस्टल होता है। II. यह अक्सर बेसाल्टी शैलों में पाया जाता है। III. मैग्नीशियम, लोहा और सिलिका इसके प्रमुख तत्व हैं। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:

  1. A.एम्फ़िबोलाइट
  2. B.फ़ेल्डस्पार
  3. C.पाइरॉक्सीन
  4. D.ओलिवीन
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. ओलिवीन

व्याख्या

सही उत्तर है D, ओलिवीन। ओलिवीन मैग्नीशियम और लोहे का सिलिकेट है, जो हरे क्रिस्टल बनाता है और बेसाल्ट में आम तौर पर मिलता है।

ओलिवीन का नाम उसके जैतूनी हरे रंग से पड़ा है। यह कम सिलिका वाले गर्म मैग्मा से सबसे पहले क्रिस्टलित होता है, इसलिए बेसाल्ट, गैब्रो और पेरिडोटाइट में मिलता है और पृथ्वी के ऊपरी मैंटल का बड़ा भाग बनाता है। इसके प्रमुख तत्व मैग्नीशियम, लोहा और सिलिका हैं। पारदर्शी, रत्न जैसा ओलिवीन पेरिडॉट नाम से आभूषणों में बिकता है। इसके विपरीत फ़ेल्डस्पार और क्वार्ट्ज़ भूपर्पटी के सबसे आम खनिज हैं और उनमें सिलिका अधिक होती है।

A गलत है: एम्फ़िबोलाइट मुख्यतः एम्फ़िबोल खनिजों से बनी कायांतरित शैल है, कोई एक खनिज नहीं।

B गलत है: फ़ेल्डस्पार सिलिकॉन और ऑक्सीजन के साथ सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम और एल्युमिनियम से बनता है और हल्के क्रीम से सैल्मन गुलाबी रंग का होता है।

C गलत है: पाइरॉक्सीन में मैग्नीशियम, लोहा और सिलिका के साथ कैल्शियम और एल्युमिनियम भी होते हैं और यह प्रायः हरा या काला होता है।

परीक्षा टिप: ओलिवीन = हरा, Mg-Fe सिलिकेट, बेसाल्ट, रत्न पेरिडॉट; फ़ेल्डस्पार = भूपर्पटी का लगभग आधा।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS-II 2025, GKआसान

चुनाव की 'फ़र्स्ट पास्ट द पोस्ट प्रणाली' के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता सही है?

  1. A.जीतने वाले उम्मीदवार को मतों का बहुमत न भी मिले
  2. B.एक निर्वाचन क्षेत्र से एक से अधिक प्रतिनिधि चुने जा सकते हैं
  3. C.मतदाता उम्मीदवार को नहीं, दल को मत देते हैं
  4. D.हर दल को विधायिका में उतनी सीटें मिलती हैं जितना उसका मत प्रतिशत है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जीतने वाले उम्मीदवार को मतों का बहुमत न भी मिले

व्याख्या

सही उत्तर है A, जीतने वाले उम्मीदवार को मतों का बहुमत न भी मिले। फ़र्स्ट पास्ट द पोस्ट में सबसे अधिक मत पाने वाला उम्मीदवार जीतता है, भले ही उसे कुल मतों के आधे से बहुत कम मिले हों। UPSC की आधिकारिक उत्तर कुंजी भी यही है।

भारत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव में यही प्रणाली अपनाता है, जिसे सरल बहुमत प्रणाली भी कहते हैं। देश निर्वाचन क्षेत्रों में बँटा है, हर क्षेत्र से एक सदस्य चुना जाता है, और मतदाता दल नहीं बल्कि उम्मीदवार चुनते हैं। कई उम्मीदवारों वाले मुकाबले में 35% मत पाने वाला भी जीत सकता है, यदि कोई दूसरा उससे आगे न हो। इसलिए किसी दल की सीटों का हिस्सा उसके मतों के हिस्से से काफ़ी अधिक या कम हो सकता है।

B गलत है: इस प्रणाली में एकल-सदस्यीय निर्वाचन क्षेत्र होते हैं, जहाँ से केवल एक प्रतिनिधि चुना जाता है।

C गलत है: दल की सूची को मत देना आनुपातिक प्रतिनिधित्व की विशेषता है, इस प्रणाली की नहीं।

D गलत है: मतों के अनुपात में सीटें देना आनुपातिक प्रतिनिधित्व का ही उद्देश्य है।

परीक्षा टिप: लोकसभा और विधानसभाओं में FPTP; राज्यसभा और राष्ट्रपति चुनाव में एकल संक्रमणीय मत द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व।

Q3.भूगोलपूछा गया: CDS · CDS-I 2025, GKमध्यम

भूकंप के दौरान उत्पन्न द्वितीयक तरंगों (S-तरंगों) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ये जिस पदार्थ से गुजरती हैं उसमें गर्त और शिखर बनाती हैं। 2. S-तरंगों के कंपन की दिशा ऊर्ध्वाधर तल में तरंग की दिशा के लंबवत होती है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1 और 2 दोनों

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1 और 2 दोनों। S-तरंगें अनुप्रस्थ तरंगें हैं: ये ज़मीन को अपनी गति की दिशा के समकोण पर हिलाती हैं, और इसी कंपन से शिखर और गर्त बनते हैं।

भूकंप दो प्रकार की भूगर्भीय तरंगें भेजता है। P-तरंगें (प्राथमिक) सबसे तेज़ होती हैं और ध्वनि तरंगों की तरह पदार्थ को तरंग की ही दिशा में आगे-पीछे धकेलती हैं; ये ठोस, द्रव और गैस तीनों से गुजरती हैं। S-तरंगें (द्वितीयक) बाद में पहुँचती हैं और पदार्थ को ऊर्ध्वाधर तल में तरंग की दिशा के लंबवत कंपित करती हैं, इसलिए गर्त और शिखर बनते हैं। S-तरंगें केवल ठोस से गुजरती हैं; छाया क्षेत्र में इनके न पहुँचने से वैज्ञानिकों ने जाना कि बाहरी क्रोड द्रव है।

A गलत है: कथन 2 भी सही है, क्योंकि लंबवत कंपन ही S-तरंग की पहचान है।

B गलत है: कथन 1 भी सही है, क्योंकि शिखर और गर्त इसी कंपन से बनते हैं।

D गलत है: दोनों कथन S-तरंगों का सही वर्णन करते हैं।

परीक्षा टिप: P-तरंगें अनुदैर्ध्य हैं और सभी अवस्थाओं से गुजरती हैं; S-तरंगें अनुप्रस्थ हैं और केवल ठोस से गुजरती हैं।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS-II 2025, GKमध्यम

निम्नलिखित अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर विचार कीजिए: 1. शिमला समझौते पर हस्ताक्षर 2. भारत और पाकिस्तान के बीच आगरा शिखर सम्मेलन 3. प्रथम सार्क शिखर सम्मेलन में सार्क चार्टर पर हस्ताक्षर 4. भारत का पहला परमाणु परीक्षण। उपर्युक्त घटनाओं का सही कालानुक्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?

  1. A.1, 3, 4, 2
  2. B.4, 1, 3, 2
  3. C.1, 4, 3, 2
  4. D.4, 1, 2, 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1, 4, 3, 2

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1, 4, 3, 2। ये घटनाएँ क्रमशः 1972, 1974, 1985 और 2001 में हुईं; UPSC की आधिकारिक उत्तर कुंजी भी यही है।

शिमला समझौता 1971 के युद्ध के बाद 2 जुलाई 1972 को इंदिरा गांधी और ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो ने किया; इसने कश्मीर की युद्धविराम रेखा को नियंत्रण रेखा बना दिया। भारत का पहला परमाणु परीक्षण, जिसका कूट नाम स्माइलिंग बुद्धा था, 18 मई 1974 को पोखरण में हुआ। सार्क चार्टर पर पहले शिखर सम्मेलन में 8 दिसंबर 1985 को ढाका में हस्ताक्षर हुए। अटल बिहारी वाजपेयी और परवेज़ मुशर्रफ़ का आगरा शिखर सम्मेलन जुलाई 2001 में हुआ और बिना संयुक्त घोषणा के समाप्त हुआ।

A गलत है: इसमें 1985 का सार्क चार्टर 1974 के परीक्षण से पहले रखा गया है।

B गलत है: यह 1974 के परीक्षण से शुरू होता है, जबकि शिमला समझौता उससे दो वर्ष पहले हुआ।

D गलत है: यह परीक्षण से शुरू होता है और 2001 के आगरा सम्मेलन को 1985 के सार्क चार्टर से पहले रखता है।

परीक्षा टिप: शिमला 1972, पोखरण-I 1974, सार्क ढाका 1985, लाहौर बस 1999, आगरा 2001।

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