केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत स्थापित निम्नलिखित शैक्षणिक संस्थानों में से कौन-सा अच्छे नैतिक मूल्यों के विकास हेतु भगवान बुद्ध की शिक्षाओं तथा प्रेम, करुणा और अहिंसा के मूल्यों के संरक्षण और प्रचार का कार्य कर रहा है?
- A.भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला
- B.राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, नई दिल्ली
- C.नव नालंदा महाविहार, नालंदा
- D.इग्नू, नई दिल्ली
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, नव नालंदा महाविहार, नालंदा। यह केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के अधीन एक मानद विश्वविद्यालय है, जो पालि भाषा और बौद्ध अध्ययन को समर्पित है।
नव नालंदा महाविहार की स्थापना 1951 में बिहार में प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहरों के पास विद्वान भिक्षु भिक्खु जगदीश कश्यप की पहल पर हुई, ताकि नालंदा की ज्ञान परंपरा फिर से जीवित हो सके। यहाँ पालि, बौद्ध दर्शन और बौद्ध धर्म के इतिहास का अध्ययन और शोध होता है, और इसने देवनागरी लिपि में पालि त्रिपिटक का संस्करण प्रकाशित किया है। 2006 में इसे मानद विश्वविद्यालय घोषित किया गया और इसका पूरा खर्च संस्कृति मंत्रालय उठाता है। इसका उद्देश्य बुद्ध के प्रेम, करुणा और अहिंसा के संदेश को फैलाना है।
विकल्प A गलत है क्योंकि भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला शिक्षा मंत्रालय के अधीन शोध संस्थान है। विकल्प B गलत है क्योंकि NCERT शिक्षा मंत्रालय की स्वायत्त संस्था है जो स्कूली पाठ्यक्रम तैयार करती है। विकल्प D गलत है क्योंकि इग्नू शिक्षा मंत्रालय के अधीन केंद्रीय मुक्त विश्वविद्यालय है।
परीक्षा टिप: नव नालंदा महाविहार (1951, संस्कृति मंत्रालय) और नालंदा विश्वविद्यालय (2010 अधिनियम, राजगीर, विदेश मंत्रालय) अलग-अलग हैं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत के निम्नलिखित मंदिरों में से किसने सांस्कृतिक विरासत संरक्षण के लिए 'यूनेस्को एशिया पैसिफ़िक अवार्ड ऑफ़ मेरिट, 2017' जीता?
- A.कामाख्या मंदिर, गुवाहाटी
- B.श्री रंगनाथस्वामी मंदिर, श्रीरंगम
- C.मीनाक्षी मंदिर, मदुरै
- D.केदारनाथ मंदिर, केदारनाथ
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इसके सावधानीपूर्ण जीर्णोद्धार के लिए इसे सांस्कृतिक विरासत संरक्षण के यूनेस्को एशिया-पैसिफ़िक पुरस्कार 2017 में अवार्ड ऑफ़ मेरिट मिला। श्री रंगनाथस्वामी मंदिर तमिलनाडु में तिरुचिरापल्ली के पास कावेरी नदी के द्वीप श्रीरंगम पर स्थित है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हाल ही में दिवंगत हुईं प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका प्रभा अत्रे निम्नलिखित में से किस घराने की प्रतिपादक थीं?
- A.किराना घराना
- B.पटियाला घराना
- C.ग्वालियर घराना
- D.आगरा घराना
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प्रभा अत्रे ने हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की किराना शैली में शिक्षा पाई और उसी शैली में गायन किया। पुणे की प्रभा अत्रे (1932-2024) ने सुरेशबाबू माने और हीराबाई बड़ोदेकर से संगीत सीखा, जो दोनों किराना घराने के संस्थापक अब्दुल करीम ख़ाँ के शिष्य थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी स्वास्थ्य सेवा पद्धति आयुष समूह में सबसे नवीनतम जोड़ी गई है?
- A.यूनानी
- B.सिद्ध
- C.सोवा-रिग्पा
- D.रेकी
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पारंपरिक तिब्बती चिकित्सा पद्धति सोवा-रिग्पा को सबसे बाद में आधिकारिक मान्यता देकर आयुष में शामिल किया गया। आयुष का अर्थ है आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मंदिर स्थापत्य की नागर शैली के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. इस शैली के मंदिर सामान्यतः हिमालय और विंध्य के बीच के क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
2. इस शैली की सबसे विशिष्ट विशेषता इसका पिरामिडाकार शिखर है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
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नागर मंदिर उत्तर भारत के हैं, पर उनका शिखर वक्ररेखीय होता है, पिरामिडाकार नहीं। नागर शैली हिमालय और विंध्य के बीच के क्षेत्र में, गुजरात और राजस्थान से ओडिशा तक, फैली।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय चिकित्सा पद्धति से संबंधित निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.सिद्ध पद्धति चिकित्सा की एक समग्र (होलिस्टिक) पद्धति है।
- B.सोवा-रिग्पा भारत के हिमालयी क्षेत्रों में प्रचलित रही है।
- C.यूनानी चिकित्सा पद्धति को आयुष मंत्रालय से अलग कर दिया गया है।
- D.सुश्रुत संहिता आयुर्वेद का एक प्रमुख स्रोत है।
उत्तर देखें
यह कथन असत्य है: यूनानी आज भी आयुष मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली पद्धतियों में से एक है। आयुष का अर्थ है आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी; 2010 में सोवा-रिग्पा भी इसमें जोड़ी गई।
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