महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षा में सुधार के लिए विशेष रूप से तैयार की गई परियोजनाओं पर खर्च होने वाला अव्यपगत (नॉन-लैप्सेबल) कोष "निर्भया फ़ंड" किसके द्वारा प्रशासित किया जाता है?
- A.महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
- B.गृह मंत्रालय
- C.वित्त मंत्रालय
- D.शिक्षा मंत्रालय
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, वित्त मंत्रालय। निर्भया फ़ंड एक अव्यपगत कोष है, जिसका प्रशासन वित्त मंत्रालय का आर्थिक कार्य विभाग करता है।
दिसंबर 2012 के दिल्ली सामूहिक दुष्कर्म कांड के बाद, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था, 2013-14 के केंद्रीय बजट में 1,000 करोड़ रुपये के प्रारंभिक कोष के साथ इस फ़ंड की घोषणा हुई। अव्यपगत होने के कारण किसी वर्ष खर्च न हुई राशि सरकार को वापस नहीं जाती, बल्कि अगले वर्ष के लिए बनी रहती है। राशि वित्त मंत्रालय के पास रहती है और वही उसे जारी करता है, जबकि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय नोडल मंत्रालय है, जो अधिकारियों की अधिकार प्राप्त समिति के माध्यम से परियोजनाओं का मूल्यांकन और सिफ़ारिश करता है। वन स्टॉप सेंटर, 112 आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली और सेफ़ सिटी परियोजनाएँ इसी से चलती हैं।
विकल्प A गलत है क्योंकि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय परियोजनाओं का मूल्यांकन करता है, फ़ंड का प्रशासन नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि गृह मंत्रालय केवल इससे वित्तपोषित कुछ परियोजनाएँ चलाता है, जैसे आपातकालीन प्रतिक्रिया और फ़ॉरेंसिक प्रयोगशालाएँ। विकल्प D गलत है क्योंकि शिक्षा मंत्रालय की इस फ़ंड के प्रबंधन में कोई भूमिका नहीं है।
परीक्षा टिप: निर्भया फ़ंड = 2013, प्रशासन वित्त मंत्रालय (आर्थिक कार्य विभाग), परियोजनाओं का नोडल मंत्रालय = महिला एवं बाल विकास।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंह्रासमान सीमांत उपयोगिता के नियम के अनुसार, किसी वस्तु की उपभोग की गई मात्रा बढ़ने पर उस वस्तु की सीमांत उपयोगिता
- A.बढ़ती है
- B.घटती है
- C.स्थिर रहती है
- D.पहले घटती है और फिर बढ़ती है
उत्तर देखें
किसी वस्तु की हर अतिरिक्त इकाई उपभोक्ता को पिछली इकाई से कम अतिरिक्त संतुष्टि देती है, इसलिए उपभोग बढ़ने पर सीमांत उपयोगिता घटती जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कर के प्रभाव के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. यदि माँग, पूर्ति की तुलना में बेलोचदार हो, तो कर आगे उपभोक्ताओं पर खिसका दिया जाता है। 2. यदि पूर्ति, माँग की तुलना में अधिक बेलोचदार हो, तो कर पीछे उत्पादकों पर खिसका दिया जाता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
कर का बोझ बाज़ार के उस पक्ष पर ज़्यादा पड़ता है जो कम लोचदार है, यानी जो आसानी से पीछे नहीं हट सकता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गरीबी उन्मूलन में सब्सिडी के विकल्प के रूप में UBI का पूरा नाम क्या है?
- A.यूनियन बेसिक इनकम
- B.अनडिफ़ाइंड बेसिक इनकम
- C.अनकंडीशनल बेसिक इनकम
- D.यूनिवर्सल बेसिक इनकम
उत्तर देखें
UBI का विचार यह है कि अनेक अलग-अलग सब्सिडी और कल्याण योजनाओं के स्थान पर हर नागरिक को नियमित रूप से, बिना शर्त, एक तय राशि दी जाए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन चौदहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष हैं?
- A.सी. रंगराजन
- B.विजय केलकर
- C.वाई. वी. रेड्डी
- D.राकेश मोहन
उत्तर देखें
2015-2020 की अवधि के लिए 2013 में गठित चौदहवें वित्त आयोग की अध्यक्षता भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर वाई. वी. रेड्डी ने की थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →GST लागू करने के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता क्यों पड़ी?
- A.राज्य संविधान में संशोधन के बिना GST लागू करने पर केंद्र से सहमत होने को तैयार नहीं थे।
- B.GST को समवर्ती आधार पर लागू किया जाना था और ऐसी स्थिति के लिए अनुच्छेद 246 अपर्याप्त था।
- C.वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति ने संविधान संशोधन की सिफ़ारिश की थी।
- D.GST परिषद ने अपनी शक्ति बढ़ाने के लिए संविधान संशोधन की सिफ़ारिश की थी।
उत्तर देखें
GST एक ही आपूर्ति पर केंद्र और राज्य दोनों मिलकर लगाते हैं, और अलग-अलग सूचियों के ज़रिये कराधान शक्तियां बांटने वाला अनुच्छेद 246 ऐसे समवर्ती कर की अनुमति नहीं देता था।
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