धूप वाले दिन एक पौधे से पत्ती तोड़कर 2 मिनट तक उबलते पानी में रखी गई। इसके बाद उसे उबलते ऐल्कोहॉल में डुबोया गया और आयोडीन विलयन से उपचारित किया गया। परीक्षण के बाद पत्ती का अंतिम रंग क्या होगा?
- A.रंगहीन
- B.हरा
- C.नीला
- D.सफ़ेद
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है C, नीला। धूप वाले दिन की पत्ती में प्रकाश संश्लेषण से बना स्टार्च भरा होता है, और आयोडीन स्टार्च को नीला-काला कर देता है।
यह पत्ती में स्टार्च की जाँच का सामान्य स्कूली परीक्षण है। पत्ती को पानी में उबालने से उसकी कोशिकाएँ मर जाती हैं और वह नरम हो जाती है, ताकि विलयन अंदर जा सकें। फिर जल-ऊष्मक पर ऐल्कोहॉल में उबालने से क्लोरोफिल घुल जाता है और पत्ती फीकी या लगभग रंगहीन रह जाती है। इसके बाद आयोडीन विलयन डालने पर पत्ती में जमा स्टार्च उससे क्रिया करता है और पत्ती नीली-काली हो जाती है। परीक्षण से पहले दो दिन अँधेरे में रखी पत्ती नीली नहीं होती, जिससे सिद्ध होता है कि प्रकाश संश्लेषण के लिए प्रकाश आवश्यक है।
A गलत है: पत्ती आयोडीन डालने से पहले ही रंगहीन होती है; उसके बाद स्टार्च उसे नीला कर देता है।
B गलत है: हरा क्लोरोफिल उबलते ऐल्कोहॉल से पहले ही निकल चुका है।
D गलत है: स्टार्च-रहित पत्ती आयोडीन का भूरा रंग दिखाती, सफ़ेद नहीं, और इस पत्ती में स्टार्च है।
परीक्षा टिप: आयोडीन परीक्षण में स्टार्च नीला-काला होता है; परीक्षण से पहले ऐल्कोहॉल क्लोरोफिल हटाता है।