DNA की पॉलीन्यूक्लियोटाइड श्रृंखला में होते हैं
- A.एक नाइट्रोजनी क्षार, डीऑक्सीराइबोज़ शर्करा और फॉस्फेट समूह
- B.एक नाइट्रोजनी क्षार, राइबोज़ शर्करा और फॉस्फेट समूह
- C.डीऑक्सीराइबोज़ शर्करा, राइबोज़ शर्करा और फॉस्फेट समूह
- D.केवल एक नाइट्रोजनी क्षार और फॉस्फेट समूह
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है A, एक नाइट्रोजनी क्षार, डीऑक्सीराइबोज़ शर्करा और फॉस्फेट समूह। DNA का हर न्यूक्लियोटाइड इन्हीं तीन भागों से बनता है, और अनेक न्यूक्लियोटाइड जुड़कर पॉलीन्यूक्लियोटाइड श्रृंखला बनाते हैं।
DNA की लड़ी में एक न्यूक्लियोटाइड की शर्करा अगले के फॉस्फेट से फॉस्फोडाइएस्टर बंध द्वारा जुड़ती है, जिससे शर्करा-फॉस्फेट की रीढ़ बनती है। नाइट्रोजनी क्षार इस रीढ़ से बाहर निकले रहते हैं: एडेनिन, ग्वानिन, साइटोसिन और थायमिन। ऐसी दो श्रृंखलाएँ विपरीत दिशाओं में चलती हैं और क्षारों के बीच हाइड्रोजन बंधों से जुड़ी रहती हैं, A के साथ T और G के साथ C; यही 1953 में वॉटसन और क्रिक द्वारा बताया गया द्विकुंडली रूप है। इसकी शर्करा डीऑक्सीराइबोज़ है, जिसमें राइबोज़ से एक ऑक्सीजन परमाणु कम होता है।
B गलत है: राइबोज़ शर्करा RNA में होती है, DNA में नहीं।
C गलत है: DNA श्रृंखला में केवल एक प्रकार की शर्करा, डीऑक्सीराइबोज़, होती है और उसमें क्षार भी होते हैं।
D गलत है: शर्करा के बिना क्षार और फॉस्फेट जुड़कर श्रृंखला नहीं बना सकते।
परीक्षा टिप: DNA = डीऑक्सीराइबोज़ + A, G, C, T; RNA = राइबोज़ + A, G, C, U।