अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ (ऑल इंडिया डिप्रेस्ड क्लासेज़ एसोसिएशन) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ का गठन नागपुर में हुआ और एम. सी. राजा इसके पहले निर्वाचित अध्यक्ष बने।
- B.1926 में डॉ. बी. आर. आंबेडकर अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ में शामिल नहीं हुए।
- C.आंबेडकर ने अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ से त्यागपत्र देकर 1930 में अपनी अखिल भारतीय दलित वर्ग कांग्रेस बनाई।
- D.अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ ने दलित वर्गों के लिए पृथक निर्वाचन मंडल की आंबेडकर की मांग का समर्थन किया।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D। अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ ने पृथक निर्वाचन मंडल की आंबेडकर की मांग का समर्थन नहीं किया; एम. सी. राजा के नेतृत्व में उसने दलित वर्गों के लिए आरक्षित सीटों वाले संयुक्त निर्वाचन मंडल का समर्थन किया।
मद्रास के नेता और केंद्रीय विधानसभा के सदस्य एम. सी. राजा नागपुर में बने इस संघ के पहले निर्वाचित अध्यक्ष थे। आंबेडकर इससे दूर रहे और 1930 में नागपुर में अपनी अखिल भारतीय दलित वर्ग कांग्रेस बनाई। गोलमेज़ सम्मेलनों में आंबेडकर पृथक निर्वाचन पर ज़ोर दे रहे थे, जबकि राजा ने 1932 में हिंदू महासभा के नेता बी. एस. मुंजे से आरक्षित सीटों वाले संयुक्त निर्वाचन पर समझौता किया, जिसे राजा-मुंजे समझौता कहते हैं। सितंबर 1932 के पूना समझौते में अंततः संयुक्त व्यवस्था ही तय हुई।
A सही है: संघ का गठन नागपुर में हुआ और एम. सी. राजा पहले निर्वाचित अध्यक्ष बने। B सही है: 1926 में आंबेडकर इसमें शामिल नहीं हुए। C सही है: आंबेडकर ने इससे अलग होकर 1930 में अपनी अखिल भारतीय दलित वर्ग कांग्रेस बनाई।
परीक्षा टिप: एम. सी. राजा = संयुक्त निर्वाचन (राजा-मुंजे समझौता 1932); आंबेडकर = पूना समझौते तक पृथक निर्वाचन।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभू-राजस्व में रैयतवाड़ी प्रयोग किसने शुरू किया था?
- A.हेनरी डुंडास
- B.अलेक्ज़ेंडर रीड
- C.डेविड रिकार्डो
- D.माउंटस्टुअर्ट एल्फ़िंस्टन
उत्तर देखें
कैप्टन अलेक्ज़ेंडर रीड ने 1792 में टीपू सुल्तान से लिए गए बारामहल क्षेत्र में रैयतवाड़ी प्रयोग शुरू किया, और थॉमस मुनरो उनके सहायकों में से एक थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ब्राह्मी और खरोष्ठी लिपियों को किसने पढ़ा (उनका अर्थ निकाला)?
- A.पियदस्सी
- B.कॉलिन मैकेंज़ी
- C.अलेक्ज़ेंडर कनिंघम
- D.जेम्स प्रिंसेप
उत्तर देखें
ईस्ट इंडिया कंपनी की टकसाल के अधिकारी और एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल के सचिव प्रिंसेप ने 1837 में ब्राह्मी लिपि को पढ़ा और खरोष्ठी को पढ़ने में भी निर्णायक सफलता पाई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जस्टिस पार्टी के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.इसने गैर-ब्राह्मणों के लिए उसी प्रकार के पृथक सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व की ज़ोरदार मांग की, जैसा मॉर्ले-मिंटो सुधारों द्वारा मुसलमानों को दिया गया था।
- B.इसे मुख्य रूप से धनी भूस्वामी और शहरी मध्यवर्गीय गैर-ब्राह्मणों का संरक्षण प्राप्त था।
- C.इसने मॉन्टेग्यू-चेम्सफ़ोर्ड सुधारों में गैर-ब्राह्मणों के लिए 28 आरक्षित सीटों का प्रावधान करवाने में सफलता पाई।
- D.इसने 1920 में चुनावों के बहिष्कार के कांग्रेस के आह्वान का समर्थन किया।
उत्तर देखें
जस्टिस पार्टी 1920 के चुनावों के कांग्रेस के बहिष्कार में शामिल नहीं हुई; उसने चुनाव लड़ा, मद्रास विधान परिषद में बहुमत जीता और नए सुधारों के तहत पहला मंत्रिमंडल बनाया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1915 में हरिद्वार कुंभ मेले में कौन-सा संगठन शुरू किया गया था?
- A.सनातन धर्म सभा
- B.देव समाज
- C.ब्राह्मण सभा
- D.हिंदू महासभा
उत्तर देखें
अखिल भारतीय हिंदू महासभा का स्थापना अधिवेशन 1915 के कुंभ मेले के दौरान हरिद्वार में हुआ, जिसमें 1909 से पहले पंजाब और फिर दूसरे प्रांतों में बनी हिंदू सभाएं एक साथ आईं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1921-1922 के दौरान अवध में कांग्रेस द्वारा शुरू किए गए 'एका आंदोलन' का नेतृत्व किसने संभाला?
- A.भगवान अहीर
- B.मदारी पासी
- C.बाबा रामचंद्र
- D.शाह नईम अता
उत्तर देखें
एका (एकता) आंदोलन 1921 के अंत में अवध के हरदोई, बहराइच, सीतापुर और बाराबंकी ज़िलों में पहले कांग्रेस और खिलाफ़त कार्यकर्ताओं के साथ शुरू हुआ, फिर निम्न जाति से आने वाले किसान नेता मदारी पासी ने इसकी कमान संभाली।
पूरी व्याख्या पढ़ें →