अनुसूचित जाति के 1.44 करोड़ छात्रों को 12,773 करोड़ की छात्रवृत्ति
अनुसूचित जाति के 1.44 करोड़ से अधिक छात्रों को 12,773 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति मिली है और तीन शैक्षिक सहायता योजनाओं में सुधार किए गए हैं।

चर्चा में क्यों
10 सितंबर 2026 को सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने बताया कि अनुसूचित जाति के 1.44 करोड़ से अधिक छात्रों को 12,773 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति मिल चुकी है, साथ ही श्रेष्ठ, राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति और राष्ट्रीय फेलोशिप योजनाओं में हुए सुधार गिनाए।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने अपनी छात्रवृत्ति योजनाओं की पहुंच बढ़ाई है और उनमें से तीन के संचालन का तरीका बदला है। उद्देश्य यह है कि अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए शिक्षा पहुंच में बनी रहे तथा योजनाएं समय पर और पारदर्शी ढंग से चलें।
सहायता कितनी पहुंची
| अनुसूचित जाति के छात्र | 1.44 करोड़ से अधिक लाभान्वित, 12,773 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति |
| अपिव और ईबीसी छात्र | 1.01 करोड़ से अधिक लाभान्वित, 2,445.05 करोड़ रुपये की सहायता |
| संबंधित योजनाएं | मैट्रिक-पूर्व और मैट्रिक-पश्चात छात्रवृत्ति योजनाएं |
दोनों आंकड़े मैट्रिक-पूर्व और मैट्रिक-पश्चात छात्रवृत्ति योजनाओं से आते हैं, जो मैट्रिक से पहले और बाद के चरण में छात्रों की मदद करती हैं, ताकि पैसे की कमी पढ़ाई छूटने का कारण न बने।
श्रेष्ठ योजना में सुधार
श्रेष्ठ लक्षित क्षेत्रों के उच्च विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए आवासीय शिक्षा योजना है। इसमें प्रवेश श्रेष्ठ के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा यानी एनईटीएस से मिलता है। अब यह परीक्षा मई से दिसंबर कर दी गई है। परीक्षा पहले होने से परामर्श और प्रवेश शैक्षणिक चक्र के भीतर पूरे हो सकेंगे, जिससे देरी घटेगी और प्रतीक्षा के दौरान पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों की संख्या भी कम होगी।
दो और सुधार
- राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति योजना में अब आय और जाति प्रमाण पत्र की जांच उन्हीं अधिकारियों से मौके पर की जाती है, जिन्होंने वे जारी किए। यह व्यवस्था शैक्षणिक वर्ष 2024-25 से लागू हुई और इसका उद्देश्य फर्जी दावे रोकना तथा विदेश में उच्च शिक्षा के लिए जाने वाले वास्तविक उम्मीदवारों तक लाभ पहुंचाना है
- अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए राष्ट्रीय फेलोशिप में यूजीसी-नेट तथा संयुक्त सीएसआईआर-यूजीसी नेट के परिणाम आने के बाद सात दिन की शिकायत विंडो अनिवार्य कर दी गई है। यह शैक्षणिक वर्ष 2025-26 से शुरू हुई और इससे छात्र निर्धारित अवधि में विसंगतियां बता सकते हैं
कुल मिलाकर क्या निकलता है
तीनों बदलावों को साथ पढ़ें तो एक ही पैटर्न दिखता है। हर बदलाव प्रक्रिया के उस बिंदु को ठीक करता है, जहां छात्र का समय या अवसर खराब होता था। श्रेष्ठ की परीक्षा पहले करने से कैलेंडर ठीक होता है। प्रमाण पत्र की जांच स्रोत पर होने से प्रामाणिकता सुधरती है। परिणाम के बाद तय शिकायत अवधि से जवाबदेही बढ़ती है। विभाग के अनुसार बढ़ी हुई वित्तीय सहायता के साथ ये कदम ऐसी शैक्षिक सहायता व्यवस्था बनाने के लिए हैं, जो समावेशी, कुशल और छात्र-केंद्रित हो।
महत्वपूर्ण तथ्य
| विभाग | सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग |
|---|---|
| लाभान्वित अनुसूचित जाति छात्र | 1.44 करोड़ से अधिक |
| वितरित राशि | 12,773 करोड़ रुपये |
| लाभान्वित अपिव और ईबीसी छात्र | 1.01 करोड़ से अधिक |
| अपिव-ईबीसी के लिए राशि | 2,445.05 करोड़ रुपये |
| श्रेष्ठ | लक्षित क्षेत्र उच्च विद्यालय छात्र आवासीय शिक्षा योजना |
| एनईटीएस परीक्षा | मई से दिसंबर कर दी गई |
| प्रवासी छात्रवृत्ति में सुधार | आय और जाति प्रमाण पत्र की मौके पर जांच, 2024-25 से |
| फेलोशिप में सुधार | सात दिन की अनिवार्य शिकायत विंडो, 2025-26 से |
परीक्षा की दृष्टि से
विभाग का नाम, दोनों जोड़ीदार आंकड़े (1.44 करोड़ अनुसूचित जाति छात्र और 12,773 करोड़ रुपये तथा 1.01 करोड़ अपिव-ईबीसी छात्र और 2,445.05 करोड़ रुपये), श्रेष्ठ तथा एनईटीएस का पूरा अर्थ, परीक्षा का मई से दिसंबर होना, प्रवासी छात्रवृत्ति में 2024-25 से मौके पर जांच और फेलोशिप में 2025-26 से सात दिन की शिकायत विंडो याद रखें।
अभ्यास प्रश्न
अनुसूचित जाति के 1.44 करोड़ से अधिक छात्रों को छात्रवृत्ति के रूप में कितनी राशि वितरित की गई?
- A.2,445.05 करोड़ रुपये
- B.9,773 करोड़ रुपये
- C.12,773 करोड़ रुपये
- D.21,773 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 12,773 करोड़ रुपये
व्याख्या
सही उत्तर 12,773 करोड़ रुपये है। विज्ञप्ति के अनुसार मैट्रिक-पूर्व और मैट्रिक-पश्चात छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत अनुसूचित जाति के 1.44 करोड़ से अधिक छात्र लाभान्वित हुए हैं और उनकी शैक्षिक उन्नति के लिए 12,773 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति वितरित की गई है। विकल्प 2,445.05 करोड़ रुपये सबसे खतरनाक है, क्योंकि यह राशि विज्ञप्ति में आती तो है, लेकिन वह दूसरे वर्ग से जुड़ी है: अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक पिछड़े वर्ग के 1.01 करोड़ से अधिक छात्रों को इन्हीं योजनाओं के तहत 2,445.05 करोड़ रुपये की सहायता मिली है। दोनों जोड़ियों को जोड़ी के रूप में ही याद रखें, ताकि लाभार्थियों की संख्या और राशि कभी अलग न हों। विकल्प 9,773 करोड़ और 21,773 करोड़ सही उत्तर के इतने करीब हैं कि धुंधली याददाश्त वाले अभ्यर्थी को फंसा लेते हैं, जबकि ये विज्ञप्ति में कहीं नहीं आते।
श्रेष्ठ के लिए राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा किस महीने से किस महीने में कर दी गई है?
- A.जून से जनवरी
- B.मई से दिसंबर
- C.अप्रैल से नवंबर
- D.दिसंबर से मई
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मई से दिसंबर
व्याख्या
सही उत्तर मई से दिसंबर है। लक्षित क्षेत्रों के उच्च विद्यालयों में छात्रों के लिए आवासीय शिक्षा योजना के अंतर्गत श्रेष्ठ की वार्षिक राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा का कार्यक्रम मई से बढ़ाकर दिसंबर कर दिया गया है। विज्ञप्ति में इसका कारण बहुत व्यावहारिक दिया गया है, यानी परीक्षा पहले होने से परामर्श और प्रवेश समय पर पूरे होते हैं, पूरी प्रक्रिया शैक्षणिक कैलेंडर से मेल खाती है तथा देरी और प्रतीक्षा में पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों की संख्या दोनों घटती हैं। विकल्प दिसंबर से मई दोनों महीनों को उलट देता है और इस तरह के प्रश्नों का यही सबसे आम जाल है, इसलिए बदलाव की दिशा ध्यान से पढ़ें; परीक्षा अब चक्र में पहले होती है, बाद में नहीं। विकल्प जून से जनवरी और अप्रैल से नवंबर में दिए गए महीने विज्ञप्ति में आते ही नहीं। श्रेष्ठ का पूरा नाम भी याद रखें, क्योंकि परीक्षा में वह भी पूछा जाता है।
आय और जाति प्रमाण पत्र की मौके पर जांच किस योजना के तहत शुरू की गई?
- A.मैट्रिक-पश्चात छात्रवृत्ति योजना
- B.राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति योजना
- C.अनुसूचित जाति छात्रों के लिए राष्ट्रीय फेलोशिप
- D.श्रेष्ठ
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति योजना
व्याख्या
सही उत्तर राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति योजना है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि दस्तावेजों की प्रामाणिकता मजबूत करने और फर्जी दावे रोकने के लिए आय तथा जाति प्रमाण पत्र की जांच सीधे जारी करने वाले अधिकारियों से मौके पर करने की व्यवस्था इसी योजना में शैक्षणिक वर्ष 2024-25 से शुरू की गई, ताकि लाभ विदेश में उच्च शिक्षा के इच्छुक वास्तविक उम्मीदवारों तक पहुंचे। बाकी तीनों विकल्प भी इसी विज्ञप्ति में नामित असली योजनाएं हैं, लेकिन उनसे अलग सुधार जुड़ा है, इसलिए इन्हें अलग-अलग याद रखना जरूरी है। श्रेष्ठ में प्रवेश परीक्षा मई से दिसंबर की गई। अनुसूचित जाति छात्रों की राष्ट्रीय फेलोशिप में नेट परिणामों के बाद सात दिन की अनिवार्य शिकायत विंडो 2025-26 से लागू हुई। मैट्रिक-पश्चात छात्रवृत्ति योजना से वितरण के आंकड़े आते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अनुसूचित जाति के कितने छात्रों को कितनी छात्रवृत्ति मिली है?
मैट्रिक-पूर्व और मैट्रिक-पश्चात छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत 1.44 करोड़ से अधिक अनुसूचित जाति छात्रों को 12,773 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति वितरित की गई है।
श्रेष्ठ की प्रवेश परीक्षा में क्या बदलाव हुआ है?
श्रेष्ठ के लिए राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा यानी एनईटीएस अब मई के बजाय दिसंबर में होगी, जिससे परामर्श और प्रवेश शैक्षणिक चक्र में पूरे हों और पढ़ाई छोड़ने की दर घटे।
राष्ट्रीय फेलोशिप में नई शिकायत विंडो क्या है?
यूजीसी-नेट और संयुक्त सीएसआईआर-यूजीसी नेट के परिणाम घोषित होने के बाद सात दिन की अनिवार्य विंडो, जो शैक्षणिक वर्ष 2025-26 से शुरू हुई।
स्रोत
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