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GK24

एनएसओ ने पहली बार जिला स्तरीय अनुमान जारी किए

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने गैर-निगमित गैर-कृषि क्षेत्र के जिला स्तरीय अनुमान पहली बार जारी किए हैं, जिनमें 757 जिलों के आंकड़े शामिल हैं।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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एनएसओ ने पहली बार जिला स्तरीय अनुमान जारी किए — GK24 title card

चर्चा में क्यों

10 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने गैर-निगमित गैर-कृषि क्षेत्र के पहले जिला स्तरीय अनुमान जारी किए, जो एएसयूएसई 2025 पर आधारित हैं और 757 जिलों को शामिल करते हैं।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन काम करने वाले राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने गैर-निगमित गैर-कृषि क्षेत्र के जिला स्तरीय अनुमान जारी किए हैं। किसी बड़े राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण से जिला स्तर के अनुमान जारी करने का यह पहला अवसर है। ये आंकड़े असंगठित क्षेत्र उद्यम वार्षिक सर्वेक्षण 2025, यानी एएसयूएसई 2025 से लिए गए हैं और रिपोर्ट मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

कवरेज कितना है

नमूना चयन के समय उपलब्ध 770 जिलों में से 757 जिलों के अनुमान दिए गए हैं। लक्षद्वीप और चंडीगढ़ को जिला तालिका में अलग से नहीं रखा गया, क्योंकि इन दोनों में केवल एक-एक जिला है, इसलिए इनके जिला आंकड़े केंद्र शासित प्रदेश के आंकड़ों जैसे ही हैं और पहले प्रकाशित हो चुके हैं। दिल्ली को अलग कारण से छोड़ा गया है। वहां ग्रामीण आबादी बहुत कम है और गांव भी कम हैं, इसलिए सभी जिलों को एक ही स्तर में मिला दिया गया और जिला स्तरीय अनुमान तैयार नहीं हो सके।

गतिविधि कहां केंद्रित है

शीर्ष 10 जिलेप्रतिष्ठानों, श्रमिकों और सकल मूल्य वर्धित का लगभग दसवां हिस्सा
शीर्ष 50 जिलेप्रतिष्ठानों, कार्यबल और सकल मूल्य वर्धित का लगभग एक तिहाई
एक लाख से अधिक प्रतिष्ठान वाले जिलेलगभग एक तिहाई जिले
5 लाख से अधिक प्रतिष्ठान वाले जिलेकेवल 16 जिले

शीर्ष 10 जिले चार राज्यों गुजरात, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में फैले हैं। शीर्ष 50 जिले बारह राज्यों में फैले हैं। लगभग 9 प्रतिशत जिलों में प्रति जिला 10,000 से कम प्रतिष्ठान हैं।

उत्पादकता और महिलाएं

  • लगभग 331 जिलों में प्रति श्रमिक सकल मूल्य वर्धित 1 लाख से 1.5 लाख रुपये के बीच है
  • 280 जिलों में यह अखिल भारतीय औसत 1,56,539 रुपये से अधिक है
  • 237 जिलों में गैर-निगमित क्षेत्र के कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी एक तिहाई है
  • 25 जिलों में महिला कामगार कुल कार्यबल के आधे से अधिक हैं
  • महिला नेतृत्व वाले प्रतिष्ठानों की सबसे अधिक हिस्सेदारी वाले जिले तेलंगाना, मणिपुर और मेघालय में हैं, जबकि मिजोरम के हर जिले में कम से कम आधे प्रतिष्ठान महिलाओं के स्वामित्व वाले हैं

महत्व क्यों

यह सर्वेक्षण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों को शामिल करता है तथा इसमें विनिर्माण, व्यापार और अन्य सेवाएं आती हैं। आंकड़े टैबलेट पर कंप्यूटर आधारित व्यक्तिगत साक्षात्कार से जुटाए गए। मंत्रालय इससे पहले 2011 की जनगणना की जनसंख्या के आधार पर चुने गए दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों का विवरण प्रकाशित कर चुका है। जिला रिपोर्ट में संबंधित जिलों के भीतर आने वाले इन शहरों के अनुमान भी शामिल हैं। इस तरह के उप-राज्य आंकड़े क्षेत्रीय ताकत और कमजोरी पहचानने में मदद करते हैं, जिससे लक्षित नीति बनाना संभव होता है।

महत्वपूर्ण तथ्य

जारीकर्ताराष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
स्रोत सर्वेक्षणअसंगठित क्षेत्र उद्यम वार्षिक सर्वेक्षण (एएसयूएसई) 2025
शामिल जिलेनमूना ढांचे के 770 जिलों में से 757
अलग से शामिल नहींलक्षद्वीप, चंडीगढ़ और दिल्ली
शीर्ष 50 जिलेप्रतिष्ठानों, कार्यबल और जीवीए का लगभग एक तिहाई
शीर्ष 10 जिलेलगभग दसवां हिस्सा; गुजरात, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में
प्रति श्रमिक अखिल भारतीय जीवीए1,56,539 रुपये, 280 जिलों में इससे अधिक
कार्यबल में महिलाएं237 जिलों में एक तिहाई और 25 जिलों में आधे से अधिक
सर्वेक्षित क्षेत्रविनिर्माण, व्यापार और अन्य सेवाएं

परीक्षा की दृष्टि से

जारी करने वाली संस्था (एमओएसपीआई के अधीन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय), सर्वेक्षण (एएसयूएसई 2025), कवरेज (770 में से 757 जिले), छोड़े गए तीन क्षेत्र और उसका कारण, संकेंद्रण के आंकड़े (शीर्ष 10 लगभग दसवां हिस्सा, शीर्ष 50 लगभग एक तिहाई), प्रति श्रमिक अखिल भारतीय औसत 1,56,539 रुपये तथा उससे ऊपर वाले 280 जिले, और महिलाओं से जुड़े 237 तथा 25 जिलों के आंकड़े याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.रिपोर्ट और सूचकांकमध्यम

गैर-निगमित गैर-कृषि क्षेत्र के पहले जिला स्तरीय अनुमान किस सर्वेक्षण पर आधारित हैं?

  1. A.आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण
  2. B.उद्योगों का वार्षिक सर्वेक्षण
  3. C.असंगठित क्षेत्र उद्यम वार्षिक सर्वेक्षण 2025
  4. D.राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. असंगठित क्षेत्र उद्यम वार्षिक सर्वेक्षण 2025

व्याख्या

सही उत्तर असंगठित क्षेत्र उद्यम वार्षिक सर्वेक्षण 2025 यानी एएसयूएसई 2025 है। विज्ञप्ति के अनुसार जिला स्तर पर गैर-निगमित क्षेत्र वाली यह रिपोर्ट एएसयूएसई के आंकड़ों के आधार पर प्रतिष्ठानों के आकार, संरचना और आर्थिक प्रदर्शन की जिलेवार तस्वीर देती है, और यह राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की पहली ऐसी पहल है जिसमें किसी बड़े राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण से जिला स्तरीय अनुमान जारी किए गए हैं। विकल्पों में दिए गए बाकी तीनों सर्वेक्षण वास्तविक हैं, इसलिए वे सही लग सकते हैं, लेकिन इस विज्ञप्ति में इनमें से किसी का उल्लेख नहीं है और ये अनुमान इनसे नहीं आते। साथ के तथ्य भी याद रखें: यह सर्वेक्षण देश के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों को शामिल करता है, इसमें विनिर्माण, व्यापार तथा अन्य सेवाएं आती हैं, और आंकड़े टैबलेट पर कंप्यूटर आधारित व्यक्तिगत साक्षात्कार के जरिए जुटाए गए हैं।

Q2.रिपोर्ट और सूचकांकमध्यम

इन अनुमानों में कितने जिलों के आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं?

  1. A.640
  2. B.757
  3. C.770
  4. D.788
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 757

व्याख्या

सही उत्तर 757 है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि एएसयूएसई के नमूना चयन के समय उपलब्ध 770 जिलों में से 757 जिलों के लिए संकेतकों के अनुमान दिए गए हैं। विकल्प 770 सबसे तीखा भ्रम पैदा करता है, क्योंकि यह संख्या भी विज्ञप्ति में आती है, लेकिन वह नमूना ढांचे का आकार है, प्रस्तुत किए गए जिलों की संख्या नहीं; इसलिए दोनों को अलग रखना जरूरी है। दोनों संख्याओं के बीच का अंतर विज्ञप्ति में ही समझाया गया है। लक्षद्वीप और चंडीगढ़ में केवल एक-एक जिला है, इसलिए उनके जिला अनुमान केंद्र शासित प्रदेश के अनुमानों जैसे ही हैं और पहले प्रकाशित हो चुके हैं। दिल्ली का कारण अलग है, वहां ग्रामीण आबादी बहुत कम है और गांव भी कम हैं, इसलिए सभी जिलों को एक स्तर में मिला दिया गया और जिला स्तरीय अनुमान तैयार नहीं हो सके। विकल्प 640 और 788 विज्ञप्ति में कहीं नहीं आते।

Q3.रिपोर्ट और सूचकांककठिन

कितने जिलों में गैर-निगमित क्षेत्र के कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी एक तिहाई है?

  1. A.237
  2. B.280
  3. C.331
  4. D.25
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 237

व्याख्या

सही उत्तर 237 है। विज्ञप्ति की मुख्य बातों में यह तथ्य दर्ज है कि 237 जिलों में गैर-निगमित क्षेत्र के कुल कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी एक तिहाई है। बाकी सभी विकल्प भी इसी विज्ञप्ति के वास्तविक आंकड़े हैं, इसी कारण यह प्रश्न कठिन है और हर संख्या को सही तथ्य से जोड़कर याद रखना पड़ता है। संख्या 280 उन जिलों की है जहां प्रति श्रमिक सकल मूल्य वर्धित अखिल भारतीय औसत 1,56,539 रुपये से अधिक है। संख्या 331 लगभग उन जिलों की है जहां प्रति श्रमिक सकल मूल्य वर्धित एक लाख से डेढ़ लाख रुपये के बीच है। संख्या 25 उन जिलों की है जहां महिला कामगार कुल कार्यबल के आधे से अधिक हैं। दो और जुड़े तथ्य उपयोगी हैं: महिला नेतृत्व वाले प्रतिष्ठानों की सबसे अधिक हिस्सेदारी वाले जिले तेलंगाना, मणिपुर और मेघालय में हैं, तथा मिजोरम के प्रत्येक जिले में कम से कम आधे प्रतिष्ठान महिलाओं के स्वामित्व वाले हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नए अनुमानों में कितने जिले शामिल हैं?

एएसयूएसई 2025 के नमूना ढांचे में उपलब्ध 770 जिलों में से 757 जिलों के अनुमान दिए गए हैं। लक्षद्वीप, चंडीगढ़ और दिल्ली को अलग से प्रस्तुत नहीं किया गया।

इस क्षेत्र में प्रति श्रमिक अखिल भारतीय सकल मूल्य वर्धित कितना है?

1,56,539 रुपये। 280 जिलों में यह आंकड़ा इस औसत से अधिक है, जो वहां अपेक्षाकृत अधिक उत्पादकता दर्शाता है।

महिलाओं के बारे में ये अनुमान क्या बताते हैं?

237 जिलों में कार्यबल का एक तिहाई महिलाएं हैं और 25 जिलों में आधे से अधिक। महिला नेतृत्व वाले प्रतिष्ठानों की सबसे अधिक हिस्सेदारी वाले जिले तेलंगाना, मणिपुर और मेघालय में हैं।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS