अनुसूचित जाति के 1.44 करोड़ से अधिक छात्रों को छात्रवृत्ति के रूप में कितनी राशि वितरित की गई?
- A.2,445.05 करोड़ रुपये
- B.9,773 करोड़ रुपये
- C.12,773 करोड़ रुपये
- D.21,773 करोड़ रुपये
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 12,773 करोड़ रुपये है। विज्ञप्ति के अनुसार मैट्रिक-पूर्व और मैट्रिक-पश्चात छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत अनुसूचित जाति के 1.44 करोड़ से अधिक छात्र लाभान्वित हुए हैं और उनकी शैक्षिक उन्नति के लिए 12,773 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति वितरित की गई है। विकल्प 2,445.05 करोड़ रुपये सबसे खतरनाक है, क्योंकि यह राशि विज्ञप्ति में आती तो है, लेकिन वह दूसरे वर्ग से जुड़ी है: अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक पिछड़े वर्ग के 1.01 करोड़ से अधिक छात्रों को इन्हीं योजनाओं के तहत 2,445.05 करोड़ रुपये की सहायता मिली है। दोनों जोड़ियों को जोड़ी के रूप में ही याद रखें, ताकि लाभार्थियों की संख्या और राशि कभी अलग न हों। विकल्प 9,773 करोड़ और 21,773 करोड़ सही उत्तर के इतने करीब हैं कि धुंधली याददाश्त वाले अभ्यर्थी को फंसा लेते हैं, जबकि ये विज्ञप्ति में कहीं नहीं आते।
पूरा लेख पढ़ें: अनुसूचित जाति के 1.44 करोड़ छात्रों को 12,773 करोड़ की छात्रवृत्ति
अभ्यास प्रश्न
श्रेष्ठ के लिए राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा किस महीने से किस महीने में कर दी गई है?
- A.जून से जनवरी
- B.मई से दिसंबर
- C.अप्रैल से नवंबर
- D.दिसंबर से मई
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लक्षित क्षेत्रों के उच्च विद्यालयों में छात्रों के लिए आवासीय शिक्षा योजना के अंतर्गत श्रेष्ठ की वार्षिक राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा का कार्यक्रम मई से बढ़ाकर दिसंबर कर दिया गया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आय और जाति प्रमाण पत्र की मौके पर जांच किस योजना के तहत शुरू की गई?
- A.मैट्रिक-पश्चात छात्रवृत्ति योजना
- B.राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति योजना
- C.अनुसूचित जाति छात्रों के लिए राष्ट्रीय फेलोशिप
- D.श्रेष्ठ
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विज्ञप्ति में कहा गया है कि दस्तावेजों की प्रामाणिकता मजबूत करने और फर्जी दावे रोकने के लिए आय तथा जाति प्रमाण पत्र की जांच सीधे जारी करने वाले अधिकारियों से मौके पर करने की व्यवस्था इसी योजना में शैक्षणिक वर्ष 2024-25 से शुरू की गई, ताकि लाभ विदेश में उच्च…
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के तहत सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर पंजीकृत ई-कचरा रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों की संख्या 38 से बढ़कर कितनी हो गई?
- A.75 से अधिक
- B.100 से अधिक
- C.200 से अधिक
- D.500 से अधिक
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पिछले अभियान में शुरू हुए ई-कचरे पर ध्यान को आगे बढ़ाते हुए विशेष अभियान 6 में डीएआरपीजी ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और रिसाइक्लिंग उद्योग के साथ मिलकर सरकारी दफ्तरों को अधिकृत रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों से जोड़ा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के दौरान कबाड़ बेचकर सबसे अधिक आय किस मंत्रालय ने अर्जित की?
- A.कोयला मंत्रालय
- B.रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड)
- C.रक्षा मंत्रालय (सैन्य मामलों का विभाग)
- D.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
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इसके बाद सैन्य मामलों का विभाग 88.96 करोड़ रुपये, कोयला मंत्रालय 61.41 करोड़ रुपये और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय 34.81 करोड़ रुपये के साथ रहे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 में ई-कचरे सहित कबाड़ के निपटान से कुल कितनी आय हुई?
- A.618.06 करोड़ रुपये
- B.770.50 करोड़ रुपये
- C.970.33 करोड़ रुपये
- D.1,120.40 करोड़ रुपये
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विशेष अभियान 6 पोर्टल के संकलित आंकड़ों के अनुसार सभी मंत्रालयों और विभागों ने ई-कचरे सहित कबाड़ बेचकर 970.33 करोड़ रुपये जुटाए, जो विशेष अभियान 5.0 से लगभग 16 प्रतिशत अधिक है।
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