राष्ट्रीय तटीय मिशन 2.0 के दिशानिर्देश जारी, 767 करोड़ का परिव्यय
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने राष्ट्रीय तटीय मिशन 2.0 के दिशानिर्देश जारी किए, यह 767 करोड़ रुपये की केंद्रीय क्षेत्र योजना 2030-31 तक चलेगी।

चर्चा में क्यों
30 सितंबर 2026 को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने राष्ट्रीय तटीय मिशन 2.0 के कार्यान्वयन दिशानिर्देश जारी किए। यह 767 करोड़ रुपये की केंद्रीय क्षेत्र योजना नौ तटीय राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों में 2030-31 तक लागू की जाएगी।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय तटीय मिशन 2.0 यानी एनसीएम 2.0 के कार्यान्वयन दिशानिर्देश जारी किए। ये दिशानिर्देश वह नियम पुस्तिका हैं जो तटीय राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय एजेंसियों को बताती है कि मिशन का पैसा कहाँ और कैसे खर्च होगा तथा किस काम की जवाबदेही किस संस्था पर होगी।
मिशन क्या है
एनसीएम 2.0 एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है, अर्थात इसका खर्च राज्यों के साथ बाँटा नहीं जाता, पूरा केंद्र उठाता है। इसका स्वीकृत परिव्यय 767 करोड़ रुपये है और यह 2030-31 तक चलेगी। इसका दायरा देश की पूरी तटरेखा है, अर्थात नौ तटीय राज्य और चार केंद्र शासित प्रदेश। मंत्रालय राज्यों को बनी-बनाई योजना नहीं देगा; राज्य, केंद्र शासित प्रदेश और अन्य हितधारक इस काम में सक्रिय भागीदार रहेंगे।
मिशन के कार्यक्षेत्र
मंत्री ने शुभारंभ के अवसर पर बताया कि मिशन किन मोर्चों पर काम करेगा। ये हैं तटीय क्षेत्रों का जोखिम आकलन, पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली, प्रदूषण प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण, सतत पर्यटन, स्थानिक योजना, अनुसंधान और स्थानीय क्षमता निर्माण। एक और उद्देश्य कारोबार में सुगमता है, जिसे दिशानिर्देश स्पष्ट और सुव्यवस्थित कार्यान्वयन ढाँचे के जरिये पूरा करेंगे।
नीली अर्थव्यवस्था से जोड़
मंत्रालय ने इस मिशन को नीली अर्थव्यवस्था यानी समुद्र और तट के आर्थिक उपयोग से जोड़ा है। इस अवसर पर याद दिलाया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय ध्वज के नीले चक्र को भारत की नीली अर्थव्यवस्था की अपार संभावनाओं का प्रतीक बताते रहे हैं। तटीय क्षेत्रों का सतत विकास आगे चलकर विकसित भारत @2047 के लक्ष्य से जुड़ता है।
दिशानिर्देश क्यों मायने रखते हैं
इस तरह की योजनाएँ आमतौर पर पैसे की कमी से नहीं, तालमेल की कमी से लड़खड़ाती हैं। इसलिए दिशानिर्देश यह तय करते हैं कि कौन सी संस्था किस काम के लिए जवाबदेह है, तट पर पहले से चल रही योजनाओं के साथ तालमेल माँगते हैं, प्रस्तावों की मंजूरी के चरण घटाते हैं और निगरानी को कसते हैं, ताकि केंद्र और राज्य सरकारें एक ही समय-सारणी पर चलें। मंत्रालय इसे तट के लिए समग्र सरकारी दृष्टिकोण कहता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| योजना | राष्ट्रीय तटीय मिशन 2.0 (एनसीएम 2.0) |
|---|---|
| दिशानिर्देश जारी किए | भूपेंद्र यादव, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री |
| परिव्यय | 767 करोड़ रुपये |
| योजना का प्रकार | केंद्रीय क्षेत्र योजना |
| अवधि | 2030-31 तक कार्यान्वयन |
| दायरा | नौ तटीय राज्य और चार केंद्र शासित प्रदेश |
| उद्देश्य | तटीय क्षेत्रों की मजबूती, स्थिरता और नीली अर्थव्यवस्था |
| स्थान और तिथि | नई दिल्ली, 30 सितंबर 2026 |
परीक्षा की दृष्टि से
याद रखें: परिव्यय 767 करोड़ रुपये, योजना का प्रकार केंद्रीय क्षेत्र योजना, अवधि 2030-31 तक, दायरा नौ तटीय राज्य और चार केंद्र शासित प्रदेश, दिशानिर्देश जारी करने वाले मंत्री भूपेंद्र यादव, मंत्रालय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, और नीली अर्थव्यवस्था से जुड़ाव।
अभ्यास प्रश्न
सितंबर 2026 में जिसके दिशानिर्देश जारी हुए, उस राष्ट्रीय तटीय मिशन 2.0 का स्वीकृत परिव्यय कितना है?
- A.367 करोड़ रुपये
- B.767 करोड़ रुपये
- C.1,767 करोड़ रुपये
- D.2,767 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 767 करोड़ रुपये
व्याख्या
सही उत्तर 767 करोड़ रुपये है। यह मिशन एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है, इसलिए यह पूरी राशि केंद्र सरकार देती है और इसे 2030-31 तक नौ तटीय राज्यों तथा चार केंद्र शासित प्रदेशों में खर्च किया जाएगा। विकल्प A यानी 367 करोड़ रुपये गलत है, क्योंकि मिशन के साथ ऐसा कोई आँकड़ा जुड़ा नहीं है और स्वीकृत परिव्यय इससे अधिक है। विकल्प C यानी 1,767 करोड़ रुपये और विकल्प D यानी 2,767 करोड़ रुपये भी इसी कारण गलत हैं; ये बढ़ा-चढ़ाकर दिए गए वे आँकड़े हैं जिनसे परीक्षक जाँचता है कि अभ्यर्थी को सही संख्या याद है या केवल अनुमान है। परीक्षा की दृष्टि से इन तथ्यों को एक समूह में याद रखें, अर्थात योजना राष्ट्रीय तटीय मिशन 2.0, राशि 767 करोड़ रुपये, प्रकार केंद्रीय क्षेत्र योजना और अंतिम वर्ष 2030-31।
राष्ट्रीय तटीय मिशन 2.0 कितने तटीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जाएगा?
- A.सात तटीय राज्य और तीन केंद्र शासित प्रदेश
- B.नौ तटीय राज्य और चार केंद्र शासित प्रदेश
- C.ग्यारह तटीय राज्य और दो केंद्र शासित प्रदेश
- D.तेरह तटीय राज्य और पाँच केंद्र शासित प्रदेश
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नौ तटीय राज्य और चार केंद्र शासित प्रदेश
व्याख्या
सही उत्तर नौ तटीय राज्य और चार केंद्र शासित प्रदेश है। मिशन के लिए यही भौगोलिक दायरा बताया गया है और यह भारत की तटरेखा के स्वरूप से मेल खाता है, जहाँ समुद्र तट नौ राज्यों तथा द्वीपीय और तटीय केंद्र शासित प्रदेशों से होकर गुजरता है। विकल्प A दोनों संख्याओं को कम बताता है, इसलिए गलत है। विकल्प C भी दोनों जगह गलत है, क्योंकि तटीय राज्यों की संख्या ग्यारह नहीं है और केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या दो नहीं है। विकल्प D तथ्य से सबसे दूर है और तेरह राज्यों की ऐसी तटरेखा बताता है जो भारत में नहीं है। अभ्यर्थी इस जोड़ी को परिव्यय और अवधि के साथ याद रखें, क्योंकि प्रश्न इन तीन में से किसी एक पर बनता है।
राष्ट्रीय तटीय मिशन 2.0 के कार्यान्वयन दिशानिर्देश किस मंत्रालय ने जारी किए?
- A.जल शक्ति मंत्रालय
- B.पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
- C.पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
- D.पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
व्याख्या
सही उत्तर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय है और दिशानिर्देश इसी मंत्रालय के मंत्री भूपेंद्र यादव ने नई दिल्ली में जारी किए। विकल्प A यानी जल शक्ति मंत्रालय नदियों, सिंचाई और पेयजल का काम देखता है, तटीय क्षेत्र का यह कार्यक्रम उसका नहीं है। विकल्प B यानी पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय समुद्री अनुसंधान और पूर्वानुमान सेवाएँ चलाता है और समुद्र से जुड़े किसी भी प्रश्न में स्वाभाविक भ्रम पैदा करता है, पर यह मिशन उसकी योजना नहीं है। विकल्प D यानी पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय बंदरगाहों और जहाजरानी से जुड़ा है। मिशन पर्यावरण मंत्रालय के पास है क्योंकि इसका विषय तटीय मजबूती है, जिसमें जोखिम आकलन, पारिस्थितिकी बहाली, प्रदूषण प्रबंधन और जैव विविधता संरक्षण शामिल हैं, तथा इनके साथ सतत पर्यटन और स्थानिक योजना भी जुड़ी है। अभ्यर्थी इस मिशन के चार बिंदु एक साथ याद रखें, अर्थात मंत्रालय, मंत्री का नाम, 767 करोड़ रुपये का परिव्यय और 2030-31 तक की अवधि, क्योंकि प्रश्न इनमें से किसी भी कोने से पूछा जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राष्ट्रीय तटीय मिशन 2.0 का परिव्यय कितना है?
स्वीकृत परिव्यय 767 करोड़ रुपये है। यह केंद्रीय क्षेत्र योजना नौ तटीय राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों में 2030-31 तक लागू की जाएगी।
एनसीएम 2.0 के दिशानिर्देश किसने जारी किए?
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में ये दिशानिर्देश जारी किए।
मिशन किन कामों पर केंद्रित है?
तटीय जोखिम आकलन, पारिस्थितिकी तंत्र बहाली, प्रदूषण प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण, सतत पर्यटन, स्थानिक योजना, अनुसंधान और क्षमता निर्माण पर, और बड़ा लक्ष्य नीली अर्थव्यवस्था है।
स्रोत
करेंट अफेयर्स 30 सितंबर 2026
- CAFE मानक अधिसूचित, 2031-32 तक ईंधन खपत 16.7% घटेगीपर्यावरण
- संघ लोक सेवा आयोग के 100 वर्ष पूरे, 1926 में हुई थी स्थापनाराष्ट्रीय
- नौसेना कमांडर सम्मेलन 2026 का दूसरा संस्करण नई दिल्ली में शुरूरक्षा
- नवीज्ञान 2026 में एमएचआई इंडस्ट्री एक्सेलेरेटर रिपोर्ट जारीविज्ञान और प्रौद्योगिकी
- एसबीएम 2.0 में सीवेज शोधन संयंत्रों को 11,785 करोड़ रुपये मंजूरपर्यावरण
- ट्राई ने असम के सोनितपुर में मोबाइल नेटवर्क परीक्षण के नतीजे जारी किएविज्ञान और प्रौद्योगिकी
- विशेष अभियान 6 : 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा सफाई अभियानराष्ट्रीय
- खरीफ 2026-27: 5,547.99 करोड़ रुपये की पीएसएस खरीद मंजूरसरकारी योजनाएं
संबंधित करेंट अफेयर्स
संबंधित GK
- पंजाब सामान्य ज्ञान: गठन, नदियाँ, इतिहास और परीक्षा तथ्य
30 सितंबर 2026 · भारत के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश
- भारतीय रक्षा बल और मिसाइलें: स्टैटिक जीके और प्रश्न
30 सितंबर 2026 · स्टैटिक GK
- कृषि और स्वास्थ्य में जैव प्रौद्योगिकी: नोट्स और प्रश्न
30 सितंबर 2026 · विज्ञान और प्रौद्योगिकी
क्विज खेलें
- करेंट अफेयर्स क्विज
राज्य परीक्षाएं करेंट अफेयर्स क्विज: 30 सितंबर 2026
25 प्रश्न25 मिनटक्विज शुरू करें





