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जल शक्ति मंत्रालय ने किया 11वां सुजल ग्राम संवाद आयोजित

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने सुजल ग्राम संवाद का ग्यारहवां संस्करण किया, जिसमें चार ग्राम पंचायतों से ग्रामीण जलापूर्ति के संचालन पर बहुभाषी बातचीत हुई।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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जल शक्ति मंत्रालय ने किया 11वां सुजल ग्राम संवाद आयोजित

चर्चा में क्यों

29 सितंबर 2026 को जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने बहुभाषी सुजल ग्राम संवाद का ग्यारहवां संस्करण आयोजित किया, जिसमें जल जीवन मिशन 2.0 के तहत चार ग्राम पंचायतों से ग्रामीण पेयजल प्रणालियों के संचालन और रखरखाव पर बात हुई।

जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने 29 सितंबर 2026 को अपने बहुभाषी संवाद सुजल ग्राम संवाद का ग्यारहवां संस्करण आयोजित किया। इस आभासी मंच पर अधिकारी सीधे ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों से ग्रामीण पेयजल प्रणालियों के संचालन और रखरखाव पर बात करते हैं, और यही जल जीवन मिशन 2.0 की मुख्य चिंता है, क्योंकि अब सवाल पाइप बिछाने का नहीं, उसमें पानी बहते रहने का है।

किसने अध्यक्षता की

संवाद की अध्यक्षता विभाग के सचिव अशोक के. के. मीणा ने की और राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के अपर सचिव एवं मिशन निदेशक कमल किशोर सोन भी उपस्थित रहे। सचिव ने ग्राम पंचायतों से कहा कि वे संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी अधिक मजबूती से उठाएं, वित्तीय स्थिरता के लिए उपभोक्ता शुल्क की वसूली सुदृढ़ करें तथा भूजल पुनर्भरण और वर्षा जल संचयन जैसे स्रोत स्थिरता के काम करें। उन्होंने संवाद को वह जगह बताया जहां जमीनी नवाचार एक पंचायत से दूसरी तक पहुंचते हैं।

इस बार सुनी गईं चार ग्राम पंचायतें

ग्राम पंचायतजिला और राज्यक्या बताया गया
सकरियाउज्जैन, मध्य प्रदेश16 मार्च 2026 को जल अर्पण; 150 रुपये मासिक उपभोक्ता शुल्क, डिजिटल भुगतान; हर सप्ताह जल गुणवत्ता जांच
दशिनपाड़ाअलीपुरद्वार, पश्चिम बंगालग्रामीणों ने नेपाली में बात की; हर घर, स्कूल और आंगनवाड़ी तक नल का पानी; पानी समिति निगरानी करती है
गोराबली दक्षिणबोकारो, झारखंडमहिलाओं की अगुवाई वाला जल सहिया मॉडल; जिले में लगभग 15 समुदाय आधारित मॉडल चल रहे हैं
पारतापुरनुब्रा, लद्दाखइंजीनियरिंग उपायों से शून्य से लगभग 30 डिग्री नीचे तापमान पर भी आपूर्ति जारी

गांवों ने क्या कहा

सकरिया ने बताया कि मिशन से पहले ग्रामीण कुओं और नलकूपों पर निर्भर थे, अब गांव ने हर घर जल का दर्जा पा लिया है और बिलिंग डिजिटल मंचों से होती है। दशिनपाड़ा ने कहा कि नल के पानी से जलजनित बीमारियां घटी हैं और पानी ढोने का बोझ कम हुआ है, जिसमें पानी समिति की महिलाएं सक्रिय हैं। बोकारो के अधिकारियों ने जल संवाद का उल्लेख किया, जिसमें अधिकारी पंचायतों में जाते हैं, तथा हर शनिवार होने वाले हमारे गांव हमारे लोग कार्यक्रम का भी। लद्दाख के पारतापुर ने बताया कि जहां पहले सर्दियों में बर्फ पिघलानी पड़ती थी, वहां अब साल भर घर पर पानी मिलता है।

पैसा, पुस्तिका और ग्राम सभा

पंचायतों से कहा गया कि वे खर्च की योजना और निगरानी के लिए ई-ग्राम स्वराज पोर्टल का उपयोग करें और पेयजल ढांचे तथा स्रोत सुरक्षा के लिए 16वें वित्त आयोग के सहायता अनुदान का प्रभावी उपयोग करें। मिशन निदेशक ने राज्यों से कहा कि स्थानीय भाषाओं में सरल संचालन एवं रखरखाव पुस्तिकाएं तैयार करें, ताकि पंचायत प्रतिनिधि और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्य अपने दायित्व समझ सकें। उन्होंने पंचायतों से 2 अक्टूबर की ग्राम सभा को जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रचार का मंच बनाने तथा हर घर जल प्रमाणन पूरा होने पर जल अर्पण कार्यक्रम करने का आग्रह किया।

महत्वपूर्ण तथ्य

कार्यक्रमसुजल ग्राम संवाद का ग्यारहवां संस्करण, बहुभाषी संवाद
आयोजकपेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय
अध्यक्षताअशोक के. के. मीणा, सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग
उपस्थितकमल किशोर सोन, अपर सचिव एवं मिशन निदेशक, राष्ट्रीय जल जीवन मिशन
मिशनजल जीवन मिशन 2.0, समुदाय आधारित जल प्रबंधन
शामिल गांवचार ग्राम पंचायत मुख्यालय वाले गांव
मध्य प्रदेशग्राम पंचायत सकरिया, उज्जैन; 16 मार्च 2026 को जल अर्पण; 150 रुपये मासिक शुल्क
पश्चिम बंगालग्राम पंचायत दशिनपाड़ा, अलीपुरद्वार; नेपाली में बातचीत; सक्रिय पानी समिति
झारखंडग्राम पंचायत गोराबली दक्षिण, बोकारो; जल सहिया मॉडल; जिले में लगभग 15 समुदाय आधारित मॉडल
लद्दाखग्राम पंचायत पारतापुर, नुब्रा; शून्य से लगभग 30 डिग्री नीचे तापमान पर भी आपूर्ति
साधनई-ग्राम स्वराज पोर्टल और 16वें वित्त आयोग का सहायता अनुदान

परीक्षा की दृष्टि से

संस्करण (11वां), विभाग (पेयजल एवं स्वच्छता) और मंत्रालय (जल शक्ति), जल जीवन मिशन 2.0 के तहत बहुभाषी संवाद होना, अध्यक्षता (सचिव अशोक के. के. मीणा), चारों ग्राम पंचायतें और उनके जिले, सकरिया में 150 रुपये मासिक शुल्क तथा 16 मार्च 2026 का जल अर्पण, बोकारो का जल सहिया मॉडल और ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के साथ 16वें वित्त आयोग का अनुदान याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.सरकारी योजनाएंआसान

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने 29 सितंबर 2026 को बहुभाषी सुजल ग्राम संवाद का कौन सा संस्करण आयोजित किया?

  1. A.नौवां
  2. B.दसवां
  3. C.ग्यारहवां
  4. D.बारहवां
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ग्यारहवां

व्याख्या

सही उत्तर ग्यारहवां संस्करण है। जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाले पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने सुजल ग्राम संवाद का ग्यारहवां संस्करण आभासी बहुभाषी संवाद के रूप में किया, जिसमें ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीण समुदायों से ग्रामीण पेयजल प्रणालियों के संचालन तथा रखरखाव पर बात हुई। विकल्प A, B और D गलत हैं, क्योंकि घोषित संस्करण ग्यारहवां था, नौवां, दसवां या बारहवां नहीं। यह संवाद एक चलती श्रृंखला है और हर संस्करण में नए गांव शामिल किए जाते हैं। इस बार चार ग्राम पंचायत मुख्यालय वाले गांवों से बातचीत हुई, जो मध्य प्रदेश के उज्जैन, पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार, झारखंड के बोकारो और लद्दाख के नुब्रा में हैं। अध्यक्षता विभाग के सचिव अशोक के. के. मीणा ने की और राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के मिशन निदेशक भी शामिल हुए।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

सुजल ग्राम संवाद किस विभाग द्वारा आयोजित किया जाता है?

  1. A.ग्रामीण विकास विभाग
  2. B.पेयजल एवं स्वच्छता विभाग
  3. C.जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग
  4. D.पंचायती राज विभाग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग

व्याख्या

सही उत्तर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग है, जो जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है और जल जीवन मिशन चलाता है। यह संवाद उसका वह मंच है जिसके जरिये वह ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्यों और ग्रामीणों से सीधे बात करता है कि ग्रामीण जलापूर्ति योजनाएं चलती कैसे रहें। विकल्प A गलत है, क्योंकि ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यक्रम अलग हैं और वह इसका आयोजक नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि वह विभाग नदी विकास और जल संसाधन देखता है, घरेलू पेयजल सेवा नहीं, भले वह भी जल शक्ति मंत्रालय के अधीन है। विकल्प D गलत है, क्योंकि पंचायती राज संस्थाएं इस संवाद में भागीदार थीं, आयोजक नहीं। सचिव ने कहा कि पंचायतें संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी उठाएं, उपभोक्ता शुल्क वसूलें और जल स्रोत बचाएं।

Q3.सरकारी योजनाएंकठिन

150 रुपये मासिक उपभोक्ता शुल्क वसूलने वाली सकरिया ग्राम पंचायत किस जिले में है?

  1. A.बोकारो, झारखंड
  2. B.अलीपुरद्वार, पश्चिम बंगाल
  3. C.उज्जैन, मध्य प्रदेश
  4. D.नुब्रा, लद्दाख
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. उज्जैन, मध्य प्रदेश

व्याख्या

सही उत्तर उज्जैन, मध्य प्रदेश है। ग्राम पंचायत सकरिया के प्रतिनिधियों ने बताया कि पहले ग्रामीण कुओं और नलकूपों पर निर्भर थे, अब हर घर में नल कनेक्शन है और हर घर जल का दर्जा मिल चुका है, वहां 16 मार्च 2026 को जल अर्पण हुआ और पेयजल सेवा 150 रुपये मासिक उपभोक्ता शुल्क से चलती है, जिसकी बिलिंग तथा भुगतान डिजिटल मंचों से होता है और हर सप्ताह जल गुणवत्ता जांची जाती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि झारखंड के बोकारो में गोराबली दक्षिण पंचायत ने महिलाओं की अगुवाई वाले जल सहिया मॉडल की बात कही। विकल्प B गलत है, क्योंकि अलीपुरद्वार दशिनपाड़ा पंचायत का जिला है, जहां प्रतिनिधियों ने नेपाली में बात की। विकल्प D गलत है, क्योंकि लद्दाख के नुब्रा की पारतापुर पंचायत ने शून्य से लगभग 30 डिग्री नीचे तापमान पर भी आपूर्ति जारी रहने की बात बताई।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

29 सितंबर 2026 को सुजल ग्राम संवाद का कौन सा संस्करण हुआ?

ग्यारहवां संस्करण। यह जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग का बहुभाषी संवाद है और इस बार इसमें मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड और लद्दाख के चार ग्राम पंचायत मुख्यालय वाले गांव शामिल हुए।

सकरिया ग्राम पंचायत में कितना उपभोक्ता शुल्क वसूला जाता है?

150 रुपये प्रति माह, जिसकी बिलिंग और भुगतान डिजिटल मंचों से होता है। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले की यह पंचायत हर घर जल का दर्जा पा चुकी है, वहां 16 मार्च 2026 को जल अर्पण हुआ और हर सप्ताह जल गुणवत्ता की जांच होती है।

जल सहिया मॉडल क्या है?

यह झारखंड की वह पद्धति है जिसे बोकारो की गोराबली दक्षिण ग्राम पंचायत ने रेखांकित किया, जिसमें महिलाएं समुदाय को जोड़ने, उपभोक्ता शुल्क वसूली, शिकायत निवारण और जागरूकता का काम संभालती हैं। जिला अधिकारियों ने बताया कि जिले में लगभग 15 समुदाय आधारित मॉडल चल रहे हैं।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS