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पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.8 प्रतिशत

2026-27 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी 7.8 प्रतिशत बढ़कर 81.36 लाख करोड़ रुपये रही, जो चार वर्षों में सबसे ऊंची पहली-तिमाही वृद्धि है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.8 प्रतिशत

चर्चा में क्यों

1 सितंबर 2026 को जारी आंकड़ों में 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी 7.8 प्रतिशत बढ़कर 81.36 लाख करोड़ रुपये पहुंची, जो चार वर्षों में सबसे ऊंची पहली-तिमाही वृद्धि है, और प्रधानमंत्री ने इस पर देश को बधाई दी।

वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत भारत की अर्थव्यवस्था ने पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि के साथ की। इस तिमाही को विनिर्माण और सेवा क्षेत्र ने आगे बढ़ाया। यह आंकड़ा 2023-24 से 2026-27 तक के चार वर्षों में किसी पहली तिमाही की सबसे ऊंची वृद्धि है। यह भारतीय रिजर्व बैंक के 7.0 प्रतिशत के अनुमान से भी अधिक रहा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक वीडियो संदेश में देश को इस आंकड़े पर बधाई दी और कहा कि ये आंकड़े अर्थव्यवस्था के बढ़ते आत्मविश्वास का संकेत हैं।

तिमाही के आंकड़े

मद2026-27 की पहली तिमाहीवृद्धि
वास्तविक जीडीपी (स्थिर कीमतें)81.36 लाख करोड़ रुपये7.8%
नॉमिनल जीडीपी (वर्तमान कीमतें)88.27 लाख करोड़ रुपये10.3%
वास्तविक जीवीए73.82 लाख करोड़ रुपये8.2%
नॉमिनल जीवीए80.53 लाख करोड़ रुपये11.5%

जीडीपी किसी लेखांकन अवधि में देश के भीतर बनी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य है। जीवीए बताता है कि कोई उत्पादक, उद्योग या क्षेत्र अपनी ओर से कितना जोड़ता है।

वृद्धि किसने बढ़ाई

तिमाही में सबसे आगे निवेश रहा। सकल स्थिर पूंजी निर्माण 11.9 प्रतिशत बढ़ा, जबकि एक वर्ष पहले यह 5.8 प्रतिशत था। परिवारों का खर्च, जिसे अंतिम निजी उपभोग व्यय कहते हैं, 7.1 प्रतिशत बढ़ा। वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात 12.0 प्रतिशत बढ़ा।

उत्पादन पक्ष पर तृतीयक क्षेत्र 10.0 प्रतिशत बढ़ा, जो पहले 8.0 प्रतिशत था। इसके भीतर वित्तीय, रियल एस्टेट, आईटी और पेशेवर सेवाओं ने 12.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। द्वितीयक क्षेत्र 8.6 प्रतिशत और अकेले विनिर्माण 9.2 प्रतिशत बढ़ा।

पुराने वर्षों के अनुमान बढ़े

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने पिछले तीन वर्षों के वास्तविक जीडीपी वृद्धि अनुमान बढ़ा दिए। 2023-24 का आंकड़ा 7.2 से 7.3 प्रतिशत, 2024-25 का 7.1 से 7.2 प्रतिशत और 2025-26 का 7.7 से 7.8 प्रतिशत हो गया। यह संशोधन आधार वर्ष 2022-23 वाले नए मूल्य और उत्पादन सूचकांकों पर आधारित है, जिनमें आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स और बैंकिंग सर्विसेज प्राइस इंडेक्स शामिल हैं।

दुनिया की नजर

जुलाई 2026 में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत को सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक और वैश्विक विकास का प्रमुख इंजन बताया। अगस्त 2026 में एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने भारत की सॉवरेन रेटिंग बीबीबी को स्थिर दृष्टिकोण के साथ बनाए रखा; दीर्घकालिक रेटिंग इस स्तर तक 2025 में अठारह वर्षों के अंतराल के बाद पहुंची थी। जुलाई 2026 में औद्योगिक उत्पादन 6.7 प्रतिशत बढ़ा और अप्रैल से जुलाई तक वस्तुओं व सेवाओं का निर्यात पिछले वर्ष की तुलना में 13.16 प्रतिशत अधिक रहा।

महत्वपूर्ण तथ्य

तिमाही2026-27 की पहली तिमाही
वास्तविक जीडीपी वृद्धि7.8 प्रतिशत
वास्तविक जीडीपी81.36 लाख करोड़ रुपये
नॉमिनल जीडीपी88.27 लाख करोड़ रुपये, 10.3 प्रतिशत वृद्धि
वास्तविक जीवीए73.82 लाख करोड़ रुपये, 8.2 प्रतिशत वृद्धि
रिजर्व बैंक का अनुमान7.0 प्रतिशत
निवेश (जीएफसीएफ)11.9 प्रतिशत वृद्धि
विनिर्माण वृद्धि9.2 प्रतिशत
आंकड़ों का स्रोतसांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई)
संशोधन का नया आधार वर्ष2022-23

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें: मुख्य दर (2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत वास्तविक जीडीपी वृद्धि), स्तर (वास्तविक जीडीपी 81.36 लाख करोड़, नॉमिनल जीडीपी 88.27 लाख करोड़, वास्तविक जीवीए 73.82 लाख करोड़ रुपये), रिजर्व बैंक का अनुमान जिसे पार किया (7.0 प्रतिशत), प्रेरक आंकड़े (निवेश 11.9, खपत 7.1, निर्यात 12.0, विनिर्माण 9.2 प्रतिशत), आंकड़े जारी करने वाला मंत्रालय (एमओएसपीआई) और संशोधित अनुमानों का नया आधार वर्ष 2022-23।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अर्थव्यवस्थाआसान

2026-27 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि कितनी रही?

  1. A.6.9 प्रतिशत
  2. B.7.0 प्रतिशत
  3. C.7.8 प्रतिशत
  4. D.8.2 प्रतिशत
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 7.8 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर 7.8 प्रतिशत है। वास्तविक जीडीपी, यानी स्थिर कीमतों पर जीडीपी, 2026-27 की पहली तिमाही में 81.36 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है और यही स्तर 7.8 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है। यह आंकड़ा 2023-24 से आगे के चार वर्षों में किसी पहली तिमाही की सबसे ऊंची वृद्धि है और इसे विनिर्माण तथा सेवा क्षेत्र ने आगे बढ़ाया। हर गलत विकल्प भी इसी विज्ञप्ति का वास्तविक आंकड़ा है, इसलिए वे भ्रमित करते हैं। विकल्प ए पिछले वर्ष की पहली तिमाही की वृद्धि है, यानी वह आधार जिससे तुलना की गई। विकल्प बी भारतीय रिजर्व बैंक का इस तिमाही के लिए अनुमान है, जिसे वास्तविक आंकड़े ने पार कर लिया। विकल्प डी वास्तविक सकल मूल्य वृद्धि यानी जीवीए की वृद्धि है, जो 73.82 लाख करोड़ रुपये रही। तीनों को अलग-अलग याद रखें: 7.0 अनुमान, 7.8 जीडीपी और 8.2 जीवीए।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

यहां बताए गए तिमाही जीडीपी अनुमान कौन जारी करता है?

  1. A.नीति आयोग
  2. B.सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
  3. C.भारतीय रिजर्व बैंक
  4. D.आर्थिक कार्य विभाग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय है, जिसे संक्षेप में एमओएसपीआई कहा जाता है। विज्ञप्ति की हर तालिका, चाहे वह व्यय घटकों की हो, क्षेत्रवार सकल मूल्य वृद्धि की हो या वार्षिक संशोधित अनुमानों की, इसी मंत्रालय के स्रोत से दी गई है। पिछले तीन वर्षों की वास्तविक जीडीपी वृद्धि को ऊपर संशोधित करने और अनुमानों को आधार वर्ष 2022-23 वाले नए मूल्य तथा उत्पादन सूचकांकों पर ले जाने का काम भी इसी मंत्रालय ने किया, जिनमें आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स और बैंकिंग सर्विसेज प्राइस इंडेक्स शामिल हैं। विकल्प सी गलत है लेकिन तथ्य के करीब है: रिजर्व बैंक ने इस तिमाही के लिए 7.0 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया था, जो पूर्वानुमान था, न कि अनुमान जारी करना, और वास्तविक आंकड़ा उससे ऊपर रहा। नीति आयोग और आर्थिक कार्य विभाग का नाम इन राष्ट्रीय लेखा आंकड़ों के स्रोत के रूप में विज्ञप्ति में नहीं है।

Q3.अर्थव्यवस्थामध्यम

तिमाही में वास्तविक जीडीपी के किस व्यय घटक में 11.9 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई?

  1. A.अंतिम निजी उपभोग व्यय
  2. B.सकल स्थिर पूंजी निर्माण
  3. C.सरकारी अंतिम उपभोग व्यय
  4. D.वस्तुओं और सेवाओं का आयात
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सकल स्थिर पूंजी निर्माण

व्याख्या

सही उत्तर सकल स्थिर पूंजी निर्माण है, जो अर्थव्यवस्था के भीतर से हुए निवेश का माप है। 2026-27 की पहली तिमाही में यह 11.9 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले वर्ष की इसी तिमाही में वृद्धि 5.8 प्रतिशत थी, और दिए गए व्यय घटकों में यही सबसे तेज बदलाव है। विकल्प ए विचार के स्तर पर नहीं, संख्या के स्तर पर गलत है: अंतिम निजी उपभोग व्यय, यानी परिवारों का वस्तुओं और सेवाओं पर खर्च, 6.8 प्रतिशत से बढ़कर 7.1 प्रतिशत हुआ। निर्यात 6.0 प्रतिशत से बढ़कर 12.0 प्रतिशत हुआ। सरकारी उपभोग और आयात के लिए इस विज्ञप्ति में वृद्धि के आंकड़े दिए ही नहीं गए, इसलिए विकल्प सी और डी को इससे सिद्ध नहीं किया जा सकता। दोहराने के लिए तीनों प्रेरक क्रम से याद रखें: निर्यात 12.0, निवेश 11.9 और परिवारों की खपत 7.1 प्रतिशत।

Q4.अर्थव्यवस्थाकठिन

संशोधित राष्ट्रीय लेखा अनुमानों के बारे में कौन-सा कथन सही है?

  1. A.मूल्य और उत्पादन सूचकांकों का नया आधार वर्ष 2022-23 है
  2. B.पिछले तीन वर्षों की वृद्धि घटाकर संशोधित की गई
  3. C.संशोधन में आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स हटा दिया गया
  4. D.2025-26 की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.1 प्रतिशत कर दी गई
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मूल्य और उत्पादन सूचकांकों का नया आधार वर्ष 2022-23 है

व्याख्या

सही उत्तर यह है कि नया आधार वर्ष 2022-23 है। वार्षिक संशोधित अनुमान इसी आधार वाले नए मूल्य और उत्पादन सूचकांकों का उपयोग करते हैं, जिनमें आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स और बैंकिंग सर्विसेज प्राइस इंडेक्स शामिल हैं, और इनके साथ कई स्रोतों से मिले अद्यतन प्रशासनिक आंकड़े भी जोड़े गए हैं। विकल्प बी बदलाव की दिशा उलट देता है, क्योंकि तीनों पुराने वर्षों की वास्तविक जीडीपी वृद्धि बढ़ाकर संशोधित की गई। विकल्प सी भी तथ्य के स्तर पर गलत है: आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स उन नए सूचकांकों में है जिन्हें जोड़ा गया, हटाया नहीं गया। विकल्प डी एक सही आंकड़े को गलत जगह रखता है; 7.1 प्रतिशत 2024-25 का पूर्ववर्ती अनुमान था, जिसे 7.2 प्रतिशत किया गया, जबकि 2025-26 का अनुमान 7.7 से 7.8 प्रतिशत हुआ। ये संशोधन बताते हैं कि मजबूत तिमाही पहले से मजबूत रास्ते पर खड़ी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026-27 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी कितनी बढ़ी?

7.8 प्रतिशत, जिससे वास्तविक जीडीपी 81.36 लाख करोड़ रुपये हो गई। यह 2023-24 से चार वर्षों में सबसे ऊंची पहली-तिमाही वृद्धि है और रिजर्व बैंक के 7.0 प्रतिशत अनुमान से अधिक है।

जीडीपी और जीवीए में अंतर क्या है?

जीडीपी किसी लेखांकन अवधि में देश के भीतर बनी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य है। जीवीए उत्पादकों, उद्योगों या क्षेत्रों के अलग-अलग योगदान को मापता है। इस तिमाही में वास्तविक जीवीए 73.82 लाख करोड़ रुपये रहा और इसमें 8.2 प्रतिशत वृद्धि हुई।

तिमाही में कौन-सा व्यय घटक सबसे तेज बढ़ा?

वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात, जो 12.0 प्रतिशत बढ़ा, और इसके बहुत पास निवेश रहा। सकल स्थिर पूंजी निर्माण 11.9 प्रतिशत बढ़ा जबकि एक वर्ष पहले यह 5.8 प्रतिशत था, और परिवारों की खपत 7.1 प्रतिशत बढ़ी।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLबैंकिंग