2026-27 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि कितनी रही?
- A.6.9 प्रतिशत
- B.7.0 प्रतिशत
- C.7.8 प्रतिशत
- D.8.2 प्रतिशत
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 7.8 प्रतिशत है। वास्तविक जीडीपी, यानी स्थिर कीमतों पर जीडीपी, 2026-27 की पहली तिमाही में 81.36 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है और यही स्तर 7.8 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है। यह आंकड़ा 2023-24 से आगे के चार वर्षों में किसी पहली तिमाही की सबसे ऊंची वृद्धि है और इसे विनिर्माण तथा सेवा क्षेत्र ने आगे बढ़ाया। हर गलत विकल्प भी इसी विज्ञप्ति का वास्तविक आंकड़ा है, इसलिए वे भ्रमित करते हैं। विकल्प ए पिछले वर्ष की पहली तिमाही की वृद्धि है, यानी वह आधार जिससे तुलना की गई। विकल्प बी भारतीय रिजर्व बैंक का इस तिमाही के लिए अनुमान है, जिसे वास्तविक आंकड़े ने पार कर लिया। विकल्प डी वास्तविक सकल मूल्य वृद्धि यानी जीवीए की वृद्धि है, जो 73.82 लाख करोड़ रुपये रही। तीनों को अलग-अलग याद रखें: 7.0 अनुमान, 7.8 जीडीपी और 8.2 जीवीए।
पूरा लेख पढ़ें: पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.8 प्रतिशत
अभ्यास प्रश्न
यहां बताए गए तिमाही जीडीपी अनुमान कौन जारी करता है?
- A.नीति आयोग
- B.सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
- C.भारतीय रिजर्व बैंक
- D.आर्थिक कार्य विभाग
उत्तर देखें
विज्ञप्ति की हर तालिका, चाहे वह व्यय घटकों की हो, क्षेत्रवार सकल मूल्य वृद्धि की हो या वार्षिक संशोधित अनुमानों की, इसी मंत्रालय के स्रोत से दी गई है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →तिमाही में वास्तविक जीडीपी के किस व्यय घटक में 11.9 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई?
- A.अंतिम निजी उपभोग व्यय
- B.सकल स्थिर पूंजी निर्माण
- C.सरकारी अंतिम उपभोग व्यय
- D.वस्तुओं और सेवाओं का आयात
उत्तर देखें
2026-27 की पहली तिमाही में यह 11.9 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले वर्ष की इसी तिमाही में वृद्धि 5.8 प्रतिशत थी, और दिए गए व्यय घटकों में यही सबसे तेज बदलाव है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संशोधित राष्ट्रीय लेखा अनुमानों के बारे में कौन-सा कथन सही है?
- A.मूल्य और उत्पादन सूचकांकों का नया आधार वर्ष 2022-23 है
- B.पिछले तीन वर्षों की वृद्धि घटाकर संशोधित की गई
- C.संशोधन में आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स हटा दिया गया
- D.2025-26 की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.1 प्रतिशत कर दी गई
उत्तर देखें
वार्षिक संशोधित अनुमान इसी आधार वाले नए मूल्य और उत्पादन सूचकांकों का उपयोग करते हैं, जिनमें आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स और बैंकिंग सर्विसेज प्राइस इंडेक्स शामिल हैं, और इनके साथ कई स्रोतों से मिले अद्यतन प्रशासनिक आंकड़े भी जोड़े गए हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मुंबई में आयोजित 14वें इंडिया केम 2026 का विषय क्या था?
- A.एडवांटेज भारत: एन इमर्जिंग ग्लोबल केमिकल्स हब
- B.केमिकल्स फॉर अ विकसित भारत
- C.ग्रीन केमिस्ट्री, ग्रीन ग्रोथ
- D.मेक इन इंडिया, मिक्स इन इंडिया
उत्तर देखें
इंडिया केम का 14वां संस्करण मुंबई में 22 से 24 अक्तूबर 2026 तक तीन दिन चला और इसका उद्देश्य रसायन तथा पेट्रोरसायन क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन भारत के तीन चालू पेट्रोलियम, रसायन एवं पेट्रोरसायन निवेश क्षेत्रों में शामिल नहीं है?
- A.गुजरात में दाहेज
- B.ओडिशा में पारादीप
- C.आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम-काकीनाडा
- D.पश्चिम बंगाल में हल्दिया
उत्तर देखें
भारत में तीन पीसीपीआईआर चालू हैं - गुजरात का दाहेज, आंध्र प्रदेश का विशाखापत्तनम-काकीनाडा और ओडिशा का पारादीप। हल्दिया इनमें शामिल नहीं है, इसलिए विकल्प D ही अपवाद है।
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