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एक लाख करोड़ के आरडीआई कोष पर जागरूकता का आह्वान

डॉ. जितेंद्र सिंह ने 1 सितंबर 2026 को प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड के 30वें स्थापना दिवस पर एक लाख करोड़ रुपये के आरडीआई कोष पर व्यापक जागरूकता मांगी।

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एक लाख करोड़ के आरडीआई कोष पर जागरूकता का आह्वान

चर्चा में क्यों

1 सितंबर 2026 को केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड के 30वें स्थापना दिवस पर एक लाख करोड़ रुपये के आरडीआई कोष के बारे में व्यापक जागरूकता का आह्वान किया, ताकि इसका लाभ उचित लाभार्थियों तक पहुंचे।

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 1 सितंबर 2026 को अनुसंधान, विकास और नवाचार कोष, यानी आरडीआई कोष, के बारे में व्यापक जागरूकता का आह्वान किया, जिसका आकार 1 लाख करोड़ रुपये है। वे प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) के 30वें स्थापना दिवस पर बोल रहे थे। उनका कहना था कि आवेदकों को कोष का उद्देश्य, पात्रता और सहायता पाने की प्रक्रिया समझनी चाहिए।

प्रचार-प्रसार क्यों जरूरी है

मंत्री ने कहा कि हजारों आवेदन आ रहे हैं और इनमें कुछ ऐसे आवेदकों के भी हैं जिन्हें कोष का उद्देश्य समझ में नहीं आया है। उन्होंने आगाह किया कि इसे वित्त का एक और स्रोत या साधारण ऋण सुविधा समझना भूल होगी। यह कोष प्रौद्योगिकी विकास और अनुसंधान को इस तरह सहारा देने के लिए है कि उससे विज्ञान की प्रगति आगे बढ़े और यह काम राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के विकास का हिस्सा बने। उन्होंने कहा कि वित्तपोषण की प्रक्रिया पहले से पारदर्शी है और उसमें उचित सुरक्षा उपाय हैं, फिर भी जहां संभव हो सरकार और सुझावों का स्वागत करती है, और जो कमी भरनी है वह नियमों की नहीं बल्कि जागरूकता की है।

प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड के तीस वर्ष

अवसरप्रौद्योगिकी विकास बोर्ड का 30वां स्थापना दिवस
बोर्ड का उद्देश्यप्रौद्योगिकियों को प्रयोगशाला से उत्पादों, समाधानों और उद्यमों तक ले जाना
उदाहरणस्काईरूट और बॉटलैब
आरडीआई सहायता का चरणबाद का चरण, टीआरएल 4 स्तर; प्रस्ताव पेश करने में टीडीबी सबसे पहले

मंत्री ने कहा कि बोर्ड की स्थापना इसी सोच से हुई थी कि प्रौद्योगिकी प्रयोगशालाओं में बंद न रहे, बल्कि ऐसे उत्पादों और उद्यमों में बदले जो जीवन सुगम बनाएं, आजीविका दें और अर्थव्यवस्था में जुड़ें। उन्होंने कहा कि टीडीबी के पहले तीस वर्ष प्रयोगशाला से बाजार तक सेतु बनाने में लगे और अगले तीस वर्ष भारत से वैश्विक स्तर की प्रौद्योगिकी अग्रणी कंपनियां खड़ी करने में लगने चाहिए।

स्टार्टअप की तस्वीर

डॉ. जितेंद्र सिंह ने उद्यमिता से जुड़ी भ्रांतियां दूर करने की बात कही। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप केवल बेंगलुरु या हैदराबाद तक सीमित नहीं हैं और 50 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप छोटे शहरों से आते हैं। उद्यमिता केवल युवाओं का क्षेत्र भी नहीं है। उन्होंने इकोसिस्टम में महिलाओं की भागीदारी और अंतरिक्ष, जैव प्रौद्योगिकी तथा परमाणु जैसे क्षेत्रों में निजी भागीदारी के खुलेपन का भी उल्लेख किया। उन्होंने प्रधानमंत्री को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार को सरकारी प्राथमिकताओं में ऊंचा स्थान देने का श्रेय दिया और पिछले बारह वर्षों को वैज्ञानिक पुनर्जागरण का दशक बताया। संबोधन का अंत विचारों से नवाचार और नवाचार से उद्योग की ओर बढ़ने तथा 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर हुआ।

महत्वपूर्ण तथ्य

कोषअनुसंधान, विकास और नवाचार (आरडीआई) कोष
आकार1 लाख करोड़ रुपये
अवसरप्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) का 30वां स्थापना दिवस
मंत्रीडॉ. जितेंद्र सिंह, केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री
सहायता का चरणबाद का चरण, टीआरएल 4 स्तर; प्रस्ताव पेश करने में टीडीबी सबसे पहले
टीडीबी का दायित्वप्रौद्योगिकियों को प्रयोगशाला से उत्पादों, समाधानों और उद्यमों तक पहुंचाना
सहायता के उदाहरणस्काईरूट और बॉटलैब
छोटे शहरों से स्टार्टअप50 प्रतिशत से अधिक
निजी भागीदारी वाले क्षेत्रअंतरिक्ष, जैव प्रौद्योगिकी और परमाणु क्षेत्र
उल्लिखित लक्ष्य वर्ष2047 तक विकसित भारत

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें: कोष का पूरा नाम और आकार (अनुसंधान, विकास और नवाचार कोष, 1 लाख करोड़ रुपये), अवसर (प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड का 30वां स्थापना दिवस), मंत्री और उनका विभाग (डॉ. जितेंद्र सिंह, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी), आरडीआई सहायता का चरण (बाद का चरण, टीआरएल 4 स्तर), टीडीबी की सहायता के दो उदाहरण (स्काईरूट और बॉटलैब), छोटे शहरों से स्टार्टअप का हिस्सा (50 प्रतिशत से अधिक) और विकसित भारत का लक्ष्य वर्ष (2047)।

अभ्यास प्रश्न

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

अनुसंधान, विकास और नवाचार कोष का आकार कितना है?

  1. A.10,000 करोड़ रुपये
  2. B.50,000 करोड़ रुपये
  3. C.1 लाख करोड़ रुपये
  4. D.2 लाख करोड़ रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1 लाख करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 1 लाख करोड़ रुपये है। विज्ञप्ति में आरंभ से अंत तक 1 लाख करोड़ रुपये के अनुसंधान, विकास और नवाचार कोष का उल्लेख है, और इसी आकार के कारण मंत्री का प्रचार-प्रसार का आह्वान आवश्यक हो जाता है: हजारों आवेदन आ रहे हैं और इनमें कुछ ऐसे आवेदकों के हैं जिन्हें कोष का उद्देश्य समझ में नहीं आया। उन्होंने आगाह किया कि इसे वित्त का एक और स्रोत या पारंपरिक ऋण सुविधा समझना ठीक नहीं होगा, और कहा कि इसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी विकास तथा अनुसंधान को इस तरह सहारा देना है जिससे विज्ञान की प्रगति और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का विकास जुड़े। गलत विकल्प ऐसे गोल आंकड़े हैं जो अलग-अलग योजनाओं से जुड़े होते हैं, पर इस कोष के लिए याद रखने वाली संख्या एक लाख करोड़ रुपये है। यह भी ध्यान रखें कि कोष बाद के चरण में, टीआरएल 4 स्तर पर सहायता देता है।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

डॉ. जितेंद्र सिंह ने आरडीआई कोष पर किस संस्था के स्थापना दिवस पर बात की?

  1. A.वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद
  2. B.प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड
  3. C.विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग
  4. D.विज्ञान एवं इंजीनियरी अनुसंधान बोर्ड
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड

व्याख्या

सही उत्तर प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड है, जिसे संक्षेप में टीडीबी कहा जाता है और जिसका 30वां स्थापना दिवस इस संबोधन का अवसर था। बोर्ड की स्थापना इसी उद्देश्य से हुई थी कि प्रौद्योगिकियां प्रयोगशालाओं में सीमित न रहें, बल्कि ऐसे उत्पादों, समाधानों और उद्यमों में बदलें जो नागरिकों का जीवन सुगम बनाएं, आजीविका दें और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान करें। मंत्री ने प्रयोगशाला से बाजार तक के सफर में बोर्ड की भूमिका की सराहना की और सीमित क्षेत्रों से आगे बढ़कर दी गई सहायता के उदाहरण में स्काईरूट तथा बॉटलैब का नाम लिया। उन्होंने यह भी कहा कि आरडीआई कोष के तहत प्रस्ताव पेश करने में टीडीबी सबसे पहले रहा और अब उसे प्रारंभिक तथा बाद के, दोनों चरणों में सहयोग देना चाहिए। बाकी विकल्प विज्ञान तंत्र की वास्तविक संस्थाएं हैं, पर इस विज्ञप्ति में आयोजक के रूप में उनका नाम नहीं है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

मंत्री के अनुसार भारत के कितने स्टार्टअप छोटे शहरों से आते हैं?

  1. A.लगभग एक-चौथाई
  2. B.लगभग एक-तिहाई
  3. C.आधे से अधिक
  4. D.दसवें हिस्से से कम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. आधे से अधिक

व्याख्या

सही उत्तर आधे से अधिक है। मंत्री ने कहा कि स्टार्टअप केवल बेंगलुरु या हैदराबाद तक सीमित नहीं हैं और 50 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप छोटे शहरों से आते हैं; यह आंकड़ा उन्होंने उद्यमिता से जुड़ी प्रचलित भ्रांतियां दूर करने की मांग करते हुए दिया। उन्होंने एक और भ्रांति भी गिनाई, कि उद्यमिता केवल युवाओं का क्षेत्र है, और इकोसिस्टम में महिलाओं की भागीदारी भी रेखांकित की। बाकी विकल्प इस हिस्से को कम करके बताते हैं और परीक्षार्थी को इस बारे में उलटी धारणा दे देंगे कि भारत में उद्यम कहां खड़े हो रहे हैं। इसी हिस्से में एक और बात याद रखने योग्य है: अंतरिक्ष, जैव प्रौद्योगिकी और परमाणु जैसे क्षेत्रों में निजी भागीदारी का रास्ता खोला गया है, और संस्थानों तथा हितधारकों के बीच संसाधनों का एकत्रीकरण इकोसिस्टम मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण माना गया है।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

मंत्री के अनुसार आरडीआई कोष किस प्रौद्योगिकी तैयारी स्तर पर सहायता देता है?

  1. A.टीआरएल 1
  2. B.टीआरएल 4
  3. C.टीआरएल 7
  4. D.टीआरएल 9
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. टीआरएल 4

व्याख्या

सही उत्तर टीआरएल 4 है। भविष्य की योजनाओं पर बोलते हुए मंत्री ने बताया कि आरडीआई कोष बाद के चरण में, टीआरएल 4 स्तर पर सहायता दे रहा है, और इस कोष के तहत अपने प्रस्ताव पेश करने में प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड सबसे पहले रहा। उनका तर्क था कि बोर्ड को प्रारंभिक चरण और इस बाद के चरण, दोनों में प्रौद्योगिकी विकास का सहयोग करना चाहिए, ताकि अच्छा काम किसी भी छोर पर सहारे के बिना न रह जाए। बाकी विकल्प इसी प्रौद्योगिकी तैयारी पैमाने के स्तर हैं और यह परखने के लिए रखे गए हैं कि विशेष स्तर ध्यान से पढ़ा गया या अनुमान से भरा गया। इस तथ्य के साथ संबोधन की दो और बातें जोड़कर याद रखें: टीडीबी ने सार्वजनिक से निजी क्षेत्र में बदलाव और तकनीकी आत्मनिर्भरता का मॉडल खड़ा किया है, और मंत्री ने भारत की तकनीकी क्षमता को विकासशील देशों के बीच देश की स्थिति से जोड़ा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरडीआई कोष क्या है और इसका आकार कितना है?

अनुसंधान, विकास और नवाचार कोष, जिसका आकार 1 लाख करोड़ रुपये है। इसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी विकास और अनुसंधान को इस तरह सहारा देना है कि उससे विज्ञान की प्रगति और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का विकास जुड़े, और यह पारंपरिक ऋण सुविधा नहीं है।

प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने कौन-सा स्थापना दिवस मनाया?

अपना 30वां स्थापना दिवस, 1 सितंबर 2026 को। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि बोर्ड के पहले तीस वर्ष प्रयोगशाला और बाजार के बीच सेतु बनाने में लगे और अगले तीस वर्ष भारत से वैश्विक स्तर की प्रौद्योगिकी कंपनियां खड़ी करने पर केंद्रित होने चाहिए।

आरडीआई कोष किस चरण पर सहायता देता है?

बाद के चरण पर, जिसे विज्ञप्ति में टीआरएल 4 स्तर बताया गया है, और इस कोष के तहत प्रस्ताव पेश करने में प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड सबसे पहले रहा। मंत्री ने कहा कि टीडीबी को प्रारंभिक और बाद के, दोनों चरणों में सहयोग देना चाहिए।

मंत्री ने भारत के स्टार्टअप के बारे में क्या कहा?

कि वे केवल बेंगलुरु या हैदराबाद तक सीमित नहीं हैं, 50 प्रतिशत से अधिक छोटे शहरों से आते हैं, और उद्यमिता केवल युवाओं तक सीमित नहीं है। उन्होंने महिलाओं की भागीदारी भी रेखांकित की और टीडीबी की सहायता पाने वाली कंपनियों में स्काईरूट तथा बॉटलैब गिनाए।

स्रोत

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