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IMEI से छेड़छाड़ पर तीन साल जेल, 50 लाख तक जुर्माना

पीआईबी बैकग्राउंडर में IMEI से छेड़छाड़, डिवाइस सेतु-आईसीडीआर पोर्टल और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023 के तहत सजा के प्रावधानों की जानकारी दी गई है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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IMEI से छेड़छाड़ पर तीन साल जेल, 50 लाख तक जुर्माना

चर्चा में क्यों

23 सितंबर 2026 को जारी पीआईबी बैकग्राउंडर में IMEI से छेड़छाड़ को डिजिटल संप्रभुता के लिए खतरा बताते हुए यह समझाया गया कि IMEI कैसे दिए और जांचे जाते हैं, विनिर्माताओं तथा विक्रेताओं की क्या जिम्मेदारी है, और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023 में क्या सजा है।

जुलाई 2026 में देश में सक्रिय वायरलेस मोबाइल सब्सक्राइबरों की संख्या 1,204.01 मिलियन तक पहुंच चुकी थी। जब भुगतान, सरकारी सेवाएं और शासन, सब कुछ इन्हीं हैंडसेट पर टिका हो, तो डिवाइस की अपनी पहचान भी सुरक्षा का सवाल बन जाती है। दूरसंचार विभाग के बैकग्राउंडर में बताया गया है कि IMEI क्या है, इसका दुरुपयोग कैसे होता है और कानून इस पर क्या कहता है।

IMEI को समझें

  • इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी 15 अंकों का वह नंबर है जो दूरसंचार नेटवर्क पर एक हैंडसेट की अलग पहचान बनाता है।
  • इसके शुरुआती आठ अंक टाइप एलोकेशन कोड (टीएसी) बनाते हैं, जो बताता है कि डिवाइस किस मॉडल या प्रकार का है।
  • टीएसी का वैश्विक आवंटन जीएसएमए देखता है, जो कोड विनिर्माताओं और ब्रांड मालिकों को देता है, और वे हर हैंडसेट को अलग IMEI देते हैं।
  • डुअल-सिम फोन में आमतौर पर दो IMEI होते हैं, हर स्लॉट के लिए एक। कोई भी उपयोगकर्ता *#06# डायल कर अपना नंबर देख सकता है।
  • जानकारी संचार साथी पोर्टल या ऐप पर जांची जा सकती है, या KYM के बाद IMEI लिखकर 14422 पर एसएमएस भेजा जा सकता है।

जिम्मेदारी किसकी

भारत में बने डिवाइस के IMEI नंबर विनिर्माताओं को पहली बिक्री, टेस्टिंग या शोध से पहले डिवाइस सेतु-आईसीडीआर पोर्टल के जरिये सरकार के पास दर्ज कराने होते हैं। आयातकों को उपकरण मंगाने से पहले पंजीकरण कराना होता है। रीसेलर और रिटेलर को यह पक्का करना होता है कि बिकने वाले हैंडसेट पर सही और बिना छेड़छाड़ वाला नंबर हो, और पुराने फोन का कारोबार करने वालों को सरकार के केंद्रीय डेटाबेस से जांच करनी चाहिए। ब्रांड मालिकों के ब्रांड भी इसी पोर्टल पर दर्ज और संबंधित टीएसी से जुड़े होने चाहिए।

कानून क्या कहता है

जानबूझकर डिवाइस की पहचान संख्या हटाना, मिटाना या बदलना गैर-कानूनी है, और ऐसा करने के लिए तैयार हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर जानते-बूझते रखना या उसका कारोबार करना भी। टेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023 की धारा 42(3)(c) इस पर रोक लगाती है, जबकि धारा 42(3)(e) धोखाधड़ी या जालसाजी से सिम या पहचानकर्ता हासिल करने पर। सजा तीन साल तक की जेल, 50 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकती है, और धारा 42(7) के तहत ऐसे अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती हैं। धारा 42(6) मदद करने वालों पर भी वही सजा लागू करती है।

फोन खो जाए तो

पहले पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराकर उसकी प्रति रखें, ऑपरेटर से डुप्लीकेट सिम लें, फिर संचार साथी के सीईआईआर पोर्टल पर रिपोर्ट और पहचान पत्र लगाकर ब्लॉक करने का अनुरोध दर्ज करें और अनुरोध आईडी लें। दोबारा जारी सिम पर एसएमएस 24 घंटे तक सीमित रहता है, इसलिए ओटीपी वाले अनुरोध के लिए उतना इंतजार करना पड़ता है।

महत्वपूर्ण तथ्य

IMEI की लंबाई15 अंक
शुरुआती आठ अंकटाइप एलोकेशन कोड (टीएसी)
टीएसी का वैश्विक आवंटनजीएसएमए (ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस एसोसिएशन)
IMEI देखने का कोड*#06#
एसएमएस से जांचKYM के साथ IMEI लिखकर 14422 पर
जांच का मंचसंचार साथी पोर्टल और ऐप; ब्लॉक करने के लिए सीईआईआर
पंजीकरण पोर्टलडिवाइस सेतु-इंडियन काउंटरफीटेड डिवाइस रिस्ट्रिक्शन (आईसीडीआर)
कानूनटेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023, धारा 42(3)(c) और 42(3)(e)
सजातीन साल तक जेल, 50 लाख रुपये तक जुर्माना या दोनों
अपराध की प्रकृतिधारा 42(7) के तहत संज्ञेय और गैर-जमानती
सब्सक्राइबर संख्याजुलाई 2026 में 1,204.01 मिलियन सक्रिय वायरलेस मोबाइल सब्सक्राइबर

परीक्षा की दृष्टि से

IMEI की लंबाई (15 अंक), शुरुआती आठ अंक (टाइप एलोकेशन कोड), आवंटन करने वाली संस्था (जीएसएमए), IMEI देखने का कोड (*#06#), जांच का एसएमएस नंबर (14422), मंच (संचार साथी और सीईआईआर पोर्टल), पंजीकरण पोर्टल (डिवाइस सेतु-आईसीडीआर), सब्सक्राइबर संख्या (जुलाई 2026 में 1,204.01 मिलियन) तथा कानून और उसकी धाराएं, टेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023 की धारा 42(3)(c), 42(3)(e), 42(6) और 42(7) याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयआसान

IMEI नंबर कितने अंकों का होता है?

  1. A.दस अंक
  2. B.बारह अंक
  3. C.पंद्रह अंक
  4. D.अठारह अंक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पंद्रह अंक

व्याख्या

सही उत्तर पंद्रह अंक है। इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी को इतनी ही लंबाई का विशेष नंबर बताया गया है, जो दूरसंचार नेटवर्क पर मोबाइल डिवाइस की पहचान करता है, और इसके शुरुआती आठ अंक टाइप एलोकेशन कोड बनाते हैं जो हैंडसेट का मॉडल या प्रकार बताता है। दस अंक वाला विकल्प गलत है, क्योंकि भारत में मोबाइल टेलीफोन नंबर इतने अंकों का होता है और अक्सर दोनों में भ्रम हो जाता है, जबकि टेलीफोन नंबर कनेक्शन का होता है और यह नंबर डिवाइस का। बारह अंक वाला विकल्प भी गलत है और बैकग्राउंडर में बताए किसी पहचानकर्ता से मेल नहीं खाता। अठारह अंक गलत है क्योंकि यह लंबाई बढ़ा देता है। साथ में यह भी याद रखें कि हैंडसेट पर यह नंबर एक छोटे कोड से देखा जा सकता है और डुअल-सिम फोन में दो नंबर होते हैं।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

IMEI में प्रयुक्त टाइप एलोकेशन कोड का वैश्विक आवंटन कौन सी संस्था देखती है?

  1. A.जीएसएमए
  2. B.ट्राई
  3. C.दूरसंचार विभाग
  4. D.अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. जीएसएमए

व्याख्या

सही उत्तर जीएसएमए यानी ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस एसोसिएशन है। बैकग्राउंडर के अनुसार यही संस्था टाइप एलोकेशन कोड का वैश्विक आवंटन देखती है और विनिर्माताओं तथा ब्रांड मालिकों को कोड देती है, जिसके बाद वे हर हैंडसेट को अलग पहचान संख्या देते हैं। ट्राई वाला विकल्प गलत है, क्योंकि विज्ञप्ति में नियामक का जिक्र केवल दोबारा जारी सिम पर एसएमएस सीमित रहने वाले नियम के संदर्भ में है, कोड आवंटन के संदर्भ में नहीं। दूरसंचार विभाग वाला विकल्प भी गलत है, क्योंकि वह नागरिकों को सलाह देता है और भारत में पंजीकरण तथा जांच की व्यवस्था चलाता है, पर वैश्विक कोड आवंटित नहीं करता। अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ गलत है क्योंकि विज्ञप्ति उसे यह भूमिका नहीं देती। याद रखने की कड़ी यह है कि संस्था कोड देती है, विनिर्माता पूरी पहचान देता है और भारतीय पोर्टल उसे दर्ज करते हैं।

Q3.राष्ट्रीयकठिन

टेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023 के तहत दूरसंचार पहचानकर्ता से छेड़छाड़ पर क्या सजा हो सकती है?

  1. A.एक साल तक जेल या 10 लाख रुपये तक जुर्माना
  2. B.तीन साल तक जेल या 50 लाख रुपये तक जुर्माना, या दोनों
  3. C.केवल जुर्माना, जेल का कोई प्रावधान नहीं
  4. D.सात साल तक जेल, जुर्माने का कोई प्रावधान नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तीन साल तक जेल या 50 लाख रुपये तक जुर्माना, या दोनों

व्याख्या

सही उत्तर तीन साल तक की जेल या पचास लाख रुपये तक का जुर्माना, या दोनों है। इस पर रोक एक्ट की धारा 42(3)(c) में है, जो दूरसंचार पहचानकर्ताओं से छेड़छाड़ पर रोक लगाती है, जबकि इसके साथ वाली धारा धोखाधड़ी, जालसाजी या किसी और का रूप धरकर सिम या पहचानकर्ता हासिल करने को शामिल करती है। पहला विकल्प गलत है क्योंकि यह जेल की अवधि और जुर्माने की अधिकतम राशि, दोनों को कम बताता है। तीसरा विकल्प गलत है क्योंकि कानून में जुर्माने के साथ जेल का भी स्पष्ट प्रावधान है और दोनों एक साथ भी हो सकते हैं। चौथा विकल्प दो कारणों से गलत है, यह जेल की अवधि बढ़ा देता है और जुर्माना हटा देता है। दो बातें और याद रखें, ऐसे अपराध धारा 42(7) के तहत संज्ञेय व गैर-जमानती हैं और धारा 42(6) के तहत मदद करने वाले को भी वही सजा मिलती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

IMEI क्या है और कितने अंकों का होता है?

इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी 15 अंकों का नंबर है जो दूरसंचार नेटवर्क पर मोबाइल हैंडसेट की पहचान करता है। इसके शुरुआती आठ अंक टाइप एलोकेशन कोड बनाते हैं, जो डिवाइस का मॉडल या प्रकार बताता है।

नागरिक अपना IMEI कैसे जांच सकते हैं?

हैंडसेट पर *#06# डायल करके नंबर देखा जा सकता है, और संचार साथी पोर्टल या ऐप पर, अथवा KYM के बाद IMEI लिखकर 14422 पर एसएमएस भेजकर उसकी जानकारी जांची जा सकती है।

IMEI से छेड़छाड़ पर क्या सजा है?

टेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023 के तहत तीन साल तक की जेल, 50 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। यह अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती है तथा मदद करने वालों को भी वही सजा मिलती है।

IMEI पंजीकरण किस पोर्टल पर होता है?

डिवाइस सेतु-इंडियन काउंटरफीटेड डिवाइस रिस्ट्रिक्शन (आईसीडीआर) पोर्टल पर, जहां विनिर्माता और आयातक IMEI दर्ज कराते हैं तथा ब्रांड मालिक अपने ब्रांड को संबंधित टाइप एलोकेशन कोड से जोड़ते हैं।

स्रोत

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