IMEI में प्रयुक्त टाइप एलोकेशन कोड का वैश्विक आवंटन कौन सी संस्था देखती है?
- A.जीएसएमए
- B.ट्राई
- C.दूरसंचार विभाग
- D.अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर जीएसएमए यानी ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस एसोसिएशन है। बैकग्राउंडर के अनुसार यही संस्था टाइप एलोकेशन कोड का वैश्विक आवंटन देखती है और विनिर्माताओं तथा ब्रांड मालिकों को कोड देती है, जिसके बाद वे हर हैंडसेट को अलग पहचान संख्या देते हैं। ट्राई वाला विकल्प गलत है, क्योंकि विज्ञप्ति में नियामक का जिक्र केवल दोबारा जारी सिम पर एसएमएस सीमित रहने वाले नियम के संदर्भ में है, कोड आवंटन के संदर्भ में नहीं। दूरसंचार विभाग वाला विकल्प भी गलत है, क्योंकि वह नागरिकों को सलाह देता है और भारत में पंजीकरण तथा जांच की व्यवस्था चलाता है, पर वैश्विक कोड आवंटित नहीं करता। अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ गलत है क्योंकि विज्ञप्ति उसे यह भूमिका नहीं देती। याद रखने की कड़ी यह है कि संस्था कोड देती है, विनिर्माता पूरी पहचान देता है और भारतीय पोर्टल उसे दर्ज करते हैं।
पूरा लेख पढ़ें: IMEI से छेड़छाड़ पर तीन साल जेल, 50 लाख तक जुर्माना
अभ्यास प्रश्न
IMEI नंबर कितने अंकों का होता है?
- A.दस अंक
- B.बारह अंक
- C.पंद्रह अंक
- D.अठारह अंक
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इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी को इतनी ही लंबाई का विशेष नंबर बताया गया है, जो दूरसंचार नेटवर्क पर मोबाइल डिवाइस की पहचान करता है, और इसके शुरुआती आठ अंक टाइप एलोकेशन कोड बनाते हैं जो हैंडसेट का मॉडल या प्रकार बताता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →टेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023 के तहत दूरसंचार पहचानकर्ता से छेड़छाड़ पर क्या सजा हो सकती है?
- A.एक साल तक जेल या 10 लाख रुपये तक जुर्माना
- B.तीन साल तक जेल या 50 लाख रुपये तक जुर्माना, या दोनों
- C.केवल जुर्माना, जेल का कोई प्रावधान नहीं
- D.सात साल तक जेल, जुर्माने का कोई प्रावधान नहीं
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इस पर रोक एक्ट की धारा 42(3)(c) में है, जो दूरसंचार पहचानकर्ताओं से छेड़छाड़ पर रोक लगाती है, जबकि इसके साथ वाली धारा धोखाधड़ी, जालसाजी या किसी और का रूप धरकर सिम या पहचानकर्ता हासिल करने को शामिल करती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विधायी विभाग की संवाद श्रृंखला के पहले सत्र की अध्यक्षता किसने की?
- A.श्रीमती अकाली वी. कांगहे, अपर सचिव
- B.डॉ. मनोज कुमार, अपर सचिव
- C.केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री
- D.सचिव, विधायी विभाग
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सही उत्तर डॉ. मनोज कुमार, अपर सचिव, विधायी विभाग है, जिन्होंने पहले सत्र की अध्यक्षता की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विधायी विभाग की संवाद श्रृंखला का पहला सत्र कहाँ आयोजित हुआ?
- A.कर्तव्य भवन 2, नई दिल्ली
- B.विज्ञान भवन, नई दिल्ली
- C.शास्त्री भवन, नई दिल्ली
- D.भारत मंडपम, नई दिल्ली
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सही उत्तर कर्तव्य भवन 2, नई दिल्ली है, जहाँ विधायी प्रशिक्षण सभागार में 5 नवंबर 2026 को यह सत्र हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व के पाँच सी में निम्नलिखित में से कौन शामिल नहीं है?
- A.निरंतरता
- B.जिज्ञासा
- C.प्रतिस्पर्धा
- D.समुदाय
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उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व के पाँच सी हैं निरंतरता, संस्कृति, योगदान, समुदाय और जिज्ञासा; इसलिए विकल्प A, B और D इस समूह का हिस्सा हैं और केवल तीसरा विकल्प बाहर है।
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