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सेमीकॉन इंडिया 2026: सेमीकंडक्टर के लिए संपूर्ण उद्योग नजरिया

सेमीकॉन इंडिया 2026 में 600 से अधिक प्रदर्शक और 56 समझौता ज्ञापन रहे, उद्योग संघों ने सेमीकंडक्टर के लिए संपूर्ण उद्योग नजरिया अपनाने पर जोर दिया।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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सेमीकॉन इंडिया 2026: सेमीकंडक्टर के लिए संपूर्ण उद्योग नजरिया

चर्चा में क्यों

23 सितंबर 2026 को जारी पीआईबी बैकग्राउंडर में सेमीकॉन इंडिया 2026 में उद्योग संघों द्वारा सुझाए गए संपूर्ण उद्योग नजरिये के साथ आयोजन के प्रदर्शकों, समझौता ज्ञापनों और मंजूर सेमीकंडक्टर परियोजनाओं की स्थिति बताई गई।

भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र से कहा जा रहा है कि वह अलग-अलग टुकड़ों में सोचना छोड़े। सेमीकॉन इंडिया 2026 में आयोजित पैनल चर्चा 'भारत के राष्ट्रीय एजेंडे को आगे बढ़ाने में उद्योग संघों की भूमिका' में यह बात उभरकर आई कि विकास का अगला दौर किसी एक हिस्से के अकेले काम करने से नहीं आएगा। इसके बजाय संपूर्ण उद्योग वाला नजरिया चाहिए, जो बिखरी हुई ताकतों को एक राष्ट्रीय क्षमता में बदल दे।

चर्चा का संचालन किसने किया

इस सत्र का संचालन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अमितेश कुमार सिन्हा ने किया और इसमें प्रमुख उद्योग संघों के वरिष्ठ पदाधिकारी एक मंच पर आए।

तर्क क्या था

पैनल ने कहा कि चिप का मूल्य अब अकेले नहीं बनता। उसकी कीमत तभी दिखती है जब वह किसी उपकरण, उत्पाद या प्रणाली का हिस्सा बने। फैब्रिकेशन सामग्री और उपकरणों पर टिका है और विनिर्माण पैकेजिंग, टेस्टिंग तथा व्यापक इलेक्ट्रॉनिक्स आधार पर। जब हिस्से एक-दूसरे पर निर्भर हैं तो उनका प्रतिनिधित्व करने वाले संघों के बीच भी मूल्य श्रृंखला भर में मजबूत जुड़ाव चाहिए।

वक्ताओं ने यह भी चाहा कि बातचीत सम्मेलन के बाद भी चलती रहे। उन्होंने एक स्थायी सामुदायिक तंत्र का विचार रखा, यानी ऐसा मंच जहां संघ लगातार संवाद कर सकें और राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर मिलकर काम कर सकें। यह किसी संघ की अपनी विशिष्ट भूमिका की जगह नहीं लेगा, बल्कि साझा जमीन देगा। यह पूरी सोच सिलिकॉन से सिस्टम तक के व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है।

आयोजन के आंकड़े

  • इसमें 600 से अधिक प्रदर्शकों ने भाग लिया, जिनमें लगभग 300 अंतरराष्ट्रीय कंपनियां थीं।
  • विनिर्माण, डिजाइन, पैकेजिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अनुसंधान एवं विकास, लॉजिस्टिक्स और कौशल विकास के क्षेत्रों में 56 समझौता ज्ञापन, रणनीतिक पहलें और उद्योग संबंधी घोषणाएं दर्ज हुईं।

सरकारी सहयोग कहां खड़ा है

घरेलू क्षमता बढ़ाने के मुख्य औजार उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन यानी पीएलआई योजनाएं और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन बने हुए हैं। सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत सरकार 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दे चुकी है और सितंबर 2026 तक पांच वाणिज्यिक इकाइयां चालू हो चुकी हैं। उद्योग का संदेश यह है कि अब बात केवल कारखाने खड़े करने की नहीं रही, रफ्तार इस बात से तय होगी कि उद्योग, संस्थान और प्रौद्योगिकियां आपस में कितनी अच्छी तरह जुड़ती हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनसेमीकॉन इंडिया 2026
पैनल चर्चाभारत के राष्ट्रीय एजेंडे को आगे बढ़ाने में उद्योग संघों की भूमिका
संचालनश्री अमितेश कुमार सिन्हा, सीईओ, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम)
प्रदर्शक600 से अधिक, जिनमें लगभग 300 अंतरराष्ट्रीय कंपनियां
समझौता ज्ञापन और घोषणाएं56
दृष्टिकोणसिलिकॉन से सिस्टम तक
मंजूर परियोजनाएंसेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत 12
चालू इकाइयांसितंबर 2026 तक पांच वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर इकाइयां
प्रमुख योजनाएंपीएलआई योजनाएं और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन

परीक्षा की दृष्टि से

आयोजन (सेमीकॉन इंडिया 2026), पैनल का विषय, संचालनकर्ता और उनका पद (श्री अमितेश कुमार सिन्हा, सीईओ, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन), प्रदर्शकों की संख्या (600 से अधिक, जिनमें लगभग 300 अंतरराष्ट्रीय), समझौता ज्ञापन (56), दृष्टिकोण का नाम (सिलिकॉन से सिस्टम तक), योजनाओं के नाम (पीएलआई और सेमीकॉन इंडिया) तथा परियोजनाओं का हिसाब (12 मंजूर, पांच इकाइयां चालू) याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अर्थव्यवस्थामध्यम

सेमीकॉन इंडिया 2026 में 'भारत के राष्ट्रीय एजेंडे को आगे बढ़ाने में उद्योग संघों की भूमिका' पैनल चर्चा का संचालन किसने किया?

  1. A.नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी
  2. B.इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के सीईओ श्री अमितेश कुमार सिन्हा
  3. C.भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर
  4. D.इसरो के अध्यक्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के सीईओ श्री अमितेश कुमार सिन्हा

व्याख्या

सही उत्तर इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अमितेश कुमार सिन्हा हैं। बैकग्राउंडर में उन्हीं को इस सत्र का संचालक बताया गया है, जिसमें प्रमुख उद्योग संघों के वरिष्ठ प्रतिनिधि यह चर्चा करने आए थे कि गहरा सहयोग देश की सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स योजनाओं को कैसे तेज कर सकता है। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वाला विकल्प गलत है, क्योंकि विज्ञप्ति में इस सत्र से उस पद का कोई संबंध नहीं बताया गया। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर वाला विकल्प गलत है, क्योंकि चर्चा मौद्रिक नीति की नहीं, विनिर्माण और उद्योग के आपसी तालमेल की थी। इसरो के अध्यक्ष वाला विकल्प भी इसी कारण गलत है। अभ्यर्थियों को नाम के साथ पद और मिशन का नाम भी याद रखना चाहिए, क्योंकि प्रश्न अक्सर संस्था पूछता है, नाम नहीं।

Q2.अर्थव्यवस्थाआसान

सेमीकॉन इंडिया 2026 में कितने प्रदर्शकों ने भाग लिया?

  1. A.400 से अधिक
  2. B.600 से अधिक
  3. C.800 से अधिक
  4. D.1,000 से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 600 से अधिक

व्याख्या

सही उत्तर 600 से अधिक है। बैकग्राउंडर के अनुसार आयोजन में इतने प्रदर्शक शामिल हुए, जिनमें लगभग तीन सौ अंतरराष्ट्रीय कंपनियां थीं, और इसी मिश्रण को भारत के सेमीकंडक्टर तथा इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम में बढ़ती वैश्विक दिलचस्पी का संकेत बताया गया है। पहला विकल्प गलत है क्योंकि यह बताई गई संख्या से कम है और विज्ञप्ति में कहीं नहीं आता। तीसरा विकल्प उल्टे कारण से गलत है, यह संख्या को बढ़ा देता है और ऐसा कोई आंकड़ा नहीं दिया गया। चौथा विकल्प भी गलत है, क्योंकि चार अंकों वाला कोई दावा दस्तावेज में नहीं है। परीक्षा के लिए उपयोगी जोड़ी यह है कि कुल प्रदर्शक और उनमें अंतरराष्ट्रीय हिस्सेदारी, दोनों साथ याद रखें, क्योंकि प्रश्न एक देकर दूसरा पूछ सकता है।

Q3.अर्थव्यवस्थाकठिन

सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत कितनी सेमीकंडक्टर परियोजनाएं मंजूर हुई हैं और सितंबर 2026 तक कितनी वाणिज्यिक इकाइयां चालू थीं?

  1. A.दस मंजूर, तीन चालू
  2. B.बारह मंजूर, पांच चालू
  3. C.पंद्रह मंजूर, छह चालू
  4. D.बीस मंजूर, आठ चालू
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बारह मंजूर, पांच चालू

व्याख्या

सही उत्तर बारह मंजूर और पांच चालू है। बैकग्राउंडर में कहा गया है कि सरकार सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत इतनी परियोजनाओं को मंजूरी दे चुकी है और उसी वर्ष सितंबर तक पांच वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर इकाइयां परिचालन में आ चुकी थीं। पहला विकल्प दोनों ही गिनतियों में गलत है, यह मंजूरियों और चालू इकाइयों, दोनों को कम बताता है। तीसरा विकल्प गलत है क्योंकि यह मंजूरियों और इकाइयों, दोनों को बढ़ा देता है और ऐसा कोई हिसाब विज्ञप्ति में नहीं है। चौथा विकल्प इसी कारण गलत है और बताई गई स्थिति से सबसे दूर है। याद रखने लायक बात यह है कि मंजूरी मिलना और उत्पादन शुरू होना एक बात नहीं है, इसीलिए विज्ञप्ति में दोनों आंकड़े अलग-अलग दिए गए हैं। इसे पीएलआई योजनाओं और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन से भी जोड़कर याद रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेमीकॉन इंडिया 2026 में चर्चा में आया संपूर्ण उद्योग नजरिया क्या है?

यह विचार कि सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, कलपुर्जे, सामग्री, डिजाइन और पैकेजिंग एक-दूसरे पर निर्भर हैं, इसलिए उद्योग संघों को अपने-अपने दायरे में काम करने के बजाय पूरी मूल्य श्रृंखला में मिलकर काम करना चाहिए।

सरकार ने कितनी सेमीकंडक्टर परियोजनाएं मंजूर की हैं?

सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत 12 परियोजनाएं मंजूर हो चुकी हैं और सितंबर 2026 तक पांच वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर इकाइयां चालू हो चुकी थीं।

सेमीकॉन इंडिया 2026 कितना बड़ा आयोजन था?

इसमें 600 से अधिक प्रदर्शक शामिल हुए, जिनमें लगभग 300 अंतरराष्ट्रीय कंपनियां थीं, और आयोजन में 56 समझौता ज्ञापन, रणनीतिक पहलें तथा उद्योग संबंधी घोषणाएं दर्ज की गईं।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS