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GK24
राष्ट्रीयकठिन

टेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023 के तहत दूरसंचार पहचानकर्ता से छेड़छाड़ पर क्या सजा हो सकती है?

  1. A.एक साल तक जेल या 10 लाख रुपये तक जुर्माना
  2. B.तीन साल तक जेल या 50 लाख रुपये तक जुर्माना, या दोनों
  3. C.केवल जुर्माना, जेल का कोई प्रावधान नहीं
  4. D.सात साल तक जेल, जुर्माने का कोई प्रावधान नहीं

सही उत्तर

B. तीन साल तक जेल या 50 लाख रुपये तक जुर्माना, या दोनों

व्याख्या

सही उत्तर तीन साल तक की जेल या पचास लाख रुपये तक का जुर्माना, या दोनों है। इस पर रोक एक्ट की धारा 42(3)(c) में है, जो दूरसंचार पहचानकर्ताओं से छेड़छाड़ पर रोक लगाती है, जबकि इसके साथ वाली धारा धोखाधड़ी, जालसाजी या किसी और का रूप धरकर सिम या पहचानकर्ता हासिल करने को शामिल करती है। पहला विकल्प गलत है क्योंकि यह जेल की अवधि और जुर्माने की अधिकतम राशि, दोनों को कम बताता है। तीसरा विकल्प गलत है क्योंकि कानून में जुर्माने के साथ जेल का भी स्पष्ट प्रावधान है और दोनों एक साथ भी हो सकते हैं। चौथा विकल्प दो कारणों से गलत है, यह जेल की अवधि बढ़ा देता है और जुर्माना हटा देता है। दो बातें और याद रखें, ऐसे अपराध धारा 42(7) के तहत संज्ञेय व गैर-जमानती हैं और धारा 42(6) के तहत मदद करने वाले को भी वही सजा मिलती है।

पूरा लेख पढ़ें: IMEI से छेड़छाड़ पर तीन साल जेल, 50 लाख तक जुर्माना

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Q1.राष्ट्रीयआसान

IMEI नंबर कितने अंकों का होता है?

  1. A.दस अंक
  2. B.बारह अंक
  3. C.पंद्रह अंक
  4. D.अठारह अंक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पंद्रह अंक

व्याख्या

सही उत्तर पंद्रह अंक है। इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी को इतनी ही लंबाई का विशेष नंबर बताया गया है, जो दूरसंचार नेटवर्क पर मोबाइल डिवाइस की पहचान करता है, और इसके शुरुआती आठ अंक टाइप एलोकेशन कोड बनाते हैं जो हैंडसेट का मॉडल या प्रकार बताता है। दस अंक वाला विकल्प गलत है, क्योंकि भारत में मोबाइल टेलीफोन नंबर इतने अंकों का होता है और अक्सर दोनों में भ्रम हो जाता है, जबकि टेलीफोन नंबर कनेक्शन का होता है और यह नंबर डिवाइस का। बारह अंक वाला विकल्प भी गलत है और बैकग्राउंडर में बताए किसी पहचानकर्ता से मेल नहीं खाता। अठारह अंक गलत है क्योंकि यह लंबाई बढ़ा देता है। साथ में यह भी याद रखें कि हैंडसेट पर यह नंबर एक छोटे कोड से देखा जा सकता है और डुअल-सिम फोन में दो नंबर होते हैं।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

IMEI में प्रयुक्त टाइप एलोकेशन कोड का वैश्विक आवंटन कौन सी संस्था देखती है?

  1. A.जीएसएमए
  2. B.ट्राई
  3. C.दूरसंचार विभाग
  4. D.अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. जीएसएमए

व्याख्या

सही उत्तर जीएसएमए यानी ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस एसोसिएशन है। बैकग्राउंडर के अनुसार यही संस्था टाइप एलोकेशन कोड का वैश्विक आवंटन देखती है और विनिर्माताओं तथा ब्रांड मालिकों को कोड देती है, जिसके बाद वे हर हैंडसेट को अलग पहचान संख्या देते हैं। ट्राई वाला विकल्प गलत है, क्योंकि विज्ञप्ति में नियामक का जिक्र केवल दोबारा जारी सिम पर एसएमएस सीमित रहने वाले नियम के संदर्भ में है, कोड आवंटन के संदर्भ में नहीं। दूरसंचार विभाग वाला विकल्प भी गलत है, क्योंकि वह नागरिकों को सलाह देता है और भारत में पंजीकरण तथा जांच की व्यवस्था चलाता है, पर वैश्विक कोड आवंटित नहीं करता। अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ गलत है क्योंकि विज्ञप्ति उसे यह भूमिका नहीं देती। याद रखने की कड़ी यह है कि संस्था कोड देती है, विनिर्माता पूरी पहचान देता है और भारतीय पोर्टल उसे दर्ज करते हैं।

Q3.राष्ट्रीयकठिन

नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच गृह मंत्रालय ने कितनी जन शिकायतों का निपटारा किया?

  1. A.7,410
  2. B.25,500
  3. C.52,050
  4. D.1,02,084
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 52,050

व्याख्या

सही उत्तर 52,050 है। विज्ञप्ति में बताई गई अवधि के दौरान मंत्रालय ने इतनी जन शिकायतों का निपटारा किया और यह आंकड़ा अभियान के पिछले दौर के दूसरे नतीजों के साथ दिया गया है। पहला विकल्प गलत है क्योंकि वह आंकड़ा जन शिकायत अपीलों का है, जो अलग और बहुत छोटी श्रेणी है और अक्सर शिकायतों के साथ मिला दी जाती है। दूसरा विकल्प गलत है, ऐसा कोई आंकड़ा विज्ञप्ति में कहीं नहीं है। चौथा विकल्प गलत है क्योंकि वह संख्या मंत्रालय और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कार्यालयों में खाली कराए गए स्थान की है, वर्ग फुट में, शिकायतों की गिनती नहीं, और इसे यहां इसीलिए रखा गया है कि जल्दबाजी में पढ़ने वाला सबसे बड़ा आंकड़ा चुन लेता है। हर आंकड़े को उसकी इकाई के साथ पढ़ें।

Q4.राष्ट्रीयमध्यम

विशेष अभियान 6 का लागू करने वाला चरण कब चलेगा?

  1. A.15 सितंबर से 30 सितंबर 2026
  2. B.1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2026
  3. C.2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026
  4. D.1 नवंबर से 30 नवंबर 2026
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026

व्याख्या

सही उत्तर 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 है। अभियान दो हिस्सों में बंटा है और यह दूसरा तथा लंबा हिस्सा है, जिसमें कार्यालयों में असली काम होता है। पहला विकल्प गलत है और यही सबसे आम भूल भी है, क्योंकि वे तारीखें उससे पहले चलने वाले तैयारी चरण की हैं, और जिन अभ्यर्थियों को केवल एक जोड़ी तारीखें याद रहती हैं वे यही उत्तर देते हैं। दूसरा विकल्प गलत है क्योंकि यह चरण महीने की पहली तारीख से शुरू नहीं होता और महीने के बीच में खत्म नहीं होता। चौथा विकल्प गलत है क्योंकि अभियान अक्टूबर में ही पूरा हो जाता है और अगले महीने तक नहीं खिंचता। याद रखने का आसान तरीका यह है कि यह चरण अक्टूबर के दूसरे दिन शुरू होकर महीने के आखिरी दिन तक चलता है।

Q5.राष्ट्रीयमध्यम

गृह मंत्रालय जिस विशेष अभियान में भाग ले रहा है, उसका आयोजन कौन सा विभाग करता है?

  1. A.प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग
  2. B.कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग
  3. C.कैबिनेट सचिवालय
  4. D.पंचायती राज मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग

व्याख्या

सही उत्तर प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग है, जिसे डीएआरपीजी लिखा जाता है और विज्ञप्ति में इसी को अभियान का आयोजक बताया गया है। गृह मंत्रालय इसमें भागीदार है, आयोजक नहीं, और उसका काम अपने प्रभागों, संबद्ध कार्यालयों तथा क्षेत्रीय इकाइयों में अभियान चलाना है। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग वाला विकल्प गलत है, क्योंकि प्रशासन से जुड़ा होने के बावजूद विज्ञप्ति उसे इस अभियान से नहीं जोड़ती। कैबिनेट सचिवालय भी गलत है, क्योंकि मंत्रालय के भीतर निगरानी उसके अपने सबसे ऊंचे स्तर पर होने की बात कही गई है, किसी बाहरी कार्यालय के जरिये नहीं। पंचायती राज मंत्रालय गलत है क्योंकि यह अभियान केंद्र सरकार के कार्यालयों और उनकी क्षेत्रीय इकाइयों में चलता है, स्थानीय निकायों में नहीं। आयोजक, भागीदार मंत्रालय और दोनों चरणों की तारीखें साथ याद रखें।