मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

एफआरआई ने 5,000 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी रोकी

दूरसंचार विभाग के वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक ने मई 2025 में शुरुआत के बाद से 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध साइबर धोखाधड़ी लेनदेन रोके हैं।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
Read in English
एफआरआई ने 5,000 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी रोकी

चर्चा में क्यों

दूरसंचार विभाग ने 8 सितंबर 2026 को बताया कि उसके वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक ने 22 मई 2025 को शुरुआत के बाद पंद्रह महीनों में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध साइबर धोखाधड़ी लेनदेन रोके हैं।

दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने अपने धोखाधड़ी रोधी उपकरण की बड़ी उपलब्धि बताई है। इस उपकरण का नाम वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक (एफआरआई) है। इसकी शुरुआत 22 मई 2025 को हुई थी। पंद्रह महीनों में इसने 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध साइबर धोखाधड़ी लेनदेन रोकने में मदद की है। यह जानकारी 8 सितंबर 2026 को दी गई। यह धन खाते से निकला ही नहीं, इसलिए उसका पता लगाने या वापस पाने की जरूरत नहीं पड़ी।

बचत कितनी तेजी से बढ़ी

चरणरोकी गई राशि
अगस्त 2025139.16 करोड़ रुपये
शुरुआती छह महीने660 करोड़ रुपये
अप्रैल 2026 से चार महीने2,000 करोड़ रुपये से अधिक
अगस्त 2026 तक कुल5,043.73 करोड़ रुपये

वित्तीय संस्थानों में इसका उपयोग बढ़ने से रोकथाम लगभग आठ गुना बढ़ी है। शुरुआती छह महीनों के 660 करोड़ रुपये से बढ़कर अगस्त 2026 तक 5,043.73 करोड़ रुपये तक पहुंचना ही वह आंकड़ा है जो परीक्षा में सबसे अधिक पूछा जा सकता है।

यह संकेतक करता क्या है

एफआरआई एक जोखिम मूल्यांकन ढांचा है। यह बैंक को वास्तविक समय में बताता है कि किसी मोबाइल नंबर के साइबर अपराध या वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े होने की कितनी संभावना है। यह दूरसंचार विभाग के डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (डीआईपी) के अंतर्गत काम करता है। मोबाइल नंबरों को तीन जोखिम श्रेणियों में बांटा जाता है: मध्यम, उच्च और बहुत उच्च। यह वर्गीकरण संचार साथी मंच पर नागरिकों की शिकायतों, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल तथा दूरसंचार कंपनियों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों से मिली जानकारी पर आधारित होता है।

इस संकेत का उपयोग कौन करता है

यह जानकारी डीआईपी के जरिये बैंकों, भुगतान सेवा प्रदाताओं, बीमा कंपनियों, प्रतिभूति मध्यस्थों और पेंशन क्षेत्र की संस्थाओं के साथ साझा की जाती है। बैंक और यूपीआई सेवा प्रदाता उच्च तथा बहुत उच्च जोखिम वाले नंबरों से जुड़े लेनदेन को उसी समय रोक या चिह्नित कर रहे हैं। इस प्रयास में भारतीय रिज़र्व बैंक, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड भागीदार हैं। अब यह सुरक्षा ट्रेडिंग व डीमैट खातों, बीमा पॉलिसी और दावों तथा पेंशन खातों तक बढ़ाई जा रही है।

मंच की पहुंच

डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर अब 1,600 से अधिक संगठन जुड़े हैं। विभाग ने लगभग 1,500 बैंकों, वित्तीय संस्थानों और नियामकों के लिए पच्चीस से अधिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए हैं, क्योंकि चेतावनी तभी उपयोगी है जब संस्था उस पर कार्रवाई कर सके।

महत्वपूर्ण तथ्य

उपकरणवित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक (एफआरआई)
किसने विकसित कियादूरसंचार विभाग
शुरुआत22 मई 2025
मंचडिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (डीआईपी)
जोखिम श्रेणियांमध्यम, उच्च, बहुत उच्च
रोकी गई धोखाधड़ीअगस्त 2026 तक 5,043.73 करोड़ रुपये
पहले छह महीने660 करोड़ रुपये
डीआईपी पर संगठन1,600 से अधिक
प्रमुख साझेदारआरबीआई, एनपीसीआई और सेबी

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि एफआरआई दूरसंचार विभाग का उपकरण है, इसकी शुरुआत 22 मई 2025 को हुई, यह डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर चलता है, मोबाइल नंबरों को मध्यम, उच्च और बहुत उच्च जोखिम में बांटता है तथा अगस्त 2026 तक 5,043.73 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी रोक चुका है।

अभ्यास प्रश्न

Q1.बैंकिंग और वित्तआसान

वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक (एफआरआई) किस विभाग ने विकसित किया है?

  1. A.वित्तीय सेवाएं विभाग
  2. B.दूरसंचार विभाग
  3. C.राजस्व विभाग
  4. D.उपभोक्ता मामले विभाग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. दूरसंचार विभाग

व्याख्या

सही उत्तर दूरसंचार विभाग है। एफआरआई इसी विभाग का दूरसंचार खुफिया ढांचा है, जिसे डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के जरिये वित्तीय संस्थानों को उपलब्ध कराया जाता है, और 8 सितंबर 2026 को बताया गया कि इसने 22 मई 2025 को शुरुआत के बाद पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध साइबर धोखाधड़ी रोकी है। विकल्प A आकर्षक गलत विकल्प है, क्योंकि इस संकेत का उपयोग बैंक करते हैं और बैंकिंग नीति वित्तीय सेवाएं विभाग देखता है; परंतु यह संकेतक मोबाइल नंबरों के व्यवहार जैसे दूरसंचार आंकड़ों पर बना है। विकल्प C गलत है, क्योंकि राजस्व विभाग कराधान से जुड़ा है। विकल्प D भी गलत है, क्योंकि उपभोक्ता शिकायत निवारण अलग व्यवस्था है। तर्क यह है कि धोखाधड़ी प्रायः मोबाइल कनेक्शन के दुरुपयोग से शुरू होती है, इसलिए यह उपकरण दूरसंचार विभाग का है।

Q2.बैंकिंग और वित्तमध्यम

एफआरआई दूरसंचार विभाग के किस मंच के अंतर्गत काम करता है?

  1. A.संचार साथी
  2. B.डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म
  3. C.राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल
  4. D.यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म

व्याख्या

सही उत्तर डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म है। एफआरआई इसी मंच के अंतर्गत विकसित हुआ है, जो मोबाइल नंबरों को मध्यम, उच्च या बहुत उच्च जोखिम में वर्गीकृत करता है और यह जानकारी बैंकों, भुगतान सेवा प्रदाताओं, बीमा कंपनियों, प्रतिभूति मध्यस्थों तथा पेंशन संस्थाओं के साथ सुरक्षित रूप से साझा करता है। विकल्प A यानी संचार साथी इस कहानी का हिस्सा तो है, परंतु उसकी भूमिका अलग है: नागरिक वहां संदिग्ध नंबरों की शिकायत करते हैं और वही शिकायतें वर्गीकरण का एक स्रोत बनती हैं। विकल्प C यानी राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र का है और वह भी स्रोत है, मंच नहीं। विकल्प D यानी यूपीआई वह भुगतान प्रणाली है जिसके सेवा प्रदाता इस संकेत का उपयोग करते हैं। स्रोत, मंच और उपयोगकर्ता को अलग-अलग याद रखें।

Q3.बैंकिंग और वित्तमध्यम

अगस्त 2026 तक एफआरआई के माध्यम से कितनी संदिग्ध साइबर धोखाधड़ी रोकी जा चुकी थी?

  1. A.660 करोड़ रुपये
  2. B.2,043.73 करोड़ रुपये
  3. C.5,043.73 करोड़ रुपये
  4. D.9,043.73 करोड़ रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 5,043.73 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 5,043.73 करोड़ रुपये है। यही वह कुल राशि है जो अगस्त 2026 तक इस संकेतक के माध्यम से रोकी जा चुकी थी, और इसी कारण घोषणा में पंद्रह महीनों में पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक की बचत बताई गई है। विकल्प A शुरुआती छह महीनों का आंकड़ा है और उससे मौजूदा स्तर तक की वृद्धि को लगभग आठ गुना बताया गया है, इसलिए यह संख्या कहानी में तो है परंतु दूसरे प्रश्न का उत्तर है। विकल्प B और विकल्प D सही आंकड़े का पहला अंक बदलकर बनाए गए हैं और घोषणा में इनका कोई उल्लेख नहीं है। इसके साथ एक और आंकड़ा जोड़कर याद रखें: अगस्त 2025 में कुल बचत लगभग एक सौ उनतालीस करोड़ रुपये थी, यानी यह पूरा विस्तार एक ही वर्ष में हुआ है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक क्या है?

यह दूरसंचार विभाग का जोखिम मूल्यांकन ढांचा है, जो वित्तीय संस्थानों को वास्तविक समय में बताता है कि कोई मोबाइल नंबर साइबर अपराध या वित्तीय धोखाधड़ी से कितना जुड़ा हो सकता है।

एफआरआई ने कितनी संदिग्ध धोखाधड़ी रोकी है?

पंद्रह महीनों में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक। अगस्त 2026 तक कुल आंकड़ा 5,043.73 करोड़ रुपये रहा, जबकि पहले छह महीनों में यह 660 करोड़ रुपये था।

एफआरआई मोबाइल नंबरों को कितनी श्रेणियों में बांटता है?

तीन श्रेणियों में, यानी मध्यम, उच्च और बहुत उच्च जोखिम। इसके लिए संचार साथी, एनसीआरपी तथा दूरसंचार कंपनियों और बैंकों की जानकारी का उपयोग होता है।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLबैंकिंग