वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक (एफआरआई) किस विभाग ने विकसित किया है?
- A.वित्तीय सेवाएं विभाग
- B.दूरसंचार विभाग
- C.राजस्व विभाग
- D.उपभोक्ता मामले विभाग
सही उत्तर
B. दूरसंचार विभाग
व्याख्या
सही उत्तर दूरसंचार विभाग है। एफआरआई इसी विभाग का दूरसंचार खुफिया ढांचा है, जिसे डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के जरिये वित्तीय संस्थानों को उपलब्ध कराया जाता है, और 8 सितंबर 2026 को बताया गया कि इसने 22 मई 2025 को शुरुआत के बाद पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध साइबर धोखाधड़ी रोकी है। विकल्प A आकर्षक गलत विकल्प है, क्योंकि इस संकेत का उपयोग बैंक करते हैं और बैंकिंग नीति वित्तीय सेवाएं विभाग देखता है; परंतु यह संकेतक मोबाइल नंबरों के व्यवहार जैसे दूरसंचार आंकड़ों पर बना है। विकल्प C गलत है, क्योंकि राजस्व विभाग कराधान से जुड़ा है। विकल्प D भी गलत है, क्योंकि उपभोक्ता शिकायत निवारण अलग व्यवस्था है। तर्क यह है कि धोखाधड़ी प्रायः मोबाइल कनेक्शन के दुरुपयोग से शुरू होती है, इसलिए यह उपकरण दूरसंचार विभाग का है।
पूरा लेख पढ़ें: एफआरआई ने 5,000 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी रोकी
अभ्यास प्रश्न
एफआरआई दूरसंचार विभाग के किस मंच के अंतर्गत काम करता है?
- A.संचार साथी
- B.डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म
- C.राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल
- D.यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म
व्याख्या
सही उत्तर डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म है। एफआरआई इसी मंच के अंतर्गत विकसित हुआ है, जो मोबाइल नंबरों को मध्यम, उच्च या बहुत उच्च जोखिम में वर्गीकृत करता है और यह जानकारी बैंकों, भुगतान सेवा प्रदाताओं, बीमा कंपनियों, प्रतिभूति मध्यस्थों तथा पेंशन संस्थाओं के साथ सुरक्षित रूप से साझा करता है। विकल्प A यानी संचार साथी इस कहानी का हिस्सा तो है, परंतु उसकी भूमिका अलग है: नागरिक वहां संदिग्ध नंबरों की शिकायत करते हैं और वही शिकायतें वर्गीकरण का एक स्रोत बनती हैं। विकल्प C यानी राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र का है और वह भी स्रोत है, मंच नहीं। विकल्प D यानी यूपीआई वह भुगतान प्रणाली है जिसके सेवा प्रदाता इस संकेत का उपयोग करते हैं। स्रोत, मंच और उपयोगकर्ता को अलग-अलग याद रखें।
अगस्त 2026 तक एफआरआई के माध्यम से कितनी संदिग्ध साइबर धोखाधड़ी रोकी जा चुकी थी?
- A.660 करोड़ रुपये
- B.2,043.73 करोड़ रुपये
- C.5,043.73 करोड़ रुपये
- D.9,043.73 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 5,043.73 करोड़ रुपये
व्याख्या
सही उत्तर 5,043.73 करोड़ रुपये है। यही वह कुल राशि है जो अगस्त 2026 तक इस संकेतक के माध्यम से रोकी जा चुकी थी, और इसी कारण घोषणा में पंद्रह महीनों में पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक की बचत बताई गई है। विकल्प A शुरुआती छह महीनों का आंकड़ा है और उससे मौजूदा स्तर तक की वृद्धि को लगभग आठ गुना बताया गया है, इसलिए यह संख्या कहानी में तो है परंतु दूसरे प्रश्न का उत्तर है। विकल्प B और विकल्प D सही आंकड़े का पहला अंक बदलकर बनाए गए हैं और घोषणा में इनका कोई उल्लेख नहीं है। इसके साथ एक और आंकड़ा जोड़कर याद रखें: अगस्त 2025 में कुल बचत लगभग एक सौ उनतालीस करोड़ रुपये थी, यानी यह पूरा विस्तार एक ही वर्ष में हुआ है।
आधार फेस ऑथेंटिकेशन सैंडबॉक्स के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- A.यह सेवा शुरू करने से पहले पूरी चेहरा पहचान प्रक्रिया परखने का नियंत्रित वातावरण है
- B.यह ग्रामीण जिलों के लिए आधार नामांकन केंद्र का नया मॉडल है
- C.यह भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा दी गई नियामकीय छूट की अवधि है
- D.यह उंगलियों के निशान और पुतली का डेटा लेने वाला उपकरण है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. यह सेवा शुरू करने से पहले पूरी चेहरा पहचान प्रक्रिया परखने का नियंत्रित वातावरण है
व्याख्या
सही उत्तर यह है कि यह सेवा शुरू करने से पहले पूरी चेहरा पहचान प्रक्रिया परखने का नियंत्रित वातावरण है। इसमें डेवलपर और गुणवत्ता आश्वासन टीमें उपयोगकर्ता की सहमति, चेहरे की पहचान, लाइवनेस जांच, प्रमाणीकरण, त्रुटि प्रबंधन और उत्तर का सत्यापन परख सकती हैं, वह भी बाहरी बायोमेट्रिक उपकरण के बिना। अमान्य डिजिटल हस्ताक्षर, नेटवर्क व्यवधान, टाइमआउट और स्पूफिंग जैसी विफलताओं का अभ्यास भी संभव है। विकल्प B सैंडबॉक्स को नामांकन ढांचे से मिला देता है, जो आधार व्यवस्था का अलग हिस्सा है। विकल्प C नियामकीय सैंडबॉक्स का विचार उधार लेता है, जिसे रिजर्व बैंक वित्तीय नवाचार के लिए चलाता है, और यही समानता छात्रों को भ्रमित करती है, जबकि यूआईडीएआई का सैंडबॉक्स तकनीकी परीक्षण की जगह है। विकल्प D बायोमेट्रिक उपकरण बताता है, जबकि इस लॉन्च का मूल उद्देश्य ही ऐसे उपकरण की जरूरत खत्म करना है।
9 सितंबर 2026 को यूआईडीएआई ने आधार फेस ऑथेंटिकेशन एसडीके और सैंडबॉक्स किस आयोजन में लॉन्च किया?
- A.इंडिया मोबाइल कांग्रेस
- B.ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026
- C.डिजिटल इंडिया सप्ताह
- D.विश्व आर्थिक मंच
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026
व्याख्या
सही उत्तर ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 है, जहां भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने आधार चेहरा पहचान के लिए सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट और सैंडबॉक्स दोनों जारी किए। यह स्थान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वहां वही दर्शक मौजूद थे जिनके लिए ये उपकरण बने हैं, यानी बैंकिंग, वित्तीय सेवा और बीमा उद्योग, जो लंबे समय से अपने ही ऐप के भीतर आधार प्रमाणीकरण की मांग कर रहा था। विकल्प A यानी इंडिया मोबाइल कांग्रेस दूरसंचार का आयोजन है और इसलिए भ्रम पैदा करता है कि ई-केवाईसी से सिम सक्रियण भी चेहरा पहचान से होता है। विकल्प C यानी डिजिटल इंडिया सप्ताह सरकारी प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी है, जो किसी भी आधार घोषणा के लिए सही लग सकता है। विकल्प D यानी विश्व आर्थिक मंच अंतरराष्ट्रीय मंच है और इस लॉन्च का स्थान नहीं था। लॉन्च को फिनटेक महोत्सव और यूआईडीएआई के मंत्रालय से जोड़कर याद रखें।
यूआईडीएआई का एआई और एमएल आधारित आधार फेस ऑथेंटिकेशन समाधान किस वर्ष लॉन्च हुआ था और उसने कितने लेनदेन संसाधित किए हैं?
- A.2019, 300 करोड़ से अधिक लेनदेन
- B.2020, 400 करोड़ से अधिक लेनदेन
- C.2021, 500 करोड़ से अधिक लेनदेन
- D.2023, 600 करोड़ से अधिक लेनदेन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2021, 500 करोड़ से अधिक लेनदेन
व्याख्या
सही उत्तर 2021, 500 करोड़ से अधिक लेनदेन है। यूआईडीएआई ने यह समाधान स्वदेशी रूप से विकसित किया और उसी वर्ष लॉन्च किया, तथा तब से इसे लगभग 200 संस्थाओं ने अपनाया है, जिनमें केंद्रीय मंत्रालय और विभाग, राज्य सरकारें, बैंक, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां, दूरसंचार कंपनियां, ब्रोकरेज फर्म और प्रमाणन प्राधिकरण शामिल हैं। विकल्प A और B लॉन्च वर्ष को एक या दो साल पीछे ले जाते हैं और लेनदेन की संख्या घटा देते हैं, यही इस प्रश्न को पूछने का सबसे आम तरीका है, क्योंकि छात्रों को पैमाना तो याद रहता है पर सही जोड़ी नहीं। विकल्प D में 2023 है, जो इसी समाचार में आता तो है पर दूसरे कारण से, क्योंकि उसी वर्ष इस तकनीक को नवाचार श्रेणी में प्रधानमंत्री का लोक प्रशासन उत्कृष्टता पुरस्कार मिला था। इन तीनों आंकड़ों को साथ याद रखें।