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खरीफ बुआई का रकबा 1086.31 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा

4 सितंबर 2026 तक देश में खरीफ फसलों की बुआई 1086.31 लाख हेक्टेयर में हुई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि से 17.69 लाख हेक्टेयर कम है; दलहन तथा जूट का रकबा बढ़ा है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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चर्चा में क्यों

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 8 सितंबर 2026 को बताया कि 4 सितंबर 2026 तक खरीफ फसलों की बुआई 1086.31 लाख हेक्टेयर में हुई, जिसमें दलहन तथा जूट एवं मेस्ता पिछले वर्ष से आगे हैं।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय हर सप्ताह बुआई की प्रगति रिपोर्ट जारी करता है। 8 सितंबर 2026 को जारी रिपोर्ट 4 सितंबर 2026 तक की स्थिति बताती है। देश में खरीफ फसलों का कुल रकबा 1086.31 लाख हेक्टेयर दर्ज हुआ है। पिछले सत्र के इसी सप्ताह यह रकबा अधिक था। इस प्रकार बुआई 17.69 लाख हेक्टेयर घटी है। यह सत्र उस सामान्य रकबे से भी नीचे चल रहा है, जिससे मंत्रालय हर सप्ताह तुलना करता है।

फसलवार रकबा, लाख हेक्टेयर में

फसल समूहइस वर्षपिछले वर्षअंतर
धान421.82438.19-16.37
कुल दलहन117.13115.301.84
श्री अन्न और मोटे अनाज181.39182.48-1.09
कुल तिलहन191.99193.06-1.07
गन्ना58.4758.87-0.40
जूट और मेस्ता6.346.240.10
कपास109.17109.87-0.69

किन फसलों का रकबा बढ़ा

केवल दो समूह पिछले वर्ष से आगे हैं। दलहन का रकबा 1.84 लाख हेक्टेयर बढ़ा, जिसमें उत्तर प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, राजस्थान और मध्य प्रदेश का योगदान रहा, जबकि महाराष्ट्र, कर्नाटक और ओडिशा में बुआई घटी। जूट और मेस्ता का रकबा 0.10 लाख हेक्टेयर बढ़ा, जिसमें बिहार और पश्चिम बंगाल आगे रहे।

गिरावट कहां से आई

सबसे बड़ी गिरावट धान में है। धान का रकबा 16.37 लाख हेक्टेयर घटा और सबसे अधिक कमी कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश में रही; असम और ओडिशा में बुआई बढ़ी। मोटे अनाजों में बाजरा और ज्वार का रकबा बढ़ने के बावजूद मक्का और रागी की कमी से समूह नीचे आ गया। तिलहन में राजस्थान और गुजरात की कमी ने उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश की बढ़त को बेअसर कर दिया। कपास में राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में कमी आई, जबकि तेलंगाना और गुजरात में रकबा बढ़ा।

परीक्षा के लिए महत्व

खरीफ मानसून की फसल है, जिसकी बुआई जून से वर्षा के साथ होती है और कटाई अक्टूबर से शुरू होती है। बुआई रिपोर्ट वर्ष की खाद्यान्न आपूर्ति का पहला संकेत होती है, इसलिए धान का कमजोर आंकड़ा खाद्य सुरक्षा और महंगाई से जुड़े प्रश्नों में काम आता है। कुल रकबा, पिछले वर्ष से तुलना और बढ़त वाले दो समूह याद रखें।

महत्वपूर्ण तथ्य

रिपोर्टकृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की साप्ताहिक खरीफ बुआई रिपोर्ट
स्थिति तिथि4 सितंबर 2026
कुल बुआई रकबा1086.31 लाख हेक्टेयर
पिछले वर्ष से अंतर17.69 लाख हेक्टेयर की कमी
धान421.82 लाख हेक्टेयर, 16.37 लाख हेक्टेयर की कमी
दलहन117.13 लाख हेक्टेयर, 1.84 लाख हेक्टेयर की वृद्धि
कपास109.17 लाख हेक्टेयर

परीक्षा की दृष्टि से

कुल रकबा 1086.31 लाख हेक्टेयर और उसकी तिथि, पिछले वर्ष से 17.69 लाख हेक्टेयर की कमी, धान का 421.82 लाख हेक्टेयर तथा यह तथ्य याद रखें कि केवल दलहन और जूट एवं मेस्ता का रकबा पिछले वर्ष से अधिक रहा।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अर्थव्यवस्थामध्यम

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार 4 सितंबर 2026 तक देश में खरीफ बुआई का कुल रकबा कितना रहा?

  1. A.986.31 लाख हेक्टेयर
  2. B.1086.31 लाख हेक्टेयर
  3. C.1186.31 लाख हेक्टेयर
  4. D.1286.31 लाख हेक्टेयर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1086.31 लाख हेक्टेयर

व्याख्या

सही उत्तर 1086.31 लाख हेक्टेयर है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की साप्ताहिक बुआई प्रगति रिपोर्ट, जो 8 सितंबर 2026 को जारी हुई, 4 सितंबर 2026 तक की स्थिति के लिए यही कुल रकबा बताती है। पिछले सत्र के इसी सप्ताह की तुलना में बुआई 17.69 लाख हेक्टेयर कम है, और यह सत्र उस सामान्य रकबे से भी नीचे है जिससे मंत्रालय हर साप्ताहिक रिपोर्ट की तुलना करता है। विकल्प A, C और D केवल शुरुआती अंक बदलकर बनाए गए आंकड़े हैं, और प्रश्नपत्र बनाने वाला इसी तरह जांचता है कि अभ्यर्थी ने संख्या याद की है या केवल उसका स्वरूप पहचानता है। रिपोर्ट में इनमें से कोई आंकड़ा नहीं है। दोहराते समय कुल रकबा और उसकी तिथि साथ याद रखें, क्योंकि यह रिपोर्ट हर सप्ताह बदलती है।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

8 सितंबर 2026 की खरीफ रिपोर्ट में किन दो फसल समूहों का रकबा पिछले वर्ष की इसी अवधि से अधिक रहा?

  1. A.धान और कपास
  2. B.तिलहन और गन्ना
  3. C.दलहन तथा जूट एवं मेस्ता
  4. D.मोटे अनाज और कपास
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. दलहन तथा जूट एवं मेस्ता

व्याख्या

सही उत्तर दलहन तथा जूट एवं मेस्ता है। दलहन की बुआई 117.13 लाख हेक्टेयर में हुई, जबकि पिछले वर्ष 115.30 लाख हेक्टेयर थी, और जूट एवं मेस्ता 6.34 लाख हेक्टेयर में, जबकि पिछले वर्ष 6.24 लाख हेक्टेयर था; रिपोर्ट में केवल यही दो समूह पिछले वर्ष से ऊपर हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि धान इस सत्र में सबसे अधिक घटा है और उसका रकबा 438.19 लाख हेक्टेयर से घटकर 421.82 लाख हेक्टेयर रह गया, कपास भी नीचे है। विकल्प B गलत है, क्योंकि तिलहन 191.99 लाख हेक्टेयर और गन्ना 58.47 लाख हेक्टेयर पर आ गया। विकल्प D दोनों दृष्टि से गलत है, क्योंकि श्री अन्न एवं मोटे अनाज 181.39 लाख हेक्टेयर और कपास 109.17 लाख हेक्टेयर पर रहे। दलहन में वृद्धि उत्तर प्रदेश, झारखंड और तेलंगाना से आई।

Q3.अर्थव्यवस्थाआसान

भारत में खरीफ फसलों की बुआई सामान्यतः कब होती है?

  1. A.दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के साथ
  2. B.दिसंबर की शीतकालीन वर्षा के बाद
  3. C.केवल रबी कटाई के बाद गर्मी के महीनों में
  4. D.केवल सिंचित कमान क्षेत्रों में फरवरी में
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के साथ

व्याख्या

सही उत्तर यह है कि खरीफ फसलों की बुआई दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के साथ होती है। इसी कारण कृषि मंत्रालय मानसून के महीनों में हर सप्ताह बुआई की प्रगति रिपोर्ट जारी करता है, और 4 सितंबर 2026 तक की स्थिति, जब कुल रकबा 1086.31 लाख हेक्टेयर था, वर्ष की खाद्यान्न आपूर्ति का महत्वपूर्ण संकेत मानी जाती है। विकल्प B रबी सत्र का वर्णन करता है, जिसमें गेहूं और सरसों जैसी फसलें ठंड के महीनों में बोई जाती हैं और वसंत में काटी जाती हैं; यह रिपोर्ट रबी की नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि खरीफ की बुआई वर्षा के साथ होती है और इसका बड़ा हिस्सा वर्षा आधारित है। विकल्प D भी गलत है, क्योंकि खरीफ की बुआई वर्षा आधारित तथा सिंचित दोनों क्षेत्रों में होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

4 सितंबर 2026 तक देश में खरीफ बुआई का कुल रकबा कितना है?

यह 1086.31 लाख हेक्टेयर है, जो पिछले सत्र के इसी सप्ताह की बुआई से 17.69 लाख हेक्टेयर कम है।

किन फसल समूहों का रकबा पिछले वर्ष से अधिक रहा?

दलहन, जिसका रकबा 117.13 लाख हेक्टेयर है, तथा जूट एवं मेस्ता, जिनका रकबा 6.34 लाख हेक्टेयर है। शेष सभी समूह पिछले वर्ष से नीचे हैं।

इस खरीफ सत्र में धान का रकबा कितना है?

धान का रकबा 421.82 लाख हेक्टेयर है, जबकि पिछले वर्ष 438.19 लाख हेक्टेयर था; सबसे अधिक कमी कर्नाटक और तेलंगाना में दर्ज हुई।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS