ईसीएलजीएस 5.0: ₹2.55 लाख करोड़ की क्रेडिट गारंटी योजना
5 मई 2026 को मंजूर ईसीएलजीएस 5.0 का लक्ष्य एमएसएमई, गैर-एमएसएमई और यात्री एयरलाइनों को ₹2.55 लाख करोड़ का अतिरिक्त ऋण दिलाना है, इसे एनसीजीटीसी चलाती है।

चर्चा में क्यों
5 सितंबर 2026 को पीआईबी ने ईसीएलजीएस 5.0 पर बैकग्राउंडर जारी किया। यह क्रेडिट गारंटी योजना 5 मई 2026 को मंजूर हुई थी और एमएसएमई, गैर-एमएसएमई तथा अनुसूचित यात्री एयरलाइनों को ₹2.55 लाख करोड़ तक का अतिरिक्त ऋण दिलाने के लिए बनाई गई है।
पीआईबी ने 5 सितंबर 2026 को आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) 5.0 पर बैकग्राउंडर जारी किया। यह योजना ऋणदाताओं को सरकार समर्थित क्रेडिट गारंटी देती है, ताकि वे कम जोखिम पर कारोबारियों को अतिरिक्त कार्यशील पूंजी दे सकें। सरकार ने इसे 5 मई 2026 को मंजूरी दी। इसे नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी (एनसीजीटीसी) चलाती है। लक्ष्य ₹2.55 लाख करोड़ तक का अतिरिक्त ऋण प्रवाह है।
योजना में कौन शामिल
इसमें तीन समूह आते हैं। पहला, हर क्षेत्र के एमएसएमई। दूसरा, पात्र गैर-एमएसएमई कारोबारी उधारकर्ता, जिनमें कुछ क्षेत्र बाहर रखे गए हैं। तीसरा, अनुसूचित यात्री एयरलाइन कंपनियां। ऋण उन तक अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, अनुसूचित शहरी सहकारी बैंकों, वित्तीय संस्थानों और पात्र एनबीएफसी के जरिए पहुंचता है, जिन्हें योजना में सदस्य ऋणदाता संस्थान कहा गया है।
एमएसएमई और गैर-एमएसएमई की शर्तें
उधारकर्ता के पास 31 मार्च 2026 तक ऋणदाता से कार्यशील पूंजी सुविधा होनी चाहिए, और भुगतान में 60 दिन से अधिक का बकाया नहीं होना चाहिए। गारंटी कवरेज पात्र एमएसएमई के लिए 100 प्रतिशत और पात्र गैर-एमएसएमई के लिए 90 प्रतिशत है, और ऋणदाताओं से कोई गारंटी शुल्क नहीं लिया जाता। अतिरिक्त ऋण 2025-26 की चौथी तिमाही की उच्चतम फंड-आधारित कार्यशील पूंजी बकाया के 20 प्रतिशत तक सीमित है, और प्रति उधारकर्ता सीमा ₹100 करोड़ है। ब्याज एमएसएमई के लिए ईबीएलआर और गैर-एमएसएमई के लिए एमसीएलआर से जुड़ा है, ऋणदाता बेंचमार्क से 0.75 प्रतिशत तक अधिक ले सकते हैं, और कुल सीमा 9 प्रतिशत सालाना है। पात्र एनबीएफसी के लिए दर 13 प्रतिशत सालाना से अधिक नहीं हो सकती। ऋण की अवधि 5 वर्ष है, जिसमें 1 वर्ष की मोहलत शामिल है।
एयरलाइनों की शर्तें
अनुसूचित यात्री एयरलाइन पात्र है यदि उसके पास 31 मार्च 2026 तक फंड-आधारित और गैर-फंड-आधारित क्रेडिट सुविधाएं थीं, जो उसी तारीख को मानक श्रेणी में हों। गारंटी कवरेज 90 प्रतिशत है। अतिरिक्त ऋण 100 प्रतिशत तक मिल सकता है, और प्रति उधारकर्ता सीमा ₹1,500 करोड़ है। ₹1,000 करोड़ से ऊपर की राशि के लिए प्रमोटरों का आनुपातिक इक्विटी योगदान जरूरी है। ऋण की अवधि 7 वर्ष है, जिसमें 2 वर्ष की मोहलत शामिल है।
अब तक की प्रगति
| 20 अगस्त 2026 तक | आंकड़ा |
| जारी गारंटियां | 6,73,979 |
| गारंटी शुदा राशि | ₹2,50,024 करोड़ |
| संख्या में एमएसएमई की हिस्सेदारी | 97.3 प्रतिशत |
| राशि में एमएसएमई की हिस्सेदारी | 80.79 प्रतिशत |
| योजना की अवधि | 31 मार्च 2027 तक, या ₹2.55 लाख करोड़ की गारंटी तक |
पिछले चरण
ईसीएलजीएस 2020 में आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत शुरू हुई थी, ताकि महामारी के दौर में कारोबार टिके रहें। ईसीएलजीएस 1.0 में एमएसएमई, कारोबारी उद्यम, मुद्रा उधारकर्ता और व्यक्तिगत कारोबारी ऋण शामिल थे। ईसीएलजीएस 2.0 ने कामथ समिति की पहचान वाले 26 संकटग्रस्त क्षेत्रों और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को जोड़ा। ईसीएलजीएस 3.0 ने हॉस्पिटैलिटी, यात्रा एवं पर्यटन, अवकाश एवं खेल तथा नागरिक उड्डयन को सहारा दिया। ईसीएलजीएस 4.0 अस्पतालों, नर्सिंग होम, क्लिनिक, मेडिकल कॉलेजों तथा तरल ऑक्सीजन और ऑक्सीजन सिलेंडर बनाने वालों तक गई। पहले चार चरणों में कुल 1.19 करोड़ गारंटियां जारी हुईं, जिनका मूल्य ₹3.68 लाख करोड़ था, और ये चरण 31 मार्च 2023 को समाप्त हो गए। मौजूदा चरण में आवेदन जन समर्थ पोर्टल से होते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| योजना | आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) 5.0 |
|---|---|
| मंजूरी | 5 मई 2026 |
| क्रियान्वयन | नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी (एनसीजीटीसी) |
| लक्षित ऋण प्रवाह | ₹2.55 लाख करोड़ तक |
| अवधि | 31 मार्च 2027 तक, या ₹2.55 लाख करोड़ की गारंटी जारी होने तक |
| गारंटी कवरेज | एमएसएमई के लिए 100 प्रतिशत, गैर-एमएसएमई और एयरलाइनों के लिए 90 प्रतिशत |
| प्रति उधारकर्ता सीमा | एमएसएमई और गैर-एमएसएमई के लिए ₹100 करोड़, एयरलाइनों के लिए ₹1,500 करोड़ |
| ब्याज सीमा | बैंकों के लिए 9 प्रतिशत सालाना, पात्र एनबीएफसी के लिए 13 प्रतिशत सालाना |
| 20 अगस्त 2026 तक प्रगति | 6,73,979 गारंटियां, ₹2,50,024 करोड़ |
| आवेदन | जन समर्थ पोर्टल |
| पिछले चरण | ईसीएलजीएस 1.0 से 4.0 में 1.19 करोड़ गारंटियां और ₹3.68 लाख करोड़, समाप्ति 31 मार्च 2023 |
परीक्षा की दृष्टि से
₹2.55 लाख करोड़ का लक्ष्य, एनसीजीटीसी का नाम, 5 मई 2026 की मंजूरी और 31 मार्च 2027 तक की अवधि याद रखें। एमएसएमई के लिए 100 प्रतिशत और बाकी के लिए 90 प्रतिशत गारंटी, ₹100 करोड़ तथा ₹1,500 करोड़ की सीमाएं और जन समर्थ पोर्टल भी याद रखें।
अभ्यास प्रश्न
ईसीएलजीएस 5.0 का लक्ष्य कितने अतिरिक्त ऋण प्रवाह को सुगम बनाना है?
- A.₹1.50 लाख करोड़
- B.₹2.55 लाख करोड़
- C.₹3.68 लाख करोड़
- D.₹5 लाख करोड़
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ₹2.55 लाख करोड़
व्याख्या
सही उत्तर ₹2.55 लाख करोड़ है। बैकग्राउंडर के अनुसार 5 मई 2026 को मंजूर और नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी द्वारा चलाई जा रही यह योजना इतने अतिरिक्त ऋण प्रवाह को सुगम बनाना चाहती है, और यह 31 मार्च 2027 तक या इसी मूल्य की गारंटी जारी होने तक, जो भी पहले हो, चालू रहेगी। विकल्प C यहां जाल है, क्योंकि ₹3.68 लाख करोड़ इसी विज्ञप्ति का सही आंकड़ा है, पर वह पिछले चरणों का है। ईसीएलजीएस 1.0 से 4.0 तक 1.19 करोड़ गारंटियां जारी हुईं, जिनका मूल्य ₹3.68 लाख करोड़ था, और वे चरण 31 मार्च 2023 को समाप्त हो गए। विकल्प A और विकल्प D गोल संख्याएं हैं, जिनका समर्थन विज्ञप्ति में नहीं है। दोहराते समय दोनों आंकड़े अलग पंक्तियों में रखें, यानी ₹2.55 लाख करोड़ मौजूदा चरण का लक्ष्य है और ₹3.68 लाख करोड़ पहले चार चरणों की उपलब्धि है। मौजूदा चरण में 20 अगस्त 2026 तक ₹2,50,024 करोड़ की गारंटी दी जा चुकी थी।
ईसीएलजीएस 5.0 के तहत पात्र एमएसएमई को दिए जाने वाले ऋण पर क्रेडिट गारंटी कवरेज कितना है?
- A.75 प्रतिशत
- B.80 प्रतिशत
- C.90 प्रतिशत
- D.100 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 100 प्रतिशत
व्याख्या
सही उत्तर 100 प्रतिशत है। विज्ञप्ति दोनों स्तर साफ अलग करती है, यानी पात्र एमएसएमई को पूरी गारंटी मिलती है, जबकि पात्र गैर-एमएसएमई उधारकर्ताओं को 90 प्रतिशत कवरेज मिलता है। यही 90 प्रतिशत पात्र अनुसूचित यात्री एयरलाइनों को दिए ऋण पर भी लागू होता है। इसलिए विकल्प C सबसे आकर्षक गलत उत्तर है, क्योंकि 90 प्रतिशत योजना का सही आंकड़ा है, पर वह दूसरी श्रेणियों का है। विकल्प A और विकल्प B का उल्लेख विज्ञप्ति में कहीं नहीं है। इस तथ्य के साथ दो बातें और याद रखें। पहली, इस योजना के तहत सदस्य ऋणदाता संस्थानों से कोई गारंटी शुल्क नहीं लिया जाता। दूसरी, 2020 में आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत शुरू हुई मूल ईसीएलजीएस में भी कवरेज 100 प्रतिशत था, इसलिए छोटे उधारकर्ताओं के लिए पूरी गारंटी योजना की पुरानी विशेषता है। एमएसएमई के लिए अतिरिक्त ऋण उच्चतम कार्यशील पूंजी बकाया के 20 प्रतिशत तक और अधिकतम ₹100 करोड़ तक सीमित है।
आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना 5.0 का क्रियान्वयन कौन करता है?
- A.भारतीय रिजर्व बैंक
- B.भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक
- C.नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी
- D.राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी
व्याख्या
सही उत्तर नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी है, जिसे एनसीजीटीसी लिखा जाता है। बैकग्राउंडर इसी को क्रियान्वयन एजेंसी बताता है और जोड़ता है कि उधारकर्ताओं को एनसीजीटीसी की तय पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी, जिनमें खाते की स्थिति और अन्य ऋण मानदंड शामिल हैं। विकल्प A सबसे आकर्षक भ्रम है, क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक का नाम विज्ञप्ति में आता है, पर वह केवल बेंचमार्क की व्याख्या में है। ईबीएलआर और एमसीएलआर केंद्रीय बैंक से जुड़ी दरें हैं, और योजना में एमएसएमई ऋण ईबीएलआर से तथा गैर-एमएसएमई ऋण एमसीएलआर से जुड़े हैं। विकल्प B और विकल्प D उन विकास वित्त संस्थानों के नाम हैं जो लघु उद्योग और कृषि के लिए अपनी पुनर्वित्त तथा गारंटी योजनाएं चलाते हैं, इसलिए ये विकल्प संभव लगते हैं, पर इनमें से कोई इस योजना का क्रियान्वयन नहीं करता। वितरण की कड़ी याद रखें, यानी गारंटी एनसीजीटीसी देती है, ऋण सदस्य ऋणदाता संस्थान देते हैं और आवेदन जन समर्थ पोर्टल से होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ईसीएलजीएस 5.0 का लक्ष्य क्या है और इसे कौन चलाता है?
इसका लक्ष्य ₹2.55 लाख करोड़ तक का अतिरिक्त ऋण प्रवाह है। इसे नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी चलाती है, और सरकार ने इसे 5 मई 2026 को मंजूरी दी थी।
एमएसएमई उधारकर्ता को कितनी गारंटी मिलती है?
पात्र एमएसएमई को दिए ऋण पर 100 प्रतिशत गारंटी मिलती है। पात्र गैर-एमएसएमई उधारकर्ताओं और अनुसूचित यात्री एयरलाइनों के लिए यह 90 प्रतिशत है, और ऋणदाता कोई गारंटी शुल्क नहीं देते।
अब तक कितनी राशि की गारंटी दी गई है?
20 अगस्त 2026 तक 6,73,979 गारंटियां जारी हुईं, जिनका मूल्य ₹2,50,024 करोड़ रहा। इनमें एमएसएमई की हिस्सेदारी संख्या में 97.3 प्रतिशत और राशि में 80.79 प्रतिशत रही।
आवेदन कहां किया जाता है?
जन समर्थ पोर्टल पर। योजना 31 मार्च 2027 तक, या ₹2.55 लाख करोड़ की गारंटी जारी होने तक, जो भी पहले हो, चालू रहेगी।
स्रोत
- आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) 5.0 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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