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दिनामलार के 75 वर्ष पर स्मारक डाक टिकट जारी हुआ

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने चेन्नई में तमिल समाचार-पत्र दिनामलार के 75वें वर्ष पर स्मारक डाक टिकट जारी किया, जिसकी स्थापना 1951 में हुई थी।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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दिनामलार के 75 वर्ष पर स्मारक डाक टिकट जारी हुआ — GK24 title card

चर्चा में क्यों

5 सितंबर 2026 को उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने चेन्नई में तमिल समाचार-पत्र दिनामलार के प्रकाशन के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में स्मारक डाक टिकट जारी किया, जिसकी स्थापना 1951 में हुई थी।

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने 5 सितंबर 2026 को चेन्नई में स्मारक डाक टिकट जारी किया। यह टिकट तमिल समाचार-पत्र दिनामलार के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में है। चेन्नई में यह कार्यक्रम इसी पड़ाव और टिकट जारी होने के अवसर पर हुआ।

समाचार-पत्र की कहानी

दिनामलार की स्थापना 1951 में हुई थी। उपराष्ट्रपति ने बताया कि इसकी स्थापना का संकल्प सच्चाई की कसौटी बनना था। उन्होंने संस्थापक टी. वी. रामासुब्बईयर के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के मन में उपजा विचार आज बड़े संगठन का रूप ले चुका है, और यह विस्तार कई पीढ़ियों के समर्पण तथा सामूहिक प्रयास को दर्शाता है।

भरोसे पर उपराष्ट्रपति की बात

उपराष्ट्रपति ने कहा कि दिनामलार ने पिछले 75 वर्षों में सच्चाई, देशभक्ति और जनसेवा पर टिके रहकर पाठकों का भरोसा जीता है। उनके अनुसार कोई समाचार-पत्र यह भरोसा तभी जीत और बनाए रख सकता है, जब वह दबावों के आगे न झुके और निडर होकर ऊंचे मूल्य निभाए। उन्होंने कहा कि इन वर्षों के काम से इस समाचार-पत्र ने अपने पाठकों के साथ ठीक ऐसा ही रिश्ता बनाया है। उन्होंने इसकी 7 दशक लंबी यात्रा की सराहना की और कई और वर्षों तक देश की सेवा करते रहने का आग्रह किया।

विद्यार्थियों के लिए प्रकाशन

उपराष्ट्रपति ने अगली पीढ़ी की बात भी की। उन्होंने दिनामलार के पट्टम प्रकाशन की सराहना की। पट्टम स्कूली विद्यार्थियों तक सामान्य जागरूकता, भाषा कौशल और वैज्ञानिक नवाचारों की जानकारी पहुंचाता है।

याद रखने योग्य तथ्य

विवरणजानकारी
अवसरदिनामलार का 75वां वर्ष
जारी करने वालेउपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन
क्या जारी हुआस्मारक डाक टिकट
शहरचेन्नई
स्थापना वर्ष1951
संस्थापकटी. वी. रामासुब्बईयर
विद्यार्थियों का प्रकाशनपट्टम

कौन उपस्थित रहे

कार्यक्रम में डाक विभाग के चेन्नई क्षेत्रीय निदेशक मेजर मनोज उपस्थित रहे। दिनामलार समूह के संपादक डॉ. आर. रामासुब्बू भी मौजूद थे। प्रकाशक एल. आदिमूलम, डॉ. एल. रामासुब्बू और जयश्री भी शामिल हुए, साथ में आर. आर. गोपालजी तथा अन्य अतिथि भी थे।

परीक्षा के लिहाज से महत्व

स्मारक डाक टिकट प्रश्नों का नियमित स्रोत हैं। इनमें संस्था का नाम, जो वर्षगांठ मनाई जा रही है, टिकट जारी करने वाला पदाधिकारी और शहर याद रखने योग्य होते हैं। इसके बाद संस्थापक का नाम और स्थापना वर्ष आते हैं, और यहां दोनों उपलब्ध हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

अवसरसमाचार-पत्र दिनामलार का 75वां वर्ष
जारी करने वालेउपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन
क्या जारी हुआस्मारक डाक टिकट
स्थानचेन्नई
तारीख5 सितंबर 2026
स्थापना वर्ष1951
संस्थापकटी. वी. रामासुब्बईयर
विद्यार्थियों का प्रकाशनपट्टम
उल्लिखित मूल्यसच्चाई, देशभक्ति और जनसेवा
अन्य उपस्थितडाक विभाग के चेन्नई क्षेत्रीय निदेशक मेजर मनोज तथा दिनामलार समूह के संपादक डॉ. आर. रामासुब्बू

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि दिनामलार के 75वें वर्ष का स्मारक डाक टिकट उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने चेन्नई में जारी किया, इसकी स्थापना 1951 में हुई, संस्थापक टी. वी. रामासुब्बईयर थे, और स्कूली विद्यार्थियों के लिए इसका प्रकाशन पट्टम कहलाता है।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयआसान

5 सितंबर 2026 को चेन्नई में जारी स्मारक डाक टिकट किस समाचार-पत्र के 75वें वर्ष पर था?

  1. A.दिनमणि
  2. B.दिनामलार
  3. C.दिनथंथी
  4. D.मलयाला मनोरमा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. दिनामलार

व्याख्या

सही उत्तर दिनामलार है। विज्ञप्ति दर्ज करती है कि उपराष्ट्रपति ने चेन्नई में दिनामलार के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में स्मारक डाक टिकट जारी किया, और कार्यक्रम भी इस समाचार-पत्र के प्रकाशन के 75वें वर्ष तथा टिकट जारी होने के अवसर पर आयोजित हुआ था। विकल्प A, विकल्प C और विकल्प D दक्षिण भारत के अन्य स्थापित समाचार-पत्रों के नाम हैं, और जिस विद्यार्थी को केवल यह याद रहता है कि किसी तमिल समाचार-पत्र को सम्मान मिला, वह इनमें से कोई भी चुन सकता है। इसी तरह भ्रम वाले विकल्प काम करते हैं। इसी विज्ञप्ति के दो और तथ्य इस जानकारी को मजबूत बनाते हैं। इस समाचार-पत्र की स्थापना 1951 में सच्चाई की कसौटी बनने के संकल्प के साथ हुई थी, और इसके संस्थापक टी. वी. रामासुब्बईयर थे, जिनके योगदान को उपराष्ट्रपति ने याद किया। उन्होंने इसकी 7 दशक लंबी यात्रा की सराहना भी की।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

दिनामलार की स्थापना किस वर्ष हुई थी?

  1. A.1947
  2. B.1951
  3. C.1956
  4. D.1962
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1951

व्याख्या

सही उत्तर 1951 है। उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में बताया कि दिनामलार की स्थापना इसी वर्ष सच्चाई की कसौटी बनने के संकल्प के साथ हुई थी, और उसी संबोधन में यह समाचार-पत्र अपने प्रकाशन के 75वें वर्ष में बताया गया है, जो स्थापना वर्ष से मेल खाता है। विकल्प A सबसे आकर्षक गलत उत्तर है, क्योंकि विद्यार्थी पुराने भारतीय समाचार-पत्रों की स्थापना को सहज ही स्वतंत्रता वर्ष से जोड़ लेते हैं। विकल्प C और विकल्प D पास के वर्ष हैं, जिन्हें यह जांचने के लिए रखा जाता है कि सही आंकड़ा याद है या नहीं। इस जानकारी को पक्का करने का अच्छा तरीका जोड़ी बनाकर याद रखना है, यानी स्थापना 1951 में और सम्मान 75वें वर्ष में, जिसमें उपराष्ट्रपति ने चेन्नई में स्मारक डाक टिकट जारी किया। संस्थापक का नाम टी. वी. रामासुब्बईयर भी याद रखें, क्योंकि प्रश्न वर्ष की जगह व्यक्ति पर भी बन सकता है।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

उपराष्ट्रपति ने दिनामलार के किस प्रकाशन की सराहना की, जो स्कूली विद्यार्थियों के लिए है?

  1. A.पट्टम
  2. B.बालमित्र
  3. C.विद्या
  4. D.चंदामामा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पट्टम

व्याख्या

सही उत्तर पट्टम है। विज्ञप्ति कहती है कि उपराष्ट्रपति ने अगली पीढ़ी को संवारने के महत्व पर जोर दिया और दिनामलार के पट्टम प्रकाशन के प्रयासों की सराहना की, जो स्कूली विद्यार्थियों तक सामान्य जागरूकता, भाषा कौशल और वैज्ञानिक नवाचारों की जानकारी पहुंचाता है। विकल्प B, विकल्प C और विकल्प D ऐसे नाम हैं जो बच्चों या विद्यार्थियों की पत्रिकाओं जैसे लगते हैं, और इनमें एक जाना-पहचाना बाल प्रकाशन भी है, इसलिए वे उस विद्यार्थी के लिए स्वाभाविक भ्रम बनते हैं जिसे केवल इतना याद है कि किसी विद्यार्थी प्रकाशन की सराहना हुई। संबोधन का बड़ा हिस्सा भी साथ दोहराने योग्य है, क्योंकि उपराष्ट्रपति ने कहा कि समाचार-पत्र पाठकों का भरोसा तभी बनाए रखता है जब वह दबावों के आगे न झुके और देशभक्ति तथा जनसेवा जैसे ऊंचे मूल्य निडर होकर निभाए, और दिनामलार ने 75 वर्षों के काम से ऐसा ही रिश्ता बनाया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिनामलार के लिए स्मारक डाक टिकट क्यों जारी हुआ?

इस समाचार-पत्र के प्रकाशन के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने 5 सितंबर 2026 को चेन्नई में आयोजित कार्यक्रम में यह टिकट जारी किया।

दिनामलार की स्थापना कब और किसने की?

इसकी स्थापना 1951 में सच्चाई की कसौटी बनने के संकल्प के साथ हुई थी। उपराष्ट्रपति ने इसके संस्थापक टी. वी. रामासुब्बईयर के योगदान को याद किया।

पट्टम क्या है?

यह दिनामलार का स्कूली विद्यार्थियों के लिए प्रकाशन है। इसमें सामान्य जागरूकता, भाषा कौशल और वैज्ञानिक नवाचारों की जानकारी रहती है, और उपराष्ट्रपति ने इस प्रयास की सराहना की।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLSSC CHSL