डीडीयू-जीकेवाई 2.0: न्यूनतम प्लेसमेंट अवधि अब छह महीने
डीडीयू-जीकेवाई 2.0 में न्यूनतम प्लेसमेंट अवधि तीन से बढ़ाकर छह महीने की गई है और यह योजना 31 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही है।

चर्चा में क्यों
24 सितंबर 2026 को ग्रामीण विकास मंत्रालय ने डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के ढांचे का ब्योरा दिया, क्योंकि दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना 25 सितंबर 2014 की शुरुआत से बारह वर्ष पूरे कर रही है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) के बारह वर्ष पूरे होने पर बताया है कि योजना अब कहां खड़ी है और उसका उन्नत ढांचा डीडीयू-जीकेवाई 2.0 क्या बदलता है। यह योजना 25 सितंबर 2014 को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत शुरू हुई थी और गरीब ग्रामीण परिवारों के 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को रोजगार से जुड़ा कौशल प्रशिक्षण देती है।
नया ढांचा क्या बदलता है
उन्नत दिशानिर्देश मई 2025 में अधिसूचित हुए। सबसे बड़ा बदलाव इस बात में है कि योजना किसे प्लेसमेंट मानती है। पहले प्रशिक्षण तभी गिना जाता था जब उम्मीदवार तीन महीने लगातार नौकरी में रहे; अब यह सीमा छह महीने है और वेतन वाला रोजगार, स्वरोजगार तथा गिग रोजगार सभी इसमें शामिल हैं, चाहे काम लगातार हो या न हो। इसके बाद उम्मीदवार पर बारह महीने तक नजर रखी जाती है।
उम्मीदवार को मिलने वाली सहायता
- नियुक्त उम्मीदवार को छह महीने तक 1,270 रुपये प्रति माह की दर से कुल 7,620 रुपये मिलते हैं।
- 365 दिन तक काम में बने रहने पर, अधिकतम 60 दिन के ब्रेक के साथ, 5,000 रुपये की प्रतिधारण सहायता दी जाती है।
- प्लेसमेंट के बारह महीने बाद कौशल उन्नयन और पुनर्कौशल के अवसर खुलते हैं।
- प्रवासन सहायता केंद्र के लिए वार्षिक राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये तक कर दी गई है।
पाठ्यक्रम का ढांचा
पाठ्यक्रम की न्यूनतम अवधि 576 घंटे बनी हुई है। तीन महीने के पाठ्यक्रम में 396 घंटे डोमेन प्रशिक्षण और 180 घंटे अनिवार्य गैर-डोमेन प्रशिक्षण होता है, जो अंग्रेजी संचार, रोजगारपरकता एवं जीवन कौशल, कंप्यूटर तथा डिजिटल साक्षरता और उद्यमिता में बंटा है।
योजना के आंकड़े
डीडीयू-जीकेवाई 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 749 अनुमोदित परियोजनाओं, 760 सक्रिय प्रशिक्षण केंद्रों तथा 455 से अधिक परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों के जरिए चल रही है। 2014-15 से अब तक इसने 800 से अधिक रोजगार भूमिकाओं के लिए 18.47 लाख से अधिक उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया और 12.43 लाख से अधिक को नौकरी दिलाई, जिनमें 9.71 लाख प्रशिक्षित महिलाएं शामिल हैं। केंद्रीय बजट 2026-27 में इसे 750 करोड़ रुपये मिले हैं। योजना के भीतर दो विशेष कार्यक्रम हैं: वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों के लिए रोशनी और जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख के लिए हिमायत।
महत्वपूर्ण तथ्य
| योजना | दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) |
|---|---|
| शुरुआत | 25 सितंबर 2014 |
| मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय |
| मूल मिशन | राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) |
| आयु वर्ग | 15 से 35 वर्ष, गरीब ग्रामीण परिवार |
| 2.0 दिशानिर्देश | मई 2025 में अधिसूचित |
| न्यूनतम प्लेसमेंट | छह महीने, पहले तीन महीने |
| पाठ्यक्रम अवधि | 576 घंटे (396 डोमेन, 180 गैर-डोमेन) |
| बजट 2026-27 | 750 करोड़ रुपये |
| पहुंच | 31 राज्य व केंद्र शासित प्रदेश, 749 परियोजनाएं, 760 केंद्र |
| प्रशिक्षण और प्लेसमेंट | 18.47 लाख प्रशिक्षित, 12.43 लाख नियुक्त |
| विशेष कार्यक्रम | रोशनी (एलडब्ल्यूई जिले) और हिमायत (जम्मू-कश्मीर, लद्दाख) |
परीक्षा की दृष्टि से
याद रखें: शुरुआत 25 सितंबर 2014, मूल मिशन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मंत्रालय ग्रामीण विकास, आयु वर्ग 15 से 35 वर्ष, 2.0 दिशानिर्देश मई 2025, न्यूनतम प्लेसमेंट छह महीने, पाठ्यक्रम 576 घंटे, बजट 2026-27 में 750 करोड़ रुपये तथा दो विशेष कार्यक्रम रोशनी और हिमायत।
अभ्यास प्रश्न
डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के तहत प्रशिक्षित उम्मीदवार के लिए न्यूनतम प्लेसमेंट अवधि कितनी है?
- A.तीन महीने
- B.छह महीने
- C.नौ महीने
- D.बारह महीने
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. छह महीने
व्याख्या
सही उत्तर छह महीने है। योजना के पुराने ढांचे में प्लेसमेंट तभी गिना जाता था जब प्रशिक्षित उम्मीदवार कम से कम तीन महीने लगातार नौकरी में रहे, इसलिए विकल्प A पुरानी व्यवस्था बताता है, मौजूदा नहीं। सरकार ने मई 2025 में जो उन्नत दिशानिर्देश अधिसूचित किए, उन्होंने यह सीमा दोगुनी कर दी, ताकि प्रशिक्षण की सफलता टिकाऊ रोजगार से आंकी जाए, न कि कुछ हफ्तों की नौकरी से। संशोधित नियमों में वेतन वाला रोजगार, स्वरोजगार और गिग रोजगार सभी शामिल हैं तथा काम लगातार हो या रुक-रुक कर, दोनों गिने जाते हैं। विकल्प C ऐसी अवधि है जिसका उल्लेख दिशानिर्देशों में कहीं नहीं है। विकल्प D वह अवधि है जिस तक नियुक्त उम्मीदवार पर नजर रखी जाती है और जिसके बाद कौशल उन्नयन तथा पुनर्कौशल के अवसर मिलते हैं, लेकिन यह निगरानी की अवधि है, न्यूनतम प्लेसमेंट अवधि नहीं, इसलिए यह उत्तर गलत है।
डीडीयू-जीकेवाई किस तिथि को और किस मिशन के तहत शुरू की गई थी?
- A.25 सितंबर 2014, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत
- B.25 सितंबर 2015, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत
- C.2 अक्टूबर 2014, मनरेगा के तहत
- D.15 अगस्त 2016, स्किल इंडिया मिशन के तहत
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 25 सितंबर 2014, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत
व्याख्या
सही उत्तर 25 सितंबर 2014, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इसी तिथि को यह योजना शुरू की थी, ताकि गरीब ग्रामीण परिवारों के 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को रोजगार से जुड़ा कौशल प्रशिक्षण मिल सके, और इस वर्ष योजना अपनी बारहवीं वर्षगांठ मना रही है। विकल्प B शुरुआत को एक वर्ष आगे खिसका देता है और योजना को एक अलग कौशल कार्यक्रम से जोड़ता है, जिसे मंत्रालय इसका मूल मिशन नहीं बताता। विकल्प C में दी गई तिथि स्वच्छता और ग्रामीण रोजगार से जुड़े कार्यक्रमों की याद दिलाती है, जबकि मनरेगा मजदूरी रोजगार का कानून है, ग्रामीण कौशल का मिशन नहीं। विकल्प D में न तिथि सही है और न मूल मिशन। याद रखने वाली जोड़ी है: डीडीयू-जीकेवाई और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, जिसे डीएवाई-एनआरएलएम भी लिखा जाता है।
डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के तहत नियुक्त उम्मीदवार को कितनी वित्तीय सहायता दी जाती है?
- A.नौकरी मिलने पर एकमुश्त 10,000 रुपये
- B.छह महीने तक 1,270 रुपये प्रति माह, कुल 7,620 रुपये
- C.छह महीने तक 2,500 रुपये प्रति माह, कुल 15,000 रुपये
- D.प्लेसमेंट के बाद कोई सहायता नहीं मिलती
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. छह महीने तक 1,270 रुपये प्रति माह, कुल 7,620 रुपये
व्याख्या
सही उत्तर छह महीने तक 1,270 रुपये प्रति माह, कुल 7,620 रुपये है। यह राशि जानबूझकर हर महीने दी जाती है और वह भी उन्हीं छह महीनों में, जो अब न्यूनतम प्लेसमेंट अवधि है, ताकि पैसा उम्मीदवार को नए शहर और नई नौकरी में टिके रहने में मदद करे, न कि एक बार में मिलकर खत्म हो जाए। विकल्प A इसलिए गलत है कि सहायता नौकरी मिलते ही एकमुश्त नहीं दी जाती। विकल्प C में कुल राशि और मासिक दर दोनों गढ़ी हुई हैं। विकल्प D इसलिए गलत है कि प्लेसमेंट के बाद की सहायता उन्नत ढांचे की प्रमुख विशेषता है: मासिक सहायता के अलावा 365 दिन तक काम में बने रहने वाले उम्मीदवार को, अधिकतम 60 दिन के ब्रेक के साथ, 5,000 रुपये की प्रतिधारण सहायता मिलती है और बारह महीने बाद कौशल उन्नयन के अवसर भी मिलते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
डीडीयू-जीकेवाई कब और किस मिशन के तहत शुरू हुई थी?
यह योजना 25 सितंबर 2014 को ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत शुरू की थी, जो गरीब परिवारों के 15 से 35 वर्ष के ग्रामीण युवाओं के लिए है।
डीडीयू-जीकेवाई 2.0 में न्यूनतम प्लेसमेंट अवधि कितनी है?
छह महीने। पहले तीन महीने लगातार काम करने पर प्लेसमेंट माना जाता था, लेकिन मई 2025 में अधिसूचित दिशानिर्देशों ने यह सीमा दोगुनी कर दी और गिग तथा स्वरोजगार को भी शामिल किया।
नियुक्त उम्मीदवार को कितनी वित्तीय सहायता मिलती है?
छह महीने तक 1,270 रुपये प्रति माह की दर से कुल 7,620 रुपये, और 365 दिन तक काम में बने रहने पर 5,000 रुपये की प्रतिधारण सहायता।
स्रोत
- दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना 2.0 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
- दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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