डीआरडीओ का टीडीएफ के तहत पहला बड़ा डीप टेक समझौता
डीआरडीओ ने टीडीएफ योजना के तहत स्टार्ट-अप जीरो एमके इंडिया के साथ क्वांटम कार्यों हेतु 20 मिलीकेल्विन डाइल्यूशन रेफ्रिजरेटर बनाने का समझौता किया।

चर्चा में क्यों
24 सितंबर 2026 को डीआरडीओ ने टीडीएफ योजना के तहत स्टार्ट-अप जीरो एमके इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ क्वांटम कार्यों के लिए 20 मिलीकेल्विन डाइल्यूशन रेफ्रिजरेटर के स्वदेशी विकास हेतु अपना पहला उच्च मूल्य वाला गहन प्रौद्योगिकी समझौता किया।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने प्रौद्योगिकी विकास निधि (टीडीएफ) योजना के अंतर्गत किसी स्टार्ट-अप के साथ अपना पहला उच्च मूल्य वाला गहन प्रौद्योगिकी समझौता किया है। इसका मकसद क्वांटम कार्यों में काम आने वाले 20 मिलीकेल्विन क्षमता के डाइल्यूशन रेफ्रिजरेटर को देश में ही तैयार करना है।
समझौता किसके साथ
नई दिल्ली में टीडीएफ के निदेशक और राजस्थान के अलवर स्थित कंपनी जीरो एमके इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने गहन प्रौद्योगिकी तथा अत्याधुनिक परियोजनाओं के लिए जो 500 करोड़ रुपये का कोष मंजूर किया था, उससे वित्त पोषित होने वाला यह पहला बड़ा करार है। परियोजना की निगरानी और मार्गदर्शन सॉलिड स्टेट फिजिक्स लेबोरेटरी (एसएसपीएल) के निदेशक तथा उनकी टीम कर रही है।
यह मशीन क्यों अहम है
डाइल्यूशन रेफ्रिजरेटर एक विशेष क्रायोजेनिक प्रणाली है, जो तापमान को मिलीकेल्विन स्तर तक गिरा देती है। यह ठंडक खुले अंतरिक्ष से भी अधिक होती है। क्वांटम कंप्यूटिंग के मंच और उनसे जुड़े उपकरण ऐसे ही अत्यंत कम तापमान में चलाए और परखे जाते हैं, इसलिए हर क्वांटम प्रयोगशाला में यह मशीन केंद्र में रहती है। भारत अब तक इस श्रेणी के उपकरण विदेश से मंगाता रहा है, जो महंगे भी हैं और जिनकी आपूर्ति में समय भी लगता है।
राष्ट्रीय क्वांटम मिशन से जुड़ाव
स्वदेशी निर्माण राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के लक्ष्यों के अनुरूप है। इससे क्वांटम प्रौद्योगिकी, उन्नत क्रायोजेनिक्स और रणनीतिक तकनीकों में भारत की पकड़ मजबूत होगी, आयातित क्रायोजेनिक ढांचे पर निर्भरता घटेगी तथा आत्मनिर्भर एवं क्वांटम के लिए तैयार पारिस्थितिकी तंत्र खड़ा होगा, जिसमें देश के आपूर्तिकर्ता और शोधकर्ता दोनों शामिल होंगे।
किसने क्या कहा
रक्षा मंत्री ने डीआरडीओ, उद्योग जगत और परियोजना से जुड़े सभी पक्षों की सराहना की तथा भरोसा जताया कि यह साझेदारी उभरती तकनीकों में आगे के सहयोग की मिसाल बनेगी। रक्षा सचिव एवं डीआरडीओ अध्यक्ष श्री राजेश कुमार सिंह ने टीमों को बधाई देकर लक्ष्य पाने की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर महानिदेशक (एमसीसी), महानिदेशक (प्रौद्योगिकी प्रबंधन) और एसएसपीएल के निदेशक सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।
महत्वपूर्ण तथ्य
| संगठन | रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) |
|---|---|
| योजना | प्रौद्योगिकी विकास निधि (टीडीएफ) |
| साझेदार स्टार्ट-अप | जीरो एमके इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, अलवर, राजस्थान |
| उत्पाद | क्वांटम कार्यों के लिए 20 मिलीकेल्विन डाइल्यूशन रेफ्रिजरेटर |
| कोष | गहन प्रौद्योगिकी परियोजनाओं के लिए 500 करोड़ रुपये |
| कोष को मंजूरी | रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह |
| मार्गदर्शक प्रयोगशाला | सॉलिड स्टेट फिजिक्स लेबोरेटरी (एसएसपीएल) |
| संबंधित मिशन | राष्ट्रीय क्वांटम मिशन |
| स्थान एवं तिथि | नई दिल्ली, 24 सितंबर 2026 |
परीक्षा की दृष्टि से
याद रखें: संगठन (डीआरडीओ), योजना (प्रौद्योगिकी विकास निधि), स्टार्ट-अप और उसका शहर (जीरो एमके इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, अलवर, राजस्थान), उत्पाद (20 मिलीकेल्विन डाइल्यूशन रेफ्रिजरेटर), कोष (500 करोड़ रुपये, रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह द्वारा स्वीकृत), मार्गदर्शक प्रयोगशाला (एसएसपीएल) और संबंधित मिशन (राष्ट्रीय क्वांटम मिशन)।
अभ्यास प्रश्न
डीआरडीओ ने 20 मिलीकेल्विन डाइल्यूशन रेफ्रिजरेटर के लिए स्टार्ट-अप के साथ पहला उच्च मूल्य वाला समझौता किस योजना के तहत किया?
- A.प्रौद्योगिकी विकास निधि
- B.आईडेक्स
- C.मेक-2 प्रक्रिया
- D.रक्षा परीक्षण अवसंरचना योजना
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. प्रौद्योगिकी विकास निधि
व्याख्या
सही उत्तर प्रौद्योगिकी विकास निधि है। डीआरडीओ ने स्वदेशी 20 मिलीकेल्विन डाइल्यूशन रेफ्रिजरेटर के लिए स्टार्ट-अप जीरो एमके इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ इसी योजना यानी टीडीएफ के अंतर्गत करार किया है, और यह इस योजना का पहला उच्च मूल्य वाला गहन प्रौद्योगिकी समझौता है। इसका पैसा उस 500 करोड़ रुपये के कोष से आता है जिसे रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने गहन प्रौद्योगिकी तथा अत्याधुनिक परियोजनाओं के लिए मंजूर किया था। विकल्प बी गलत है, क्योंकि आईडेक्स नवाचारियों को चुनौतियों और प्रोटोटाइप अनुदान के जरिये सहयोग देने वाला अलग मंच है और इस करार में उसका नाम नहीं है। विकल्प सी गलत है, क्योंकि मेक-2 पूंजीगत खरीद की श्रेणी है जिसमें उद्योग अपने खर्च पर प्रोटोटाइप बनाता है। विकल्प डी गलत है, क्योंकि रक्षा परीक्षण अवसंरचना योजना साझा परीक्षण सुविधाओं के लिए है, किसी उत्पाद विकास करार के लिए नहीं।
डीआरडीओ के साथ डाइल्यूशन रेफ्रिजरेटर विकसित करने वाला स्टार्ट-अप जीरो एमके इंडिया किस राज्य में स्थित है?
- A.गुजरात
- B.राजस्थान
- C.तेलंगाना
- D.केरल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राजस्थान
व्याख्या
सही उत्तर राजस्थान है। विज्ञप्ति के अनुसार जीरो एमके इंडिया प्राइवेट लिमिटेड राजस्थान के अलवर में है, जबकि समझौते पर हस्ताक्षर नई दिल्ली में टीडीएफ के निदेशक और कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच हुए। बाकी तीनों राज्य इसलिए भ्रम पैदा करते हैं कि वहां इलेक्ट्रॉनिकी, अंतरिक्ष या रक्षा से जुड़े बड़े केंद्र हैं, किंतु इस करार से उनका कोई संबंध नहीं है। विकल्प ए में दिया गुजरात विज्ञप्ति में कहीं नहीं आता। विकल्प सी में दिया तेलंगाना रक्षा और विमानन इकाइयों के लिए जाना जाता है, फिर भी यह स्टार्ट-अप वहां का नहीं है। विकल्प डी में दिया केरल भी इस घोषणा का हिस्सा नहीं है। परीक्षा के लिहाज से स्टार्ट-अप का शहर अलवर, उत्पाद 20 मिलीकेल्विन डाइल्यूशन रेफ्रिजरेटर और मार्गदर्शक प्रयोगशाला एसएसपीएल याद रखें।
20 मिलीकेल्विन डाइल्यूशन रेफ्रिजरेटर का स्वदेशी विकास किस राष्ट्रीय मिशन के अनुरूप है?
- A.राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन
- B.राष्ट्रीय क्वांटम मिशन
- C.राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन
- D.गहन महासागर मिशन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राष्ट्रीय क्वांटम मिशन
व्याख्या
सही उत्तर राष्ट्रीय क्वांटम मिशन है। 20 मिलीकेल्विन श्रेणी का डाइल्यूशन रेफ्रिजरेटर वह अत्यंत ठंडा वातावरण बनाता है जिसमें क्वांटम कंप्यूटिंग के मंच तथा उनसे जुड़ी तकनीकें चलाई और परखी जाती हैं, इसलिए इसका देश में बनना सीधे क्वांटम मिशन को बल देता है और क्वांटम प्रौद्योगिकी, उन्नत क्रायोजेनिक्स एवं रणनीतिक तकनीकों में भारत की क्षमता बढ़ाता है। इससे आयातित क्रायोजेनिक ढांचे पर निर्भरता भी घटती है। विकल्प ए गलत है, क्योंकि सुपरकंप्यूटिंग मिशन पारंपरिक उच्च निष्पादन कंप्यूटर बनाता है जिन्हें इतनी ठंडक नहीं चाहिए। विकल्प सी गलत है, क्योंकि हरित हाइड्रोजन मिशन इलेक्ट्रोलाइजर और हाइड्रोजन उत्पादन से जुड़ा है। विकल्प डी गलत है, क्योंकि महासागर मिशन गहरे समुद्र की खोज और मानवयुक्त पनडुब्बी से संबंधित है। इस प्रकार यह करार कंप्यूटिंग, ऊर्जा या समुद्री क्षेत्र का नहीं, बल्कि क्वांटम पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने वाला कदम है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
डाइल्यूशन रेफ्रिजरेटर किस काम आता है?
यह एक क्रायोजेनिक प्रणाली है जो तापमान को मिलीकेल्विन स्तर तक ले जाती है। इतने कम तापमान पर ही क्वांटम कंप्यूटिंग के मंच और उनसे जुड़ी तकनीकें चलाई तथा परखी जाती हैं। डीआरडीओ की परियोजना 20 मिलीकेल्विन श्रेणी की मशीन देश में बनाने की है।
यह समझौता किस योजना के तहत और किसके साथ हुआ?
प्रौद्योगिकी विकास निधि योजना के तहत, राजस्थान के अलवर की कंपनी जीरो एमके इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह द्वारा मंजूर 500 करोड़ रुपये के कोष से यह पहला उच्च मूल्य वाला करार है।
परियोजना का मार्गदर्शन कौन कर रहा है?
सॉलिड स्टेट फिजिक्स लेबोरेटरी के निदेशक और उनकी टीम इसकी निगरानी तथा सहयोग कर रहे हैं। यह स्वदेशी मशीन राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के अनुरूप है और आयात पर निर्भरता घटाएगी।
स्रोत
करेंट अफेयर्स 24 सितंबर 2026
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