डीडीयू-जीकेवाई 2.0: 70,000 ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण
ग्रामीण विकास मंत्रालय अक्टूबर 2026 से 24 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में 2,015 बैचों के जरिये लगभग 70,000 ग्रामीण युवाओं का प्रशिक्षण शुरू करेगा।

चर्चा में क्यों
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 25 सितंबर 2026 को बताया कि डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के तहत अक्टूबर 2026 से 24 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में 2,015 बैचों में लगभग 70,000 ग्रामीण युवाओं का कौशल प्रशिक्षण शुरू होगा।
ग्रामीण विकास मंत्रालय दीनदयाल उपाध्याय-ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) 2.0 के तहत प्रशिक्षण बैचों की पहली बड़ी खेप शुरू करने जा रहा है। अधिकतर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कक्षाएं अक्टूबर 2026 से आरंभ होने की उम्मीद है, और मंत्रालय ने राज्यों से समय-सारिणी का पालन करने को कहा है।
आंकड़ों में यह शुरुआत
अक्टूबर 2026 में लगभग 70,000 ग्रामीण युवाओं के प्रशिक्षण शुरू करने की संभावना है, जो 24 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में फैले 2,015 बैचों में बंटे होंगे। इन्हीं 24 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों ने 1,200 से अधिक परियोजनाओं के लिए परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों यानी पीआईए को 5.6 लाख के लक्ष्य पहले ही सौंप दिए हैं, और मंत्रालय के अनुसार शेष राज्य भी अपना आवंटन पूरा करने के करीब हैं। ये आंकड़े योजना के पोर्टल kaushal.rural.gov.in से लिए गए हैं।
योजना है क्या
डीडीयू-जीकेवाई एक केंद्र प्रायोजित योजना है, यानी इसका खर्च केंद्र वहन करता है और राज्य इसमें हिस्सेदारी के साथ इसे जमीन पर उतारते हैं। इसका मकसद गरीब ग्रामीण युवाओं को रोजगार से जुड़ा कौशल प्रशिक्षण देना है, और इसके तहत कोई पाठ्यक्रम 3 महीने से लेकर 12 महीने तक चल सकता है। प्रशिक्षण सार्वजनिक-निजी भागीदारी के ढांचे में दिया जाता है और पाठ्यक्रमों को राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के अनुरूप होना जरूरी है, ताकि प्रशिक्षु को मिलने वाले प्रमाणपत्र की नौकरी बाजार में मान्यता बनी रहे।
दो साल के चक्र के लक्ष्य
2026-28 की दो वर्ष की अवधि के लिए सभी 31 भागीदार राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को कुल मिलाकर 9 लाख से अधिक के लक्ष्य दिए गए हैं। राज्यों को ग्रामीण युवाओं को योजना से जोड़ना है और प्रशिक्षण उन्हीं कामों में देना है जिनकी वास्तव में मांग है, ताकि प्रशिक्षु पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद टिकाऊ रोजगार तक पहुंचे।
राज्यों के लिए समय-सीमा
मंत्रालय ने राज्यों से कार्यान्वयन एजेंसियों को लक्ष्य देने की रफ्तार बढ़ाने को कहा है और 31 अक्टूबर 2026 को वह अंतिम सीमा तय किया है जब तक यह आवंटन पूरा हो जाना चाहिए, तभी प्रशिक्षण शुरू हो सकेगा। इस प्रक्रिया को गति देने के लिए राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के साथ चरणबद्ध समीक्षा बैठकें चल रही हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| योजना | दीनदयाल उपाध्याय-ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) 2.0 |
|---|---|
| मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय |
| योजना का प्रकार | केंद्र प्रायोजित योजना |
| प्रशिक्षण की शुरुआत | अक्टूबर 2026 |
| पहले चरण के प्रशिक्षु | लगभग 70,000 ग्रामीण युवा |
| बैच | 2,015 |
| बैच शुरू करने वाले राज्य व केंद्र शासित प्रदेश | 24 |
| पीआईए को दिए जा चुके लक्ष्य | 1,200 से अधिक परियोजनाओं के लिए 5.6 लाख |
| 2026-28 के लक्ष्य | सभी 31 भागीदार राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को 9 लाख से अधिक |
| पीआईए को लक्ष्य देने की अंतिम तिथि | 31 अक्टूबर 2026 |
| पाठ्यक्रम की अवधि | 3 महीने से 12 महीने |
| कार्यान्वयन का तरीका | पीपीपी ढांचे में, एनएसक्यूएफ के अनुरूप पाठ्यक्रम |
परीक्षा की दृष्टि से
ये आंकड़े याद रखें: अक्टूबर 2026 से 24 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में 2,015 बैचों में 70,000 ग्रामीण युवा; 1,200 से अधिक परियोजनाओं के लिए पीआईए को पहले ही दिए गए 5.6 लाख लक्ष्य; 2026-28 के लिए सभी 31 भागीदार राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को 9 लाख से अधिक लक्ष्य; और आवंटन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026। साथ में यह भी कि डीडीयू-जीकेवाई ग्रामीण विकास मंत्रालय की केंद्र प्रायोजित योजना है, पाठ्यक्रम 3 से 12 महीने के होते हैं और वे एनएसक्यूएफ के अनुरूप तथा पीपीपी ढांचे में चलते हैं।
अभ्यास प्रश्न
डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के तहत अक्टूबर 2026 में लगभग कितने ग्रामीण युवा कौशल प्रशिक्षण शुरू करेंगे?
- A.लगभग 45,000
- B.लगभग 70,000
- C.लगभग 1.2 लाख
- D.लगभग 5.6 लाख
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लगभग 70,000
व्याख्या
सही उत्तर लगभग 70,000 है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार इतने ही ग्रामीण युवा, जो 24 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में फैले 2,015 बैचों में बंटे होंगे, शुरुआती महीने में अपना प्रशिक्षण आरंभ करेंगे। विकल्प A केवल एक छोटी संख्या है, जिसका आधार मंत्रालय की घोषणा में कहीं नहीं है। विकल्प D दो अलग-अलग आंकड़ों को गड्डमड्ड करता है, क्योंकि वह बड़ा आंकड़ा उन लक्ष्यों का है जो 24 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों ने 1,200 से अधिक परियोजनाओं के लिए परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों को पहले ही सौंप दिए हैं; वह आवंटन का लक्ष्य है, पहले महीने में कक्षा में पहुंचने वाले प्रशिक्षुओं की संख्या नहीं। विकल्प C का भी मंत्रालय के वक्तव्य में कोई आधार नहीं है। कागज पर सौंपे गए लक्ष्य और वास्तव में शुरू होने वाले बैच का यही अंतर परीक्षाओं में पूछा जाता है, इसलिए प्रशिक्षुओं की संख्या, बैचों की गिनती और राज्यों की संख्या को एक साथ याद रखें।
दीनदयाल उपाध्याय-ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) किस मंत्रालय द्वारा लागू की जाती है?
- A.कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
- B.श्रम एवं रोजगार मंत्रालय
- C.ग्रामीण विकास मंत्रालय
- D.शिक्षा मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ग्रामीण विकास मंत्रालय
व्याख्या
सही उत्तर ग्रामीण विकास मंत्रालय है। डीडीयू-जीकेवाई 2.0 की शुरुआत से जुड़ी घोषणा इसी मंत्रालय की ओर से आई, और यही मंत्रालय राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों पर कार्यान्वयन एजेंसियों को लक्ष्य सौंपने का दबाव बना रहा है तथा उनके साथ चरणबद्ध समीक्षा बैठकें भी कर रहा है। डीडीयू-जीकेवाई एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जो गरीब ग्रामीण युवाओं को रोजगार से जुड़ा कौशल प्रशिक्षण देती है, और इसका ग्रामीण केंद्रबिंदु ही वह कारण है जिससे यह ग्रामीण विकास मंत्रालय के पास रहती है। विकल्प A भ्रम पैदा करने वाला है, क्योंकि कौशल देना उस मंत्रालय का व्यापक दायित्व जरूर है, पर यह विशेष योजना उसके अधीन नहीं आती। विकल्प B गलत है, क्योंकि श्रम कल्याण और रोजगार नीति उस मंत्रालय के जिम्मे है, इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि स्कूली और उच्च शिक्षा इस तरह की व्यावसायिक योजना के दायरे से बाहर हैं। यह भी याद रखें कि पाठ्यक्रम 3 महीने से 12 महीने तक के होते हैं और उन्हें एनएसक्यूएफ के अनुरूप होना चाहिए।
डीडीयू-जीकेवाई 2.0 का प्रशिक्षण शुरू कराने के लिए राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों को लक्ष्य किस तिथि तक सौंप देने हैं?
- A.30 सितंबर 2026
- B.31 अक्टूबर 2026
- C.31 दिसंबर 2026
- D.31 मार्च 2027
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 31 अक्टूबर 2026
व्याख्या
सही उत्तर 31 अक्टूबर 2026 है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने यही दिन वह अंतिम सीमा तय की है जब तक राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को अपनी परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों को लक्ष्य सौंपने का काम पूरा कर लेना है, तभी बैच वास्तव में शुरू हो सकेंगे। विकल्प A गलत है, क्योंकि वह तिथि उस महीने से भी पहले आती है जिसमें प्रशिक्षण स्वयं शुरू होना है, और तब उन आवंटनों के लिए समय ही नहीं बचेगा जिनके पीछे मंत्रालय अब भी लगा हुआ है। विकल्प C और D गलत हैं, क्योंकि दोनों समय-सीमा को प्रशिक्षण की शुरुआत से काफी आगे खिसका देते हैं और इससे मंत्रालय की तेजी लाने की पूरी कोशिश ही बेकार हो जाएगी; मंत्रालय ने इसे राज्यों की कार्रवाई का महत्वपूर्ण चरण बताया है और ढिलाई रोकने के लिए ही चरणबद्ध समीक्षा बैठकें कर रहा है। परीक्षा के लिए इस तिथि को कहानी की दो अन्य तिथियों से जोड़ें, यानी बैच शुरू होने का महीना और 2026-28 का वह दो वर्षीय चक्र जिसके लिए सभी 31 भागीदार राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को 9 लाख से अधिक लक्ष्य दिए गए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अक्टूबर 2026 में डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के तहत कितने ग्रामीण युवा प्रशिक्षण शुरू करेंगे?
लगभग 70,000 ग्रामीण युवा, जो 24 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में फैले 2,015 बैचों में बंटे होंगे। यह शुरुआत ग्रामीण विकास मंत्रालय करा रहा है।
डीडीयू-जीकेवाई क्या है और इसे कौन सा मंत्रालय चलाता है?
दीनदयाल उपाध्याय-ग्रामीण कौशल्य योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय की केंद्र प्रायोजित योजना है, जो गरीब ग्रामीण युवाओं को 3 से 12 महीने के पाठ्यक्रमों में रोजगार से जुड़ा कौशल प्रशिक्षण देती है।
डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के तहत 2026-28 के लिए क्या लक्ष्य रखा गया है?
सभी 31 भागीदार राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को मिलाकर 9 लाख से अधिक के लक्ष्य तय हुए हैं, और राज्यों को 31 अक्टूबर 2026 तक कार्यान्वयन एजेंसियों को लक्ष्य सौंप देने हैं।
स्रोत
करेंट अफेयर्स 25 सितंबर 2026
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