पीबी शब्द: प्रसार भारती की निःशुल्क समाचार फीड सेवा
प्रसार भारती की निःशुल्क समाचार फीड सेवा पीबी शब्द 13 मार्च 2024 को शुरू हुई थी और अब 3,600 मीडिया संगठनों तक पहुंच चुकी है, जो मार्च 2027 तक मुफ्त रहेगी।

चर्चा में क्यों
24 सितंबर 2026 को जारी विवरण में प्रसार भारती की निःशुल्क समाचार फीड सेवा पीबी शब्द का ब्योरा दिया गया, जो 13 मार्च 2024 को शुरू हुई थी और अब 3,600 मीडिया संगठनों को सेवा देती है।
पीबी शब्द भारत के सार्वजनिक सेवा प्रसारक प्रसार भारती की निःशुल्क समाचार फीड सेवा है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इसे 13 मार्च 2024 को नई दिल्ली में शुरू किया था और 24 सितंबर 2026 को जारी विवरण बताता है कि यह मंच अब तक कितना आगे बढ़ चुका है। इसका पूरा नाम प्रसार भारती - शेयर्ड ऑडियो-विजुअल्स फॉर ब्रॉडकास्ट एंड डिसेमिनेशन है और यह हिंदी के 'शब्द' पर भी आधारित है।
आंतरिक वायर से खुले मंच तक
आज का यह खुला मंच पहले प्रसार भारती न्यूज सर्विस था, जो केवल प्रसारक की अपनी संपादकीय टीमों के लिए था और जिसकी सामग्री आकाशवाणी तथा दूरदर्शन के बुलेटिनों में काम आती थी। वर्ष 2024 में इसे बाहरी न्यूजरूम के लिए खोल दिया गया। प्रसार भारती संसद के कानून से बना स्वायत्त निकाय है: कानून 1990 में पारित हुआ और निगम 23 नवंबर 1997 को अस्तित्व में आया, जो अपने दो घटकों आकाशवाणी और दूरदर्शन के जरिए काम करता है।
पंजीकृत उपयोगकर्ता को क्या मिलता है
- पांच प्रारूपों में सामग्री: टेक्स्ट, वीडियो, ऑडियो, फोटोग्राफ और इन्फोग्राफिक्स।
- 15 भारतीय भाषाओं में और लगभग 50 समाचार श्रेणियों के तहत समाचार।
- कोई सदस्यता शुल्क नहीं। निःशुल्क पहुंच पहले मार्च 2026 तक बढ़ाई गई और अब मार्च 2027 तक है।
- सामग्री पर न प्रसार भारती का लोगो होता है, न क्रेडिट लाइन जरूरी है, इसलिए कोई जिला स्तर का अखबार राष्ट्रीय खबर अपने नाम से छाप सकता है।
अखबार और पत्रिकाएं वैध आरएनआई प्रमाण-पत्र के साथ, टेलीविजन तथा रेडियो चैनल अपलिंक-डाउनलिंक प्रमाण-पत्र के साथ और डिजिटल प्रकाशक पैन की प्रति देकर पंजीकरण कराते हैं। दो वर्षों में उपयोगकर्ता आधार 3,600 मीडिया संगठनों तक पहुंच गया है।
फीड के पीछे का नेटवर्क
1,500 से अधिक रिपोर्टर, संवाददाता और स्ट्रिंगर इस मंच को समाचार देते हैं तथा 60 समर्पित डेस्क चौबीसों घंटे उन पर काम करती हैं। आकाशवाणी समाचार की 46 क्षेत्रीय इकाइयां और एक मुख्यालय 92 भाषाओं व बोलियों में रोज 607 बुलेटिन देते हैं, जबकि दूरदर्शन समाचार की 31 क्षेत्रीय इकाइयां और मुख्यालय 145 से अधिक बुलेटिन प्रसारित करते हैं। हर समाचार पर समय, स्थान और कैप्शन दर्ज होता है तथा सेवा फर्जी या हेरफेर की गई सामग्री के विरुद्ध कड़े उपाय अपनाती है। आगे पीबी शब्द 2.0 की योजना है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| सेवा | पीबी शब्द, प्रसार भारती की निःशुल्क समाचार फीड |
|---|---|
| पूरा नाम | प्रसार भारती - शेयर्ड ऑडियो-विजुअल्स फॉर ब्रॉडकास्ट एंड डिसेमिनेशन |
| शुरुआत | 13 मार्च 2024, नई दिल्ली, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय |
| निःशुल्क | मार्च 2027 तक |
| उपयोगकर्ता | 3,600 मीडिया संगठन |
| प्रारूप व भाषाएं | पांच प्रारूप, 15 भारतीय भाषाएं, लगभग 50 श्रेणियां |
| प्रसार भारती कानून | 1990; निगम 23 नवंबर 1997 को अस्तित्व में आया |
| घटक | आकाशवाणी और दूरदर्शन |
| नेटवर्क | 1,500 से अधिक रिपोर्टर और 60 संपादकीय डेस्क |
परीक्षा की दृष्टि से
याद रखें: पूरा नाम शेयर्ड ऑडियो-विजुअल्स फॉर ब्रॉडकास्ट एंड डिसेमिनेशन, शुरुआत 13 मार्च 2024, मूल संस्था प्रसार भारती और मंत्रालय सूचना एवं प्रसारण, मार्च 2027 तक निःशुल्क, 3,600 उपयोगकर्ता संगठन, 15 भाषाएं व पांच प्रारूप, तथा प्रसार भारती कानून 1990 और निगम की स्थापना 23 नवंबर 1997।
अभ्यास प्रश्न
चर्चा में रही निःशुल्क समाचार फीड सेवा पीबी शब्द किस संस्था की है?
- A.प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया
- B.प्रसार भारती
- C.पत्र सूचना कार्यालय
- D.भारतीय जनसंचार संस्थान
उत्तर देखें
पीबी शब्द उसी की निःशुल्क समाचार फीड सेवा है और सेवा का नाम ही उसकी मूल संस्था बता देता है, क्योंकि इसका विस्तृत रूप प्रसार भारती - शेयर्ड ऑडियो-विजुअल्स फॉर ब्रॉडकास्ट एंड डिसेमिनेशन है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पीबी शब्द तक निःशुल्क पहुंच किस तिथि तक सुनिश्चित की गई है?
- A.मार्च 2025
- B.मार्च 2026
- C.मार्च 2027
- D.मार्च 2030
उत्तर देखें
निःशुल्क पहुंच एक बार में नहीं, बल्कि चरणों में बढ़ाई गई है और यही बात इसे परीक्षा का पसंदीदा प्रश्न बनाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पीबी शब्द के बारे में कौन सा कथन सही है?
- A.इसकी सामग्री पर प्रसार भारती का लोगो और क्रेडिट लाइन अनिवार्य है
- B.इसकी सामग्री पर न लोगो होता है, न क्रेडिट लाइन जरूरी है
- C.यह केवल हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध है
- D.यह केवल टेलीविजन चैनलों के लिए खुली है
उत्तर देखें
यही विशेषता इस मंच को पारंपरिक समाचार एजेंसी से अलग करती है, क्योंकि कोई छोटा अखबार राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय खबर को प्रसारक का नाम दिए बिना अपने ही मास्टहेड के तहत छाप सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पीबी शब्द का पूरा नाम क्या है?
प्रसार भारती - शेयर्ड ऑडियो-विजुअल्स फॉर ब्रॉडकास्ट एंड डिसेमिनेशन। यह प्रसार भारती की निःशुल्क समाचार फीड सेवा है, जो 13 मार्च 2024 को नई दिल्ली में शुरू हुई थी।
क्या पीबी शब्द की सामग्री निःशुल्क है और कब तक?
हां। पंजीकृत उपयोगकर्ताओं से कोई सदस्यता शुल्क नहीं लिया जाता और निःशुल्क पहुंच पहले मार्च 2026 तक बढ़ाई गई थी, जिसे अब मार्च 2027 तक कर दिया गया है।
प्रसार भारती कब अस्तित्व में आया?
23 नवंबर 1997 को, प्रसार भारती कानून, 1990 के तहत। यह स्वायत्त सार्वजनिक सेवा प्रसारक है, जो आकाशवाणी और दूरदर्शन के माध्यम से काम करता है।
स्रोत
- पीबी शब्द (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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