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पीएम विश्वकर्मा के तीन वर्ष, 30 लाख कारीगर पंजीकृत

पीएम विश्वकर्मा योजना ने तीन वर्ष पूरे किए और इसके तहत 30 लाख कारीगर पंजीकृत हो चुके हैं, तीसरी वर्षगांठ 17 सितंबर को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में मनाई जाएगी।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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पीएम विश्वकर्मा के तीन वर्ष, 30 लाख कारीगर पंजीकृत — GK24 title card

चर्चा में क्यों

16 सितंबर 2026 को एमएसएमई मंत्रालय ने बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना ने तीन वर्ष पूरे कर लिए हैं और 30 लाख कारीगर पंजीकृत हो चुके हैं, वर्षगांठ 17 सितंबर 2026 को कोलकाता में मनाई जाएगी।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय ने 16 सितंबर 2026 को एक बड़ी उपलब्धि साझा की। पीएम विश्वकर्मा योजना ने तीन वर्ष पूरे कर लिए हैं। प्रधानमंत्री ने इसे 17 सितंबर 2023 को शुरू किया था। यह योजना 18 चिन्हित व्यवसायों में लगे पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सहायता देती है।

पंजीकरण लक्ष्य पूरा

योजना के तहत 30 लाख लाभार्थी पंजीकृत हो चुके हैं। हर लाभार्थी ने तीन चरणों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी की। इसका अर्थ है कि योजना का पंजीकरण लक्ष्य हासिल हो गया है। लगभग 24.50 लाख विश्वकर्माओं को बुनियादी कौशल प्रशिक्षण भी मिला है। यह प्रशिक्षण कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय देता है।

ऋण और उपकरण

ऋण घटक का लाभ 6.18 लाख विश्वकर्माओं तक पहुंचा है। उन्हें एक लाख रुपये तक का ऋण मिला। ब्याज दर रियायती 5 प्रतिशत प्रति वर्ष है। कुल ऋण सहायता 5,297 करोड़ रुपये है। इसके अलावा 18.15 लाख आधुनिक टूलकिट वितरित किए गए हैं। इन्हें इंडिया पोस्ट ने कारीगरों के घर तक पहुंचाया।

योजना क्या देती है

योजना की सहायता एक पूरा पैकेज है, कोई एकल लाभ नहीं। पहचान पीएम विश्वकर्मा प्रमाणपत्र और परिचय पत्र से मिलती है। इसके बाद कौशल उन्नयन आता है। टूलकिट प्रोत्साहन भी पैकेज का हिस्सा है। ऋण सहायता भी इसमें शामिल है। डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन और विपणन सहायता इस सूची को पूरा करते हैं।

वर्षगांठ कार्यक्रम

तीसरी वर्षगांठ 17 सितंबर 2026 को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में मनाई जाएगी। स्थान धोणो धान्यो सभागार है। केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी उपस्थित रहेंगे। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी शामिल होंगे, साथ में राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे भी। पश्चिम बंगाल ने मई 2026 में योजना से जुड़ने का निर्णय लिया और वहां 3,000 लाभार्थी पहले ही पंजीकृत हो चुके हैं।

एक नजर में

योजनापीएम विश्वकर्मा
मंत्रालयसूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम
शुभारंभ17 सितंबर 2023
व्यवसाय18 चिन्हित व्यवसाय
पंजीकृत30 लाख लाभार्थी
कौशल प्रशिक्षणलगभग 24.50 लाख विश्वकर्मा
ऋण6.18 लाख कारीगर, 5,297 करोड़ रुपये, 5 प्रतिशत वार्षिक
टूलकिट18.15 लाख, इंडिया पोस्ट के माध्यम से
वर्षगांठ स्थलधोणो धान्यो सभागार, कोलकाता

महत्वपूर्ण तथ्य

योजनापीएम विश्वकर्मा
मंत्रालयसूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम
शुभारंभ17 सितंबर 2023
व्यवसाय18 चिन्हित पारंपरिक व्यवसाय
पंजीकृत लाभार्थी30 लाख
कौशल प्रशिक्षणलगभग 24.50 लाख विश्वकर्मा
ऋण सहायता6.18 लाख कारीगरों को 5,297 करोड़ रुपये
ब्याज दर5 प्रतिशत वार्षिक, एक लाख रुपये तक का ऋण
टूलकिट18.15 लाख, इंडिया पोस्ट के माध्यम से
वर्षगांठ17 सितंबर 2026, कोलकाता, पश्चिम बंगाल

परीक्षा की दृष्टि से

शुभारंभ तिथि (17 सितंबर 2023), मंत्रालय (एमएसएमई), 18 चिन्हित व्यवसाय, पंजीकरण 30 लाख, 6.18 लाख कारीगरों को 5,297 करोड़ रुपये का ऋण, 18.15 लाख टूलकिट और कोलकाता का आयोजन स्थल याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.सरकारी योजनाएंआसान

पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत तीन वर्षों में कितने लाभार्थी पंजीकृत हुए हैं?

  1. A.10 लाख
  2. B.20 लाख
  3. C.30 लाख
  4. D.50 लाख
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 30 लाख

व्याख्या

सही उत्तर 30 लाख है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय ने बताया कि तीन चरणों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद इतने लाभार्थी योजना में पंजीकृत हो चुके हैं, जिसका अर्थ है कि शुभारंभ के तीन वर्ष के भीतर योजना का पंजीकरण लक्ष्य हासिल कर लिया गया। विकल्प A, B और D ऐसे आंकड़े देते हैं जो उपलब्धि से या तो कम हैं या अधिक, और प्रमुख योजनाओं पर बनने वाले प्रश्न प्रायः कुल लाभार्थी संख्या पर ही केंद्रित होते हैं। अभ्यर्थी साथ के आंकड़े भी याद रखें, लगभग 24.50 लाख विश्वकर्माओं को बुनियादी कौशल प्रशिक्षण मिला है, 6.18 लाख को 5 प्रतिशत वार्षिक दर पर कुल 5,297 करोड़ रुपये का ऋण मिला है और इंडिया पोस्ट के जरिए 18.15 लाख आधुनिक टूलकिट पहुंचाए गए हैं।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

पीएम विश्वकर्मा योजना किस तिथि को शुरू की गई थी?

  1. A.17 सितंबर 2023
  2. B.15 अगस्त 2023
  3. C.17 सितंबर 2022
  4. D.2 अक्टूबर 2023
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 17 सितंबर 2023

व्याख्या

सही उत्तर 17 सितंबर 2023 है। प्रधानमंत्री ने उसी दिन इस योजना का शुभारंभ किया था, ताकि 18 चिन्हित व्यवसायों में लगे पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को संपूर्ण सहायता मिल सके, और इसी कारण इसकी तीसरी वर्षगांठ 17 सितंबर 2026 को पड़ती है, जिसे कोलकाता के धोणो धान्यो सभागार में मनाया जाएगा। विकल्प C सबसे तीखा जाल है, क्योंकि उसमें दिन और महीना वही रखे गए हैं पर वर्ष पीछे कर दिया गया है, और जिस अभ्यर्थी ने केवल तिथि रटी है वह चूक जाएगा। विकल्प B गलत है क्योंकि स्वतंत्रता दिवस पर ऐसा कोई शुभारंभ नहीं हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि 2 अक्टूबर अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों से जुड़ा है, इस योजना से नहीं। योजना के पैकेज में प्रमाणपत्र, पहचान पत्र, कौशल उन्नयन, टूलकिट प्रोत्साहन, ऋण सहायता तथा विपणन सहायता शामिल हैं।

Q3.सरकारी योजनाएंमध्यम

पीएम विश्वकर्मा योजना किस मंत्रालय के अधीन क्रियान्वित होती है?

  1. A.कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
  2. B.सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय
  3. C.वस्त्र मंत्रालय
  4. D.ग्रामीण विकास मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय है, जिसे एमएसएमई मंत्रालय कहा जाता है। इसके केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी हैं और शोभा करंदलाजे राज्य मंत्री हैं। विकल्प A वह जाल है जिसमें सबसे अधिक अभ्यर्थी फंसते हैं, क्योंकि कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की इसमें स्पष्ट भूमिका है, वही बुनियादी कौशल प्रशिक्षण देता है जो लगभग 24.50 लाख विश्वकर्माओं को मिल चुका है। किसी एक घटक को चलाना पूरी योजना का स्वामित्व नहीं होता। विकल्प C गलत है क्योंकि वस्त्र मंत्रालय हथकरघा और हस्तशिल्प के अपने कार्यक्रम चलाता है, यह योजना उसकी नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि ग्रामीण आजीविका मिशन अलग मंत्रालय के अधीन हैं। यह भी याद रखें कि पश्चिम बंगाल मई 2026 में योजना से जुड़ा और वहां 3,000 लाभार्थी पंजीकृत हो चुके हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम विश्वकर्मा योजना कब शुरू हुई थी?

17 सितंबर 2023 को प्रधानमंत्री ने इसे शुरू किया था, ताकि 18 चिन्हित व्यवसायों में लगे पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सहायता मिल सके।

योजना के तहत कितने लाभार्थी पंजीकृत हुए हैं?

30 लाख, तीन चरणों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद, जिसका अर्थ है कि योजना का पंजीकरण लक्ष्य हासिल हो गया है।

योजना के तहत कितना ऋण दिया गया है?

6.18 लाख विश्वकर्माओं को कुल 5,297 करोड़ रुपये, जिसमें एक लाख रुपये तक का ऋण 5 प्रतिशत वार्षिक रियायती दर पर मिला।

स्रोत

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