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GK24
राष्ट्रीयमध्यम

राष्ट्रीय अभ्यास 'वज्र-सैट' में कुल कितने प्रतिभागी शामिल हुए?

  1. A.38
  2. B.83
  3. C.125
  4. D.250

सही उत्तर

B. 83

व्याख्या

सही उत्तर है 83। वज्र-सैट अभ्यास में 83 प्रतिभागी शामिल हुए, जो 25 राज्यों, तीन केंद्र शासित प्रदेशों और प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों से आए थे। इनमें राज्यों के पशुपालन विभाग, आईसीएआर संस्थान, पशु रोग निदान प्रयोगशालाएं, पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय, टीका निर्माता और रक्षा तथा सीमा सुरक्षा एजेंसियां शामिल थीं। इन सबने काल्पनिक प्रकोप स्थितियों पर मिलकर जल्दी पहचान, पुष्टि और रोकथाम के कदमों पर विचार किया। विकल्प A में 38 दिया गया है, जो सही संख्या के अंकों को उलट देता है और इसलिए गलत है। विकल्प C का 125 और विकल्प D का 250 बहुत बड़े आंकड़े हैं, जो अभ्यास में दर्ज भागीदारी से मेल नहीं खाते। यह भी याद रखें कि यह टेबलटॉप अभ्यास था, जिसमें किसी पशु का उपयोग नहीं हुआ, और इसका आयोजन बेंगलुरु में 4-5 नवंबर 2026 को हुआ था। इसलिए विकल्प B ही सही उत्तर है।

पूरा लेख पढ़ें: वज्र-सैट: खुरपका-मुंहपका रोग सैट-1 पर राष्ट्रीय अभ्यास

Q1.राष्ट्रीयआसान

नवंबर 2026 में हुआ राष्ट्रीय टेबलटॉप अभ्यास 'वज्र-सैट' किस रोग की तैयारी से जुड़ा था?

  1. A.लम्पी स्किन रोग
  2. B.खुरपका-मुंहपका रोग सीरोटाइप सैट-1
  3. C.अफ्रीकी स्वाइन फीवर
  4. D.बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लुएंजा)
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. खुरपका-मुंहपका रोग सीरोटाइप सैट-1

पशुपालन और डेयरी विभाग तथा आईसीएआर-एनआईवीईडीआई ने 4 और 5 नवंबर 2026 को बेंगलुरु में वज्र-सैट कराया, ताकि यह परखा जा सके कि भारत इस सीरोटाइप को कैसे जल्दी पहचानेगा, प्रयोगशाला में पुष्ट करेगा और रोकेगा।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

वज्र-सैट अभ्यास में पशुपालन और डेयरी विभाग के साथ समन्वय करने वाला बेंगलुरु स्थित आईसीएआर संस्थान कौन-सा था?

  1. A.आईसीएआर-राष्ट्रीय खुरपका-मुंहपका रोग संस्थान
  2. B.आईसीएआर-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान
  3. C.आईसीएआर-राष्ट्रीय पशु चिकित्सा महामारी विज्ञान और रोग सूचना विज्ञान संस्थान
  4. D.आईसीएआर-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. आईसीएआर-राष्ट्रीय पशु चिकित्सा महामारी विज्ञान और रोग सूचना विज्ञान संस्थान

पशुपालन और डेयरी विभाग ने इसी संस्थान के साथ मिलकर वज्र-सैट आयोजित किया। इसके निदेशक डॉ. बलदेव आर. गुलाटी ने एफएमडी सैट-1 की बदलती महामारी स्थिति, जोखिम पर आधारित निगरानी और पूर्व चेतावनी प्रणाली के महत्व पर बात रखी।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

एससीडीपीएम 6 के अंतर्गत इस्पात मंत्रालय ने लंबित मामलों की किन श्रेणियों को लिया?

  1. A.केवल आंतरिक विभागीय लेखा परीक्षा कंडिकाएं
  2. B.केवल अधिकरणों में लंबित अदालती मामले
  3. C.सांसदों, प्रधानमंत्री कार्यालय, विशिष्ट व्यक्तियों, मंत्रिमंडल तथा राज्य सरकारों के संदर्भ और सीपीग्राम्स मामले
  4. D.केवल लंबित निविदा और खरीद फाइलें
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सांसदों, प्रधानमंत्री कार्यालय, विशिष्ट व्यक्तियों, मंत्रिमंडल तथा राज्य सरकारों के संदर्भ और सीपीग्राम्स मामले

अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को संस्थागत बनाना तथा इन विविध श्रेणियों के लंबित मामलों का समाधान करना था, इसलिए इसकी रिपोर्ट में कागजी कार्य और लोक शिकायतें दोनों आती हैं।

Q4.राष्ट्रीयमध्यम

एससीडीपीएम 6 में कबाड़, ई-कचरे और अनुपयोगी फाइलों के निपटान से इस्पात मंत्रालय ने लगभग कितनी दफ्तरी जगह खाली की?

  1. A.लगभग 17,501 वर्ग फुट
  2. B.लगभग 21,164 वर्ग फुट
  3. C.लगभग 7,501 वर्ग फुट
  4. D.लगभग 1,750 वर्ग फुट
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. लगभग 17,501 वर्ग फुट

मंत्रालय ने बताया कि अभियान के दौरान कबाड़, इलेक्ट्रॉनिक कचरे तथा अनावश्यक फाइलों को हटाकर लगभग इतनी दफ्तरी जगह खाली की गई।

Q5.राष्ट्रीयमध्यम

एससीडीपीएम 6 के दौरान इस्पात मंत्रालय ने कितनी भौतिक फाइलों की समीक्षा की और यह लक्ष्य का कितना हिस्सा रहा?

  1. A.17,107 फाइलें, लक्ष्य का 95 प्रतिशत
  2. B.21,164 फाइलें, लक्ष्य का 101 प्रतिशत
  3. C.17,501 फाइलें, लक्ष्य का 100 प्रतिशत
  4. D.12,164 फाइलें, लक्ष्य का 110 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 21,164 फाइलें, लक्ष्य का 101 प्रतिशत

मंत्रालय ने अभियान के दौरान इतनी भौतिक फाइलों की समीक्षा की और उपलब्धि नियत संख्या से कुछ आगे रही, इसलिए इसे निर्धारित लक्ष्य का 101 प्रतिशत दर्ज किया गया।