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GK क्विजभारतीय राजव्यवस्था

भारतीय राजव्यवस्था क्विज: नए आपराधिक कानून: भारतीय न्याय संहिता, नागरिक सुरक्षा संहिता और साक्ष्य अधिनियम

  • 11 प्रश्न
  • 11 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय राजव्यवस्था के अंतर्गत "नए आपराधिक कानून: भारतीय न्याय संहिता, नागरिक सुरक्षा संहिता और साक्ष्य अधिनियम" विषय पर यह क्विज़ 11 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं, जिनमें 1 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

11 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPSSSC Junior Assistant 2016मध्यम

भारतीय दंड संहिता की किस धारा में 'विकृतचित्तता' का प्रावधान है?

  1. A.धारा 88
  2. B.धारा 83
  3. C.धारा 84
  4. D.धारा 86
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. धारा 84

भारतीय दंड संहिता की धारा 84 विकृतचित्त व्यक्ति के कार्य से संबंधित सामान्य अपवाद थी, जिसके अनुसार ऐसा कोई कार्य अपराध नहीं है जो उस समय विकृतचित्तता के कारण कार्य की प्रकृति, या यह कि वह गलत अथवा विधि के विरुद्ध है, जानने में असमर्थ व्यक्ति द्वारा किया गया हो।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने निम्नलिखित में से किस कानून का स्थान लिया है?

  1. A.दंड प्रक्रिया संहिता, 1973
  2. B.भारतीय दंड संहिता, 1860
  3. C.भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872
  4. D.आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम, 2013
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारतीय दंड संहिता, 1860

भारतीय न्याय संहिता, 2023 भारत की मूल आपराधिक विधि है और इसने उस भारतीय दंड संहिता का स्थान लिया है जिसका प्रारूप लॉर्ड मैकाले की अध्यक्षता वाले प्रथम विधि आयोग की सिफारिश पर तैयार हुआ था।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारत के तीनों नए आपराधिक कानून किस तिथि से लागू हुए?

  1. A.26 जनवरी 2024
  2. B.1 अप्रैल 2024
  3. C.1 जुलाई 2024
  4. D.25 दिसंबर 2023
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1 जुलाई 2024

भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, तीनों गृह मंत्रालय की अधिसूचनाओं द्वारा एक साथ 1 जुलाई 2024 से लागू किए गए।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अंतर्गत हत्या के लिए दंड किस धारा में दिया गया है?

  1. A.धारा 302
  2. B.धारा 101
  3. C.धारा 103
  4. D.धारा 105
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. धारा 103

भारतीय न्याय संहिता में हत्या के लिए दंड, जो भारतीय दंड संहिता की धारा 302 था, अब धारा 103 है और इसमें मृत्युदंड या आजीवन कारावास तथा जुर्माने का प्रावधान है।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारतीय न्याय संहिता, 2023 द्वारा भारतीय आपराधिक विधि में पहली बार कौन सा दंड जोड़ा गया है?

  1. A.एकांत कारावास
  2. B.सामुदायिक सेवा
  3. C.संपत्ति की जब्ती
  4. D.कठोर कारावास
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सामुदायिक सेवा

भारतीय न्याय संहिता की धारा 4 उन दंडों की सूची देती है जिनसे अपराधी दंडनीय हैं, और इस सूची में सामुदायिक सेवा भारतीय आपराधिक विधि में पहली बार आई है।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

नए आपराधिक कानूनों में से किसके अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल अभिलेख प्राथमिक साक्ष्य के रूप में ग्राह्य हैं?

  1. A.भारतीय न्याय संहिता, 2023
  2. B.भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023
  3. C.भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023
  4. D.सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023

यह अधिनियम साक्ष्य की विधि है और यह इलेक्ट्रॉनिक तथा डिजिटल अभिलेखों को कागजी दस्तावेजों के बराबर दर्जा देता है, जिससे ऐसा अभिलेख प्राथमिक साक्ष्य के रूप में ग्राह्य है और दस्तावेज की परिभाषा में ई-मेल, सर्वर लॉग, कंप्यूटर फाइल, स्थान संबंधी साक्ष्य तथा डिजिटल उपकरणों में रखे संदेश स्पष्ट…

Q7.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

भारतीय न्याय संहिता, 2023 में कुल कितनी धाराएँ हैं?

  1. A.511
  2. B.358
  3. C.531
  4. D.170
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 358

भारतीय न्याय संहिता में 358 धाराएँ हैं, जबकि जिस भारतीय दंड संहिता का उसने स्थान लिया उसमें 511 धाराएँ थीं; अध्याय मिला दिए गए और कई अप्रचलित अपराध हटा दिए गए, इसलिए संख्या घट गई।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

भारतीय दंड संहिता की धारा 124क के राजद्रोह अपराध का स्थान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा ने लिया है?

  1. A.धारा 111
  2. B.धारा 113
  3. C.धारा 150
  4. D.धारा 152
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. धारा 152

भारतीय दंड संहिता की धारा 124क में जिस रूप में राजद्रोह था, उसे भारतीय न्याय संहिता में नहीं रखा गया है।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

अपराध चाहे किसी भी क्षेत्र में हुआ हो, किसी भी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने की व्यवस्था को क्या कहा जाता है?

  1. A.शून्य प्राथमिकी
  2. B.क्रॉस प्राथमिकी
  3. C.खुली प्राथमिकी
  4. D.सामान्य दैनिकी प्रविष्टि
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. शून्य प्राथमिकी

शून्य प्राथमिकी किसी भी थाने में बिना नियमित क्रमांक के तब दर्ज की जाती है जब वहाँ किसी संज्ञेय अपराध की सूचना दी जाती है, और बाद में उसे अपराध स्थल पर क्षेत्राधिकार रखने वाले थाने को भेज दिया जाता है, जहाँ उसे नियमित संख्या मिलती है।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अनुसार कितने वर्ष या अधिक के कारावास से दंडनीय अपराधों में फॉरेंसिक विशेषज्ञ का घटनास्थल पर जाना अनिवार्य है?

  1. A.तीन वर्ष या अधिक
  2. B.पाँच वर्ष या अधिक
  3. C.सात वर्ष या अधिक
  4. D.दस वर्ष या अधिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सात वर्ष या अधिक

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता सात वर्ष या उससे अधिक कारावास से दंडनीय अपराधों में फॉरेंसिक अन्वेषण अनिवार्य करती है: फॉरेंसिक विशेषज्ञ को घटनास्थल पर जाना होगा, फॉरेंसिक साक्ष्य एकत्र करना होगा और पूरी प्रक्रिया को मोबाइल फोन या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर रिकॉर्ड करना होगा।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अनुसार विचारण पूरा होने के कितने दिनों के भीतर न्यायालय को निर्णय सुनाना होता है?

  1. A.तीस दिन
  2. B.पैंतालीस दिन
  3. C.साठ दिन
  4. D.नब्बे दिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पैंतालीस दिन

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता न्यायालय से अपेक्षा करती है कि वह विचारण पूरा होने के पैंतालीस दिन के भीतर अपना निर्णय सुनाए, और लिखित में कारण दर्ज करके थोड़ा अतिरिक्त समय लिया जा सकता है।

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