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GK24
भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

नए आपराधिक कानूनों में से किसके अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल अभिलेख प्राथमिक साक्ष्य के रूप में ग्राह्य हैं?

  1. A.भारतीय न्याय संहिता, 2023
  2. B.भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023
  3. C.भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023
  4. D.सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000

सही उत्तर

C. भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023

व्याख्या

सही उत्तर C, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 है। यह अधिनियम साक्ष्य की विधि है और यह इलेक्ट्रॉनिक तथा डिजिटल अभिलेखों को कागजी दस्तावेजों के बराबर दर्जा देता है, जिससे ऐसा अभिलेख प्राथमिक साक्ष्य के रूप में ग्राह्य है और दस्तावेज की परिभाषा में ई-मेल, सर्वर लॉग, कंप्यूटर फाइल, स्थान संबंधी साक्ष्य तथा डिजिटल उपकरणों में रखे संदेश स्पष्ट रूप से शामिल हैं। न्यायालय में प्रस्तुत इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख के साथ निर्धारित प्रारूप में प्रमाणपत्र देना आवश्यक है। विकल्प A गलत है क्योंकि भारतीय न्याय संहिता अपराध और दंड को परिभाषित करती है, तथ्यों के प्रमाण से उसका संबंध नहीं है। विकल्प B गलत है क्योंकि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता अन्वेषण, गिरफ्तारी, जमानत और विचारण की प्रक्रिया देती है। विकल्प D गलत है क्योंकि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 वाणिज्य और शासन के लिए इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों को मान्यता देता है, किंतु आपराधिक न्यायालय में साक्ष्य की ग्राह्यता साक्ष्य अधिनियम से तय होती है।

पूरा लेख पढ़ें: नए आपराधिक कानून: भारतीय न्याय संहिता, BNSS और BSA

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Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPSSSC Junior Assistant 2016मध्यम

भारतीय दंड संहिता की किस धारा में 'विकृतचित्तता' का प्रावधान है?

  1. A.धारा 88
  2. B.धारा 83
  3. C.धारा 84
  4. D.धारा 86
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. धारा 84

भारतीय दंड संहिता की धारा 84 विकृतचित्त व्यक्ति के कार्य से संबंधित सामान्य अपवाद थी, जिसके अनुसार ऐसा कोई कार्य अपराध नहीं है जो उस समय विकृतचित्तता के कारण कार्य की प्रकृति, या यह कि वह गलत अथवा विधि के विरुद्ध है, जानने में असमर्थ व्यक्ति द्वारा किया गया हो।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने निम्नलिखित में से किस कानून का स्थान लिया है?

  1. A.दंड प्रक्रिया संहिता, 1973
  2. B.भारतीय दंड संहिता, 1860
  3. C.भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872
  4. D.आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम, 2013
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारतीय दंड संहिता, 1860

भारतीय न्याय संहिता, 2023 भारत की मूल आपराधिक विधि है और इसने उस भारतीय दंड संहिता का स्थान लिया है जिसका प्रारूप लॉर्ड मैकाले की अध्यक्षता वाले प्रथम विधि आयोग की सिफारिश पर तैयार हुआ था।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारत के तीनों नए आपराधिक कानून किस तिथि से लागू हुए?

  1. A.26 जनवरी 2024
  2. B.1 अप्रैल 2024
  3. C.1 जुलाई 2024
  4. D.25 दिसंबर 2023
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1 जुलाई 2024

भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, तीनों गृह मंत्रालय की अधिसूचनाओं द्वारा एक साथ 1 जुलाई 2024 से लागू किए गए।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अंतर्गत हत्या के लिए दंड किस धारा में दिया गया है?

  1. A.धारा 302
  2. B.धारा 101
  3. C.धारा 103
  4. D.धारा 105
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. धारा 103

भारतीय न्याय संहिता में हत्या के लिए दंड, जो भारतीय दंड संहिता की धारा 302 था, अब धारा 103 है और इसमें मृत्युदंड या आजीवन कारावास तथा जुर्माने का प्रावधान है।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारतीय न्याय संहिता, 2023 द्वारा भारतीय आपराधिक विधि में पहली बार कौन सा दंड जोड़ा गया है?

  1. A.एकांत कारावास
  2. B.सामुदायिक सेवा
  3. C.संपत्ति की जब्ती
  4. D.कठोर कारावास
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सामुदायिक सेवा

भारतीय न्याय संहिता की धारा 4 उन दंडों की सूची देती है जिनसे अपराधी दंडनीय हैं, और इस सूची में सामुदायिक सेवा भारतीय आपराधिक विधि में पहली बार आई है।