भारतीय दंड संहिता की किस धारा में 'विकृतचित्तता' का प्रावधान है?
- A.धारा 88
- B.धारा 83
- C.धारा 84
- D.धारा 86
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर C, धारा 84 है। भारतीय दंड संहिता की धारा 84 विकृतचित्त व्यक्ति के कार्य से संबंधित सामान्य अपवाद थी, जिसके अनुसार ऐसा कोई कार्य अपराध नहीं है जो उस समय विकृतचित्तता के कारण कार्य की प्रकृति, या यह कि वह गलत अथवा विधि के विरुद्ध है, जानने में असमर्थ व्यक्ति द्वारा किया गया हो। यही बचाव अब भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 22 में लगभग उसी भाषा के साथ रखा गया है। विकल्प A गलत है क्योंकि धारा 88 सहमति से किसी व्यक्ति के फायदे के लिए सद्भावपूर्वक किए गए कार्य को संरक्षण देती थी। विकल्प B गलत है क्योंकि धारा 83 सात वर्ष से अधिक और बारह वर्ष से कम आयु के ऐसे बालक से संबंधित अपवाद थी जिसने समझ की पर्याप्त परिपक्वता प्राप्त नहीं की हो। विकल्प D गलत है क्योंकि धारा 86 उस अपराध से संबंधित थी जिसमें विशेष आशय या ज्ञान अपेक्षित हो और जिसे अपनी इच्छा के विरुद्ध मादक पदार्थ दिए गए व्यक्ति ने किया हो।
पूरा लेख पढ़ें: नए आपराधिक कानून: भारतीय न्याय संहिता, BNSS और BSA
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारतीय न्याय संहिता, 2023 ने निम्नलिखित में से किस कानून का स्थान लिया है?
- A.दंड प्रक्रिया संहिता, 1973
- B.भारतीय दंड संहिता, 1860
- C.भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872
- D.आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम, 2013
उत्तर देखें
भारतीय न्याय संहिता, 2023 भारत की मूल आपराधिक विधि है और इसने उस भारतीय दंड संहिता का स्थान लिया है जिसका प्रारूप लॉर्ड मैकाले की अध्यक्षता वाले प्रथम विधि आयोग की सिफारिश पर तैयार हुआ था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के तीनों नए आपराधिक कानून किस तिथि से लागू हुए?
- A.26 जनवरी 2024
- B.1 अप्रैल 2024
- C.1 जुलाई 2024
- D.25 दिसंबर 2023
उत्तर देखें
भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, तीनों गृह मंत्रालय की अधिसूचनाओं द्वारा एक साथ 1 जुलाई 2024 से लागू किए गए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अंतर्गत हत्या के लिए दंड किस धारा में दिया गया है?
- A.धारा 302
- B.धारा 101
- C.धारा 103
- D.धारा 105
उत्तर देखें
भारतीय न्याय संहिता में हत्या के लिए दंड, जो भारतीय दंड संहिता की धारा 302 था, अब धारा 103 है और इसमें मृत्युदंड या आजीवन कारावास तथा जुर्माने का प्रावधान है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय न्याय संहिता, 2023 द्वारा भारतीय आपराधिक विधि में पहली बार कौन सा दंड जोड़ा गया है?
- A.एकांत कारावास
- B.सामुदायिक सेवा
- C.संपत्ति की जब्ती
- D.कठोर कारावास
उत्तर देखें
भारतीय न्याय संहिता की धारा 4 उन दंडों की सूची देती है जिनसे अपराधी दंडनीय हैं, और इस सूची में सामुदायिक सेवा भारतीय आपराधिक विधि में पहली बार आई है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नए आपराधिक कानूनों में से किसके अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल अभिलेख प्राथमिक साक्ष्य के रूप में ग्राह्य हैं?
- A.भारतीय न्याय संहिता, 2023
- B.भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023
- C.भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023
- D.सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000
उत्तर देखें
यह अधिनियम साक्ष्य की विधि है और यह इलेक्ट्रॉनिक तथा डिजिटल अभिलेखों को कागजी दस्तावेजों के बराबर दर्जा देता है, जिससे ऐसा अभिलेख प्राथमिक साक्ष्य के रूप में ग्राह्य है और दस्तावेज की परिभाषा में ई-मेल, सर्वर लॉग, कंप्यूटर फाइल, स्थान संबंधी साक्ष्य तथा डिजिटल उपकरणों में रखे संदेश स्पष्ट…
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