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GK24
भारतीय राजव्यवस्थाआसान

अपराध चाहे किसी भी क्षेत्र में हुआ हो, किसी भी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने की व्यवस्था को क्या कहा जाता है?

  1. A.शून्य प्राथमिकी
  2. B.क्रॉस प्राथमिकी
  3. C.खुली प्राथमिकी
  4. D.सामान्य दैनिकी प्रविष्टि

सही उत्तर

A. शून्य प्राथमिकी

व्याख्या

सही उत्तर A, शून्य प्राथमिकी है। शून्य प्राथमिकी किसी भी थाने में बिना नियमित क्रमांक के तब दर्ज की जाती है जब वहाँ किसी संज्ञेय अपराध की सूचना दी जाती है, और बाद में उसे अपराध स्थल पर क्षेत्राधिकार रखने वाले थाने को भेज दिया जाता है, जहाँ उसे नियमित संख्या मिलती है। यह व्यवस्था निर्भया कांड के बाद की सिफारिशों से निकली थी और अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 ने इसे वैधानिक रूप दे दिया है, जो सूचना इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से देने की भी अनुमति देती है। विकल्प B गलत है क्योंकि क्रॉस प्राथमिकी उसी घटना के बारे में दूसरे पक्ष द्वारा दर्ज कराई गई प्रति-शिकायत होती है। विकल्प C गलत है क्योंकि खुली प्राथमिकी दंड प्रक्रिया में प्रयुक्त कोई शब्द नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि सामान्य दैनिकी प्रविष्टि थाने में रखा जाने वाला दैनिक अभिलेख है और वह प्राथमिकी दर्ज होने के समान नहीं है।

पूरा लेख पढ़ें: नए आपराधिक कानून: भारतीय न्याय संहिता, BNSS और BSA

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Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPSSSC Junior Assistant 2016मध्यम

भारतीय दंड संहिता की किस धारा में 'विकृतचित्तता' का प्रावधान है?

  1. A.धारा 88
  2. B.धारा 83
  3. C.धारा 84
  4. D.धारा 86
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. धारा 84

भारतीय दंड संहिता की धारा 84 विकृतचित्त व्यक्ति के कार्य से संबंधित सामान्य अपवाद थी, जिसके अनुसार ऐसा कोई कार्य अपराध नहीं है जो उस समय विकृतचित्तता के कारण कार्य की प्रकृति, या यह कि वह गलत अथवा विधि के विरुद्ध है, जानने में असमर्थ व्यक्ति द्वारा किया गया हो।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने निम्नलिखित में से किस कानून का स्थान लिया है?

  1. A.दंड प्रक्रिया संहिता, 1973
  2. B.भारतीय दंड संहिता, 1860
  3. C.भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872
  4. D.आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम, 2013
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारतीय दंड संहिता, 1860

भारतीय न्याय संहिता, 2023 भारत की मूल आपराधिक विधि है और इसने उस भारतीय दंड संहिता का स्थान लिया है जिसका प्रारूप लॉर्ड मैकाले की अध्यक्षता वाले प्रथम विधि आयोग की सिफारिश पर तैयार हुआ था।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारत के तीनों नए आपराधिक कानून किस तिथि से लागू हुए?

  1. A.26 जनवरी 2024
  2. B.1 अप्रैल 2024
  3. C.1 जुलाई 2024
  4. D.25 दिसंबर 2023
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1 जुलाई 2024

भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, तीनों गृह मंत्रालय की अधिसूचनाओं द्वारा एक साथ 1 जुलाई 2024 से लागू किए गए।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अंतर्गत हत्या के लिए दंड किस धारा में दिया गया है?

  1. A.धारा 302
  2. B.धारा 101
  3. C.धारा 103
  4. D.धारा 105
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. धारा 103

भारतीय न्याय संहिता में हत्या के लिए दंड, जो भारतीय दंड संहिता की धारा 302 था, अब धारा 103 है और इसमें मृत्युदंड या आजीवन कारावास तथा जुर्माने का प्रावधान है।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारतीय न्याय संहिता, 2023 द्वारा भारतीय आपराधिक विधि में पहली बार कौन सा दंड जोड़ा गया है?

  1. A.एकांत कारावास
  2. B.सामुदायिक सेवा
  3. C.संपत्ति की जब्ती
  4. D.कठोर कारावास
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सामुदायिक सेवा

भारतीय न्याय संहिता की धारा 4 उन दंडों की सूची देती है जिनसे अपराधी दंडनीय हैं, और इस सूची में सामुदायिक सेवा भारतीय आपराधिक विधि में पहली बार आई है।