भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अनुसार कितने वर्ष या अधिक के कारावास से दंडनीय अपराधों में फॉरेंसिक विशेषज्ञ का घटनास्थल पर जाना अनिवार्य है?
- A.तीन वर्ष या अधिक
- B.पाँच वर्ष या अधिक
- C.सात वर्ष या अधिक
- D.दस वर्ष या अधिक
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर C, सात वर्ष या अधिक है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता सात वर्ष या उससे अधिक कारावास से दंडनीय अपराधों में फॉरेंसिक अन्वेषण अनिवार्य करती है: फॉरेंसिक विशेषज्ञ को घटनास्थल पर जाना होगा, फॉरेंसिक साक्ष्य एकत्र करना होगा और पूरी प्रक्रिया को मोबाइल फोन या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर रिकॉर्ड करना होगा। जिस राज्य के पास यह सुविधा नहीं है, वह अपनी सुविधा विकसित होने तक दूसरे राज्य की सुविधा का उपयोग कर सकता है। विकल्प A, B और D गलत हैं क्योंकि संहिता ने सीमा सात वर्ष तय की है, तीन, पाँच या दस वर्ष नहीं; सात वर्ष की यह सीमा दंड प्रक्रिया में अन्यत्र भी आती है, जैसे सात वर्ष तक के कारावास वाले अपराधों में गिरफ्तारी पर सर्वोच्च न्यायालय का अर्णेश कुमार वाला नियम, इसलिए यह अंक याद रखने योग्य है। इस प्रावधान का उद्देश्य वैज्ञानिक साक्ष्य को अन्वेषण के केंद्र में रखकर दोषसिद्धि दर बढ़ाना है।
पूरा लेख पढ़ें: नए आपराधिक कानून: भारतीय न्याय संहिता, BNSS और BSA
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारतीय दंड संहिता की किस धारा में 'विकृतचित्तता' का प्रावधान है?
- A.धारा 88
- B.धारा 83
- C.धारा 84
- D.धारा 86
उत्तर देखें
भारतीय दंड संहिता की धारा 84 विकृतचित्त व्यक्ति के कार्य से संबंधित सामान्य अपवाद थी, जिसके अनुसार ऐसा कोई कार्य अपराध नहीं है जो उस समय विकृतचित्तता के कारण कार्य की प्रकृति, या यह कि वह गलत अथवा विधि के विरुद्ध है, जानने में असमर्थ व्यक्ति द्वारा किया गया हो।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने निम्नलिखित में से किस कानून का स्थान लिया है?
- A.दंड प्रक्रिया संहिता, 1973
- B.भारतीय दंड संहिता, 1860
- C.भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872
- D.आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम, 2013
उत्तर देखें
भारतीय न्याय संहिता, 2023 भारत की मूल आपराधिक विधि है और इसने उस भारतीय दंड संहिता का स्थान लिया है जिसका प्रारूप लॉर्ड मैकाले की अध्यक्षता वाले प्रथम विधि आयोग की सिफारिश पर तैयार हुआ था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के तीनों नए आपराधिक कानून किस तिथि से लागू हुए?
- A.26 जनवरी 2024
- B.1 अप्रैल 2024
- C.1 जुलाई 2024
- D.25 दिसंबर 2023
उत्तर देखें
भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, तीनों गृह मंत्रालय की अधिसूचनाओं द्वारा एक साथ 1 जुलाई 2024 से लागू किए गए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अंतर्गत हत्या के लिए दंड किस धारा में दिया गया है?
- A.धारा 302
- B.धारा 101
- C.धारा 103
- D.धारा 105
उत्तर देखें
भारतीय न्याय संहिता में हत्या के लिए दंड, जो भारतीय दंड संहिता की धारा 302 था, अब धारा 103 है और इसमें मृत्युदंड या आजीवन कारावास तथा जुर्माने का प्रावधान है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय न्याय संहिता, 2023 द्वारा भारतीय आपराधिक विधि में पहली बार कौन सा दंड जोड़ा गया है?
- A.एकांत कारावास
- B.सामुदायिक सेवा
- C.संपत्ति की जब्ती
- D.कठोर कारावास
उत्तर देखें
भारतीय न्याय संहिता की धारा 4 उन दंडों की सूची देती है जिनसे अपराधी दंडनीय हैं, और इस सूची में सामुदायिक सेवा भारतीय आपराधिक विधि में पहली बार आई है।
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