'क्या भारतीय दंड संहिता की धारा 377 भारत के संविधान के अनुच्छेद 21, 14 और 15 का उल्लंघन करती है', इस मुद्दे का निर्णय निम्नलिखित में से किस मामले में हुआ?
- A.श्रेया सिंघल बनाम भारत संघ
- B.विशाखा बनाम राजस्थान राज्य
- C.शायरा बानो बनाम भारत संघ
- D.नाज़ फाउंडेशन बनाम दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सरकार एवं अन्य
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इस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2009 में कहा कि धारा 377, जहां तक वह वयस्कों के बीच निजी तौर पर सहमति से बने संबंधों को अपराध बनाती है, अनुच्छेद 21, 14 और 15 का उल्लंघन करती है।
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