निम्नलिखित में से कौन-सी "विधि का शासन" (Rule of Law) की मुख्य विशेषताएँ मानी जाती हैं? 1. शक्तियों की सीमा 2. विधि के समक्ष समानता 3. सरकार के प्रति जनता का उत्तरदायित्व 4. स्वतंत्रता और नागरिक अधिकार नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1 और 3
- B.केवल 2 और 4
- C.केवल 1, 2 और 4
- D.1, 2, 3 और 4
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, केवल 1, 2 और 4। विधि के शासन का अर्थ है कि शक्ति क़ानून से सीमित है, क़ानून के सामने सब बराबर हैं, और व्यक्ति की स्वतंत्रताएँ सुरक्षित हैं।
यह विचार ब्रिटिश विधिवेत्ता ए. वी. डायसी ने 1885 में तीन तत्वों के साथ रखा: किसी को भी साधारण न्यायालय में सिद्ध क़ानून-उल्लंघन के बिना दंड नहीं दिया जा सकता, अर्थात मनमानी शक्ति का निषेध; अधिकारियों सहित सबके लिए क़ानून के समक्ष समानता; और अधिकारों का साधारण क़ानून व न्यायालयों से उत्पन्न होना। भारत में अनुच्छेद 14 विधि के समक्ष समानता की गारंटी देता है, और सर्वोच्च न्यायालय ने विधि के शासन को संविधान के मूल ढाँचे का भाग माना है।
A और D गलत हैं क्योंकि उनमें कथन 3 है: विधि का शासन सरकार को जनता और क़ानून के प्रति उत्तरदायी बनाता है, न कि जनता को सरकार के प्रति। B गलत है क्योंकि इसमें शक्तियों की सीमा छूट गई है, जो इस विचार का मूल है।
Exam tip: विधि का शासन = ए. वी. डायसी; भारत में अनुच्छेद 14 और मूल ढाँचा।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.भारत के संविधान के अनुच्छेद 21A के तहत राज्य ग्यारह वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा देगा।
- B.भारत के संविधान के अनुच्छेद 26 के तहत प्रत्येक धार्मिक संप्रदाय को धर्म के मामलों में अपने कार्यों का प्रबंधन करने की पूर्ण शक्ति प्राप्त है।
- C.अपनी पसंद की शैक्षिक संस्थाएं स्थापित करने के अधिकार के संदर्भ में भारत के संविधान के अनुच्छेद 30 में केवल धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों का उल्लेख है।
- D.संसद कानून बनाकर भी सर्वोच्च न्यायालय के अलावा किसी अन्य न्यायालय को अपनी स्थानीय सीमाओं के भीतर रिट जारी करने की शक्ति नहीं दे सकती।
उत्तर देखें
अनुच्छेद 30 धर्म या भाषा पर आधारित सभी अल्पसंख्यकों को अपनी पसंद की शैक्षिक संस्थाएं स्थापित करने और चलाने का अधिकार देता है, और किसी अन्य प्रकार के अल्पसंख्यक का उल्लेख नहीं करता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस क्षेत्र को नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के दायरे से छूट दी गई है?
- A.लद्दाख
- B.जम्मू और कश्मीर
- C.छठी अनुसूची के क्षेत्र
- D.पांचवीं अनुसूची के क्षेत्र
उत्तर देखें
नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 छठी अनुसूची में शामिल असम, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा के जनजातीय क्षेत्रों पर लागू नहीं होता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किसने कहा कि लोकतंत्र का अर्थ 'सहमति द्वारा सरकार' की व्यवस्था है?
- A.जॉन लॉक
- B.जे.एस. मिल
- C.जेरेमी बेंथम
- D.जे.जे. रूसो
उत्तर देखें
लॉक का तर्क था कि कोई सरकार तभी वैध है जब वह शासितों की सहमति पर टिकी हो, यही सहमति द्वारा सरकार का विचार है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित पर विचार कीजिए :
1. एम.ए. अय्यंगार 2. जी.एस. ढिल्लों 3. बलराम जाखड़ 4. पी.ए. संगमा
इनमें से कितने लोकसभा के अध्यक्ष रहे?
- A.1
- B.2
- C.3
- D.4
उत्तर देखें
चारों, यानी एम.ए. अय्यंगार, जी.एस. ढिल्लों, बलराम जाखड़ और पी.ए. संगमा, लोकसभा के अध्यक्ष रहे। पहले अध्यक्ष जी.वी. मावलंकर के निधन के बाद 1956 में एम. अनंतशयनम अय्यंगार दूसरे अध्यक्ष बने।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के संविधान के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.अंतरराज्यीय व्यापार और वाणिज्य राज्य सूची के अंतर्गत राज्य का विषय है।
- B.अंतरराज्यीय प्रवास राज्य सूची के अंतर्गत राज्य का विषय है।
- C.अंतरराज्यीय संगरोध संघ सूची के अंतर्गत संघ का विषय है।
- D.निगम कर राज्य सूची के अंतर्गत राज्य का विषय है।
उत्तर देखें
अंतरराज्यीय संगरोध संघ का विषय है और संघ सूची की प्रविष्टि 81 में अंतरराज्यीय प्रवास के साथ दर्ज है। सातवीं अनुसूची विधायी विषयों को संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची में बाँटती है।
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