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GK क्विजभारतीय राजव्यवस्था

भारतीय राजव्यवस्था क्विज: संविधान के महत्वपूर्ण सिद्धांत: सार और तत्व, आच्छादन और पृथक्करणीयता

  • 11 प्रश्न
  • 11 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय राजव्यवस्था के अंतर्गत "संविधान के महत्वपूर्ण सिद्धांत: सार और तत्व, आच्छादन और पृथक्करणीयता" विषय पर यह क्विज़ 11 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

11 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

उच्चतम न्यायालय ने आच्छादन के सिद्धांत का प्रयोग निम्नलिखित में से किस वाद में किया?

  1. A.ए. के. गोपालन बनाम मद्रास राज्य
  2. B.भीखाजी नारायण धाकरस बनाम मध्य प्रदेश राज्य
  3. C.के. सी. गजपति नारायण देव बनाम ओडिशा राज्य
  4. D.बशेशर नाथ बनाम आयकर आयुक्त
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भीखाजी नारायण धाकरस बनाम मध्य प्रदेश राज्य

इस वाद में मध्य प्रांत और बरार का 1947 का मोटर वाहन कानून अनुच्छेद 19(1)(ग) के व्यापार की स्वतंत्रता से टकराने के कारण लागू करने योग्य नहीं रह गया था।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

न्यायालय सार और तत्व के सिद्धांत का प्रयोग मुख्यतः निम्नलिखित में से किससे जुड़े प्रश्नों के निर्णय के लिए करते हैं?

  1. A.संविधान के संशोधन
  2. B.संघ और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों के बंटवारे
  3. C.रिट द्वारा मूल अधिकारों के प्रवर्तन
  4. D.उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. संघ और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों के बंटवारे

अनुच्छेद 246 के साथ सातवीं अनुसूची संसद और राज्य विधानमंडलों को कानून बनाने के अलग क्षेत्र देती है, परंतु व्यवहार में विषय एक-दूसरे पर आ जाते हैं, इसलिए न्यायालय कानून का वास्तविक स्वरूप और चरित्र, अर्थात उसका सार और तत्व खोजता है और दूसरी सूची पर पड़े आनुषंगिक अतिक्रमण की…

Q3.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

यह सूत्र कि जो सीधे नहीं किया जा सकता वह घुमा-फिराकर भी नहीं किया जा सकता, किस सिद्धांत को व्यक्त करता है?

  1. A.राज्यक्षेत्रीय संबंध का सिद्धांत
  2. B.आच्छादित विधान का सिद्धांत
  3. C.आच्छादन का सिद्धांत
  4. D.अधित्याग का सिद्धांत
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आच्छादित विधान का सिद्धांत

इसका आशय है कि विधानमंडल उस काम को अप्रत्यक्ष मार्ग से नहीं कर सकता जिसे संविधान ने सीधे करने से रोका है; यदि उसे किसी विषय पर अधिकार नहीं है तो चतुर शब्दावली उसे वह अधिकार नहीं दे सकती।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

उच्चतम न्यायालय ने किस वाद में कहा कि मूल अधिकार का अधित्याग उसका धारक नहीं कर सकता?

  1. A.बशेशर नाथ बनाम आयकर आयुक्त, 1959
  2. B.दीप चंद बनाम उत्तर प्रदेश राज्य, 1959
  3. C.बॉम्बे राज्य बनाम एफ. एन. बलसारा, 1951
  4. D.कलकत्ता गैस कंपनी बनाम पश्चिम बंगाल राज्य, 1962
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बशेशर नाथ बनाम आयकर आयुक्त, 1959

याची ने अपनी कर देयता का निपटारा उस प्रावधान के अंतर्गत किया था जो बाद में अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करता पाया गया, और यह तर्क दिया गया कि निपटारे पर सहमत होकर उसने समता के अधिकार का अधित्याग कर दिया।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

राज्यक्षेत्रीय संबंध का सिद्धांत संविधान के किस उपबंध से निकला है?

  1. A.अनुच्छेद 13(1)
  2. B.अनुच्छेद 245(2)
  3. C.अनुच्छेद 254(2)
  4. D.अनुच्छेद 368
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 245(2)

यह खंड कहता है कि संसद द्वारा बनाया गया कोई कानून इस आधार पर अविधिमान्य नहीं माना जाएगा कि उसका राज्यक्षेत्र के बाहर प्रभाव होगा, और न्यायालयों ने इसी पर यह नियम खड़ा किया कि राज्य का कानून भी राज्य के बाहर की वस्तु या व्यक्ति पर लागू हो सकता…

Q6.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

प्रिवी काउंसिल ने सार और तत्व के सिद्धांत का प्रयोग निम्नलिखित में से किस वाद में किया?

  1. A.शंकरी प्रसाद बनाम भारत संघ
  2. B.प्रफुल्ल कुमार मुखर्जी बनाम बैंक ऑफ कॉमर्स, खुलना
  3. C.गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य
  4. D.केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. प्रफुल्ल कुमार मुखर्जी बनाम बैंक ऑफ कॉमर्स, खुलना

बंगाल साहूकार अधिनियम, 1940 ने साहूकारों द्वारा वसूली जाने वाली ब्याज और राशि को सीमित किया, जो प्रांतीय विषय था, परंतु उसने वचन पत्रों को भी प्रभावित किया, जो केंद्रीय सूची का विषय थे।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

ए. के. गोपालन बनाम मद्रास राज्य, 1950 में उच्चतम न्यायालय ने निवारक निरोध अधिनियम, 1950 के किस भाग को शून्य घोषित करते हुए शेष अधिनियम को बचाए रखा?

  1. A.धारा 3
  2. B.धारा 7
  3. C.धारा 14
  4. D.धारा 12
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. धारा 14

यह धारा निरुद्ध व्यक्ति को न्यायालय में अपने निरोध के आधार या उसके विरुद्ध दिए गए अभ्यावेदन को प्रकट करने से रोकती थी।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

समवर्ती सूची के किसी विषय पर संसद के कानून और राज्य विधानमंडल के कानून के बीच प्रतिकूलता का निपटारा संविधान का कौन सा अनुच्छेद करता है?

  1. A.अनुच्छेद 246
  2. B.अनुच्छेद 249
  3. C.अनुच्छेद 254
  4. D.अनुच्छेद 256
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अनुच्छेद 254

खंड (1) कहता है कि यदि समवर्ती विषय पर राज्य का कानून संसद के कानून के प्रतिकूल है, तो संसद का कानून प्रभावी होगा और राज्य का कानून प्रतिकूलता की मात्रा तक शून्य होगा।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

मूल ढांचा सिद्धांत उच्चतम न्यायालय ने किस वाद में प्रतिपादित किया?

  1. A.शंकरी प्रसाद बनाम भारत संघ, 1951
  2. B.सज्जन सिंह बनाम राजस्थान राज्य, 1965
  3. C.केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य, 1973
  4. D.मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ, 1980
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य, 1973

तेरह न्यायाधीशों की पीठ ने सात के विरुद्ध छह के बहुमत से कहा कि संसद अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संविधान के किसी भी भाग में संशोधन कर सकती है, परंतु उसके मूल ढांचे या आधारभूत लक्षणों को नष्ट नहीं कर सकती।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

भारत में भावी अभिखंडन के सिद्धांत का पहली बार प्रयोग किस वाद में हुआ?

  1. A.आई. सी. गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य, 1967
  2. B.मेनका गांधी बनाम भारत संघ, 1978
  3. C.इंदिरा साहनी बनाम भारत संघ, 1992
  4. D.एस. आर. बोम्मई बनाम भारत संघ, 1994
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. आई. सी. गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य, 1967

ग्यारह न्यायाधीशों की पीठ ने छह के विरुद्ध पांच के बहुमत से कहा कि संसद संशोधन द्वारा मूल अधिकारों को कम नहीं कर सकती, परंतु न्यायालय पहले से क्रियान्वित भूमि सुधार संशोधनों को अस्थिर नहीं करना चाहता था, इसलिए उसने घोषित किया कि उसका निर्णय केवल आगे के लिए प्रभावी…

Q11.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

आच्छादन के सिद्धांत के विषय में कौन सा कथन सही है?

  1. A.यह मूल अधिकारों का उल्लंघन करने वाले संविधान पूर्व और संविधान पश्चात दोनों कानूनों पर समान रूप से लागू होता है
  2. B.यह संविधान पूर्व के कानूनों पर लागू होता है, जो निष्क्रिय पड़े रहते हैं और संवैधानिक रोक हटने पर पुनर्जीवित हो सकते हैं
  3. C.यह न्यायालय को अधिनियम के केवल दोषपूर्ण भाग को शून्य करने देता है
  4. D.यह नागरिक को स्वेच्छा से मूल अधिकार छोड़ने की अनुमति देता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. यह संविधान पूर्व के कानूनों पर लागू होता है, जो निष्क्रिय पड़े रहते हैं और संवैधानिक रोक हटने पर पुनर्जीवित हो सकते हैं

अनुच्छेद 13(1) संविधान पूर्व के कानून को मूल अधिकारों से असंगति की मात्रा तक ही शून्य करता है, इसलिए उच्चतम न्यायालय ने भीखाजी नारायण धाकरस, 1955 में कहा कि ऐसा कानून मिटता नहीं, केवल आच्छादित होता है और छाया हटने तक अप्रवर्तनीय रहकर उसके बाद पुनर्जीवित हो जाता है।

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