अफस्पा, 1958 के अंतर्गत कार्य करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध अभियोजन के लिए किसकी पूर्व स्वीकृति आवश्यक है?
- A.राज्य का राज्यपाल
- B.राज्य का उच्च न्यायालय
- C.केंद्र सरकार
- D.राज्य सरकार
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, केंद्र सरकार। अफस्पा की धारा 6 कहती है कि अधिनियम द्वारा प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में किए गए किसी कार्य के संबंध में किसी व्यक्ति के विरुद्ध केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति के बिना कोई अभियोजन, वाद या अन्य विधिक कार्यवाही आरंभ नहीं की जाएगी। यही एक खंड इस अधिनियम पर सर्वाधिक मुकदमेबाजी का कारण रहा है। विकल्प A गलत है, क्योंकि इस अधिनियम में राज्यपाल की भूमिका धारा 3 के अंतर्गत अशांत क्षेत्र घोषित करने तक सीमित है। विकल्प D गलत है, क्योंकि राज्य सरकार के पास ऐसी स्वीकृति देने या रोकने की शक्ति नहीं है, भले ही लोक व्यवस्था राज्य सूची की प्रविष्टि 1 का विषय है। विकल्प B गलत है, क्योंकि उच्च न्यायालय अधिनियम के अंतर्गत की गई कार्रवाई को चुनौती सुनता है, परंतु धारा 6 की स्वीकृति नहीं देता; 1997 के नागा पीपुल्स मूवमेंट ऑफ ह्यूमन राइट्स मामले में उच्चतम न्यायालय ने इन शक्तियों के प्रयोग के लिए दिशानिर्देश देते हुए अधिनियम को वैध ठहराया था।
पूरा लेख पढ़ें: आंतरिक सुरक्षा कानून: यूएपीए, अफस्पा, रासुका और एनआईए
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंविधिविरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम किस वर्ष बनाया गया?
- A.1963
- B.1967
- C.1980
- D.2008
उत्तर देखें
विधिविरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम संसद ने 1967 में राष्ट्रीय एकता परिषद की सिफारिश पर पारित किया, जिसका उद्देश्य विधिविरुद्ध संगमों पर प्रतिबंध लगाना तथा भारत की प्रभुता और अखंडता के विरुद्ध की गई गतिविधियों को दंडित करना था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →यूएपीए के किस संशोधन ने केंद्र सरकार को किसी व्यक्ति को आतंकवादी घोषित करने की शक्ति दी?
- A.2004 का संशोधन
- B.2008 का संशोधन
- C.2012 का संशोधन
- D.2019 का संशोधन
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इससे पहले यूएपीए के अंतर्गत सरकार केवल किसी संगठन को आतंकवादी संगठन अधिसूचित कर सकती थी; यूएपीए संशोधन अधिनियम 2019 ने किसी व्यक्ति को आतंकवादी अधिसूचित करने और उसका नाम अधिनियम की चौथी अनुसूची में दर्ज करने की शक्ति जोड़ी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सशस्त्र बल विशेष शक्तियाँ अधिनियम, 1958 की किस धारा के अंतर्गत किसी क्षेत्र को अशांत क्षेत्र घोषित किया जाता है?
- A.धारा 2
- B.धारा 3
- C.धारा 4
- D.धारा 6
उत्तर देखें
अफस्पा की धारा 3 राज्य के राज्यपाल, संघ राज्यक्षेत्र के प्रशासक अथवा केंद्र सरकार को यह शक्ति देती है कि वह किसी राज्य या संघ राज्यक्षेत्र के संपूर्ण भाग या किसी अंश को अशांत क्षेत्र घोषित करे, और यही घोषणा वह शर्त है जिस पर अधिनियम की प्रत्येक अन्य शक्ति…
पूरी व्याख्या पढ़ें →राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 के अंतर्गत किसी व्यक्ति को अधिकतम कितनी अवधि तक निरुद्ध रखा जा सकता है?
- A.तीन महीने
- B.छह महीने
- C.बारह महीने
- D.चौबीस महीने
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राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 निरोध की तिथि से अधिकतम बारह महीने तक निवारक निरोध की अनुमति देता है, यद्यपि निरोध प्राधिकारी इससे कम अवधि का आदेश देकर उसी सीमा के भीतर उसे बढ़ा सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संविधान के किस प्रावधान के अनुसार तीन महीने से अधिक निवारक निरोध केवल तब संभव है जब सलाहकार बोर्ड पर्याप्त कारण की रिपोर्ट दे?
- A.अनुच्छेद 20(3)
- B.अनुच्छेद 21
- C.अनुच्छेद 22(4)
- D.अनुच्छेद 32
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अनुच्छेद 22(4) कहता है कि निवारक निरोध का उपबंध करने वाली कोई विधि तीन महीने से अधिक निरोध प्राधिकृत नहीं करेगी, जब तक उच्च न्यायालय का न्यायाधीश होने के योग्य व्यक्तियों से बना सलाहकार बोर्ड उस अवधि की समाप्ति से पूर्व यह रिपोर्ट न दे कि निरोध के लिए पर्याप्त…
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