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GK क्विजभारतीय राजव्यवस्था

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 45

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 45) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 9 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: राजभाषा और विशेष प्रावधान, भारत में आरक्षण: संवैधानिक प्रावधान, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस कोटा, न्यायाधीशों की नियुक्ति: कॉलेजियम प्रणाली और एनजेएसी और अन्य। इनमें से 8 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · 16 October 2022, Shift 2आसान

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 343 किससे संबंधित है?

  1. A.भारत के राष्ट्रपति
  2. B.संघ की राजभाषा
  3. C.राज्यपाल का विशेष अभिभाषण
  4. D.संसद का गठन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. संघ की राजभाषा

व्याख्या

सही उत्तर B, संघ की राजभाषा है। अनुच्छेद 343 संविधान के भाग 17 का पहला अनुच्छेद है और इसके खंड (1) में कहा गया है कि संघ की राजभाषा देवनागरी लिपि में हिंदी होगी तथा सरकारी प्रयोजनों के लिए अंकों का रूप भारतीय अंकों का अंतरराष्ट्रीय रूप होगा। खंड (2) ने 26 जनवरी 1950 से पंद्रह वर्ष तक अंग्रेजी के प्रयोग की अनुमति दी और खंड (3) ने संसद को उसके बाद भी अंग्रेजी जारी रखने की शक्ति दी, जिसका प्रयोग राजभाषा अधिनियम 1963 बनाकर किया गया। विकल्प A गलत है क्योंकि राष्ट्रपति से संबंधित अनुच्छेद 52 से 62 हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि राज्यपाल का विशेष अभिभाषण अनुच्छेद 176 में है, जो संसद के लिए अनुच्छेद 87 के समान है। विकल्प D गलत है क्योंकि संसद का गठन अनुच्छेद 79 में दिया गया है, जिसके अनुसार संसद में राष्ट्रपति और दोनों सदन होते हैं।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 7 Oct 2021, Shift 1आसान

किस आयोग ने सरकारी सेवाओं के सभी स्तरों पर ओबीसी उम्मीदवारों के लिए 27% आरक्षण की सिफारिश की थी?

  1. A.सरकारिया आयोग
  2. B.मंडल आयोग
  3. C.बलवंत आयोग
  4. D.कोठारी आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मंडल आयोग

व्याख्या

सही उत्तर है B, मंडल आयोग। बी. पी. मंडल की अध्यक्षता वाले द्वितीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने केंद्र सरकार की सेवाओं और सार्वजनिक उपक्रमों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश की थी। यह आयोग 1979 में बना और 1980 में रिपोर्ट दी, जिसमें 3,743 जातियों को पिछड़ा बताया गया और जनसंख्या में ओबीसी का हिस्सा लगभग 52 प्रतिशत आँका गया। कोटा 27 प्रतिशत रखा गया ताकि कुल आरक्षण न्यायालय द्वारा बताई 50 प्रतिशत की सीमा के भीतर रहे। यह सिफारिश 1990 में लागू हुई और उच्चतम न्यायालय ने 1992 के इंद्रा साहनी मामले में इसे वैध ठहराया। A गलत है क्योंकि 1983 के सरकारिया आयोग ने केंद्र-राज्य संबंधों की जाँच की थी। C गलत है क्योंकि 1957 की बलवंत राय मेहता समिति ने त्रिस्तरीय पंचायती राज की सिफारिश की थी। D गलत है क्योंकि 1964-66 का कोठारी आयोग शिक्षा से जुड़ा था। परीक्षा टिप: मंडल आयोग 1979, रिपोर्ट 1980, 27 प्रतिशत ओबीसी कोटा, इंद्रा साहनी 1992।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारत के उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत होती है?

  1. A.अनुच्छेद 122
  2. B.अनुच्छेद 124
  3. C.अनुच्छेद 127
  4. D.अनुच्छेद 217
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 124

व्याख्या

सही उत्तर B, अनुच्छेद 124 है। अनुच्छेद 124(1) उच्चतम न्यायालय की स्थापना करता है और अनुच्छेद 124(2) कहता है कि उच्चतम न्यायालय के प्रत्येक न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर और मुद्रा सहित अधिपत्र द्वारा, उच्चतम न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों के उन न्यायाधीशों से परामर्श के बाद करेगा जिन्हें वह आवश्यक समझे; इसके परंतुक के अनुसार मुख्य न्यायमूर्ति से भिन्न किसी न्यायाधीश की नियुक्ति में भारत के मुख्य न्यायमूर्ति से परामर्श अनिवार्य है। विकल्प A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 122 न्यायालयों को संसद की कार्यवाही की जांच करने से रोकता है। विकल्प C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 127 उच्चतम न्यायालय में तदर्थ न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 217 उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित है, जो भिन्न उपबंध है।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · 3 Feb 2019मध्यम

अंतर-राज्य परिषद की स्थापना 1990 में किसकी सिफारिश पर की गई थी?

  1. A.पुंछी आयोग
  2. B.सरकारिया आयोग
  3. C.राजमन्नार आयोग
  4. D.मुंगेरीलाल आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सरकारिया आयोग

व्याख्या

सही उत्तर है B, सरकारिया आयोग। केंद्र-राज्य संबंधों पर इसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर 1990 में राष्ट्रपति के आदेश से अंतर-राज्य परिषद गठित की गई थी। अनुच्छेद 263 राष्ट्रपति को ऐसी परिषद बनाने की शक्ति देता है, जो राज्यों के बीच विवादों की जाँच करे, साझा हित के विषयों पर विचार करे और सिफारिशें दे। न्यायमूर्ति आर. एस. सरकारिया की अध्यक्षता वाला यह आयोग 1983 में बना और 1988 में रिपोर्ट सौंपी; इसने परिषद को स्थायी निकाय बनाने की सलाह दी। इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं, तथा सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासक और छह केंद्रीय मंत्री इसके सदस्य होते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि पुंछी आयोग बहुत बाद में, 2007 में बना और 2010 में रिपोर्ट दी। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1969 की राजमन्नार समिति तमिलनाडु सरकार ने बनाई थी, केंद्र ने नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि मुंगेरीलाल आयोग बिहार में पिछड़े वर्गों के आरक्षण से जुड़ा था। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 263 और सरकारिया आयोग से अंतर-राज्य परिषद, 1990।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारतीय संविधान के किस भाग में राजभाषा से संबंधित उपबंध हैं?

  1. A.भाग 16
  2. B.भाग 17
  3. C.भाग 18
  4. D.भाग 19
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भाग 17

व्याख्या

सही उत्तर B, भाग 17 है। इस भाग का शीर्षक राजभाषा है और यह अनुच्छेद 343 से 351 तक फैला है, जिसमें चार अध्याय हैं: संघ की भाषा, प्रादेशिक भाषाएं, उच्चतम न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों की भाषा, और विशेष निदेश। विकल्प A गलत है क्योंकि भाग 16 में अनुच्छेद 330 से 342 तक कुछ वर्गों के लिए विशेष उपबंध हैं, जिनमें अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए स्थानों का आरक्षण आता है। विकल्प C गलत है क्योंकि भाग 18, अर्थात अनुच्छेद 352 से 360, आपात उपबंधों से संबंधित है। विकल्प D गलत है क्योंकि भाग 19, अनुच्छेद 361 से 367, में प्रकीर्ण उपबंध हैं, जैसे राष्ट्रपति और राज्यपालों को विधिक कार्यवाही से संरक्षण। इन चार भागों का क्रम याद रखने से ऐसे अनेक प्रश्न स्वयं हल हो जाते हैं।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 05 Jun, 2025, Shift 3मध्यम

पाँचवीं अनुसूची के अंतर्गत, अनुसूचित क्षेत्रों में राज्यपाल के विनियम निम्नलिखित में से किस पर प्रतिबंध या रोक लगा सकते हैं?

  1. A.भूमि हस्तांतरण
  2. B.कर संग्रहण
  3. C.अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
  4. D.जल उपयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. भूमि हस्तांतरण

व्याख्या

सही उत्तर है A, भूमि हस्तांतरण। पाँचवीं अनुसूची राज्यपाल को अनुसूचित क्षेत्र की शांति और सुशासन के लिए विनियम बनाने की शक्ति देती है, और उसमें तीन विषय विशेष रूप से गिनाए गए हैं: अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों द्वारा या उनके बीच भूमि के हस्तांतरण पर रोक या प्रतिबंध, उन्हें भूमि आवंटन का विनियमन, और उन्हें दिए जाने वाले साहूकारी ऋण का विनियमन। इसका उद्देश्य बाहरी लोगों द्वारा जनजातीय भूमि खरीद लेने को रोकना है, इसलिए भूमि का अलगाव ही इस प्रावधान का केंद्र है। ऐसे विनियम के लिए राष्ट्रपति की अनुमति आवश्यक है, और राज्यपाल को इन क्षेत्रों के प्रशासन पर हर वर्ष राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजनी होती है, जिसमें जनजाति सलाहकार परिषद उसकी सहायता करती है। विकल्प B गलत है क्योंकि कराधान संसद और राज्य विधानमंडल तय करते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मूल अधिकार है, जिसे राज्यपाल का विनियम सीमित नहीं कर सकता। विकल्प D गलत है क्योंकि जल उपयोग इन तीन विषयों में नहीं है। परीक्षा टिप: पाँचवीं अनुसूची के विनियम: भूमि हस्तांतरण, भूमि आवंटन और साहूकारी।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

किस वाद में उच्चतम न्यायालय ने पहली बार कहा कि अनुच्छेद 124 में "परामर्श" शब्द का अर्थ "सहमति" नहीं है?

  1. A.एस. पी. गुप्ता बनाम भारत संघ (1981)
  2. B.उच्चतम न्यायालय अधिवक्ता ऑन रिकॉर्ड संघ बनाम भारत संघ (1993)
  3. C.तृतीय न्यायाधीश वाद (1998)
  4. D.केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य (1973)
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एस. पी. गुप्ता बनाम भारत संघ (1981)

व्याख्या

सही उत्तर A, एस. पी. गुप्ता बनाम भारत संघ (1981) है, जिसे प्रथम न्यायाधीश वाद कहा जाता है। न्यायालय ने "परामर्श" का शब्दिक अर्थ लेकर कहा कि मुख्य न्यायमूर्ति की राय सरकार पर बाध्यकारी नहीं है, अतः नियुक्तियों में अंतिम निर्णय सरकार का ही रहा। विकल्प B गलत है क्योंकि 1993 के द्वितीय न्यायाधीश वाद ने इसी स्थिति को पलटा, परामर्श को सहमति माना, मुख्य न्यायमूर्ति को प्राथमिकता दी और कॉलेजियम बनाया। विकल्प C गलत है क्योंकि 1998 के तृतीय न्यायाधीश वाद ने राष्ट्रपति के निर्देश पर केवल कॉलेजियम का विस्तार मुख्य न्यायमूर्ति तथा चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों तक किया। विकल्प D गलत है क्योंकि केशवानंद भारती वाद ने आधारभूत ढांचे का सिद्धांत दिया और न्यायिक नियुक्तियों पर विचार नहीं किया। इस वाद को प्रथम न्यायाधीश वाद कहा जाता है और इसी के कारण 1981 से 1993 तक नियुक्तियों में कार्यपालिका की प्रधानता रही।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · 15 Oct, 2022मध्यम

नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 29 की उपधारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार ने प्रारंभिक शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रक्रिया तय करने के लिए किस संस्थान को अधिकृत किया है?

  1. A.एन.सी.टी.ई.
  2. B.एन.सी.ई.आर.टी.
  3. C.एन.आई.ई.पी.ए.
  4. D.एन.आई.ओ.एस.
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एन.सी.ई.आर.टी.

व्याख्या

सही उत्तर है B, एन.सी.ई.आर.टी. नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 29(1) कहती है कि प्रारंभिक शिक्षा का पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रक्रिया उपयुक्त सरकार द्वारा अधिसूचित शैक्षिक प्राधिकारी तय करेगा, और केंद्र सरकार ने अपने अधीन विद्यालयों के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद को अधिसूचित किया, जबकि राज्यों ने अपने एससीईआरटी को। इसके बाद धारा 29(2) उस प्राधिकारी को संवैधानिक मूल्यों, बच्चे के सर्वांगीण विकास, गतिविधि और खोज के माध्यम से सीखने, यथासंभव मातृभाषा में शिक्षण तथा सतत और व्यापक मूल्यांकन से बाँधती है। A गलत है क्योंकि एन.सी.टी.ई. शिक्षक-शिक्षा और शिक्षक पात्रता के मानक बनाती है, जिसे अधिनियम धारा 23 में देखता है। C गलत है क्योंकि एन.आई.ई.पी.ए. शैक्षिक नियोजन और प्रशासन पर काम करती है। D गलत है क्योंकि एन.आई.ओ.एस. मुक्त और दूरस्थ शिक्षा चलाती है। परीक्षा टिप: आरटीई अधिनियम में धारा 29 का शैक्षिक प्राधिकारी एनसीईआरटी है और धारा 23 शिक्षक योग्यता एनसीटीई के माध्यम से तय करती है।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

सिंधी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में किस संशोधन द्वारा जोड़ा गया?

  1. A.पंद्रहवां संशोधन अधिनियम, 1963
  2. B.इक्कीसवां संशोधन अधिनियम, 1967
  3. C.इकहत्तरवां संशोधन अधिनियम, 1992
  4. D.बानवेवां संशोधन अधिनियम, 2003
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इक्कीसवां संशोधन अधिनियम, 1967

व्याख्या

सही उत्तर B, इक्कीसवां संशोधन अधिनियम 1967 है। संविधान लागू होने के बाद आठवीं अनुसूची में जोड़ी गई पहली भाषा सिंधी थी, जिससे मूल चौदह भाषाओं की सूची पंद्रह हो गई। विकल्प A गलत है क्योंकि 1963 का पंद्रहवां संशोधन उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों से संबंधित था और उसने उनकी सेवानिवृत्ति आयु साठ से बासठ वर्ष की थी। विकल्प C गलत है क्योंकि 1992 के इकहत्तरवें संशोधन से तीन भाषाएं कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली जुड़ीं और सूची अठारह हो गई। विकल्प D गलत है क्योंकि 2003 के बानवेवें संशोधन से अंतिम चार भाषाएं बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली जुड़ीं और सूची बाईस हो गई। चौदह, पंद्रह, अठारह और बाईस का यह क्रम याद रखना उपयोगी है, क्योंकि प्रश्न में संशोधन की जगह किसी चरण पर भाषाओं की संख्या भी पूछी जाती है।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 23 Nov 2021, Shift 1आसान

भारतीय जनता पार्टी की स्थापना निम्नलिखित में से किस वर्ष में हुई थी?

  1. A.1957
  2. B.1934
  3. C.1980
  4. D.1967
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1980

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1980। भारतीय जनता पार्टी की स्थापना 6 अप्रैल 1980 को हुई, जब जनता पार्टी टूट गई थी।

इसकी पूर्वज भारतीय जनसंघ थी, जिसे श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1951 में शुरू किया था। 1977 में जनसंघ ने अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर जनता पार्टी बनाई, जो आपातकाल के बाद सत्ता में आई। 1979 में यह गठबंधन टूटा, तो उसके पूर्व जनसंघ सदस्य अलग हुए और 1980 में भाजपा बनाई, जिसके पहले अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी थे। पार्टी का चुनाव चिह्न कमल है। इसने पहली बार 1996 में तेरह दिन की सरकार बनाई और फिर 1998 से 2004 तक वाजपेयी के नेतृत्व में सरकार चलाई।

A गलत है: 1957 दूसरे आम चुनाव का वर्ष था, इस पार्टी के जन्म का नहीं। B गलत है: 1934 औपनिवेशिक काल में पड़ता है, भाजपा के अस्तित्व से बहुत पहले। D गलत है: 1967 चौथे आम चुनाव का और कई राज्यों में पहली गैर-कांग्रेस सरकारों का वर्ष था।

परीक्षा टिप: 1951 में जनसंघ, 1977 में जनता पार्टी, और 6 अप्रैल 1980 को भाजपा की स्थापना, पहले अध्यक्ष वाजपेयी।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

1998 के तृतीय न्यायाधीश वाद के बाद उच्चतम न्यायालय की नियुक्तियों की सिफारिश करने वाले कॉलेजियम में मुख्य न्यायमूर्ति के अतिरिक्त कितने न्यायाधीश होते हैं?

  1. A.दो वरिष्ठतम न्यायाधीश
  2. B.तीन वरिष्ठतम न्यायाधीश
  3. C.चार वरिष्ठतम न्यायाधीश
  4. D.पांच वरिष्ठतम न्यायाधीश
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. चार वरिष्ठतम न्यायाधीश

व्याख्या

सही उत्तर C, चार वरिष्ठतम न्यायाधीश है। 1993 के द्वितीय न्यायाधीश वाद ने मुख्य न्यायमूर्ति से अपेक्षा की थी कि वे अपने दो वरिष्ठतम सहयोगियों से परामर्श करके राय बनाएं, इसलिए पहले कॉलेजियम में तीन सदस्य थे। 1998 में राष्ट्रपति ने अनुच्छेद 143 के अंतर्गत निर्देश भेजा और तृतीय न्यायाधीश वाद में न्यायालय ने उच्चतम न्यायालय की नियुक्तियों के लिए कॉलेजियम को मुख्य न्यायमूर्ति तथा चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों तक बढ़ाया और राय लिखित रूप में अभिलिखित करने का निर्देश दिया। विकल्प A गलत है क्योंकि दो सहयोगियों की संख्या 1993 की स्थिति है, जो अब भी उच्च न्यायालय की नियुक्तियों पर लागू है। विकल्प B और D गलत हैं क्योंकि तीन या पांच की संख्या इस प्रयोजन के लिए कभी निर्धारित नहीं हुई। इसी निर्णय ने यह भी कहा कि यदि दो वरिष्ठ न्यायाधीश किसी नाम पर असहमत हों तो मुख्य न्यायमूर्ति वह सिफारिश सरकार को न भेजें, जिससे कॉलेजियम की सामूहिक प्रकृति स्पष्ट हुई।

Q12.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

संविधान सभा की पहली बैठक की अध्यक्षता अस्थायी अध्यक्ष के रूप में किसने की?

  1. A.डॉ. राजेंद्र प्रसाद
  2. B.डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा
  3. C.जवाहरलाल नेहरू
  4. D.जी.वी. मावलंकर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा

व्याख्या

सही उत्तर डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा है। 9 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की पहली बैठक में सबसे वरिष्ठ सदस्य होने के नाते सिन्हा को अस्थायी अध्यक्ष बनाया गया। यह फ्रांस की उस परंपरा के अनुसार था, जिसमें नियमित अध्यक्ष चुने जाने तक सबसे वरिष्ठ सदस्य अध्यक्षता करता है।

डॉ. राजेंद्र प्रसाद यहां सबसे आम जाल हैं: वे पहली बैठक के दो दिन बाद, 11 दिसंबर 1946 को सभा के स्थायी अध्यक्ष चुने गए थे, इसलिए पहली बैठक की अध्यक्षता उन्होंने नहीं की। जवाहरलाल नेहरू की सभा में सबसे प्रसिद्ध भूमिका 13 दिसंबर 1946 को उद्देश्य प्रस्ताव पेश करना और संघ शक्ति समिति जैसी समितियों की अध्यक्षता करना थी। जी.वी. मावलंकर तब अध्यक्षता करते थे जब सभा डोमिनियन विधायिका यानी देश की पहली संसद के रूप में बैठती थी, संविधान निर्माण के लिए नहीं। तीनों भूमिकाओं को अलग रखें: अस्थायी अध्यक्ष सिन्हा, अध्यक्ष प्रसाद, और विधायी बैठकों के लिए मावलंकर।

Q13.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली भाषाओं को आठवीं अनुसूची में किस संशोधन द्वारा जोड़ा गया?

  1. A.इकहत्तरवां संशोधन अधिनियम, 1992
  2. B.छियासीवां संशोधन अधिनियम, 2002
  3. C.बानवेवां संशोधन अधिनियम, 2003
  4. D.सौवां संशोधन अधिनियम, 2015
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बानवेवां संशोधन अधिनियम, 2003

व्याख्या

सही उत्तर C, बानवेवां संशोधन अधिनियम 2003 है। इसी संशोधन से बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली जोड़ी गईं और आठवीं अनुसूची बाईस भाषाओं तक पहुंची, जहां वह आज भी है। विकल्प A गलत है क्योंकि 1992 के इकहत्तरवें संशोधन से कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली जोड़ी गई थीं। विकल्प B गलत है क्योंकि 2002 के छियासीवें संशोधन ने अनुच्छेद 21क जोड़कर छह से चौदह वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा को मूल अधिकार बनाया और अनुच्छेद 45 में संशोधन किया। विकल्प D गलत है क्योंकि 2015 के सौवें संशोधन ने बांग्लादेश के साथ भूमि सीमा समझौते को लागू करने के लिए पहली अनुसूची में परिवर्तन किया। ध्यान रखें कि मैथिली बिहार की, डोगरी जम्मू की तथा बोडो और संथाली जनजातीय भाषाएं हैं, इसलिए प्रश्न में भाषा के स्थान पर राज्य भी पूछा जा सकता है।

Q14.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 15 जून 2023, शिफ्ट 3आसान

भारतीय संविधान के 42वें संशोधन द्वारा प्रस्तावना में निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द जोड़ा गया?

  1. A.समाजवादी
  2. B.लोकतांत्रिक
  3. C.गणराज्य
  4. D.संप्रभु
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. समाजवादी

व्याख्या

सही उत्तर समाजवादी है। 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 ने प्रस्तावना में तीन शब्द जोड़े: भारत के वर्णन में "समाजवादी" और "पंथनिरपेक्ष", तथा "राष्ट्र की एकता और अखंडता" वाक्यांश में "अखंडता"। प्रस्तावना में अब तक किया गया यह एकमात्र संशोधन है।

लोकतांत्रिक, गणराज्य और संप्रभु शब्द शुरुआत से ही प्रस्तावना में थे: 26 नवंबर 1949 को अपनाई गई प्रस्तावना में भारत को "संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य" कहा गया था। इसीलिए ये यहां गलत हैं। इस संशोधन पर प्रश्न कई रूपों में आते हैं: कौन-सा शब्द जोड़ा गया, कौन-सा नहीं जोड़ा गया, या कितने शब्द जोड़े गए। तीनों को साथ याद रखें: समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता, 1976 में जोड़े गए। इससे जुड़ा एक और तथ्य केशवानंद भारती मामला (1973) है, जिसने तीन साल पहले कहा था कि प्रस्तावना संविधान का हिस्सा है और मूल विशेषताएं बदले बिना इसमें संशोधन हो सकता है।

Q15.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

किस संविधान संशोधन अधिनियम ने अनुच्छेद 124क जोड़कर राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग बनाया?

  1. A.सत्तानवेवां संशोधन अधिनियम
  2. B.निन्यानवेवां संशोधन अधिनियम
  3. C.एक सौ पहला संशोधन अधिनियम
  4. D.बयालीसवां संशोधन अधिनियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. निन्यानवेवां संशोधन अधिनियम

व्याख्या

सही उत्तर B, निन्यानवेवां संशोधन अधिनियम है, जो 2014 में पारित हुआ और जिसने अनुच्छेद 124क, 124ख तथा 124ग जोड़कर राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग बनाया तथा संसद को विधि द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया नियमित करने की शक्ति दी। यह एनजेएसी अधिनियम, 2014 के साथ अप्रैल 2015 में प्रवृत्त हुआ और उसी वर्ष संविधान पीठ द्वारा रद्द कर दिया गया। विकल्प A गलत है क्योंकि सत्तानवेवां संशोधन सहकारी समितियों से संबंधित था और उसने भाग 9ख जोड़ा। विकल्प C गलत है क्योंकि एक सौ पहले संशोधन ने वस्तु और सेवा कर लागू किया। विकल्प D गलत है क्योंकि 1976 का बयालीसवां संशोधन "लघु संविधान" कहा जाता है और उसका न्यायिक नियुक्तियों से संबंध नहीं था। इसी संशोधन ने अनुच्छेद 124ग के द्वारा संसद को विधि बनाकर नियुक्ति की प्रक्रिया नियमित करने की शक्ति भी दी थी, और वह उपबंध भी 2015 में रद्द हुआ।

Q16.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 19 Jun, 2026, Shift 2मध्यम

किस संवैधानिक अनुच्छेद द्वारा भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए विशेष अधिकारी का पद स्थापित किया गया?

  1. A.अनुच्छेद 350-B
  2. B.अनुच्छेद 315-B
  3. C.अनुच्छेद 338-A
  4. D.अनुच्छेद 348-A
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अनुच्छेद 350-B

व्याख्या

सही उत्तर है A, अनुच्छेद 350-B। सातवें संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 ने राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिश पर यह अनुच्छेद जोड़ा और भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए विशेष अधिकारी का पद बनाया, जिसे व्यवहार में भाषाई अल्पसंख्यक आयुक्त कहा जाता है। इस आयुक्त की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं, और उसका कर्तव्य है कि संविधान द्वारा भाषाई अल्पसंख्यकों को दिए गए संरक्षणों से जुड़े सभी विषयों की जाँच करे और राष्ट्रपति को रिपोर्ट दे; राष्ट्रपति उस रिपोर्ट को संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखवाते हैं और संबंधित राज्य सरकारों को भेजते हैं। यह कार्यालय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के अधीन काम करता है। इसी संशोधन से जुड़ा अनुच्छेद 350-A राज्यों से कहता है कि प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा दी जाए। विकल्प B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 315-B नाम का कोई अनुच्छेद नहीं है; अनुच्छेद 315 लोक सेवा आयोगों से संबंधित है। विकल्प C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 338-A ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग बनाया। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 348 न्यायालयों की भाषा से संबंधित है। परीक्षा टिप: 350-A मातृभाषा में शिक्षा, 350-B भाषाई अल्पसंख्यक आयुक्त, दोनों सातवें संशोधन 1956 से।

Q17.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

भाषाई अल्पसंख्यकों से संबंधित कौन-से दो अनुच्छेद सातवें संशोधन अधिनियम, 1956 द्वारा जोड़े गए?

  1. A.अनुच्छेद 343 और 344
  2. B.अनुच्छेद 345 और 347
  3. C.अनुच्छेद 350क और 350ख
  4. D.अनुच्छेद 351 और 352
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अनुच्छेद 350क और 350ख

व्याख्या

सही उत्तर C, अनुच्छेद 350क और 350ख है। ये दोनों सातवें संशोधन अधिनियम 1956 द्वारा जोड़े गए, जिसने राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिश पर राज्यों का पुनर्गठन किया था। अनुच्छेद 350क राज्य से अपेक्षा करता है कि वह भाषाई अल्पसंख्यक वर्गों के बच्चों को प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा दे, और अनुच्छेद 350ख राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त भाषाई अल्पसंख्यक वर्गों के लिए विशेष अधिकारी का प्रावधान करता है। विकल्प A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 343 और 344 मूल संविधान का भाग हैं। विकल्प B भी इसी कारण गलत है, क्योंकि राज्यों की भाषाओं से जुड़े अनुच्छेद 345 से 347 प्रारंभ से ही थे। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 351 मूल है और आपात उद्घोषणा से जुड़ा अनुच्छेद 352 भाग 18 में है, जो 1956 में नहीं जोड़ा गया था।

Q18.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

अनुच्छेद 124क के अनुसार निम्नलिखित में से कौन राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग का सदस्य नहीं था?

  1. A.भारत के मुख्य न्यायमूर्ति
  2. B.केंद्रीय विधि और न्याय मंत्री
  3. C.भारत के महान्यायवादी
  4. D.समिति द्वारा नामित दो ख्यातिप्राप्त व्यक्ति
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. भारत के महान्यायवादी

व्याख्या

सही उत्तर C, भारत के महान्यायवादी है, जो इस आयोग के सदस्य कभी नहीं थे। अनुच्छेद 124क ने आयोग को छह सदस्य दिए: पदेन अध्यक्ष के रूप में भारत के मुख्य न्यायमूर्ति, उनके बाद के दो वरिष्ठतम न्यायाधीश, केंद्रीय विधि और न्याय मंत्री, तथा प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायमूर्ति और लोक सभा में विपक्ष के नेता की समिति द्वारा नामित दो ख्यातिप्राप्त व्यक्ति। इसलिए विकल्प A, B और D वास्तविक सदस्यों के नाम हैं और अपवाद पूछने वाले प्रश्न के लिए गलत उत्तर हैं। दोनों ख्यातिप्राप्त व्यक्तियों में से एक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक या महिला वर्ग से होना आवश्यक था और उनका कार्यकाल तीन वर्ष का था। आयोग का सचिवालय विधि और न्याय मंत्रालय में रखा गया था, और यही बात आलोचना का मुख्य आधार बनी कि चयन संस्था पर कार्यपालिका का प्रभाव बढ़ जाएगा।

Q19.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

अनुच्छेद 344(4) के अंतर्गत राजभाषा पर संसद की समिति में कितने सदस्य होते हैं?

  1. A.बीस सदस्य: पंद्रह लोक सभा से और पांच राज्य सभा से
  2. B.तीस सदस्य: बीस लोक सभा से और दस राज्य सभा से
  3. C.तीस सदस्य: दोनों सदनों से पंद्रह-पंद्रह
  4. D.इक्कीस सदस्य: चौदह लोक सभा से और सात राज्य सभा से
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. तीस सदस्य: बीस लोक सभा से और दस राज्य सभा से

व्याख्या

सही उत्तर B, तीस सदस्य, बीस लोक सभा से और दस राज्य सभा से है। अनुच्छेद 344(4) में इस समिति का प्रावधान है, जो अनुच्छेद 344(1) के अंतर्गत गठित राजभाषा आयोग की सिफारिशों की जांच करती है और अपनी राय राष्ट्रपति को देती है। दोनों सदनों के बीच दो और एक का यह अनुपात संविधान में संयुक्त निकायों के लिए अपनाई गई सामान्य पद्धति है। विकल्प A में संख्या कम बताई गई है और वह कल्पित है। विकल्प C में कुल संख्या सही है पर सदनों का बंटवारा गलत है, और यही इस प्रश्न का सबसे आम जाल है। विकल्प D में दी गई इक्कीस सदस्यों की संरचना संसदीय स्थायी समितियों के ढांचे जैसी लगती है, परंतु अनुच्छेद 344 में ऐसा कुछ नहीं है। 1957 में बनी पहली समिति के अध्यक्ष गोविंद बल्लभ पंत थे और 1955 के आयोग के अध्यक्ष बी. जी. खेर थे।

Q20.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

2015 के चतुर्थ न्यायाधीश वाद में निन्यानवेवां संविधान संशोधन किस बहुमत से रद्द हुआ और किस न्यायाधीश ने असहमति दी?

  1. A.3:2, न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ की असहमति
  2. B.4:1, न्यायमूर्ति जे. चेलमेश्वर की असहमति
  3. C.5:0, कोई असहमति नहीं
  4. D.4:3, न्यायमूर्ति मदन लोकुर की असहमति
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 4:1, न्यायमूर्ति जे. चेलमेश्वर की असहमति

व्याख्या

सही उत्तर B, 4:1, न्यायमूर्ति जे. चेलमेश्वर की असहमति है। पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने कहा कि निन्यानवेवां संशोधन और एनजेएसी अधिनियम न्यायपालिका की स्वतंत्रता का उल्लंघन करते हैं, जो आधारभूत ढांचे का भाग है, मुख्यतः इसलिए कि न्यायाधीशों का चयन करने वाली संस्था में केंद्रीय विधि मंत्री तथा दो ख्यातिप्राप्त व्यक्ति बैठते। केवल न्यायमूर्ति चेलमेश्वर ने संशोधन को वैध ठहराया और कहा कि कॉलेजियम में पारदर्शिता नहीं है। विकल्प A गलत है क्योंकि पीठ में पांच न्यायाधीश थे और विभाजन तीन-दो नहीं था। विकल्प C गलत है क्योंकि निर्णय सर्वसम्मत नहीं था। विकल्प D गलत है क्योंकि पांच न्यायाधीशों की पीठ चार-तीन में बंट नहीं सकती और न्यायमूर्ति मदन लोकुर बहुमत में थे। पीठ ने अनुच्छेद 124ग को भी रद्द किया, जो संसद को विधि द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया नियमित करने की शक्ति देता था, और यह निर्णय आज न्यायिक स्वतंत्रता पर प्रमुख उद्धरण है।

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